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छत्तीसगढ़

DEO पर गबन-भ्रष्टाचार का आरोप…जांच कमेटी पर सवाल:संयुक्त संचालक ने BEO को बनाया जांच अधिकारी, कमेटी से 7 दिन में मांगी रिपोर्ट

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बिलासपुर,एजेंसी। बिलासपुर में शिक्षा विभाग में अनुकंपा नियुक्ति, अटैचमेंट और प्रमोशन के साथ ही गबन और भ्रष्टाचार के आरोप में जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे और उनका स्टाफ विवादों में है।

कांग्रेस नेता और पूर्व जिला पंचायत सदस्य अंकित गौरहा की शिकायत के बाद संभागीय संयुक्त संचालक ने अनुकंपा नियुक्ति और प्रतिनियुक्ति प्रक्रिया में हुई गड़बड़ी की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। कमेटी को 7 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।

अब कांग्रेस नेता ने जांच के बिंदु तय करने के साथ ही जांच कमेटी को लेकर सवाल उठाया है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि अगर दोषियों को बचाने के लिए षड्यंत्र किया गया, तो वे आंदोलन करेंगे।

डीईओ पर वित्तीय अनियमितता और नियुक्तियों में गड़बड़ी के आरोप

डीईओ विजय टांडे और सुनील यादव पर पद का दुरुपयोग करते हुए वित्तीय अनियमितता और नियुक्तियों में गड़बड़ी के आरोप है। इस मामले में संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर ने 6 मार्च को आदेश जारी किया है। जेडी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है।

जांच टीम में जांजगीर-चांपा के डीईओ अशोक सिन्हा, जेडी कार्यालय बिलासपुर के जेके शास्त्री और बीईओ बिल्हा भूपेन्द्र कौशिक शामिल हैं। इन अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि शिकायतों की जांच करके 7 दिनों के अंदर अपनी राय और जांच रिपोर्ट पेश करें।

शिकायतकर्ता अंकित गौरहा

शिकायतकर्ता अंकित गौरहा

शिकायतकर्ता ने जांच कमेटी के गठन पर उठाए सवाल

शिकायतकर्ता अंकित गौरहा ने संयुक्त संचालक द्वारा गठित की गई जांच समिति पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि डीईओ के अधीनस्थ कार्यरत बिल्हा बीईओ भूपेंद्र कौशिक को जांच टीम में शामिल किया गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि बीईओ अपने से बड़े पद पर कार्यरत अधिकारी के खिलाफ रिपोर्ट कैसे दे सकता है।

दरअसल, इससे पहले कोटा बीईओ रहते हुए विजय टांडे पर एक महिला ने मृत शिक्षक पति के रुके हुए वेतन और अन्य भुगतान के बदले 1.35 लाख रुपए रिश्वत मांगने की शिकायत की थी।

कलेक्टर ने मामले में जांच के निर्देश दिए थे। जांच के लिए गठित टीम में बिल्हा बीईओ भूपेंद्र कौशिक समेत अन्य सदस्य थे। समिति ने डीईओ को जांच के बाद क्लीनचिट दे दी थी। इस मामले में भी बिल्हा बीईओ को शामिल किया गया है।

विजय टांडे DEO बिलासपुर

विजय टांडे DEO बिलासपुर

कोटा बीईओ रहते भृत्य के वेतन में लाखों की गड़बड़ी के आरोप

आरोप है कि टांडे के कोटा बीईओ रहने के दौरान भृत्य देवेंद्र कुमार पालके को 495420 वेतन भुगतान और 354000 वर्दी धुलाई भत्ता देने का मामला सामने आया था। इस पूरे मामले में उनकी भूमिका भी संदिग्ध थी। उन्होंने कार्यकाल में पदस्थ भृत्य को गोपनीय मेकर और चेकर आईडी दे रखी थी।

वित्तीय शक्तियां देकर कर्मचारियों का वेतन भी भृत्य से ही बनवा रहे थे, जिससे लाखों रुपए वेतन के माध्यम से निकाले गए। पूरे मामले में भृत्य और एक अन्य के खिलाफ कोटा थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है, लेकिन अब तक लापरवाह अधिकारियों का कहीं कोई जिक्र तक नहीं है। इस मामले में संचालनालय कोष, लेखा के आदेश पर वरिष्ठ कोषालय अधिकारी ने जांच की थी।

