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छत्तीसगढ़

जंबूरी 2026 को लेकर CBI जांच की मांग:पूर्व विधायक विकास उपाध्याय बोले- 5 करोड़ में टॉयलेट से लेकर टेंट तक बड़ा घोटाला हुआ

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रायपुर,एजेंसी। बालोद जिले में आयोजित राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी की टेंडर प्रक्रिया और अस्थायी निर्माण कार्यों को लेकर कांग्रेस के पूर्व विधायक और पूर्व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने पूरे मामले की CBI जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि जंबूरी आयोजन में किए गए भुगतान सामान्य प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि सुनियोजित भ्रष्टाचार की तरफ इशारा करते हैं।

विकास उपाध्याय का कहना है कि यदि इस मामले की जांच किसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से नहीं कराई गई, तो सच्चाई सामने नहीं आ पाएगी। उन्होंने आशंका जताई कि स्थानीय स्तर पर की जाने वाली जांच में तथ्यों को दबाया जा सकता है।

5 करोड़ का टेंडर और दो करोड़ का टॉयलेट बिल

पूर्व विधायक के अनुसार, जंबूरी आयोजन के लिए करीब 5 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया गया, जिसमें से लगभग 2 करोड़ रुपए केवल अस्थायी टॉयलेट निर्माण के नाम पर दिखाए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि कुछ दिनों के आयोजन के लिए बनाए गए अस्थायी टॉयलेट पर इतना बड़ा खर्च कैसे जायज ठहराया जा सकता है।

उपाध्याय का कहना है कि, यह आंकड़ा जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाता और आशंका है कि कागजों में संख्या और लागत बढ़ाकर भुगतान किया गया। जंबूरी में ठहरने की व्यवस्था को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। दावा किया गया है कि 1200 VIP लोगों के लिए बनाए गए स्विस टेंट पर 64 लाख रुपए का बिल बनाया गया। वहीं 15 हजार बच्चों के ठहरने के लिए 2000 टेंट दिखाकर 76 लाख रुपए का कार्यादेश जारी किया गया।

विकास उपाध्याय का कहना है कि आयोजन स्थल का निरीक्षण करने पर करीब 800 टेंट ही नजर आते हैं। जिससे फाइलों में दर्ज आंकड़ों और जमीनी स्थिति के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है। इस पूरे विवाद का सबसे अहम सवाल यह है कि भुगतान से पहले क्या शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन या संबंधित अधिकारियों ने आयोजन स्थल का भौतिक सत्यापन किया था।

यदि सत्यापन किया गया था तो कथित रूप से कम टेंट और टॉयलेट कैसे नजरअंदाज हो गए। यदि सत्यापन नहीं किया गया, तो फिर करोड़ों रुपए का भुगतान किस आधार पर कर दिया गया।

विकास उपाध्याय का दावा है कि, चूंकि यह पूरा निर्माण अस्थायी है, इसलिए दो-चार दिन बाद मौके पर कोई भौतिक प्रमाण नहीं बचेगा। ऐसे में बाद में सच्चाई सामने लाना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने मांग की है कि शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारी मीडिया के सामने स्पष्ट करें कि वास्तव में कितने टेंट और टॉयलेट बनाए गए और भुगतान किन आधारों पर किया गया।

कांग्रेस ने दस्तावेज जारी कर उठाए सवाल

कांग्रेस ने दस्तावेज जारी कर उठाए सवाल

पुराने जंबूरी आयोजनों की भी जांच की मांग

पूर्व विधायक ने यह मुद्दा भी उठाया कि वर्ष 2015 से 2019 के बीच हुए स्काउट-गाइड जंबूरी आयोजनों में भी 12 करोड़ रुपए से अधिक की सरकारी राशि के दुरुपयोग के आरोप लग चुके हैं। उनका कहना है कि यदि उस समय निष्पक्ष जांच होती, तो आज हालात दोबारा नहीं बनते।

लगातार विवादों में है जंबूरी आयोजन

रोवर–रेंजर जंबूरी 2026 को लेकर कांग्रेस ACB/EOW कार्यालय में शिकायत दर्ज करा चुकी है। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने EOW पहुंचकर पूरे मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की थी।

जंबूरी को लेकर EOW पहुंची थी कांग्रेस

जंबूरी को लेकर EOW पहुंची थी कांग्रेस

स्काउट-गाइड अध्यक्ष पद को लेकर भी सियासी घमासान

जंबूरी विवाद के साथ ही भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य अध्यक्ष पद को लेकर भी बड़ा विवाद सामने आया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने 13 दिसंबर 2025 को आदेश जारी कर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ का राज्य अध्यक्ष मनोनीत किया था।

विवाद की वजह यह है कि इससे पहले जब बृजमोहन अग्रवाल शिक्षा मंत्री थे, तब उन्हें स्काउट्स एवं गाइड्स का पदेन राज्य अध्यक्ष बनाया गया था और उन्होंने अब तक उस पद से इस्तीफा नहीं दिया है। इसके बावजूद विभाग ने बिना उनकी सहमति के गजेंद्र यादव को पदेन अध्यक्ष घोषित कर दिया, जिसे लेकर विपक्ष सवाल उठा रहा है।

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कोरबा

सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य आयोजन

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220 मातृशक्तियों की सहभागिता, नन्हे भैया-बहनों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिया पारिवारिक संस्कारों का संदेश
कोरबा। सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी, कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य, सुव्यवस्थित एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य राजकुमार देवांगन रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में दीपक सोनी (कोरबा विभाग समन्वयक) एवं संजय कुमार देवांगन (प्रधानाचार्य, पूर्व माध्यमिक) उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत विद्यालय परिवार द्वारा पारंपरिक रीति से किया गया।


