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छत्तीसगढ़

धमतरी पुलिस हिरासत में मौत,HC बोला-ये कस्टोडियल बर्बरता:कहा- राज्य सरकार जिम्मेदार, आरोपी की 3 घंटे में हुई थी मौत, शरीर पर 24 जख्म थे

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बिलासपुर,एजेंसी। धमतरी जिले में पुलिस कस्टडी में आरोपी की मौत का जिम्मेदार हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को ठहराया है। दरअसल घटना मार्च 2025 की है। जहां धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार आरोपी युवक की मौत पुलिस कस्टडी में हो गई थी, पीएम रिपोर्ट में मृतक के शरीर में 24 जख्मों के निशान भी मिले थे।

कोर्ट ने पुलिस हिरासत में मौत को राज्य सरकार की जिम्मेदारी मानते हुए मृतक की पत्नी को 3 लाख और माता-पिता को 1-1 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि यह पुलिस की बर्बरता और हिरासत में ज्यादती का परिणाम है। यह संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकारों का हनन है।

पुलिस कस्टडी में दुर्गेश कठौलिया की हुई थी मौत।

पुलिस कस्टडी में दुर्गेश कठौलिया की हुई थी मौत।

ये है पूरा मामला

दरअसल, मामला धमतरी जिले के अर्जुनी थाने का है। राजनांदगांव के रहने वाले दुर्गेंद्र कठोलिया (41 साल) को 29 मार्च 2025 को पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया था। 31 मार्च को शाम 5 बजे उसे धमतरी के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया।

इस दौरान वह पूरी तरह स्वस्थ था। लेकिन सिर्फ तीन घंटे बाद रात 8 बजे पुलिस हिरासत में उसकी मौत हो गई। पुलिस हिरासत में पति की मौत पर पत्नी दुर्गा देवी कठोलिया, मां सुशीला और पिता लक्ष्मण सोनकर ने दोषियों पर उचित कार्रवाई समेत मुआवजा देने की मांग को लेकर हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी।

ठगी के पीड़ित किसान भी मौके पर पहुंचकर पुलिस के पक्ष में नारे लगाने लगे, इसी बीच परिजन और उनकी झड़प हो गई थी।

ठगी के पीड़ित किसान भी मौके पर पहुंचकर पुलिस के पक्ष में नारे लगाने लगे, इसी बीच परिजन और उनकी झड़प हो गई थी।

पीएम रिपोर्ट में शरीर पर मिले 24 जख्मों के निशान

याचिकाकर्ताओं ने कहा कि जब दुगेंद्र को कोर्ट में पेश किया गया, जहां वो पूरी तरह स्वस्थ था। शाम 5 बजे उन्हें फिर से थाने में रखा गया, जहां कुछ ही घंटों में उसकी मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि पुलिस ने हिरासत में थर्ड डिग्री टॉर्चर दिया, जिससे दुर्गेंद्र की मौत हो गई।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर पर 24 पूर्व-मृत्यु चोटों का जिक्र है। उसके हाथ, छाती, जांघ, घुटनों, चेहरे और नाक पर चोट के निशान थे। मेडिकल बोर्ड ने बताया कि उसकी मौत दम घुटने से हुई, जिससे कार्डियो रेस्पिरेटरी अरेस्ट हुआ।

पुलिस ने मौत को छिपाने का किया प्रयास

पुलिस ने परिवार को बताया कि दुर्गेंद्र बीमार पड़ गए थे और अस्पताल में भर्ती है, लेकिन बाद में पता चला कि उनकी पहले ही मौत हो चुकी थी। शव मिलने पर परिवार ने शरीर पर चोटों के निशान देखकर हंगामा किया और उच्चाधिकारियों से शिकायत की।

राज्य शासन का जवाब- साधारण और पुरानी चोट

राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि मौत प्राकृतिक कारणों से हुई और चोटें साधारण व पुरानी थीं। चीफ जस्टिस की बेंच ने यह दलील खारिज करते हुए कहा कि पुलिस हिरासत में महज तीन घंटे के भीतर मौत होना असाधारण है। चोटें साधारण हों या गंभीर, पुरानी हों या नई राज्य अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता।

हाइकोर्ट ने मुआवजा राशि देने के लिए 8 हफ्ते का समय दिया है।

हाइकोर्ट ने मुआवजा राशि देने के लिए 8 हफ्ते का समय दिया है।

हाईकोर्ट बोला – यह कस्टोडियल बर्बरता का उदाहरण

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने कहा कि सभी साक्ष्यों से स्पष्ट है कि यह मौत पुलिस की यातना से हुई है। यह संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और सम्मान के अधिकार का सीधा उल्लंघन है।

कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि मौत के हालात यह दिखाते हैं कि मृतक को अमानवीय यातना दी गई थी और यह मामला कस्टोडियल बर्बरता का उदाहरण है। हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि हिरासत में मौत के मामलों में मुआवजा देना सार्वजनिक कानून के तहत जरूरी उपाय है।

परिवार को 5 लाख का मुआवजा देने का आदेश

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि, मृतक की पत्नी दुर्गा देवी को 3 लाख की राशि दी जाए, ताकि वह और उनके दो नाबालिग बच्चों की देखभाल कर सकें। मृतक के माता-पिता को प्रत्येक एक लाख दिए जाएं। यह भुगतान 8 हफ्ते के अंदर किया जाए, अन्यथा राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज लगेगा।

राज्य सरकार को दी चेतावनी, डीके बसु दिशा निर्देशों का पालन करें

कोर्ट ने टिप्पणी की कि ऐसी घटनाएं जनता के भरोसे को तोड़ती हैं। राज्य को अपने पुलिसबल को मानवाधिकारों के प्रति संवेदनशील बनाना होगा और डीके बसु केस में तय दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा।

कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि हर हिरासत में मौत राज्य की जवाबदेही पर सवाल उठाती है। मुआवजा केवल राहत नहीं, बल्कि ऐसे अमानवीय कृत्यों की पुनरावृत्ति रोकने का माध्यम है।

आठ हफ्ते का दिया समय

कोर्ट ने गृह विभाग के सचिव को आदेश दिया कि वे व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करें कि मुआवजे की राशि समय पर दी जाए। साथ ही, आदेश की प्रति सभी प्रतिवादियों को भेजने का निर्देश भी दिया गया।

हाईकोर्ट ने आगे कहा कि, ऐसी घटनाएं पुलिस व्यवस्था पर से जनता का विश्वास डगमगाती हैं। राज्य को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसकी हिरासत में किसी भी व्यक्ति के साथ क्रूरता या यातना न हो।

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कोरबा

“ज्ञानभारतम् मिशन” राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान जन-जागरूकता हेतु बैठक सम्पन्न

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भारतीय सांस्कृतिक विरासतों एवं प्राचीन भारतीय ज्ञान परम्परा को बचाने के लिए संचालित “ज्ञानभारतम् मिशन” राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान को सफल बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक – सतीश प्रकाश सिंह

कोरबा। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित “ज्ञानभारतम् मिशन” राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के अंतर्गत कोरबा जिले में भारतीय ज्ञान परंपरा एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण हेतु व्यापक, सुनियोजित एवं प्रभावी कार्यवाही कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में सतत रूप से की जा रही है।

इस कड़ी में आम जनमानस तथा समाज के सभी वर्गों में जन-जागरूकता लाने के लिए “ज्ञानभारतम् मिशन” कोरबा के जिला समन्वयक सतीश प्रकाश सिंह की उपस्थिति में 26 मई 2026 को अग्रसेन कन्या महाविद्यालय कोरबा में महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई।

बैठक में जिला समन्वयक सतीश प्रकाश सिंह ने कोरबा जिले में संचालित “ज्ञानभारतम् मिशन” राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के महत्व तथा उद्देश्यों को बताया।
श्री सिंह ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा की प्रतीक प्राचीन पाण्डुलिपियाँ हमारी समृद्ध सांस्कृतिक एवं बौद्धिक विरासतों की प्रतीक हैं, इनके डिजिटल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक हैं।
जिला समन्वयक श्री सिंह ने बताया कि “ज्ञानभारतम्” राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के तहत 75 वर्ष से अधिक पुरानी सांस्कृतिक विरासत रूपी महत्वपूर्ण,ऐतिहासिक और दुर्लभ हस्तलिखित पाण्डुलिपियों (ताड़पत्र, भोजपत्र, कागज़, पुरानी लिपि के हस्तलिखित ग्रन्थ, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्व के हस्तलिखित दस्तावेज आदि) को बचाने और उन्हें डिजिटल संरक्षण करने का कार्य सतत रूप से किया जा रहा हैं। इस अभियान को सफल बनाने के लिए जनसमुदाय की सहभागिता आवश्यक हैं। जिले में “ज्ञानभारतम् अभियान” को समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाने का कार्य सतत रूप से किया जा रहा हैं।