अधिकारियों की भूमिका पर सवाल

इसमें कोटा के तत्कालीन‎ बीईओ और जिले के डीईओ विजय टांडे पर‎ कार्रवाई की अनुशंसा की है। टांडे के ‎कार्यकाल में सबसे बड़ा गबन हुआ। इसके ‎अलावा वर्तमान बीईओ नरेन्द्र प्रसाद मिश्रा‎ भी जांच के घेरे में हैं। मिश्रा ने कार्यभार‎ संभालने के बाद भी इस गड़बड़ी पर ध्यान‎ नहीं दिया।

लेखा शाखा प्रभारी नवल सिंह ‎पैकरा ने कार्य विभाजन के बावजूद भृत्य को काम करने दिया। इसके साथ ही भृत्य ‎देवेन्द्र कुमार पालके के खिलाफ कार्रवाई की‎ अनुशंसा की गई।

आंदोलन और न्यायालय जाने की चेतावनी

अंकित गौरहा ने चेतावनी दी है कि यदि जांच समिति में बदलाव नहीं किया गया और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं हुई, तो संयुक्त संचालक कार्यालय का घेराव किया जाएगा और भ्रष्टाचार के आरोपों के खिलाफ उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर इस पूरे मामले को न्यायालय तक ले जाया जाएगा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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कोरबा

दीपका में 30 अप्रैल को 20वीं राष्ट्रीय संगोष्ठी

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देशभर के विद्वानों का होगा संगम-डॉ गजेंद्र

कोरबा। शासकीय महाविद्यालय दीपका, जिला कोरबा (छत्तीसगढ़) एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर के बौद्धिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। महाविद्यालय एवं अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद बिलासपुर के संयुक्त तत्वावधान में ‘भारतीय ज्ञान परंपरा की कसौटी पर विकलांग-विमर्श का पुनर्मूल्यांकनÓ विषय पर 20वीं एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन 30 अप्रैल 2026, गुरुवार को किया जाएगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रात: 9:30 बजे महाविद्यालय परिसर में होगा। इस संगोष्ठी में देशभर से विद्वान, शिक्षाविद, शोधार्थी एवं विषय विशेषज्ञ सहभागी बनेंगे, जिससे विचारों का एक व्यापक और सार्थक आदान-प्रदान संभव होगा।

इस गरिमामयी आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य एवं उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम विभाग के मंत्री लखनलाल देवांगन उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व अध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा) छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग एवं कुलपति, थावे विद्यापीठ, गोपालगंज (बिहार) डॉ. विनय कुमार पाठक करेंगे।
संगोष्ठी में विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व न्यायाधीश उच्च न्यायालय न्यायमूर्ति चंद्रभूषण बाजपेयी, अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री मदनमोहन अग्रवाल, तथा गेवरा प्रोजेक्ट के जनरल मैनेजर अरुण त्यागी अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम को समृद्ध करेंगे। इसके साथ ही कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल समारोह भूषण विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
इस अवसर पर ‘विकलांग-विमर्श : विविध संदर्भÓ शीर्षक पुस्तक का विमोचन भी किया जाएगा, जिसके संपादन का कार्य डॉ. पायल लिल्हारे (निवाड़ी, मध्यप्रदेश) द्वारा किया गया है। यह पुस्तक विकलांग-विमर्श के विभिन्न आयामों को उजागर करते हुए समकालीन संदर्भों में महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. ममता ठाकुर ने बताया कि यह संगोष्ठी भारतीय ज्ञान परंपरा के संदर्भ में विकलांग-विमर्श के पुनर्मूल्यांकन का एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जो समाज में समावेशी दृष्टिकोण को सुदृढ़ करेगा। वहीं 20वी राष्ट्रीय संगोष्ठी के संयोजक डॉ. गजेंद्र तिवारी ने सभी शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं जागरूक नागरिकों से इस आयोजन में अधिकाधिक संख्या में सहभागिता कर इसे सफल बनाने का आह्वान किया है।
यह संगोष्ठी न केवल अकादमिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगी, बल्कि सामाजिक समरसता एवं समावेशिता के नए आयाम स्थापित करने में भी सहायक सिद्ध होगी।

