छत्तीसगढ़
रायपुर में ड्रग्स डिलीवरी…दिल्ली से आए थे 3 डीलर:हेरोइन के साथ लेडी पैडलर भी अरेस्ट, कांग्रेस बोली-बॉर्डर तक सुरक्षित नहीं रख पा रही सरकार
रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ की रायपुर पुलिस ने ड्रग्स तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। ये तस्कर अफगानिस्तान, पाकिस्तान, पंजाब और दिल्ली से ड्रग्स लाकर रायपुर में बेचते थे। पुलिस ने हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई और दीप धनोरिया समेत 3 डीलर्स को गिरफ्तार किया है।
SSP लाल उम्मेद सिंह ने बताया कि गंज पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक कार, 5 मोबाइल, 85,300 रुपए नकद और 27.58 ग्राम MDMA जब्त किया है। जब्त MDMA की कीमत करीब 2 लाख रुपए आंकी गई है। आरोपी दिल्ली से रायपुर में ड्रग्स बेचने आए थे। वहीं हेरोइन के साथ एक महिला को भी पुलिस ने अरेस्ट किया है।
वहीं ड्रग्स तस्करी और नशे के कारोबार पर कांग्रेस ने कहा कि केंद्र सरकार सीमा पार से होने वाली नशीली वस्तुओं की तस्करी रोकने में नकारा साबित हो गई है। अडाणी के मुद्रा पोर्ट में हजारों करोड़ों रुपए का ड्रग्स पकड़ा गया, लेकिन किसी भी प्रकार से कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।
कांग्रेस ने कहा कि सीमा पार से आतंकवादी विदेशी हथियार, नशीली वस्तुएं, घुसपैठ हो रहा है, इसकी जिम्मेदारी किसके ऊपर है। केंद्र सरकार की नाकामी के चलते देशभर में नशे का कारोबार फल-फूल रहा है, छत्तीसगढ़ भी इससे अछूता नहीं है।

गिरफ्तार आरोपियों में हर्ष आहूजा, मोनू बिश्नोई और दीप धनोरिया शामिल हैं।
आरोपियों से पूछताछ जारी, बड़े चेहरे हो सकते हैं बेनकाब
SSP लाल उम्मेद सिंह ने बताया कि तस्करों के पास से ड्रग्स के अलावा गाड़ी भी बरामद की गई है। आरोपी रायपुर में ड्रग्स कब से बेच रहे थे, ये ड्रग्स कहां का है, किस सिंडिकेट से आरोपी जुड़े हैं, इन सब सवालों का जवाब अफसर तलाश रहे हैं।
वहीं जांच अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के सिंडिकेट में कुछ सफेदपोश लोगों के शामिल होने की जानकारी मिली है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। महीनेभर में ड्रग्स बेचने के मामले में 30 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों से पुलिस ने करोड़ों का ड्रग्स बरामद किया है।

