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कोरबा

डीएमएफ से शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का होगा विस्तार

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बनेंगे 92 नवीन स्कूल भवन, 04 नए आदिवासी छात्रावास, 48 स्कूल, स्वास्थ्य केंद्रों में बनेंगे पहुंचमार्ग

कोरबा । कोरबा में कार्यभार ग्रहण करते ही कलेक्टर अजीत वसंत ने पत्रकारों से कहा था कि जिले में स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्रों में काम करने की असीम संभावनाएं हैं और उनकी प्राथमिकता इन दोनों क्षेत्रों में रहेगी। अब डीएमएफ से स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य होंगे और जिले की तस्वीर बदलती नजर आयेगी। जिले में ऐसे स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र जो जर्जर है, विद्युतविहीन है और पहुंचमार्ग का अभाव है। ऐसे स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र तथा स्वास्थ्य केंद्रों की तस्वीर जल्दी ही बदलने वाली है। डीएमएफ अंतर्गत शासी परिषद द्वारा लिए गए निर्णय के पश्चात् विभागीय अधिकारियों से सर्वे कराकर स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं को चिन्हित किया गया अपितु आमनागरिको से जुड़ी आवश्कताओं को और बेहतर बनाने का प्रयास भी किया जा रहा है। कलेक्टर द्वारा डीएमएफ अंतर्गत नवीन विद्यालयों की स्थापना सहित अनेक कार्यों की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। स्कूल भवनों से संबंधित कार्यों का लेआउट भी तैयार कर लिया गया है और कार्य प्रारंभ भी कर दिए गए हैं। डीएमएफ से जिले के 07 नगरीय एवं 85 ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक तथा माध्यमिक नवीन विद्यालय स्थापना हेतु कुल 92 विद्यालय राशि 14 करोड़ 15 लाख 64 हजार 500 रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। कलेक्टर द्वारा जिले से अत्यंत जर्जर एवं आवश्यकता वाले स्कूल भवनों की जानकारी मांगी गई थी। शिक्षा अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर 92 नवीन विद्यालयों के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। नवीन विद्यालयों के स्थापना से विद्यार्थियों की बैठक व्यवस्था बेहतर होगी और उन्हें बेहतर शैक्षणिक माहौल भी उपलब्ध होगा। इसी तरह जिला खनिज न्यास मद से जिले के 48 ऐसे स्कूल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्रों में जहां तक पहुंचने के लिए पहुंचमार्ग का अभाव था एवं इन स्थानों में पहुंचमार्ग हेतु लगभग 02 करोड़ 55 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसका भी ले-आउट तैयार कर कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। डीएमएफ से जिले के उन सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में विद्युत सुविधाएं भी मुहैया कराने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है, जहां आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है लेकिन विद्युत उपलब्ध नहीं है। कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी के अधिकारियों तथा महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों में विद्युतीकरण हेतु आवश्यक निर्देश दिए हैं। कुल 1052 आंगनबाड़ी केंद्रों में विद्युतीकरण हेतु 28 लाख 63 हजार 382 रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। डीएमएफ से डिंगापुर प्रयास विद्यालय परिसर में दिव्यांग बच्चों हेतु आवासीय छात्रावास स्थापना हेतु 01 करोड़ 43 लाख 53 हजार 800 रूपए की राशि की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसी तरह चांपा-गेवरा रेल लाइन के लेवल क्रॉसिंग सुनालिया ज्वेलर्स के पास अंडरपास निर्माण हेतु 15 करोड़ 48 लाख 44 हजार 500 की स्वीकृति प्रदान की गई है। नगर पालिक निगम क्षेत्र अंतर्गत बाल सुधारगृह तक सीसी रोड, नाली, पार्किंग शेड आदि निर्माण के लिए 01 करोड 58 लाख 42 हजार की राशि, निगम क्षेत्र में सेंट्रल स्टोर से स्टेडियम चौक तक रेलिंग सहित डिवाइडर विद्युतीकरण कार्य हेतु 01 करोड़ 28 लाख की राशि स्वीकृत की गई है। निगम अंतर्गत कुल 18 कार्यों हेतु 11 करोड़ से अधिक की स्वीकृति विभिन्न विकास कार्यों हेतु डीएमएफ से स्वीकृत की गई है। साथ ही जनप्रतिनिधियों द्वारा अनुशंसित कार्यों की स्वीकृति दी गई है।

अनुसूचित जनजाति वर्गों के विद्यार्थियों हेतु बनेंगे 04 छात्रावास –

अनुसूचित जिला कोरबा में अनुसूचित जनजाति वर्ग के बच्चों के शैक्षणिक विकास को ध्यान में रखते हुए 04 नए ट्रायबल छात्रावास की स्वीकृति भी खनिज न्यास मद से प्रदान की गई है। जिले के दूरस्थ क्षेत्र कुदमुरा, तुमान, सपलवा, पोड़ी-उपरोड़ा में छात्रावास प्रारंभ होने से अनुसूचित जनजाति वर्गों के विद्यार्थियों को ब्लॉक मुख्यालय में आवासीय सुविधा उपलब्ध होगी। इसमें रहकर दूरस्थ ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थी बेहतर शिक्षा अर्जन कर सकेंगे। इसके लिए 06 करोड़ 99 लाख 38 हजार की स्वीकृति प्रदान की गई है। हाथी प्रभावित ग्रामों में सोलर हाइमास्ट लाइट की मिली स्वीकृति –

