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छत्तीसगढ़

जशपुर में भूकंप के झटके, कांपी धरती…

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सुबह हिलने लगे पंखे और बर्तन, घरों से बाहर निकले लोग, 4.1 मांपी गई तीव्रता, कोई नुकसान नहीं

जशपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में गुरुवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। सुबह 7 बजकर 28 मिनट पर तेज आवाज के साथ धरती हिलने लगी। लोग घबराकर घरों ने बाहर निकल आए। 3 से 4 सेकेंड तक झटके महसूस किए गए। फिलहाल, किसी नुकसान की खबर नहीं है।

जानकारी के मुताबिक भूकंप का सेंटर जशपुर का बगीचा नगर था। रिक्टर स्केल पर जिसकी तीव्रता 4.1 मांपी गई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि, झटका इतनी तेज आवाज के साथ आया कि पहले लगा कोई विस्फोट हुआ है। कुछ सेकेंड दीवारें और छतें थरथराने लगीं।

देखिए ये तस्वीरें…

जशपुर में सुबह 7 बजकर 28 मिनट पर तेज आवाज के साथ हल्के झटके महसूस किए गए।

जशपुर में सुबह 7 बजकर 28 मिनट पर तेज आवाज के साथ हल्के झटके महसूस किए गए।

3 से 4 सेकेंड तक झटके महसूस किए गए। फिलहाल, किसी नुकसान की खबर नहीं है।

3 से 4 सेकेंड तक झटके महसूस किए गए। फिलहाल, किसी नुकसान की खबर नहीं है।

8 महीने पहले बस्तर में भी भूंकप आया था। यह तस्वीरें छत्तीसगढ़ से लगे तेलंगाना के मुलुगु जिले का है।

8 महीने पहले बस्तर में भी भूंकप आया था। यह तस्वीरें छत्तीसगढ़ से लगे तेलंगाना के मुलुगु जिले का है।

हिलने लगे पंखे और बर्तन

कई घरों में पंखे, बर्तन और दीवारों पर टंगे सामान हिलने लगे। 3 से 4 सेकेंड बाद ही स्थिति सामान्य हो गई। हालांकि, प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए हैं। जिले में किसी प्रकार की आपात स्थिति घोषित नहीं की गई है।

भूकंप के झटके सिर्फ बगीचा क्षेत्र तक ही सीमित नहीं थे। जिले के अन्य हिस्सों में भी झटके महसूस किए गए हैं। इसे लेकर प्रशासन की ओर से भौगोलिक सर्वेक्षण और जानकारी एकत्र करने की प्रक्रिया जारी है।

8 महीने पहले बस्तर में आया था भूकंप

बता दें कि, 8 महीने पहले नक्सल प्रभावित इलाके बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। भूकंप का केंद्र तेलंगाना का मुलुगु जिला था, लेकिन झटके महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में भी महसूस किए गए थे। 5.3 की तीव्रता का भूकंप आया था। जिसका केंद्र जमीन से 40 किलोमीटर की गहराई पर था।

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छत्तीसगढ़

बीजापुर : नक्सल मुक्त बीजापुर अब विकसित बीजापुर की ओर बढ़ रहा

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कैबिनेट मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रेस-वार्ता में कहा— सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याणकारी योजनाओं से बदलेगी जिले की तस्वीर, सरकार समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध

बीजापुर। दो दिवसीय प्रवास पर बीजापुर पहुंचीं  महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने शनिवार को सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस-वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि नक्सल मुक्त बीजापुर अब विकसित बीजापुर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य एवं केंद्र सरकार के समन्वित प्रयासों से अब जिले में विकास का नया दौर शुरू हो चुका है और शासन की सभी महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बीजापुर वासियों को दी बधाई

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने जिलेवासियों को सशस्त्र माओवाद से मुक्ति के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह पूरे बस्तर अंचल और देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृढ़ संकल्प और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में माओवाद के विरुद्ध चलाए गए अभियान को बड़ी सफलता मिली है। अब बीजापुर सहित बस्तर संभाग शांति, सुरक्षा और विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है।

अब विकास की रफ्तार होगी और तेज

प्रेस-वार्ता में मंत्री ने कहा कि वर्षों तक माओवादी गतिविधियों के कारण जिले के कई अंदरूनी क्षेत्रों तक विकास कार्य पूरी गति से नहीं पहुंच पाए थे। अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं और शासन-प्रशासन पूरी क्षमता एवं प्रतिबद्धता के साथ उन क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करेगा। उन्होंने कहा कि सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी, संचार और अन्य आवश्यक सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जाएगा, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।

हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचेगी शासन की योजनाएं

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल अधोसंरचना का विकास नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र हितग्राही तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना भी है। महिला सशक्तिकरण, बाल विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का व्यापक क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन की व्यक्ति-मूलक योजनाओं से जिले के अंतिम व्यक्ति को जोड़कर समावेशी विकास का मॉडल तैयार किया जाएगा, जिससे हर परिवार विकास की मुख्यधारा का हिस्सा बन सके।

शांति और विकास साथ-साथ चलेंगे

मंत्री ने कहा कि शांति और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। अब जब बीजापुर में शांति का वातावरण स्थापित हुआ है, तो इसका सबसे बड़ा लाभ आम नागरिकों को मिलेगा। युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों को और गति मिलेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों का दायरा लगातार बढ़ेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शासन, प्रशासन और जनता के संयुक्त प्रयासों से बीजापुर आने वाले समय में विकास, सुशासन और जनकल्याण का एक नया उदाहरण बनेगा। सरकार जिले के समग्र एवं संतुलित विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता और गंभीरता के साथ कार्य कर रही है।

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छत्तीसगढ़

नारायणपुर : पुनर्वासित युवाओं से मिले उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप

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गांवों के विकास में सहभागी बनने का किया आह्वान, सिंचाई व्यवस्था के दिए निर्देश

पुनर्वासित युवाओं से मिले उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप

नारायणपुर। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा  नारायणपुर प्रवास के दौरान पुनर्वास केंद्र पहुंचकर हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा से जुड़े युवाओं से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान वन एवं पर्यावरण मंत्री केदार कश्यप भी मौजूद रहे। दोनों मंत्रियों ने युवाओं से पुनर्वास केंद्र में मिल रही सुविधाओं, प्रशिक्षण और रोजगार की संभावनाओं पर चर्चा की और उन्हें विकास की मुख्यधारा में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

पुनर्वासित युवाओं से मिले उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप

दस्तावेज और सुविधाओं की ली जानकारी  

        उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने युवाओं से आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, बैंक खाते सहित अन्य जरूरी दस्तावेजों और शासकीय सुविधाओं की उपलब्धता के बारे में पूछा। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य हर पुनर्वासित युवक-युवती को सम्मानजनक जीवन और आत्मनिर्भर बनने के लिए सभी सुविधाएं देना है।

पुनर्वासित युवाओं से मिले उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप

पूर्व साथियों को प्रेरित करने की अपील  

         गृह मंत्री श्री शर्मा ने युवाओं से कहा कि वे जेल में बंद अपने पूर्व साथियों से मिलकर उन्हें भी पुनर्वास योजना का लाभ लेने और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि विकास और शांति का रास्ता ही बस्तर के उज्ज्वल भविष्य का आधार है।

पुनर्वासित युवाओं से मिले उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप

कौशल विकास की सराहना, सिंचाई के निर्देश  

         उप मुख्यमंत्री ने केंद्र में चल रहे कौशल विकास प्रशिक्षण की जानकारी ली। महिलाओं द्वारा मोटर वाहन ड्राइविंग का प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में दिखाई जा रही भागीदारी की सराहना की। 

सर्वे कराकर खेतों में सिंचाई की समुचित व्यवस्था कराएं

        चर्चा के दौरान युवाओं ने खेतों में सिंचाई के लिए बोर की जरूरत बताई। इस पर श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहीदों के परिवारों और पुनर्वासित युवाओं का सर्वे कराकर उनके खेतों में सिंचाई की समुचित व्यवस्था की जाए, ताकि वे खेती से स्थायी आजीविका कमा सकें।

पेसा अधिनियम को और सशक्त बना रही सरकार  

       उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पेसा अधिनियम को और प्रभावी बनाने का काम लगातार हो रहा है। बस्तर के जनप्रतिनिधि आदिवासी समाज से हैं और क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने युवाओं से सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं से सावधान रहने को कहा। साथ ही शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सहभागी बनने का आह्वान किया।

बस्तर को शांति-विकास की नई दिशा देने का समय: केदार कश्यप  

            वन एवं पर्यावरण मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम से लेकर बस्तर के निर्माण तक आदिवासी समाज का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। अब समय बस्तर को शांति, विकास और समृद्धि की नई दिशा देने का है। हिंसा छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ने वाले युवाओं ने इस बदलाव की शुरुआत कर दी है। अब सभी को मिलकर क्षेत्र और समाज के समग्र विकास के लिए काम करना चाहिए।