कबीर नगर पुलिस ने हेरोइन (चिट्टा) के साथ एक महिला पैडलर को अरेस्ट किया।
रायपुर में महिला पैडलर भी अरेस्ट
इसके साथ ही रायपुर के कबीर नगर पुलिस ने हेरोइन (चिट्टा) सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पहले की कार्रवाई में पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 273.19 ग्राम हेरोइन, एक दोपहिया वाहन और मोबाइल फोन जब्त किए थे, जिनकी कुल कीमत लगभग 57 लाख रुपए आंकी गई थी।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने एक महिला पैडलर हरप्रीत कौर उर्फ हैप्पी को गिरफ्तार किया। हरप्रीत, फरार आरोपी रूपिंदर उर्फ पिंदर के मकान में किराए पर रह रही थी। उसके साथ मिलकर नशे की बिक्री करती थी। साथ ही वह नशे का सौदा विजय मोटवानी नामक व्यक्ति को भी उपलब्ध कराती थी।
पुलिस ने महिला आरोपी हरप्रीत कौर के कब्जे से 9.5 ग्राम हेरोइन, एक बर्गमेन स्कूटर (CG 04 PN 2942) और एक मोबाइल फोन जब्त किया है, जिनकी कीमत करीब 2 लाख रुपए बताई जा रही है। आरोपी के खिलाफ नारकोटिक एक्ट और अन्य धाराओं में अपराध दर्ज कर न्यायिक कार्रवाई की जा रही है।
छत्तीसगढ़ में पाकिस्तान से ड्रग्स कैसे पहुंच रहा
वहीं प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार दावा करती है कि उसने राज्य में पाकिस्तान से आने वाले ड्रग्स की सप्लाई चैन को तोड़ दिया है। देश में 11 साल से मोदी की सरकार है। राज्य में पौने दो साल से भाजपा की सरकार है।
भाजपा बताए कि देश की सीमा से पार होकर भारत के मध्य में स्थित छत्तीसगढ़ में ड्रग्स कैसे पहुंच रहा था? केंद्र सरकार सीमा को सुरक्षित नहीं रख पा रही है, तभी तो स्मगलर सीमा पार से ड्रग्स छत्तीसगढ़ पहुंचा रहे थे। सरकार बताए सीमा पार से आने वाला ड्रग्स छत्तीसगढ़ की सीमा में कैसे पहुंच रहा था।
प्रदेश में आपराधिक घटनाएं भी बढ़ रही
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार के 18 महीने के कार्यकाल में नशीली दवाएं, अफीम, गांजा, हीरोइन, नकली शराब, अवैध शराब बिना किसी रोक-टोक के गली-मोहल्ले में बिक रही हैं। हर चौक-चौराहे पर नशीली दवाएं बेचने वालों का गिरोह है, जिसके कारण प्रदेश में आपराधिक घटनाएं भी बढ़ रही हैं।
प्रदेश में नशेड़ियों का जमावड़ा है। जिस तरह से सूर्यास्त के बाद नशाखोरी हो रही है। हर वर्ग नशे की ओर आकर्षित हो रहा है। इसकी जिम्मेदारी भाजपा सरकार की है। यह सरकार की विफलता है। यह बेहद चिंता का विषय है, सरकार को इसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए।
रायपुर में क्या-क्या बिक रहा?
रायपुर पुलिस 2025 से अब तक नशा बेचने वाले 550 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। ये आरोपी रायपुर में गांजा, एमडीएमए, एलएसडी, ओजी (विदेशी गांजा), हेरोइन, नशे की गोलियां, अफीम, कफ सिरप बेचते और उसे लाते हुए पकड़े गए।
इन आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि ये आरोपी ओडिशा से गांजा और महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब-हरियाणा से ड्रग्स लाते और उन्हें रायपुर समेत कई जिलों में बेचते हैं। छत्तीसगढ़ के अलावा दूसरे राज्यों में यह आरोपी नशीली सामग्री पहुंचाते हैं।
इसके साथ ही रायपुर के होटलों, पब और फॉर्म हाउस में आयोजित प्राइवेट पार्टियों में ड्रग्स को कोडवर्ड के सहारे बेचा जा रहा है। ये सब बातें पुलिस की जांच में पहले भी सामने आ चुकी हैं।
कोरबा
15 जून को जन आक्रोश रैली के साथ कलेक्ट्रेट का घेराव करेगी किसान सभा: छोटे खातेदारों को रोजगार देने, अधिग्रहित जमीन की वापसी, रोजगार व पुनर्वास की मांग
रैली में शामिल होंगे लोकसभा सांसद अमराराम
आंदोलन को सफल बनाने के लिए पोस्टर और पर्चे जारी किया भू विस्थापितों ने
कोरबा। छत्तीसगढ़ किसान सभा तथा भू विस्थापित रोजगार एकता संघ के नेतृत्व में छोटे खातेदारों को रोजगार देने, भूविस्थापितों के लंबित रोजगार प्रकरणों के निराकरण, जमीन वापसी,पट्टा, आंशिक अधिग्रहण पर रोक लगाने, पेयजल की व्यवस्था करने, बसावट एवं खनन प्रभावित गांवों की अन्य समस्याओं को लेकर 15 जून को जन आक्रोश रैली निकालकर कलेक्ट्रेट घेराव की घोषणा की है। जिला प्रशासन को रैली और प्रदर्शन के संबंध में ज्ञापन भी सौंपा गया है। जिला प्रशासन से भी कई बार हस्तक्षेप कर समस्याओं के समाधान की मांग की गई, लेकिन प्रशासन ने समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया, इसलिए विस्थापितों ने किसान सभा के नेतृत्व में अब आर की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। आंदोलन को सफल बनाने के लिए गांव गांव में बैठक कर पर्चे वितरण के साथ भू विस्थापितों को एकजुट भी किया जा रहा है और किसान सभा ने आंदोलन को सफल बनाने के लिए पोस्टर भी जारी किया है। कलेक्ट्रेट घेराव और जन आक्रोश रैली को लेकर भू विस्थापितों के साथ आम जनता का भी व्यापक जन समर्थन मिल रहा है।

