कोरबा
चिर्रा में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का हुआ आयोजन
ग्रामीणों को विभिन्न विभागों की योजनाओं से किया गया लाभान्वित
शासकीय योजनाओं से जुड़कर उठाए लाभः विधायक रामपुर राठिया
जंगलों की सुरक्षा भी हमारा दायित्व, पात्र व्यक्ति पात्रता के आधार पर पट्टा के लिए करें आवेदनः कलेक्टर
क्षेत्रवासियों से अपने बच्चों के बेहतर भविष्य पर ध्यान देने का किया आग्रह

कोरबा । कोरबा विकासखंड के सुदूरवर्ती ग्राम पंचायत चिर्रा में आज विधायक रामपुर फूल सिंह राठिया एवं कलेक्टर अजीत वसंत की उपस्थिति में जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष कोरबा श्रीमती हरेश कंवर, जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग,एसडीएम कोरबा सरोज महिलांगे, जनपद सीईओ श्रीमती कौशम्बी गबेल, सरपंच चिर्रा श्रीमती नीलाबाई सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
विधायक, कलेक्टर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों का स्कूली विद्यार्थियों द्वारा पारंपरिक लोकनृत्य एवं स्वागत गीत के माध्यम से स्वागत किया। शिविर में क्षेत्र के ग्रामीणों ने अपनी मांगों को आवेदन के माध्यम से रखा। इस दौरान विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल के माध्यम से आमजनो को शासन की योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्हें लाभान्वित किया गया। कलेक्टर अजीत वसंत ने आमजनो से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना एवं संबंधित अधिकारियों को ग्रामीणों के आवेदन पर की जाने वाली कार्यवाही से अवगत कराने के निर्देश दिए।
ग्रामीणों को जागरूक बनने एवं किसी भी प्रकार की प्रलोभन से बचने का किया आग्रह
शिविर को संबोधित करते हुए विधायक रामपुर श्री राठिया ने कहा कि ग्रामीणों की शिकायतों का निराकरण एवं उन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए चिर्रा में जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया है। उन्होंने ग्रामीणों को शिविर में अपनी समस्याओं का निराकरण कराने एवं शासकीय योजनाओं की जानकारी लेकर लाभांवित होने का आग्रह किया। विधायक श्री राठिया ने ग्रामीणों को ग्राम सभा की बैठक में शामिल होकर योजनाओं का लाभ लेने हेतु आवेदन प्रस्तुत करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि पात्रतानुसार आप सभी की मांगों का निराकरण किया जाएगा। उन्होंने लोगो को किसी भी प्रकार के प्रलोभन, लालच या किसी के बहकावे में नही आने की अपील की। साथ ही क्षेत्रवासियों से अपने बच्चों को पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने की बात कही। जिससे वे आगे चलकर क्षेत्र का नाम रौशन करें। इसी प्रकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को सफल बनाने एवं क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण व विक्रय पर रोक लगाने का आग्रह किया।
कलेक्टर ने मैदानी अमले के अधिकारियों को मुख्यालय में रहकर आमजनो की समस्याओं को निराकरण करने के दिए निर्देश
शिविर में कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुसार ग्रामीणों की समस्या को दूर करने हेतु सुदूर क्षेत्र में शिविर का आयोजन किया गया है। क्षेत्रवासियों की आवागमन की सुविधा हेतु चिर्रा – श्यांग सड़क मार्ग हेतु 10 करोड़ एवं अमलडीहा मालीकछार सड़क मार्ग निर्माण हेतु 4 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसका निविदा प्रक्रियाधीन है। निविदा कार्यवाही पूर्ण होते ही सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा। इससे निश्चित ही क्षेत्रवासी लाभांवित होंगे।
कलेक्टर ने कहा कि जिले में जर्जर व भवनविहीन स्कूलों के लिए नए विद्यालय भवन स्वीकृत किए गए है। शिविर में पतरापाली, चिर्रा, एलेमा में नए आंगनबाड़ी भवन , पतरापाली में प्राथमिक शाला, सिमकेन्दा में पीडीएस दुकान हेतु नए भवन की मांग का डीएमएफ की आगामी बैठक में प्रस्ताव रखकर भवन निर्माण स्वीकृत किया जाएगा। कलेक्टर ने ग्रामीणों को जानकारी देते हुए कहा कि शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार हेतु विद्यालयों में आवश्यकतानुसार अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। विद्यालयों में बच्चों को सुबह गर्म नाश्ता प्रदान किया जा रहा है। स्कूल आंगनबाड़ी एवं आश्रम छात्रावास केंद्रों में भोजन पकाने वाले रसोइयों को धुंए से मुक्ति दिलाने हेतु गैस सिलेंडर व निर्बाध रिफलिंग की व्यवस्था की गई है। उन्होंने क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण की शिकायत पर पुलिस व आबकारी विभाग की समन्वय से कार्यवाही करने की बात कही। वनाधिकार पट्टा के पात्र हितग्राहियों को प्राथमिकता से पट्टा प्रदान करने के लिए कहा। शिविर में कलेक्टर ने कहा कि जंगलों की सुरक्षा भी हमारा दायित्व है, इस हेतु पात्र व्यक्ति अपने पात्रता के आधार पर पट्टा के लिए आवेदन करें। वन भूमि पर अवैध रूप से काबिज या अपात्र व्यक्ति पट्टा हेतु आवेदन नही करें। उन्होंने ग्रामीणों से शिक्षा के महत्व को समझने एवं अपने बच्चों के बेहतर भविष्य पर ध्यान देने का अपील किया। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं की जानकारी रखने एवं लाभ उठाने का आग्रह किया।
