Connect with us

देश

गॉडजिला अल नीनो से भारत में सूखे का खतरा बढ़ा:NASA ने जारी की तस्वीर, समुद्र में बढ़ रही गर्मी से मानसून कमजोर हुआ

Published

on

नई दिल्ली, एजेंसी। भारत समेत दक्षिण एशिया के कई देशों में सूखे और बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। इसकी वजह अल नीनो की मजबूत स्थिति है। नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (JPL) के मुताबिक पश्चिमी प्रशांत महासागर में 1997 के बाद ऐसी परिस्थितियां बन रही हैं।

29 साल पहले इतिहास का सबसे शक्तिशाली अल नीनो बना था, जिसे सुपर या गॉडजिला अल नीनो कहा गया। जून 2026 में वैसी ही स्थिति बनती दिख रही है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह पिछले कुछ दशकों का सबसे प्रभावशाली अल नीनो हो सकता है। नासा के सैटेलाइट ने समुद्र में जमा हो रही भारी मात्रा में गर्मी की फोटो और आंकड़े जारी किए हैं।

1997-98 के अल नीनो के कारण दुनिया के कई हिस्सों में भीषण बाढ़, सूखा, फसलों को भारी नुकसान और रिकॉर्ड स्तर की गर्मी दर्ज की गई थी। मौजूदा अल नीनो भी उसी दिशा में बढ़ सकता है।

समुद्र में गर्म पानी जमा हो रहा

नासा के सेंटिनल-6 माइकल फ्रीलिच सैटेलाइट से मिले आंकड़ों के मुताबिक भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के बड़े हिस्से में समुद्र का जलस्तर सामान्य से ज्यादा है। वैज्ञानिकों के मुताबिक-

  • यह संकेत देता है कि समुद्र की सतह के नीचे बड़ी मात्रा में गर्म पानी जमा हो रहा है। जब समुद्र का पानी गर्म होता है तो वह फैलने लगता है। इससे जलस्तर बढ़ जाता है।
  • समुद्र की सतह के नीचे जमा गर्मी दुनिया के मौसम को प्रभावित करती है। गर्म पानी का भंडार बड़ा और गहरा हो जाए, तो इसका वैश्विक असर होता है। इससे कई देशों में मौसम का संतुलन बिगड़ सकता है।
  • समुद्र के भीतर ‘केल्विन वेव्स’ नाम की विशाल जल-तरंगें गर्मी को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचा रही हैं। जब प्रशांत महासागर की व्यापारिक हवाएं कमजोर पड़ती हैं, तब इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया के पास जमा गर्म पानी पूर्व की ओर दक्षिण अमेरिका के तटों की तरफ बढ़ने लगता है।
  • इस कारण समुद्र की गहराई से ऊपर आने वाला ठंडा पानी कम हो जाता है और समुद्र का तापमान तेजी से बढ़ने लगता है। यही स्थिति अल नीनो की पहचान मानी जाती है।

दुनियाभर में सूखे-बाढ़ की आशंका

वैज्ञानिकों का कहना है कि पूर्वी प्रशांत महासागर अभी 1997 जितना गर्म नहीं हुआ है, लेकिन नई केल्विन वेव्स लगातार उस क्षेत्र की ओर बढ़ रही हैं। इससे संकेत मिल रहे हैं कि अल नीनो आने वाले महीनों में और मजबूत हो सकता है।

इतिहास बताता है कि अल नीनो के दौरान दुनिया के कई हिस्सों में अत्यधिक बारिश और बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है, जबकि ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया और एशिया के कुछ क्षेत्रों में सूखे की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा भीषण गर्मी, फसल उत्पादन में कमी और मौसम संबंधी आपदाओं की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं।

NOAA ने 11 जून को अल नीनो की घोषणा की थी

अमेरिका की राष्ट्रीय महासागरीय और वायुमंडलीय प्रशासन (NOAA) ने 11 जून को अल नीनो की स्थिति घोषित कर दी थी। यह घोषणा मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर में लगातार कई महीनों तक सामान्य से अधिक तापमान दर्ज होने के बाद की गई।

Continue Reading

देश

‘वंदे मातरम् बिल’ को महामहिम राष्ट्रपति की मंजूरी, लाल किले पर दिखेगा नया बदलाव

Published

on

नई दिल्ली, एजेंसी। देश 80वें स्वतंत्रता दिवस की तैयारी में जुटा है। इस बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को ‘वंदे मातरम् बिल’ को मंज़ूरी दे दी। इसके साथ ही राष्ट्रीय गीत को भी राष्ट्रीय गान के जैसा कानूनी संरक्षण मिल गया है। बता दें कि देश की संसद ने पिछले महीने ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ पास किया था। जिसमें ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971’ में संशोधन किया गया। इस कानून का मकसद ‘वंदे मातरम’ को भी राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ जैसी ही कानूनी सुरक्षा देना है।