माकपा के लोकसभा सांसद और किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कामरेड अमराराम कोरबा जिले के विस्थापितों की समस्या को सुनने ओर समझने के लिए जनआक्रोश रैली में शामिल होने के लिए कोरबा आ रहे हैं और कोरबा कलेक्टर से मिलकर भू विस्थापितों के समस्याओं के समाधान की मांग करेंगे साथ ही कोरबा जिले के भू विस्थापितों के साथ हो रहे शोषण, अन्याय के खिलाफ लोकसभा तक भू विस्थापितों की आवाज को पहुंचाएंगे।

कलेक्ट्रेट घेराव को सफल बनाने के लिए 8 जून से 14 जून तक गांव गांव में नुक्कड़ सभा,घर घर पर्चे वितरण एवं भू विस्थापितों को एकजुट करने के लिए विशेष अभियान चलाने का भी निर्णय लिया गया है।
किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रशांत झा ने कहा कि एसईसीएल के कुसमुंडा,गेवरा,दीपका,कोरबा सभी क्षेत्रों में छोटे खातेदारों को रोजगार देने,भू विस्थापितों के लंबित रोजगार,जमीन वापसी,पट्टा,बसावट एवं प्रभावित गांव की मूलभुत समस्याओं के निराकार के लिए जिला प्रशासन और एसईसीएल के अधिकारियों द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है, जिससे भू विस्थापितों के सब्र का बांध टूट चुका है। एसईसीएल के अधिकारियों का ध्यान केवल भू विस्थापितों के अधिकारों को छीन कर, आपस में लड़वाकर केवल कोयला उत्पादन को बढ़ाने और उच्च अधिकारियों को खुश करने की है, जिसमें जिला प्रशासन भी एसईसीएल के साथ खड़ी है प्रबंधन और प्रशासन पहले एकजुट था अब सभी क्षेत्रों के भू विस्थापित अपने अधिकार को लेने के लिए एकजुट हो रहे है। किसानों की जमीन का अधिग्रहण जिला प्रशासन द्वारा किया जाता है और उद्योगों को जमीन नियमों के पालन के तहत सौंपा जाता है, लेकिन उद्योग जमीन तो ले लेती है, लेकिन विस्थापित जमीन अधिग्रहण के बाद रोजगार और पुनर्वास के लिए भटकते हैं। जिला प्रशासन की विस्थापित किसानों के अधिकार को दिलाने के लिए भी सामने आना चाहिए।

किसान सभा नेता जवाहर सिंह कंवर, दीपक साहू, जय कौशिक,पवन यादव,अमरजीत कंवर आदि ने भू-विस्थापितों की समस्याओं के लिए जिला प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन दोनों को ही जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि कुसमुंडा में जमीन के बदले रोजगार की मांग को लेकर 1000 दिनों से धरना प्रदर्शन चल रहा है और समस्याओं की ओर कई बार प्रशासन और प्रबंधन का ध्यान आकर्षित किया गया है, लेकिन भू-विस्थापितों की समस्याओं के निराकरण के प्रति कोई भी गंभीर नहीं है।
कुसमुंडा में तहसीलदार की उपस्तिथि में दो माह पहले कलेक्टर स्तर पर बैठक कर समस्याओं के समाधान का आश्वाशन दिया गया लेकिन दो माह में जिला प्रशासन को कभी समय नहीं मिला।
भू-विस्थापित रोजगार एकता संघ के अध्यक्ष रेशम यादव, सचिव दामोदर श्याम ने कहा कि जिनकी जमीन एसईसीएल ने ली है, उन्हें बिना किसी शर्त के रोजगार दिया जाये क्योंकि जमीन ही उनके जीने का एकमात्र सहारा थी। आज भूविस्थापित भुखमरी के कगार पर खड़े है छोटे बड़े खातेदार के नाम पर किसानों को बांटने का काम बंद किया जाए। 15 जून को चारों क्षेत्र से पूरे परिवार सहित हजारों भू-विस्थापित कलेक्ट्रेट घेराव में शामिल होंगे।

छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में दो दिन में 9 करोड़ का गांजा पकड़ाया:लग्जरी कारों-बसों से हो रही तस्करी, रायगढ़, मनेंद्रगढ़ और सूरजपुर में कार्रवाई
रायगढ़/मनेंद्रगढ़, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में पिछले 2 दिनों में कुल 8 करोड़ 65 लाख रुपए का गांजा पकड़ा गया है। अलग-अलग जिलों में लग्जरी कारों और बसों के जरिए से इसकी तस्करी हो रही थी।
शुक्रवार को 2 अलग-अलग कार्रवाई में कारों से गांजा मिला। रायगढ़ जिले में करीब 300 किलो गांजा मिला, जिसकी कीमत 1 करोड़ 50 लाख रुपए है।