कलेक्टर ने सभी विभागों के मैदानी अमलो के अधिकारियों को मुख्यालय में उपस्थित रहकर आमजनो की समस्याओं को प्राथमिकता से निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों व आमजनो से इस सम्बंध में किसी प्रकार की शिकायत नही आनी चाहिए। सभी विभगीय अधिकारी इसका विशेष ध्यान रखें।
शिविर को जनपद अध्यक्ष कोरबा श्रीमती हरेश कंवर, सरपंच चिर्रा श्रीमती नीलाबाई ने भी संबोधित करते हुए ग्रामीणों को शिविर का लाभ उठाने का अपील किया।
गुरमा की पूजा स्व सहायता समूह को मिला तीन लाख का चेक
वन अधिकार पट्टा, नवीन राशन कार्ड, किसान किताब किया गया वितरित
कृषि विभाग की योजना अंतर्गत कृषि उपकरण सामग्री किया गया प्रदान
नन्हे शिशुओं का कराया गया अन्नप्राशन, कुपोषित बच्चों को प्रदान की गई सुपोषण टोकरी
शिविर में विधायक, कलेक्टर सहित अन्य अतिथियों द्वारा ग्रामीणों को विभिन्न विभागों की योजनाओं से लाभान्वित किया।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत गुरमा की पूजा स्व सहायता समूह की महिलाओं को 03 लाख का बैंक लोन प्रदान किया गया। सिमकेन्दा की सरस्वती समूह, चिर्रा की जय बूढ़ी माँ समूह की महिलाओं को सामुदायिक निवेश राशि के तहत 60-60 हजार का चेक एवं अनिता प्रजापति को व्यक्तिगत आजीविका हेतु मुद्रा लोन के तहत 1 लाख का चेक वितरित किया गया।
कृषि विभाग अंतर्गत चिर्रा के किसान परमेश्वर सिंह, रामनाथ, मुरली, नरेश व जितेंद्र को नेपसेक वितरण किया गया। किसान नारायण सिंह को 1.5 एचपी का विद्युत पंप एवं किसान फिर सिंह को 50 प्रतिशत अनुदान पर पॉवर रीडर प्रदान किया गया।
खाद्य विभाग द्वारा घसनिन मंझवार, देवन्ती राठिया, रामबती अघरिया, कु रीमा व रुबीना को नवीन राशन कार्ड सौपा गया। राजस्व विभाग द्वारा गुरमा के महेश दास, चिर्रा के साध राम, कृष्ण कुमार को किसान किताब एवं सिमकेंदा के इतवारी बाई, सबिता व लछन राम को वन अधिकार पट्टा प्रदान किया गया।
इस दौरान महिला व बाल विकास विभाग द्वारा नन्हें शिशुओं का अन्नप्राशन एवं कुपोषित बच्चों को सुपोषण टोकरी प्रदानकी गई।
शिविर में ग्रामीणों द्वारा विभिन्न समस्याओं व मांगो के 61 आवेदन प्राप्त हुए। जिसके अंतर्गत 23 आवेदनों का मौके पर निराकरण संबंधित अधिकारियों द्वारा किया गया। लंबित आवेदन मांग व शिकायत संबंधी थे। लंबित सभी आवेदनों का परीक्षण कर शीघ्रता से निराकरण किया जाएगा।
कोरबा
दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने की आवश्यक कार्रवाई
आपातकालीन सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने हेतु की जा रही आवश्यक कार्यवाही
कोरबा। ग्राम लामपहाड़ में घटित सड़क दुर्घटना की घटना को जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा गंभीरता से लेते हुए तत्काल तथ्यात्मक जांच कराई गई। जांच हेतु खंड चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पताढ़ी को वस्तुस्थिति का परीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। संबंधित अधिकारियों से प्राप्त प्रतिवेदन एवं स्थल स्तर पर उपलब्ध जानकारी के परीक्षण उपरांत घटना से संबंधित वस्तुस्थिति स्पष्ट हुई है। साथ ही आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में सामने आई चुनौतियों के निराकरण हेतु आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है।
प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार 08 जून 2026 की रात्रि लगभग 8ः30 बजे ग्राम लामपहाड़ में एक बाइक दुर्घटना की सूचना सेक्टर मेडिकल ऑफिसर लेमरू को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों द्वारा उपलब्ध आपातकालीन संसाधनों के माध्यम से तत्काल कार्रवाई प्रारंभ की गई। इस दौरान लेमरू स्थित 108 एम्बुलेंस पूर्व से एक रेफर मरीज को कोरबा पहुंचाने के कार्य में लगी हुई थी तथा ड्यूटी अवधि पूर्ण होने एवं आवश्यक मानव संसाधन की अनुपलब्धता के कारण समय पर दुर्घटना स्थल तक नहीं पहुंच सकी।