विधेयक को मिली मंजूरी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंज़ूरी मिलने के बाद यह विधेयक अब कानून बन गया है। अब ऐसे अपराधों के लिए तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों सज़ा हो सकती है। इससे पहले, ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम’ के तहत राष्ट्रीय गान (‘जन गण मन’) को गाने से जानबूझकर रोकना या इसे गाते समय किसी सभा में बाधा डालना मना था। इन अपराधों के लिए तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों सज़ा का प्रावधान था। जबकि दूसरी बार और उसके बाद हर बार दोषी पाए जाने पर कम से कम एक साल की जेल की सज़ा होती थी।

पुराने कानून के अनुसार राष्ट्रीय गीत के लिए वैसी सुरक्षा नहीं थी।  बिल के मुताबिक ‘वंदे मातरम’ के गायन के अपमान को रोकने के लिए कोई खास कानूनी प्रावधान नहीं है, जबकि इसे राष्ट्रीय गीत का सम्मान प्राप्त है। इसलिए, किसी व्यक्ति को राष्ट्रीय गीत गाने से जानबूझकर रोकने या ऐसे गायन में लगी किसी सभा में बाधा डालने से रोकने के लिए कानून में संशोधन करके राष्ट्रीय गीत को संरक्षण दिया गयृ है।

लाल किले पर विशेष कार्यक्रम

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार लाल किले की प्राचीर से ‘वंदे मातरम’ गाया जाएगा। 28 जनवरी के एक आदेश में गृह मंत्रालय ने राष्ट्रगीत गाने के लिए प्रोटोकॉल का पहला सेट जारी किया। इसमें निर्देश दिया गया कि राष्ट्रपति के आगमन, राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राज्यपालों के भाषण जैसे आधिकारिक कार्यक्रमों में इसके छह पद गाए जाएंगे, जिनकी अवधि 3 मिनट 10 सेकंड होगी।  

Continue Reading

देश

संसद परिसर में NDA-कांग्रेस सांसद आमने-सामने आए:BJP सांसद ने पूछा- राहुल झारखंड क्यों नहीं गए, प्रियंका का जवाब- वे छात्रों से मिल चुके

Published

on

नई दिल्ली, एजेंसी। संसद परिसर में NDA और इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने मंगलवार को एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन किया। NDA सांसदों ने विपक्ष पर संसद में चर्चा से भागने का आरोप लगाया, जबकि विपक्ष ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने भी आ गए।

प्रियंका गांधी के संसद पहुंचने पर BJP सांसद राहुल गांधी के खिलाफ नारे लगाने लगे। BJP सांसद मुकेश दलाल ने पूछा कि राहुल झारखंड में छात्र प्रदर्शनकारियों से क्यों नहीं मिल रहे हैं। प्रियंका मुस्कुराती हुई उनके पास गईं और कहा- राहुल झारखंड गए हैं और छात्रों से मिल चुके हैं।

लोकसभा और राज्यसभा में भी हंगामा हुआ। लोकसभा की कार्यवाही पहले 11 बजे तक स्थगित की गई। दोपहर 2 बजे सदन दोबारा शुरू हुआ, लेकिन करीब आधे घंटे बाद ही हंगामे के चलते कार्यवाही बुधवार तक स्थगित कर दी गई। राज्यसभा की कार्यवाही जारी है।

संसद में प्रदर्शन की तस्वीरें…

NDA सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर विरोध मार्च निकाला। वे हाथों में राहुल के खिलाफ पोस्टर लेकर पहुंचे।

NDA सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर विरोध मार्च निकाला। वे हाथों में राहुल के खिलाफ पोस्टर लेकर पहुंचे।

संसद के बाहर NDA और कांग्रेस के सांसद आमने-सामने आ गए।

संसद के बाहर NDA और कांग्रेस के सांसद आमने-सामने आ गए।

BJP सांसद राहुल के खिलाफ नारे लगा रहे थे तो प्रियंका उन्हें जवाब देने पहुंचीं।

BJP सांसद राहुल के खिलाफ नारे लगा रहे थे तो प्रियंका उन्हें जवाब देने पहुंचीं।

विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।

विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।

डिंपल यादव समेत अन्य सपा सांसदों ने राम मंदिर चंदा चोरी को लेकर प्रदर्शन किया।

डिंपल यादव समेत अन्य सपा सांसदों ने राम मंदिर चंदा चोरी को लेकर प्रदर्शन किया।

20 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र का 13 अगस्त को आखिरी दिन है। तीन हफ्तों के दौरान संसद की कार्यवाही लगातार हंगामे के कारण प्रभावित रही है। विपक्ष दिल्ली में 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के मुद्दे पर गृह मंत्री के जवाब की मांग कर रहा है।

सरकार ने सोमवार को कहा कि अमित शाह इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं। हालांकि, राहुल ने कहा कि हमें शाह की राय नहीं सुननी बल्कि यह जानना है कि छात्रों पर पुलिस एक्शन का आदेश किसने दिया था।

संसद की कार्यवाही से जुड़े बड़े अपडेट्स…

वंदे मातरम् बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘वंदे मातरम्’ बिल को मंजूरी दे दी। अब राष्ट्रीय गीत को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के बराबर कानूनी सुरक्षा मिलेगी। इसके अपमान या गायन में जानबूझकर बाधा डालने पर 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