जिला समन्वयक सतीश प्रकाश सिंह ने कहा कि भारतीय सांस्कृतिक विरासतों एवं प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को बचाने के लिए तथा दुर्लभ पाण्डुलिपियों को डिजिटल संरक्षण करने के लिए जिले में संचालित किये जा रहे राष्ट्रीय महत्व के “ज्ञानभारतम् मिशन” राष्ट्रीय पाण्डुलिपि अभियान को सफल बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि जिले में व्यापक रूप से संचालित किये जा रहे “ज्ञान भारतम् अभियान” में 75 वर्ष से पुराने हस्तलिखित अभिलेखों, प्राचीन पाण्डुलिपियों, ग्रंथों, पोथियों का सर्वेक्षण एवं डिजिटलीकरण में अहम् भूमिका निभाने वाले संरक्षकों, सर्वेक्षणकर्ताओं को तथा अभियान में अपना सक्रिय योगदान देने वाले लोगों को प्रमाण-पत्र भेंट करके सम्मानित किया जावेगा।

इस अवसर पर “ज्ञानभारतम्” अभियान में सहभागिता निभाते हुए रेडक्रॉस कोरबा के अध्यक्ष रामसिंह अग्रवाल,कमला नेहरू महाविद्यालय शिक्षण समिति के अध्यक्ष किशोर शर्मा, अग्रसेन महाविद्यालय शिक्षण समिति के अध्यक्ष गोपाल अग्रवाल,वरिष्ठ पत्रकार गेंदलाल शुक्ल ने कार्यक्रम में अपने विचार प्रकट किये।
कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय की “ज्ञानभारतम्” प्रभारी सहायक प्राध्यापक नूपुर अग्रवाल के द्वारा किया गया। आभार प्रदर्शन अग्रसेन कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार झा के द्वारा किया गया।

बैठक में सहायक प्राध्यापक डॉ. आसमां सिंह, डॉ. मन्दाकिनी चंद्रा,डॉ.शकुंतला जायसवाल, डॉ. भारती कुलदीप, डॉ. आसीबाला गुप्ता, रमिता दास, मंजीत कौर लाम्बा, डॉ. पियाधार सिंह, डॉ. प्रशांत सिंह राजपूत,अनिल अग्रवाल अग्रवाल सभा मिडिया प्रभारी, नानक सिंह राजपूत सहित विभिन्न समाज के प्रतिनिधिगण, स्वयंसेवी संस्थाओं,सामाजिक संस्थाओं के सदस्यगण, शासकीय-अशासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यगण, “ज्ञानभारतम् प्रभारी सहायक प्राध्यापक, “ज्ञानभारतम् दूत” युवा टीम, स्वयंसेवी वालंटियर्स एवं नागरिकगण उपस्थित थे।

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कोरबा

दीपका में भाजपा के पक्ष में लहर, ऋषि सिदार को मिल रहा जनता का समर्थन और आशीर्वाद

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भाजपा प्रत्याशी ऋषि सिदार के पक्ष में उमड़ा जनसमर्थन

कोरबा। नगर पालिका परिषद दीपका के वार्ड क्रमांक-15 के उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने जबरदस्त प्रचार करते हुए भाजपा प्रत्याशी ऋषि सिदार के समर्थन में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया गया। भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने वार्डवासियों से घर-घर संपर्क कर भाजपा प्रत्याशी को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की। जनसंपर्क के दौरान वार्डवासियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं तथा प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों पर विश्वास जताते हुए भाजपा प्रत्याशी ऋषि सिदार के पक्ष में मतदान करने का भरोसा दिलाया। भाजपा नेताओं ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की जनहितकारी नीतियों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है, जिससे जनता का विश्वास लगातार भाजपा के प्रति मजबूत हुआ है। इस अवसर पर केबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, विधायक प्रेमचंद पटेल, महापौर संजू देवी राजपूत, सह संभाग प्रभारी डॉ. राजीव सिंह, खाद्य आयोग के पूर्व अध्यक्ष ज्योतिनंद दुबे, पूर्व महापौर जोगेश लांबा, पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज शर्मा, नगर पालिका दीपका के अध्यक्ष राजेंद्र राजपूत, जिला महामंत्री संजय शर्मा, अजय विश्वकर्मा, दीपका मंडल के प्रभारी योगेश जैन, मंडल अध्यक्ष राजू प्रजापति सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