अपने संबोधन में अतिथियों ने मातृशक्ति की भूमिका को बाल संस्कार एवं राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रारंभिक शिक्षा में माता का योगदान सबसे निर्णायक होता है। इस अवसर पर विद्यालय के नन्हे भैया-बहनों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। बच्चों ने आकर्षक नृत्य, गीत एवं लघु प्रस्तुतियों के माध्यम से पारिवारिक वातावरण, नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं संस्कारों का संदेश दिया। बच्चों की सहज एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित माताओं एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।


कार्यक्रम में कुल 220 मातृशक्तियों की गरिमामयी सहभागिता रही, जिससे मातृसंगोष्ठी अत्यंत सफल रही। माताओं ने विद्यालय की शिक्षण पद्धति, संस्कार आधारित शिक्षा एवं गतिविधियों की सराहना की। शिशु नगरी कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय की 12 शैक्षिक व्यवस्थाओं एवं सहयोगी संस्थाओं की जीवंत प्रदर्शनी लगाई गई। इन प्रदर्शनियों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास, कौशल निर्माण, संस्कार शिक्षा एवं व्यवहारिक ज्ञान को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया। अभिभावक बंधुओं के सहयोग से आनंद मेले का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्राथमिक विभाग के भैया-बहनों ने विभिन्न खेलों, गतिविधियों एवं मनोरंजन कार्यक्रमों में भाग लेकर भरपूर आनंद उठाया। आनंद मेला बच्चों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।


कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रधानाचार्य पंकज तिवारी ने सभी अतिथियों, मातृशक्तियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से विद्यालय एवं परिवार के बीच सहयोग और विश्वास और अधिक मजबूत होता है। उप-प्रधानाचार्य श्रीमती सीमा त्रिपाठी सहित समस्त आचार्य परिवार ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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कोरबा

बॉयोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन कर संजय सुमन ने कमाए साल में 3.20 लाख

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कोरबा। विकासखंड करतला के ग्राम बड़मार निवासी संजय सुमन ने मछली पालन को अपना मुख्य व्यवसाय बनाकर सफलता की नई मिसाल कायम की है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत नवीन बॉयोफ्लॉक तकनीक अपनाकर उन्होंने कम भूमि में अधिक उत्पादन कर उल्लेखनीय आय अर्जित की है।
संजय सुमन ने अपनी 25 डिसमिल भूमि पर बॉयोफ्लॉक तालाब का निर्माण कराया। इस तकनीक में तालाब में लाइनर बिछाकर पानी भरा जाता है और तेजी से बढ़ने वाली उन्नत प्रजाति की मछलियों का पालन किया जाता है। इसकी विशेषता है कि वर्ष में दो बार उत्पादन लेकर अधिक आय प्राप्त की जा सकती है।
सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत उन्हें 8.40 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। पिछले वर्ष संजय सुमन ने बॉयोफ्लॉक तालाब से 6 मैट्रिक टन मछली उत्पादन किया, जिसे बेचकर 07 लाख 20 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई। उत्पादन लागत निकालने के बाद उन्हें 03 लाख 20 हजार रुपये का शुद्ध लाभ हुआ।
सफलता से उत्साहित संजय सुमन इस वर्ष अपने कार्य का विस्तार कर उत्पादन एवं आय को दुगुना करने की योजना बना रहे हैं। बॉयोफ्लॉक तकनीक की खासियत यह है कि कम भूमि में अधिक उत्पादन संभव होता है, जिससे किसानों की आय में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।
संजय सुमन की यह कहानी क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।

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कोरबा

सुशासन सरकार की नीतियों से किसान हुआ आत्मनिर्भर और निश्चिंत

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सुगम व्यवस्था और सर्वाधिक समर्थन मूल्य, किसानों की आर्थिक ढाल

कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की सुशासन आधारित नीतियों का सकारात्मक प्रभाव अब प्रदेश के खेतों तक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। शासन की पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था और सर्वाधिक समर्थन मूल्य से छोटे एवं बड़े सभी किसानों को समान रूप से उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल रहा है, जिससे किसानों का जीवन स्तर सुदृढ़ हो रहा है।
कोरबा जिले के ग्राम कल्दामार निवासी कृषक अरुण कुमार इसकी मिसाल हैं, उन्होंने उपार्जन केंद्र भैंसमा में इस वर्ष 190 क्विंटल धान का विक्रय बिना किसी असुविधा के किया। गत वर्ष भी उन्होंने लगभग 350 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया था। उन्होंने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती टिकैतिन बाई के नाम से टोकन कटवा कर धान विक्रय की प्रक्रिया पूर्ण की।
कृषक कुमार का कहना है कि शासन की पहल से उपार्जन केंद्रों में सभी आवश्यक सुविधाएं सुचारू रूप से उपलब्ध हैं। उच्च समर्थन मूल्य मिलने से अब किसानों को अगली फसल के लिए आर्थिक चिंता नहीं रहती और उन्हें उधार लेने की मजबूरी से भी मुक्ति मिली है। खेत से लेकर धान विक्रय तक की पूरी प्रक्रिया आज किसानों के लिए सहज, सुरक्षित और तनावमुक्त हो गई है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान व्यवस्था ने किसानों को आत्मनिर्भर बनाया है और वे अब समृद्धि की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। किसानों के हित में संचालित योजनाओं और प्रभावी नीतियों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार एवं मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

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