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छत्तीसगढ़

डीएड अभ्यर्थियों के आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे दीपक बैज:27वें दिन भी प्रदर्शन जारी, सहायक शिक्षक भर्ती में नियुक्ति की मांग

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रायपुर,एजेंसी। नवा रायपुर के तूता धरना स्थल पर डीएड अभ्यर्थी के आंदोलन का आज 27वां दिन है। डीएड अभ्यर्थी पिछले 24 दिसंबर से सहायक शिक्षक भर्ती 2023 में नियुक्ति की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे हैं। सोमवार (19 जनवरी) को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पहुंचकर उन्हें समर्थन दिया।

इस दौरान बैज ने कहा कि सरकार युवाओं के साथ छल कर रही है, चुनाव के पहले जो वादा करके सत्ता में आई, चुनाव के बाद उन्हीं लोगों को अनदेखा किया जा रहा है। अनशन के बाद अभ्यर्थियों ने मौन व्रत करके भी प्रदर्शन किया।

PCC चीफ दीपक बैज ने डीएड अभ्यर्थियों के आंदोलन को समर्थन दिया।

PCC चीफ दीपक बैज ने डीएड अभ्यर्थियों के आंदोलन को समर्थन दिया।

सहायक शिक्षक के रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग

अभ्यर्थियों का कहना है कि वे शिक्षक भर्ती 2023 के तहत सहायक शिक्षक के रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन भी शिक्षा विभाग से इस मामले में हस्तक्षेप कर अनशन समाप्त कराने की मांग कर चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है।

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि (याचिका क्रमांक WPS 3052/2025, 3999/2025 और 3946/2025) में हाईकोर्ट ने 26 सितंबर 2025 को आदेश पारित करते हुए सहायक शिक्षक के रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश दिए थे।

इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से अभ्यर्थियों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है।

विधानसभा में भी उठ चुका है मुद्दा

यह मामला विधानसभा में भी उठ चुका है। 17 दिसंबर को विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा विधायक रिकेश सेन ने शिक्षा मंत्री से सवाल किया था कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेश के बाद कितने बीएड सहायक शिक्षकों को हटाया गया और उनके स्थान पर कितने D.Ed अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी गई।

इस पर शिक्षा मंत्री ने सदन में बताया था कि 2621 बीएड सहायक शिक्षकों को बर्खास्त किया गया है। इनमें से 1319 पदों पर D.Ed अभ्यर्थियों की नियुक्ति हो चुकी है, जबकि 1302 पद अब भी रिक्त हैं। जब इन पदों पर भर्ती की समय-सीमा पूछी गई, तो मंत्री स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।

अनिश्चितकालीन आमरण अनशन बैठे

शिक्षा मंत्री के इसी जवाब से नाराज होकर D.Ed अभ्यर्थी 24 दिसंबर 2025 से रायपुर के तूता धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक सभी रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान, वाजिद खान सहित अन्य पदाधिकारियों ने मांग की है कि हाईकोर्ट के आदेश का तत्काल पालन किया जाए।

शिक्षक भर्ती 2023 के तहत सभी 2300 रिक्त पदों पर नियुक्ति की जाए और 1:3 के अनुपात में भर्ती प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए, ताकि आंदोलनरत D.Ed अभ्यर्थियों का अनशन समाप्त हो सके।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफल प्रदेश के अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉल के जरिए दी बधाई

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में सफल छत्तीसगढ़ के अभ्यर्थियों से वीडियो कॉल के माध्यम से संवाद कर उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दौरान खरसिया (रायगढ़) निवासी रौनक अग्रवाल, रायपुर निवासी संजय डहरिया, धमतरी जिले के परसवानी निवासी डायमंड सिंह ध्रुव तथा एमसीबी जिले के जनकपुर निवासी सुश्री दर्शना सिंह से बातचीत की।मुख्यमंत्री श्री साय ने उनके परिवारजनों से भी संवाद करते हुए इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आप सभी युवाओं ने अपनी मेहनत, लगन और धैर्य के बल पर प्रतिष्ठित यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। आपकी यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह संदेश देती है कि निरंतर परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी ऊँचाई को प्राप्त किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ से युवाओं का सिविल सेवा में चयन होना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। इससे यह सिद्ध होता है कि छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और हमारे युवा अपने परिश्रम के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी सफल अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के सपनों को नई ऊर्जा और दिशा देने वाली प्रेरणा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये सभी प्रतिभाशाली युवा प्रशासनिक सेवाओं में रहते हुए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जनसेवा करेंगे तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

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कोरबा

बिहान योजना से सशक्त हो रही ग्रामीण महिलाएं:लखपति दीदी सावित्री विश्वास बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल

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महिला सशक्तिकरण की ओर बढ़ते कदम

