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डीआरडीओ ने नई तकनीक का सफल टेस्ट किया:लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें बनाने में मदद मिलेगी

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नई दिल्ली,एजेंसी। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने मंगलवार (3 फरवरी) को सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट (SFDR) तकनीक का सफल फ्लाइट टेस्ट किया। इस सफलता के साथ भारत उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो गया है, जिनके पास यह आधुनिक तकनीक है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह टेस्ट ओडिशा के तट के पास चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (आईटीआर) में किया गया।

यह तकनीक लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें बनाने में मदद करती है। इस तकनीक से संभावित विरोधियों के मुकाबले रणनीतिक बढ़त मिलती है। परीक्षण के दौरान सभी प्रमुख उप-प्रणालियों ने अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन किया। इनमें बिना नोजल वाला बूस्टर, सॉलिड फ्यूल डक्टेड रामजेट मोटर और फ्यूल फ्लो कंट्रोलर शामिल थे।

ओडिशा की चांदीपुर रेंज में किया गया परीक्षण

सिस्टम को पहले ग्राउंड बूस्टर मोटर की मदद से निर्धारित मैक संख्या तक पहुंचाया गया, जिसके बाद SFDR प्रणाली ने सफलतापूर्वक काम किया। पूरे परीक्षण की निगरानी और पुष्टि आईटीआर, चांदीपुर की ओर से बंगाल की खाड़ी के तट पर तैनात कई ट्रैकिंग उपकरणों से प्राप्त उड़ान आंकड़ों के जरिए की गई। टेस्ट के दौरान डीआरडीओ की विभिन्न प्रयोगशालाओं के वरिष्ठ वैज्ञानिक मौजूद रहे।इनमें डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी, हाई एनर्जी मटीरियल्स रिसर्च लेबोरेटरी, रिसर्च सेंटर इमारत और आईटीआर शामिल हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एसएफडीआर तकनीक के सफल प्रदर्शन पर डीआरडीओ और उद्योग जगत को बधाई दी। वहीं रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव एवं डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने इस सफल उड़ान परीक्षण में शामिल सभी टीमों को शुभकामनाएं दीं।

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राहुल बोले–मोदी ने अमेरिकी ट्रेड डील में आपका खून-पसीना बेचा:एपस्टीन फाइल्स और अडाणी पर केस की वजह से पीएम पर प्रेशर

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नई दिल्ली,एजेंसी। नेता विपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी ट्रेड डील में आपकी मेहनत के खून-पसीने को बेच दिया है, क्योंकि वे कॉम्प्रोमाइज्ड हैं।

राहुल ने कहा- अमेरिका में अडानी पर केस और एपस्टीन फाइल्स की वजह से मोदी जी प्रेशर में हैं।

इसके जवाब में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शाम को ट्रेड डील पर पहला बयान दिया। उन्होंने कहा कि राहुल देश को गुमराह कर रहे हैं। कृषि-डेयरी क्षेत्र को संरक्षित रखा जाएगा। इस डील पर दोनों देश जल्द साझा बयान जारी करेंगे।

दरअसल, ट्रम्प ने सोमवार को भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ को घटाकर 18% कर दिया है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि भारत अब रूस से तेल खरीदना अब बंद कर देगा।

राहुल ने कहा- एपस्टीन फाइल्स में और भी बहुत कुछ

राहुल ने आरोप लगाया कि एपस्टीन फाइल्स में और भी बहुत कुछ है जो अमेरिका ने अभी तक रिलीज नहीं किया है। इतिहास में पहली बार राष्ट्रपति के भाषण पर नेता विपक्ष को बोलने नहीं दिया गया है। जनता को इस बारे में सोचने की जरूरत है।

ट्रम्प बोले- भारत हमसे 500 अरब डॉलर का सामान खरीदेगा

ट्रम्प ने सोशल मीडिया ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट के जरिए PM मोदी के साथ फोन पर बातचीत और भारत के साथ ट्रेड डील की जानकारी दी। उन्होंने लिखा- भारत के प्रधानमंत्री मोदी से बात करना मेरे लिए सम्मान की बात थी।