निर्दलीय पार्षद धीरेन्द्र तिवारी हुए भाजपा में शामिल

इसी दौरान भाजपा को एक और बड़ी राजनीतिक सफलता मिली। दीपका नगर पालिका परिषद के वार्ड क्रमांक-17 के निर्दलीय पार्षद धीरेन्द्र तिवारी ने भाजपा की जनहितैषी नीतियों, विकासोन्मुखी विचारधारा तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व से प्रभावित होकर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। केबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन व भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने उन्हें पार्टी का गमछा पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। साथ ही विश्वास व्यक्त किया कि धीरेन्द्र तिवारी के पार्टी में शामिल होने से संगठन को और अधिक मजबूती मिलेगी तथा क्षेत्र में विकास एवं जनसेवा के कार्यों को नई गति प्राप्त होगी। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी कांग्रेस के पार्षद व पूर्व पार्षद भाजपा में शामिल हो चुके हैं, जिससे क्षेत्र की राजनीति में भाजपा की स्थिति और अधिक मजबूत होती दिखाई दे रही है।

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कोरबा

नई पाइपलाइन की टेस्टिंग में मिली खामियां, शुरू नहीं हुई पानी सप्लाई

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कोरबा। एसईसीएल कुसमुंडा की कॉलोनियों में पुरानी पाइपलाइन से ही पानी सप्लाई के कारण पेयजल संकट गहरा गया है। नई पाइपलाइन से सप्लाई की टेस्टिंग में खामियों को समय रहते प्रबंधन दूर नहीं कर पाया। इससे नई पाइपलाइन से पानी सप्लाई शुरू भी नहीं हो पाई है।

वहीं पुरानी पाइपलाइन जर्जर होने से पानी की आपूर्ति में समस्या आ रही है, जिससे परिवारों की परेशानी बढ़ गई है। टैंकर से पानी सप्लाई पर कर्मचारी परिवारों को राहत नहीं मिल पा रही है। कुसमुंडा के विकास नगर कॉलोनी की पानी टंकी से दांयीं तट नहर तक फोरलेन रोड किनारे से दिसंबर में नई पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू हुआ। इससे गर्मी में कर्मचारी परिवारों को राहत मिलने की उम्मीदें थी। फिलहाल पाइपलाइन पुरानी होने से बार-बार फूटने से सप्लाई बाधित हो रही है। गर्मी में भी यहां रहने वाले परिवार पीने के पानी की समस्या को लेकर हलाकान हैं। 3 दिन से कुसमुंडा के आदर्श नगर, नेहरू नगर व विकास नगर कॉलोनियों में पानी आपूर्ति नहीं हो रही है।

इन तीनों कॉलोनियों में पानी टंकियों को भरने के बाद पेयजल सप्लाई की जा रही है। आवासीय कॉलोनी के मकानों तक पानी सप्लाई ठप होने पर टैंकर से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। सप्लाई ठप होने से आदर्श नगर कॉलोनी के करीब 3 हजार, नेहरू नगर के 200 और विकास नगर के 750 कर्मचारी परिवार हलाकान हैं। गर्मी में घरों में पानी की खपत बढ़ जाती है। श्रमिक संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार प्रबंधन को नई पाइपलाइन से समय रहते पानी सप्लाई शुरू कराने पर ध्यान देना था। नेहरू नगर के पास पाइपलाइन फूटने की जानकारी मिली है, जिसकी मरम्मत जारी है।

अहिरन नदी में बोरी बंधान से पानी रोककर सप्लाई एसईसीएल कुसमुंडा की कॉलोनियों में अहिरन नदी में बोरी बंधान से पानी रोकने के बाद पानी सप्लाई की जा रही है। इस पानी को वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में फिल्टर करने के बाद टंकियों में पहुंचाया जाता है। भीषण गर्मी में जलस्तर घटने पर पानी सप्लाई प्रभावित है। एनीकट बनाने की योजना भी कागजों में ही रह गई है। अहिरन नदी का जलस्तर घटने पर दांयीं तट नहर से पानी लेने का विकल्प है, लेकिन नई पाइपलाइन बिछाने के बाद टेस्टिंग में खामियां आने पर सप्लाई शुरू नहीं हो पाई है। विकास नगर में नई पानी टंकी बन रही है। हालांकि काम पूरा होने में अभी समय लगेगा।

अखिल भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ कोरबा-कुसमुंडा इकाई के महामंत्री रंजय सिंह ने कहा कि आश्वासन के बाद पेयजल आपूर्ति व्यवस्था नहीं सुधारने पर आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। नई पाइपलाइन से पानी सप्लाई में आ रही समस्या को प्रबंधन जल्द दूर करे। संगठन की ओर से 15 सूत्रीय मांग संबंधी कर्मियों के मुद्दे पर धरना देने के बाद प्रबंधन ने एबीकेकेएमएस के पदाधिकारियों से चर्चा कर समस्याओं के निराकरण को लेकर आश्वस्त किया है।

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