जांच में यह भी पाया गया कि 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन संबंधित एजेंसी द्वारा किया जाता है। वर्तमान में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में अवस्थित 108 एम्बुलेंस की आवश्यकता पड़ने पर कॉल कंन्ट्रोल सेंटर रायपुर को कॉल करने पर कोरबा में पॉयलेट को सीधे कॉल लगने की सुविधा नहीं है। पॉयलेट के निजी नम्बर पर कॉल किया जाता है। नेटवर्क सम्बन्धी समस्या के कारण कॉल कनेन्ट नही हो पाता है जिससे तत्कालीन अवधि में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस संबंध में सेक्टर प्रभारी द्वारा तत्काल 108 सेवा के जिला समन्वयक से संपर्क कर स्थिति से अवगत कराया गया। लेमरू क्षेत्र में नेटवर्क संबंधी बाधाओं तथा द्वितीय व तृतीय पाली में डयूटी करने हेतु पर्याप्त पायलट एवं ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) की उपलब्धता नहीं होने से आपातकालीन सेवा संचालन में व्यावहारिक कठिनाइयां उत्पन्न हुईं।
दुर्घटना से प्रभावित व्यक्ति को तत्पश्चात 112 वाहन के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू लाया गया, जहां चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान उसे मृत पाया गया। इसके बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को सुरक्षित रखकर उच्च अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई।
जांच प्रतिवेदन में यह स्पष्ट हुआ है कि 108 एम्बुलेंस सेवा एक सतत (24×7) आपातकालीन सेवा है, जिसके सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक शिफ्ट में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होना आवश्यक है। संबंधित एजेंसी द्वारा तीनों पालियों के लिए पृथक-पृथक पायलट एवं ईएमटी की व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण उक्त स्थिति निर्मित हुई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा 108 संजीवनी एक्सप्रेस के जिला समन्वयक से स्पष्टीकरण प्राप्त करने की कार्रवाई की गई है। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में संचालित नवीन 108 संजीवनी एक्सप्रेस के लिए तीनों शिफ्टों में पृथक पायलट एवं ईएमटी की नियुक्ति सुनिश्चित करने हेतु उप संचालक (108), संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, रायपुर को पत्र प्रेषित किया गया है।
जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। घटना के संबंध में प्राप्त तथ्यों के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम प्रारंभ कर दिए गए हैं, ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों को और अधिक त्वरित एवं प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनहित से जुड़े प्रत्येक मामले में संवेदनशीलता, जवाबदेही एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना उसकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा स्वास्थ्य सेवाओं के निरंतर सुदृढ़ीकरण की दिशा में प्रभावी प्रयास जारी है।
कोरबा
मछलियों के संरक्षण हेतु 15 अगस्त तक बंद ऋतु घोषित
मत्स्य आखेट पर रहेगा प्रतिबंध,
प्रतिबंधित अवधि पर मछली पकड़ने पर देना होगा 25 हजार रूपये जुर्माना
कोरबा। जिले में वर्षा ऋतु में मछलियों की वंश वृद्धि को ध्यान में रखकर उनके संरक्षण के लिए छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम के तहत 16 जून से 15 अगस्त तक की अवधि को बंद ऋतु (क्लोज सीजन) घोषित किया गया है। इस अधिनियम के अंतर्गत जिले के सभी तालाबों एवं जल स्त्रोतों जिनका संबंध नदी नालों से नहीं है, के अतिरिक्त जलाषयों में किये जा रहे केज कल्चर को छोड़कर सभी प्रकार के जल संसाधनों में मत्स्याखेट कार्य 16 जून से 15 अगस्त 2026 तक पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
सहायक संचालक मछली पालन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार नियमों का उल्लंघन करने तथा अपराध सिद्ध होने पर छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य क्षेत्र अधिनियम के तहत 25 हजार रूपए का जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि उक्त नियम केवल छोटे तालाब या अन्य जल स्रोत जिनका संबंध किसी नदी-नाले से नहीं है और उनके अतिरिक्त जलाशय जिनमें केज कल्चर का कार्य किया जा रहा है, उनमें मत्स्य अधिनियम लागू नहीं होंगे।
कोरबा
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के संबंध में बैठक 16 को
कोरबा। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान 28 जून 2026 के संबंध में कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक कलेक्टोरेट सभा कक्ष में दोपहर 01 बजे आयोजित की गई है। सर्व संबंधितों को बैठक में उपस्थित होने कहा गया है।
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