हमने कई मुद्दों पर चर्चा की, जिनमें व्यापार और रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करना भी शामिल था। प्रधानमंत्री मोदी ने सहमति जताई कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करेंगे और अमेरिका से कहीं ज्यादा तेल खरीदेगा। इसके अलावा वेनेजुएला से तेल खरीदने की संभावना पर भी बात हुई।

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘बाय अमेरिकन’ को लेकर भी बड़ी प्रतिबद्धता जताई है। इसके तहत भारत हमसे 500 अरब डॉलर से ज्यादा के ऊर्जा, तकनीक, कृषि, कोयला और अन्य उत्पाद खरीदेगा। मुझे पूरा भरोसा है कि भारत और अमेरिका के रिश्ते आगे और भी मजबूत होंगे।

PM मोदी ने भी ट्रम्प को शुक्रिया कहा

ट्रम्प के पोस्ट के बाद PM मोदी ने भी X पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा- मुझे राष्ट्रपति ट्रम्प से बात करके बहुत खुशी हुई। यह जानकर बेहद संतोष है कि अब मेड इन इंडिया उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18% कर दिया गया है। इस शानदार फैसले के लिए मैं भारत के 1.4 अरब लोगों की ओर से राष्ट्रपति ट्रम्प का दिल से धन्यवाद करता हूं।

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युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर के 13वें सीएम होंगे:भाजपा विधायक दल के नेता चुने गए, राष्ट्रपति शासन 12 फरवरी को खत्म हो रहा

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नई दिल्ली/इम्फाल,एजेंसी। भाजपा नेता युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर के 13वें मुख्यमंत्री होंगे। मंगलवार को BJP विधायक दल की बैठक में उन्हें नेता चुना गया। अब राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा। कल यानी बुधवार को शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है।

भाजपा सूत्रों के मुताबिक कुकी-जो समुदाय को संतुष्ट करने के लिए 10 कुकी विधायकों में से एक को डिप्टी सीएम का पद दिया जा सकता है। इस दौरान मणिपुर के विधायक दल का नेता चुनने के लिए नियुक्त सेंट्रल ऑब्जर्वर तरुण चुग, संबित पात्रा और मणिपुर के पूर्व सीएम बीरेन सिंह भी मौजूद रहे।

मणिपुर से NDA के करीब 20 विधायक रविवार रात को दिल्ली पहुंचे थे। वहीं अन्य विधायक सोमवार को केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर राजधानी पहुंचे। 9 फरवरी 2025 को बीरेन सिंह के इस्तीफे के 4 दिन बाद, 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू किया गया। 12 फरवरी 2026 राष्ट्रपति शासन खत्म हो रहा है।

खेमचंद पारंपरिक ताइक्वांडो में 5th डैन ब्लैक बेल्ट पाने वाले भारतीय

युमनाम खेमचंद सिंह पारंपरिक ताइक्वांडो में 5th डैन ब्लैक बेल्ट पाने वाले भारतीय भी हैं। उन्हें इसका प्रमाणपत्र 30 दिसंबर 2025 को दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में ग्लोबल ट्रेडिशनल ताइक्वांडो फेडरेशन (GTTF) के ऑफिस में दिया गया था।

ताइक्वांडो और अन्य मार्शल आर्ट्स में डैन (Dan) का मतलब होता है ब्लैक बेल्ट के स्तर। ब्लैक बेल्ट मिलने के बाद आगे की सभी रैंक को डैन कहा जाता है।

13 फरवरी 2025: बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद लगा राष्ट्रपति शासन

मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच मई 2023 में हिंसा की शुरुआत हुई थी। इसमें अब तक करीब 260 लोगों की मौत हुई है और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। राज्य में करीब दो साल तक हिंसा न रोक पाने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली BJP सरकार ने 9 फरवरी 2025 को इस्तीफा दे दिया था।

इसके बाद 60 सदस्यीय विधानसभा को निलंबित कर दिया गया। बीरेन सिंह के इस्तीफे के 4 दिन बाद, 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू किया गया। 12 फरवरी 2026 राष्ट्रपति शासन खत्म होने की आखिरी तारीख है।