मनेंद्रगढ़ में 6 क्विंटल गांजा पकड़ा गया, जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ रुपए हैं। एक दिन पहले सूरजपुर जिले में पुलिस ने बस से 4.15 करोड़ के गांजे की गठरियां पकड़ी थीं। जिनका वजन 8 क्विंटल 30 किलो था।

रायगढ़ में 2 लग्जरी कारों से करीब 300 किलो गांजा बरामद हुआ।

मनेंद्रगढ़ में 6 क्विंटल गांजा पकड़ाया, जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ रुपए हैं।

सूरजपुर में बस में मिली थी गांजे की गठरियां।
केस 1- रायगढ़ में लग्जरी कारों में मिला गांजा
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार (5 जून) सुबह पुलिस को सूचना मिली कि, ओडिशा के सोनपुर इलाके से गांजे की बड़ी खेप 2 सफेद कारों में भरकर मध्यप्रदेश के अनूपपुर ले जाई जा रही है।
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने अलग-अलग रास्तों पर नाकेबंदी कर चेकिंग शुरू की। इसी दौरान कटकलिया मार्ग पर एक इनोवा क्रिस्टा और एक मारुति सुजुकी XL-6 को रोककर जांच की।
जांच के दौरान पुलिस ने देखा कि इनोवा क्रिस्टा में दो नंबर प्लेट लगी हुई थीं। गाड़ी में ओडिशा नंबर प्लेट OD-10-H-0050 के नीचे छत्तीसगढ़ नंबर CG-13-BY-6540 की दूसरी नंबर प्लेट लगी थी। इससे पुलिस को शक हुआ, जिसके बाद वाहन में सवार युवकों से पूछताछ शुरू की गई।
कार में मिला 300 किलो गांजा
इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के दोनों कारों की तलाशी ली। जांच के दौरान दोनों वाहनों से करीब 300 किलो गांजा मिला। जब्त गांजा की कीमत बाजार में लगभग 1 करोड़ 50 लाख रुपए है।
1 करोड़ 86 लाख की संपत्ति जब्त
पुलिस तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर थाने पहुंची। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गांजा की यह खेप मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में अपने साथियों तक पहुंचाने जा रहे थे।
इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने उनके पास से 300 किलो गांजा, दो कारें और पांच मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 1 करोड़ 86 लाख रुपए बताई जा रही है।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(b) और 29 के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल मामले की जांच और आगे की कार्रवाई जारी है।

रायगढ़ पुलिस ने कार सवार 3 तस्करों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों को किया गिरफ्तार
धर्मेंद्र मौर्य (27) निवासी अनूपपुर (मध्यप्रदेश)
निखिल कश्यप (23) निवासी रामानुजगंज
रिंकु कश्यप (28) निवासी सरगुजा
केस 2 – मनेंद्रगढ़ में 3 करोड़ का गांजा पकड़ाया
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के नागपुर चौकी क्षेत्र में पुलिस ने 2 कारों से करीब 6 क्विंटल गांजा जब्त किया है। जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ बताई जा रही है। पुलिस को देखते ही तस्कर गाड़ी छोड़कर भाग गए।
पुलिस गाड़ी नंबरों के आधार पर फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि गांजा किस स्थान से लाया जा रहा था और इसे कहां पहुंचाया जाना था।

सूरजपुर में बस में गांजा भरकर तस्करी हो रही थी।
केस 3 – सूरजपुर में बस से पकड़ाया 4 करोड़ का गांजा
सूरजपुर जिले में गुरुवार को पुलिस ने बस से 4.15 करोड़ का गांजा जब्त किया था। 8 क्विंटल 30 किलो गांजा कपड़ों की गठरियों में छिपाकर रखा गया था। बस के जरिए झाड़ू बेचने की आड़ में गांजा कटनी भेजा जा रहा था। बस में महिला और पुरुष सवार थे।
पुलिस ने ड्राइवर समेत 6 महिलाओं को गिरफ्तार किया है। महिलाओं के साथ 4 दुधमुंहे बच्चे भी थे। मामले में 18 से 19 अन्य आरोपी फरार हैं। उनकी तलाश के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें जुटी हुई हैं। मामला जयनगर थाना क्षेत्र का है।
ड्राइवर ने कहा कि किसी बाबू ने बस अंबिकापुर के कालीघाट से बुक की थी। सामान मध्य प्रदेश के कटनी जिले के पिपरिया कला ले जाया जा रहा था। कालीघाट से करीब 20-22 लोग बस में बैठे थे।
कोरबा
हर पौधा बनेगा एक स्मृति, हर वृक्ष रचेगा हरित विरासत की नई कहानीः सीईओ राजेश कुमार सिंह
बालकोनगर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बालको टाउनशिप में ‘स्मृति उद्यान’ का शुभारंभ किया। बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार सिंह ने फीता काटकर इसका उद्घाटन किया। इसके उपरांत 100 से अधिक प्रतिभागियों ने अमलतास के पौधे रोपे। इस अवसर पर बालको के वरिष्ठ अधिकारी, यूनियन के पदाधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में उनके परिवारजन उपस्थित रहे।