            इस मौके पर पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी., कलेक्टर कांकेर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, पुलिस अधीक्षक नारायणपुर रॉबिन्सन गुरिया सहित जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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छत्तीसगढ़

कांकेर : किसकोड़ो, जहां कभी लगती थी नक्सलियों की चौपाल, वहीं उप मुख्यमंत्री शर्मा ने लगाई जनचौपाल

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उप मुख्यमंत्री शर्मा पहुंचे नक्सलियों की मांद कहलाने वाले ग्राम किसकोड़ो, ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर सुनी समस्याएं

आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा किसकोड़ो – उप मुख्यमंत्री शर्मा

किसकोड़ो, जहां कभी लगती थी नक्सलियों की चौपाल, वहीं उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने लगाई जनचौपाल

कांकेर। कभी नक्सल संगठन का मजबूत गढ़ और बस्तर में नक्सलियों की मांद कहे जाने वाले उत्तर बस्तर कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम किसकोड़ो में शुक्रवार 26 जून को ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। जिस स्थान पर कभी नक्सलियों की चौपाल लगती थी, वहीं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने देर शाम को ग्रामीणों के बीच जनचौपाल लगाकर उनकी समस्याएं सुनीं। वर्षों तक भय और हिंसा का दंश झेल रहा यह गांव अब लोकतंत्र, विकास और विश्वास की नई इबारत लिख रहा है।

किसकोड़ो, जहां कभी लगती थी नक्सलियों की चौपाल, वहीं उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने लगाई जनचौपाल

       गांव पहुंचने पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का ग्रामीणों ने आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर संवाद किया और एक-एक व्यक्ति की समस्याएं, मांग एवं सुझाव गंभीरता से सुनी। इस दौरान ग्राम किसकोड़ो सहित आसपास की आठ पंचायतों के सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

किसकोड़ो, जहां कभी लगती थी नक्सलियों की चौपाल, वहीं उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने लगाई जनचौपाल

       ग्रामीणों ने बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं, विद्युत व्यवस्था, बंडापाल में सब-स्टेशन निर्माण, खाद भंडारण केंद्र, स्कूल की बाउंड्रीवाल तथा मातला मार्ग पर पाइप पुलिया निर्माण जैसी अनेक मांगें रखीं। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश देते हुए अस्पताल तक मरीजों के आवागमन के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध कराने तथा विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसकोड़ो को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा और विकास कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। यहां पहुंचे ग्रामीणों में अपने क्षेत्र के विकास के लिए उत्साह देखकर उप मुख्यमंत्री ने कहा वर्षों तक डर के साए में रहने के बाद जल्द से जल्द विकास करने की जो ललक आज ग्रामीणों में दिख रही है वह अविश्वसनीय है।

        उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2025 तक किसकोड़ो एरिया कमेटी नक्सली गतिविधियों का प्रमुख केंद्र थी, जिसे अब नक्सलवाद से मुक्त घोषित किया जा चुका है। हाल ही में गांव में पेयजल संकट दूर करने के लिए बोर खनन कराया गया है, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली है। प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किसकोड़ो का निरीक्षण भी किया।

        जनचौपाल में ग्रामीणों ने भावुक होकर कहा कि पहले यहां नक्सलियों की चौपाल लगती थी, आज पहली बार शासन के उप मुख्यमंत्री की चौपाल लगी है। यह किसी सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने बताया कि पहले शाम ढलते ही लोग घरों से बाहर निकलने से डरते थे। बच्चों को जबरन नक्सली संगठन में शामिल करने का प्रयास किया जाता था और सरकारी कर्मचारी भी यहां पदस्थापना होने के बावजूद कार्यभार ग्रहण करने से कतराते थे। आज वही गांव विकास, सुरक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास के साथ नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से कहा कि कभी भय और बंदूक की पहचान रखने वाला किसकोड़ो अब विकास, विश्वास और लोकतंत्र का नया प्रतीक बनकर उभर रहा है। यहां गूंज रहे “भारत माता की जय” के उद्घोष इस बदलते बस्तर की नई तस्वीर प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों को जैविक कृषि के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि बेहतर प्रशिक्षण के साथ उनका सर्टिफिकेशन करने की भी आवश्यकता है, आसपास की सभी पंचायतों को मिलाकर ब्रांडिंग का कार्य किया जाए। उन्होंने लघु वनोपज प्रसंस्करण के लिए व्यवस्था निर्माण के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर कलेक्टर कांकेर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, एएसपी आकाश श्रीश्रीमाल, जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी, एडीएम एएस पैकरा, एसडीएम अंतागढ़ राहुल रजक सहित अन्य अधिकारीगण और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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