मणिपुर विधानसभा में BJP के अभी 37 विधायक

मणिपुर में भाजपा सरकार का कार्यकाल 2027 तक है। इसलिए पार्टी की कोशिश है कि राष्ट्रपति शासन खत्म होने से पहले नई सरकार का गठन हो जाए। फिलहाल मणिपुर विधानसभा में BJP के 37 विधायक हैं।

2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को 32 सीटें मिली थीं, जबकि JD(U) के 5 विधायक बाद में BJP में शामिल हो गए। अन्य दलों में NPF के 5, कांग्रेस के 5, KPA के 2, JD(U) का 1 विधायक और 3 निर्दलीय विधायक शामिल हैं। एक सीट मौजूदा विधायक के निधन के कारण खाली है।

कुकी-मैतेई समुदाय के बीच हिंसा की 3 मुख्य कारण

1. ST (अनुसूचित जनजाति) दर्जे की मांग: 14 अप्रैल 2023 को मणिपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को मैतेई समुदाय के लिए ST का दर्जा देने पर सिफारिश भेजने का निर्देश दिया था। इस आदेश के बाद कुकी समुदाय में आक्रोश फैला और हिंसा भड़की।

कुकी पहले से ST श्रेणी में है। उन्हें डर है कि अगर मैतेई को भी ST का दर्जा मिला, तो वे पहाड़ी इलाकों में जमीन खरीद सकेंगे और इससे उनका सांस्कृतिक, सामाजिक और भौगोलिक अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।

मणिपुर के इंफाल घाटी में लगभग 10% भूमि क्षेत्र है, जहां मैतेई बहुसंख्यक रहते हैं। बाकी 90% पहाड़ी इलाका कुकी और नगा समुदायों का है। यह क्षेत्र आदिवासी जमीन (Tribal Lands) के अंतर्गत आता है और मैतेई यहां जमीन नहीं खरीद सकते।

2. अलग कुकी प्रशासन की मांग: कुकी समुदाय ‘कुकीलैंड’ या ‘जूमलैंड’ नाम से अलग प्रशासनिक स्वायत्तता की मांग कर रहे हैं । मैतेई समुदाय और राज्य सरकार इस मांग को राज्य की अखंडता के लिए खतरा मानती है।

3. कुकी पर ड्रग्स तस्करी का आरोप: कुकी समुदाय पर म्यांमार से ड्रग्स की तस्करी का आरोप लगता रहा है। सरकार ने भी कुकी पर अवैध अफीम की खेती की तस्करी में शामिल होने का आरोप लगाया, जिससे सरकार के प्रति उनका अविश्वास और बढ़ गया।

कुकी का मानना है कि उनके समुदाय को बदनाम करने के लिए ऐसे आरोप लगाए जाते हैं। कुकी समुदाय का आरोप है कि मणिपुर सरकार (पूर्व भाजपा सरकार) मैतेई का पक्ष लेती है। वे सुरक्षाबलों और पुलिस पर भी एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हैं।

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सरकार बोली– वांगचुक लद्दाख को नेपाल-बांग्लादेश बनाना चाहते थे:सुप्रीम कोर्ट में कहा– वह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा, जहर उगलने नहीं दे सकते

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नई दिल्ली,एजेंसी। केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि सोनम वांगचुक लद्दाख को नेपाल या बांग्लादेश जैसा बनाना चाहते हैं। ऐसे व्यक्ति को और जहर उगलने की इजाजत नहीं दी जा सकती।

जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की बैंच लद्दाख हिंसा मामले में एक्टिविस्ट वांगचुक की गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस दौरान केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा,

वांगचुक के भाषण में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा सीधा खतरा दिखता है। जिला मजिस्ट्रेट (DM) ने हालात को देखते हुए गिरफ्तारी का सही फैसला लिया।

मेहता ने कहा कि नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे उदाहरण देना, युवाओं को भड़काने और देश की एकता के खिलाफ माहौल बनाने के बराबर है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए पर्याप्त आधार है। मामले की सुनवाई अब मंगलवार को दोपहर 2 बजे फिर होगी।

दरअसल, 24 सितंबर 2025 को लेह में हुई हिंसा भड़काने के आरोप में 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत 26 वांगचुक को पुलिस ने हिरासत में लिया गया था। तब से वे जोधपुर जेल में हैं।