हंगामे के बीच लोकसभा में 2 बिल पास

विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के बीच लोकसभा ने केरल का नाम केरलम करने और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम से जुड़े दो बिल बिना चर्चा के पास कर दिए। लोकसभा अब तक 11 बिल पास कर चुकी है, जिनमें सिर्फ 2 पर चर्चा हुई है।

सरकार सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर चर्चा के लिए तैयार

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अमित शाह और लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, सरकार गृह मंत्री के बयान और सुरक्षाबलों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग के आरोपों पर चर्चा के लिए तैयार है। वहीं खनिज, खदान और ट्रिब्यूनल से जुड़े तीन बिलों पर चर्चा के लिए 2-3 घंटे का समय तय किया गया है।

Continue Reading

देश

भाजपा के झारखंड बंद का मिलाजुला असर:स्कूल–दफ्तर खुले, कई जगह बाजार बंद, विधानसभा घेराव के दौरान ABVP कार्यकर्ताओं-पुलिस में झड़प हुई थी

Published

on

रांची, एजेंसी। झारखंड के रांची में सोमवार को हुए लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा ने मंगलवार को राज्यव्यापी बंद बुलाया। रांची में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कई जगह सड़कें जाम कीं। कुछ जिलों में कार्यकर्ता जबरन दुकानें बंद कराते भी नजर आए। कई शहरों में पुलिस ने लोगों को हिरासत में लिया है। हालांकि, कई प्राइवेट स्कूल खुले हुए थे।

इधर, झारखंड विधानसभा घेराव के दौरान ABVP कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई। कार्यकर्ता पुरानी विधानसभा के पास जुटे थे, जहां उन्हें हिरासत में लेने के लिए पुलिस पहुंची। इसके बाद कुछ कार्यकर्ता सड़क पर लेट गए, जबकि कुछ पुलिस वैन के आगे बैठ गए। पुलिस लगातार उन्हें हटाने की कोशिश करती रही, इसी दौरान धक्का-मुक्की और झड़प हुई।

वहीं, मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर युवाओं को भटकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “विपक्ष हल्ला करता रहेगा, हम अपना काम करते जाएंगे। सरकार छात्रों के हित में फैसले ले रही है।” सीएम सोरेन ने कहा-

परजीवी भाजपा ने कल भी युवाओं के आंदोलन को अपना राजनीतिक मंच बनाने की कोशिश की। छात्रों की बात…छात्रों के साथ होगी और झारखंड के मेरे युवा साथियों को न्याय मिलकर रहेगा।

भाजपा-ABVP के प्रदर्शन की तस्वीरें….

ABVP कार्यकर्ताओं ने पुरानी विधानसभा के पास प्रदर्शन किया। यहां से कार्यकर्ता विधानसभा का घेराव करने जाने वाले थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

ABVP कार्यकर्ताओं ने पुरानी विधानसभा के पास प्रदर्शन किया। यहां से कार्यकर्ता विधानसभा का घेराव करने जाने वाले थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

ABVP की महिला कार्यकर्ताओं को पुलिस जबरन उठा रही।

ABVP की महिला कार्यकर्ताओं को पुलिस जबरन उठा रही।

रांची के हरमू रोड में JCB पर चढ़कर भाजपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की।

रांची के हरमू रोड में JCB पर चढ़कर भाजपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की।

रांची और हजारीबाग में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने सड़क पर टायर जलाकर आगजनी की और झारखंड सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

रांची और हजारीबाग में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने सड़क पर टायर जलाकर आगजनी की और झारखंड सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

लाठीचार्ज में 100 से अधिक छात्र घायल

छात्रों ने सोमवार को झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ प्रदर्शन किया था। विधानसभा घेराव के दौरान 100 से अधिक छात्र घायल हुए। कई छात्रों के हाथ और पैर में फ्रैक्चर होने की बात कही जा रही है।

वहीं, रांची पुलिस के करीब 14 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। सरकार और छात्रों के बीच अब तक तीन दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका है। हालांकि सरकार ने छात्रों की 9 में से 6 मांगें मान ली हैं।

छात्रों का कहना है कि अब वे सिर्फ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से ही बातचीत करेंगे। वहीं, भाजपा का आरोप है कि झारखंड सरकार छात्रों की मांगों पर बातचीत करने के बजाय प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज की।

सीएम सोरेन बोले- परजीवी की तरह जीवित है विपक्ष

विधानसभा को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा, पिछले दो-चार दिनों से जो प्रकरण चल रहा है, उसे देखकर हमें लगता है कि अब विपक्ष के पास कुछ बचा नहीं है, लेकिन कभी-कभी वे अलग-अलग तरीकों की आड़ में छिपकर बैठे रहते हैं और अलग-अलग स्रोतों के सहारे खुद को जीवित रखते हैं, ठीक वैसे ही जैसे कोई परजीवी जीवित रहता है।”

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677