कोरबा। राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित बिहान कार्यक्रम का सकारात्मक प्रभाव अब गांव-गांव में दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। इससे ग्रामीण महिलाएं न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि समाज में अपनी अलग पहचान भी बना रही हैं।

इसी कड़ी में विकासखण्ड कोरबा के ग्राम पंचायत गुरमा की निवासी सावित्री विश्वास आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। पूजा स्वसहायता समूह से जुड़ी सावित्री विश्वास ने वर्ष 05 दिसम्बर 2017 को समूह के गठन के साथ अपनी आजीविका की नई शुरुआत की। एक समय ऐसा था जब सीमित आय, आर्थिक असुरक्षा और स्थायी आजीविका के अभाव में उनका जीवन संघर्षों से घिरा हुआ था। परिवार की जिम्मेदारियों और संसाधनों की कमी के कारण जीवन यापन कठिन हो रहा था, लेकिन स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया।

बिहान कार्यक्रम के तहत सावित्री विश्वास को समय-समय पर वित्तीय साक्षरता, समूह प्रबंधन, उद्यम विकास और आजीविका संवर्धन से संबंधित विभिन्न प्रशिक्षण प्राप्त हुए। इन प्रशिक्षणों ने उनमें आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास जगाया। जिला प्रशासन और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से उनके समूह को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया, जिसके तहत समूह को रिवॉल्विंग फंड, सामुदायिक निवेश निधि तथा बैंक ऋण की सुविधा प्राप्त हुई।

सावित्री विश्वास ने शुरुआत एक छोटे से किराना और फैंसी स्टोर से की, जिसे उन्होंने लगभग 60 हजार रुपये की पूंजी से शुरू किया। व्यवसाय में सफलता मिलने पर उन्होंने एक लाख रुपये का ऋण लेकर चप्पल की दुकान खोली। इसके बाद आय बढ़ाने के उद्देश्य से सीएलएफ से दो लाख रुपये का ऋण लेकर व्यवसाय का विस्तार किया और धीरे-धीरे नए अवसरों को पहचानते हुए बैंक और सीएलएफ से लगभग छह लाख रुपये का ऋण लेकर मेडिकल दवाई दुकान तथा कृषि सेवा केंद्र भी प्रारंभ किया।

वर्तमान में सावित्री विश्वास फैंसी स्टोर, कपड़ा दुकान, चप्पल दुकान, राशन दुकान, बर्तन दुकान, मेडिकल दुकान और कृषि सेवा केंद्र सहित कई आजीविका गतिविधियों का सफल संचालन कर रही हैं। उनके निरंतर परिश्रम, सही मार्गदर्शन और समय-समय पर मिली वित्तीय सहायता के परिणामस्वरूप आज उनकी वार्षिक आय लगभग 7.70 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है।

इस आय से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने अपने एक बेटे को बी.फार्मेसी की पढ़ाई कराने, बेटी को बीएससी नर्सिंग की शिक्षा दिलाने तथा छोटे बेटे को चॉइस सेंटर खोलने में सहयोग देकर उन्हें भी आत्मनिर्भर बनने का मार्ग दिखाया है।

आज सावित्री विश्वास सामाजिक रूप से भी सशक्त हुई हैं और अपने गांव की अन्य महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जुड़ने, नियमित बचत करने और स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनकी प्रेरणा से गांव की अन्य महिलाएं भी किराना दुकान, होटल आदि व्यवसाय जैसी गतिविधियां शुरू कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं।

सावित्री विश्वास अपनी इस सफलता का श्रेय राज्य सरकार की बिहान योजना, जिला प्रशासन और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन को देती हैं, जिनके सहयोग से उनका जीवन संघर्ष से सफलता की दिशा में आगे बढ़ सका और आज वे सचमुच “लखपति दीदी” के रूप में ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 35वीं रैंक प्राप्त करने वाली सुश्री वैभवी अग्रवाल को मुख्यमंत्री ने दी बधाई

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कड़ी मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर। संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में 35वीं रैंक प्राप्त करने वाली सुश्री वैभवी अग्रवाल ने आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भेंट की।  मुख्यमंत्री श्री साय ने सुश्री वैभवी को मिठाई खिलाकर उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुश्री वैभवी अग्रवाल ने अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में उत्कृष्ट सफलता प्राप्त कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वैभवी की यह सफलता प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की उपलब्धियाँ यह संदेश देती हैं कि लक्ष्य के प्रति समर्पण,अनुशासन और निरंतर प्रयास से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सुश्री वैभवी अग्रवाल भविष्य में प्रशासनिक सेवा में अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए देश और समाज की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देंगी। उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगामी दायित्वों के लिए शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर सुश्री वैभवी अग्रवाल के पिता शीतल अग्रवाल और भाई विनायक अग्रवाल उपस्थित थे।

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