सरकार के सुप्रीम कोर्ट में 5 मुख्य पॉइंट्स

  • NSA पर कोर्ट अपील नहीं सुनता- सुप्रीम कोर्ट नजरबंदी आदेश की पर्याप्तता नहीं परखता, यह जिलाधिकारी के अपने आकलन का मामला है।
  • भाषण का राष्ट्रीय सुरक्षा से सीधा लिंक- सोनम वांगचुक के भाषण में दिए बयान राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा दिखाते हैं।
  • नेपाल–बांग्लादेश जैसे बदलाव का संदर्भ- ऐसे उदाहरण देना और कहना कि जेल जाने से बदलाव आएगा, NSA लगाने के लिए पर्याप्त है।
  • ‘हम बनाम वे’ और युवाओं को उकसावा- “us–them” की भाषा, आत्मदाह जैसे जिक्र और भीड़ से जगह पूछना युवाओं को भड़काने जैसा है।
  • लद्दाख की संवेदनशीलता और DM की जिम्मेदारी- लद्दाख सेना की सप्लाई चेन के लिए अहम है, ऐसे में कार्रवाई न करना DM की कर्तव्यहीनता होती।
  • सरकार के सुप्रीम कोर्ट में 5 मुख्य पॉइंट्स
  • NSA पर कोर्ट अपील नहीं सुनता- सुप्रीम कोर्ट नजरबंदी आदेश की पर्याप्तता नहीं परखता, यह जिलाधिकारी के अपने आकलन का मामला है।
  • भाषण का राष्ट्रीय सुरक्षा से सीधा लिंक- सोनम वांगचुक के भाषण में दिए बयान राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा दिखाते हैं।
  • नेपाल–बांग्लादेश जैसे बदलाव का संदर्भ- ऐसे उदाहरण देना और कहना कि जेल जाने से बदलाव आएगा, NSA लगाने के लिए पर्याप्त है।
  • ‘हम बनाम वे’ और युवाओं को उकसावा- “us–them” की भाषा, आत्मदाह जैसे जिक्र और भीड़ से जगह पूछना युवाओं को भड़काने जैसा है।
  • लद्दाख की संवेदनशीलता और DM की जिम्मेदारी- लद्दाख सेना की सप्लाई चेन के लिए अहम है, ऐसे में कार्रवाई न करना DM की कर्तव्यहीनता होती।
  • वांगचुक लद्दाख को पूर्ण राज्य बनाने की मांग कर रहे
    ये तस्वीर 26 सितंबर (2025) की है जब सोनम को गिरफ्तार किया गया था।
    ये तस्वीर 26 सितंबर (2025) की है जब सोनम को गिरफ्तार किया गया था।
    सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था। वह लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर आन्दोलन कर रहे थे। आन्दोलन के दौरान हुए हिंसक प्रदर्शनों के दो दिन बाद उनकी गिरफ्तारी की गई थी। इन प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत हुई थी और 90 लोग घायल हुए थे। सरकार का आरोप है कि वांगचुक ने इस हिंसा को भड़काया।
    NSA सरकार को ऐसे लोगों को हिरासत में लेने का अधिकार देता है, जिनसे देश की सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था को खतरा हो। इसके तहत किसी व्यक्ति को अधिकतम 12 महीने तक नजरबंद रखा जा सकता है।
    अंग्मो ने कहा कि 24 सितंबर को लेह में हुई हिंसा का सोनम वांगचुक के बयानों या कामों से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने बताया कि वांगचुक ने खुद सोशल मीडिया पर हिंसा की निंदा की थी और कहा था कि हिंसा से लद्दाख का शांतिपूर्ण आंदोलन विफल हो जाएगा।
    दरअसल लद्दाख पहले जम्मू-कश्मीर राज्य का हिस्सा था। 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने यहां से धारा 370 और 35 ए को हटाकर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो अलग राज्य बनाया था। जम्मू-कश्मीर को विधानसभा वाला राज्य बनाया था, जिसका प्रशासन राज्य सरकार के पास और सुरक्षा व्यवस्था केंद्र सरकार के पास है, जबकि लद्दाख को पूरी तरह केंद्र शासित राज्य बनाया था।

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