कोरबा जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में आए दिन जंगली हाथी विचरण करते रहते हैं। जंगली हाथी वनांचल से आसपास के गांवों में भी पहुंचते हैं। इस दौरान फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ ही ग्रामीणों पर भी हमला करते हैं। कटघोरा वनमण्डल की ऐसे 85 हाथी प्रभावित ग्रामों को चिन्हित किया गया है। इन स्थानों पर डीएमएफ मद से सोलर हाइमास्ट लाइट हेतु 04 करोड़ 57 लाख 11 हजार 470 रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। क्रेडा के माध्यम से हाथी प्रभावित ग्रामों में सोलर हाइमास्ट लाइट लगाई जाएगी। सोलर हाइमास्ट लाइट से रोशनी होने पर ग्रामीण क्षेत्रों में हाथियों के विचरण पर भी अंकुश लगेगा।

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कोरबा

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे:मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी, पंडाल में झूपने लगे महिलाएं-पुरुष

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में 583 लोगों की ‘घर वापसी’ हुई। इनमें एक मुस्लिम परिवार भी शामिल है, जिन्होंने सनातन धर्म अपनाया है। वहीं, दरबार में महिलाएं और पुरुष झूमते नजर आए।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने धर्मांतरण कराने वालों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि, जब तक जिएंगे, हिंदुओं को न कटने देंगे, न बंटने देंगे और न मिटने देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि लालच में आकर जिन लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर दूसरा मजहब अपनाया था, उनमें से सैकड़ों लोग अब ‘घर वापसी’ कर रहे हैं।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।

कथा के चौथे दिन लगा दिव्य दरबार

दरअसल, कोरबा के ढपढप में 5 दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन किया गया है। आज चौथे दिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य दरबार में जनसैलाब उमड़ पड़ा। चौथे दिन 2 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का विशेष इलाज किया गया। पर्चा लिखकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे। कुछ लोग जमीन पर लोटते और झूमते हुए दिखाई दिए।

जरूरतमंदों को दो रुपए – धीरेंद्र शास्त्री

दरबार के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक गरीब बुजुर्ग की मदद के लिए यजमानों और जनप्रतिनिधियों से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, लोग नाचने वाली स्त्रियों पर तो पैसे लुटाते हैं, लेकिन जरूरतमंदों की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।

धीरेंद्र शास्त्री ने बुजुर्ग की आर्थिक मदद की

बुजुर्ग ने धीरेंद्र शास्त्री को बताया कि, वो पाली मुनगाडीह का रहने वाला है। अपने घर से पैदल सुबह निकला था। इस दरबार में शामिल हो गया। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिस पर धीरेंद्र शास्त्री ने तत्काल 50 हजार दिए।

वहीं, सामने बैठे वीआईपी लोगों को आर्थिक मदद करने को कहा। जिसके बाद कुल 1 लाख 20 हजार रुपए बुजुर्ग को दिए गए। इसके बाद उन्होंने अपने टीम के वाहन से सुरक्षित घर तक छोड़ने को कहा।

धीरेंद्र शास्त्री बोले- हालेलुया वालों की ठठरी मारी जाएगी

इससे पहले कोरबा में ही बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्मांतरण पर कहा था कि, यहां आसपास हालेलुया वाले भी रहते हैं, उनकी भी ठठरी मारी जाएगी। अब यह खेल नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग राह भटक गए हैं, उनकी घर वापसी कराई जाएगी। इसके अलावा उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़ का भांचा बताया।

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कोरबा

श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में हनुमान जन्मोत्सव पर विविध धार्मिक आयोजन

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कोरबा। श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में भगवान श्री हनुमान के पावन जन्मोत्सव के अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

मंदिर समिति द्वारा दी जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल को दोपहर 2:00 बजे से अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ किया जाएगा, जो निरंतर चलता रहेगा।

2 अप्रैल को प्रातः 9:00 बजे से 12:00 बजे तक विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक हवन कार्यक्रम संपन्न होगा। हवन के उपरांत दोपहर 1:30 बजे से श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।

मंदिर समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करें एवं कार्यक्रम को सफल बनाएं।

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कोरबा

एसईसीएल मुख्यालय के 4 कर्मियों को सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गयी

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बिलासपुर/कोरबा। 31.03.2026 को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को 30 . 03.2026 को निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी सुनील कुमार, निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र एवं विभिन्न विभागाध्यक्षों, श्रम संघ प्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी कक्ष में शाल, श्रीफल, पुष्पहार से सम्मानित कर समस्त भुगतान का चेक प्रदान कर भावभीनी विदाई दी गयी।

सेवानिवृत्त होने वालों में सी.डी.एन सिंह महाप्रबंधक (वित्त) वित्त विभाग, जी श्यामला राव महाप्रबंधक (मा.सं) कल्याण विभाग, राम विनय कुमार, महाप्रबंधक (उत्खनन) उत्खनन विभाग, राज, सुरक्षा उप निरीक्षक- सुरक्षा विभाग शामिल रहे।

शीर्ष प्रबंधन ने अपने उद्बोधनों में कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारी अपनी कार्यकुशलता और समर्पण से एसईसीएल को सफलता की नई ऊँचाइयों तक लेकर गए हैं। उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। प्रबंधन ने सभी के उज्ज्वल भविष्य और सुखद पारिवारिक जीवन की कामना की।

सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी कम्पनी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि एसईसीएल में कार्य करना गौरव का विषय रहा। उन्होंने कहा कि यहाँ के अधिकारी और कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं और किसी भी जिम्मेदारी को पूर्ण निष्ठा से निभाते हैं।
कार्यक्रम का चालन एवं सेवानिवृत्त कर्मियों का परिचय प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने सफलतापूर्वक किया।

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