‘स्मृति उद्यान’ केवल एक पौधारोपण पहल नहीं है, बल्कि एक ऐसा भावनात्मक मंच है, जहां प्रत्येक पौधा उन प्रियजनों को समर्पित किया गया जिन्होंने जीवन को प्रेम, मार्गदर्शन और प्रेरणा से समृद्ध किया। वृक्ष केवल प्रकृति का उपहार नहीं हैं, बल्कि जीवन, आशा और निरंतरता के प्रतीक भी हैं। आज लगाया गया एक पौधा आने वाले वर्षों में छाया, स्वच्छ वायु और पर्यावरण संरक्षण का माध्यम बनेगा।

बालको के सीईओ एवं निदेशक राजेश कुमार सिंह ने कहा, “स्मृति उद्यान हमारे प्रियजनों की यादों को प्रकृति के माध्यम से सहेजने का एक अनूठा प्रयास है। यहाँ लगाया गया प्रत्येक पौधा अपने साथ एक व्यक्तिगत कहानी, एक भावना और एक स्मृति लेकर बढ़ेगा। आज रोपे गए अमलतास के पौधे स्मरण और प्रकृति के बीच एक स्थायी संबंध का प्रतीक हैं। यह पहल केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि जैव विविधता के संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित एवं सस्टेनेबल भविष्य के निर्माण की दिशा में हमारा दीर्घकालिक निवेश है।”
स्मृति उद्यान विश्व पर्यावरण दिवस से प्रारंभ हुआ एक दीर्घकालिक अभियान है, जो आने वाले वर्षों तक लोगों की भावनाओं और प्रकृति को जोड़ता रहेगा। भविष्य में भी कर्मचारी, उनके परिवारजन एवं समुदाय के सदस्य अपने जीवन के विशेष अवसरों जैसे जन्मदिन, विवाह वर्षगाँठ, किसी उपलब्धि का उत्सव अथवा किसी प्रियजन की स्मृति पर यहाँ आकर पौधारोपण कर सकेंगे। आने वाले वर्षों में यह उद्यान कई कहानियों, स्मृतियों और वृक्षों का जीवंत संग्रह बन जाएगा।
स्मृति उद्यान में औषधीय गुणों से भरपूर अमलतास के पौधे लगाए गए हैं, जो आने वाले वर्षों में अपने आकर्षक सुनहरे पीले पुष्पों से टाउनशिप की सुंदरता को और बढ़ाएंगे। यह न केवल प्राकृतिक सौंदर्य को बढ़ाता है, बल्कि मधुमक्खियों एवं तितलियों जैसे परागणकर्ताओं को आकर्षित कर जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह वृक्ष पर्यावरणीय स्थिरता एवं जलवायु अनुकूलन के लिए भी उपयोगी माना जाता है।
कार्यक्रम के दौरान पौधारोपण में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र तथा उनके घरों एवं आसपास लगाए गए पौधों की देखभाल को प्रोत्साहित करने के लिए जैविक खाद भी वितरित की गई।
स्मृति उद्यान के अलावा बीते तीन महीनों में बालको द्वारा टाउनशिप के विभिन्न हरित क्षेत्रों में लगभग 4,000 पौधों का रोपण किया गया है, जिनमें 2,000 बोगनवेलिया एवं 2,000 पेंसिलवेनिया के पौधे शामिल हैं। इस पहल ने टाउनशिप की हरियाली और सौंदर्य को और समृद्ध किया है। टाउनशिप में पहले से ही फॉरेस्ट वॉकवे, नेहरू गार्डन तथा अन्य प्रमुख हरित स्थल मौजूद हैं। बालको का यह सतत प्रयास पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और सामुदायिक सहभागिता को एक साथ जोड़ते हुए एक हरित एवं टिकाऊ भविष्य के निर्माण की दिशा’ में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
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