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छत्तीसगढ़

कोंडागांव : वन मंत्री केदार कश्यप ने दहिकोंगा तेंदूपत्ता फड़ का किया निरीक्षण

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वन मंत्री ने संग्राहकों से किया सीधा संवाद

वन मंत्री ने संग्राहकों से किया सीधा संवाद

कोंडागांव। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने आज रविवार को कोंडागांव जिले के दहिकोंगा स्थित तेंदूपत्ता फड़ का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तेंदूपत्ता की गुणवत्ता देखी और संग्राहकों को हो रहे ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था की जानकारी ली।

          निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री कश्यप ने दो संग्राहकों के मोबाइल में स्वयं ऑनलाइन एंट्री कर भुगतान प्रक्रिया को पूरा कराया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तेंदूपत्ता संग्राहकों को पारदर्शी और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा दे रही है।

          वन मंत्री ने संग्राहकों से सीधे संवाद कर उन्हें “तेंदूपत्ता तिहार” की बधाई और शुभकामनाएं दीं तथा शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े श्रमिकों की आय बढ़ाने और उनकी सुविधाओं में सुधार के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

           इस अवसर पर कोंडागांव के वन मंडलाधिकारी चूड़ामणि सिंह, संयुक्त वन मंडलाधिकारी डॉ. आशीष कोटरिवार, परिक्षेत्र अधिकारी कोंडागांव, परिक्षेत्र अधिकारी दहिकोंगा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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छत्तीसगढ़

जनगणना में लगे शिक्षकों के लिए दुर्घटना बीमा की मांग:छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन बोला: चुनाव ड्यूटी जैसी सुरक्षा मिले, 1 करोड़ का बीमा हो

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रायपुर,एजेंसी। जनगणना कार्य में लगाए जाने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए 1 करोड़ रुपए के दुर्घटना बीमा की मांग उठी है। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, जनगणना आयुक्त और स्कूल शिक्षा विभाग को पत्र सौंपकर निर्वाचन ड्यूटी की तर्ज पर बीमा सुरक्षा देने की मांग की है।

ड्यूटी के दौरान दुर्घटना, गंभीर बीमारी या असामयिक मृत्यु की स्थिति में कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा जरूरी है।

चुनाव ड्यूटी जैसी सुरक्षा की मांग

संगठन का कहना है कि जब जिम्मेदारी राष्ट्रीय स्तर की है और जोखिम भी चुनावी ड्यूटी जैसा है, तो सुरक्षा मानकों में भेदभाव नहीं होना चाहिए। इसलिए जनगणना कार्य में तैनात हर शिक्षक और कर्मचारी को 1 करोड़ रुपए का बीमा कवर दिया जाए।

तीन प्रमुख तर्क रखे

एसोसिएशन ने शासन के सामने तीन प्रमुख बिंदु रखे—

  • समान जोखिम, समान सुरक्षा: जनगणना ड्यूटी में भी चुनाव जैसी चुनौतियां और खतरे हैं।
  • आर्थिक संबल: हादसे या मृत्यु की स्थिति में परिवार को सहायता मिले।
  • मानसिक निश्चिंतता: बीमा सुरक्षा से कर्मचारी निर्भीक होकर काम कर सकेंगे।
एसोसिएशन की ओर से लिखा गया लेटर।

एसोसिएशन की ओर से लिखा गया लेटर।

हाल की घटनाओं का दिया हवाला

एसोसिएशन ने जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों की मौत की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे मामलों ने बीमा सुरक्षा की जरूरत को और गंभीर बना दिया है।

टीचर्स एसोसिएशन ने मांग की है कि जनगणना अधिसूचना जारी होने के साथ ही बीमा संबंधी दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएं, ताकि जमीनी स्तर पर काम कर रहे हजारों शिक्षकों को सुरक्षा मिल सके।

प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा के साथ प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान सहित संगठन के अन्य पदाधिकारियों ने भी इस मांग का समर्थन किया है।

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