कटघोरा
प्यासे बच्चों के भरोसे नहीं चल सकती शिक्षा व्यवस्था : राजेश यादव
विद्यालय खुलने से पहले सलिहापारा स्कूल का बोरवेल सुधारने की मांग, प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप का आग्रह
कोरबा/कटघोरा। शिक्षा को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला माना जाता है, किंतु जब विद्यालयों में बच्चों को पीने का स्वच्छ पानी तक उपलब्ध न हो, तब व्यवस्था की संवेदनशीलता पर गंभीर प्रश्न खड़े होना स्वाभाविक है। कटघोरा विकासखंड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला सलिहापारा इन दिनों भीषण पेयजल संकट से जूझ रही है। विद्यालय परिसर में स्थापित बोरवेल लंबे समय से खराब पड़ा हुआ है, जिससे विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों, शिक्षकों तथा मध्यान्ह भोजन संचालन से जुड़े कर्मचारियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

16 जून से नए शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ होने जा रहा है। ऐसे समय में विद्यालय की सबसे बुनियादी आवश्यकता—पेयजल—का अभाव चिंता और दुर्भाग्य दोनों का विषय है। यदि समय रहते बोरवेल की मरम्मत नहीं कराई गई तो विद्यालय खुलते ही नन्हे विद्यार्थियों को पानी के लिए भटकना पड़ेगा तथा मध्यान्ह भोजन योजना भी प्रभावित होगी।

भाजपा झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ के प्रदेश सह संयोजक राजेश यादव ने इस गंभीर समस्या को लेकर जिला कलेक्टर कोरबा को पत्र प्रेषित कर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। विद्यालयों में पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता।

राजेश यादव ने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के विस्तार और गुणवत्ता सुधार के लिए निरंतर प्रयास कर रही है, किंतु जमीनी स्तर पर मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी उन प्रयासों की सार्थकता को प्रभावित करती है। शिक्षा का दीप तभी प्रज्वलित होगा जब विद्यालयों में बच्चों की आवश्यकताओं का समुचित ध्यान रखा जाएगा।
वार्ड पंच श्रीमती संतोषी बाई सिदार, पालकों एवं ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मांग की है कि विद्यालय खुलने से पूर्व खराब पड़े बोरवेल की तत्काल मरम्मत कराई जाए, ताकि बच्चों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके और मध्यान्ह भोजन व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।
राजेश यादव ने जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग एवं पीएचई विभाग से संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अविलंब कार्रवाई करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य से जुड़ी समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। विद्यालय में पेयजल व्यवस्था बहाल करना केवल एक प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के प्रति हमारी सामाजिक जिम्मेदारी भी है।

कटघोरा
टोल प्लाजा की अव्यवस्था के खिलाफ युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, स्थानीय वाहनों को टोल मुक्त करने की मांग
संवाददाता साबीर अंसारी
कोरबा। जिले में संचालित राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के टोल प्लाजा को लेकर बढ़ते जनाक्रोश के बीच युवा कांग्रेस ने स्थानीय नागरिकों और CG-12 पासिंग घरेलू वाहनों को टोल शुल्क से मुक्त करने की मांग उठाई है। युवा कांग्रेस जिला महासचिव मधुसूदन दास के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने NHAI अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए टोल प्लाजा की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। साथ ही मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी गई।
ज्ञापन में कहा गया कि चोटिया, मदनपुर, बगदेवा और कोथारी टोल प्लाजा में स्थानीय लोगों से बार-बार टोल वसूला जा रहा है, जिससे किसानों, व्यापारियों और रोजाना आवागमन करने वाले आम नागरिकों को आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। युवा कांग्रेस ने मांग की कि CG-12 पासिंग घरेलू वाहनों और स्थानीय निवासियों को टोल शुल्क से पूर्णतः मुक्त किया जाए।

युवा कांग्रेस ने आरोप लगाया कि टोल प्लाजा पर यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार, अभद्र भाषा का प्रयोग और मनमानी आम बात हो गई है। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं के लिए टोल प्रबंधन की लापरवाही को जिम्मेदार बताते हुए संबंधित टोल कंपनी और प्रबंधक के खिलाफ अपराध दर्ज करने की मांग भी की गई।
मधुसूदन दास ने कहा कि वाहन खरीदते समय सरकार रोड टैक्स लेती है, इसके बावजूद घरेलू उपयोग के वाहनों से बार-बार टोल वसूली उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि टोल प्लाजा पर सड़क प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि टोल कर्मचारियों की मिलीभगत से ओवरलोड राखड़ वाहनों का अवैध संचालन हो रहा है तथा टोल के आसपास अवैध पार्किंग के कारण यातायात बाधित होने के साथ सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ रहा है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई।

इस दौरान एनएसयूआई जिलाध्यक्ष मनमोहन राठौर और दीपक वर्मा ने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो युवा कांग्रेस सड़क पर उतरकर व्यापक आंदोलन करेगी, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान असंगठित कांग्रेस जिलाध्यक्ष बबलू मारवा, जिला सचिव धनंजय राठौर, अदनान मेमन, प्रमोद काकरे, यशवर्धन, साहिल सहित युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कटघोरा
कटघोरा रेंज में 46 हाथियों का डेरा:2 झुंड से अलग, किसानों की सब्जी फसलों को पहुंचाया नुकसान, घर भी तोड़े
कोरबा/कटघोरा। कटघोरा वनमंडल के कटघोरा वनपरिक्षेत्र में 46 हाथियों का एक बड़ा दल सक्रिय है, जिससे आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। रविवार सुबह यह दल धोबघट क्षेत्र से आगे बढ़कर अब बासीन की ओर विचरण कर रहा है। इस बीच, झुंड से बिछड़े दो हाथी जड़गा रेंज में अलग से डेरा डाले हुए हैं।

दो दिन पहले, इसी क्षेत्र के ग्राम पटेलपारा और धोबघट में चार हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया था। हाथियों ने किसानों की सब्जी फसलों को नुकसान पहुंचाया, घरों में रखे धान को नष्ट कर दिया और तीन ग्रामीणों के मकानों को भी तोड़ दिया था।
इन घटनाओं के बाद से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। लोग अपनी जान-माल की सुरक्षा के लिए रात-रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं। क्षेत्र में लगातार हाथियों की मौजूदगी से खतरा बढ़ गया है।

वन विभाग की निगरानी और ग्रामीणों में नाराजगी
वन विभाग की ओर से लगातार हाथियों की निगरानी की जा रही है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। विभाग का दावा है कि “हाथी मित्र दल” सक्रिय रूप से स्थिति पर नजर बनाए हुए है। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग हाथियों को क्षेत्र से खदेड़ने में अब तक सफल नहीं हो पाया है।
कटघोरा रेंज में 46 हाथियों का डेरा, दो पर विशेष नजर
कटघोरा डीएफओ निशांत कुमार ने बताया कि झुंड से अलग हुए दो हाथियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। वन विभाग की टीम लगातार आसपास के गांवों में मुनादी कर ग्रामीणों को हाथियों के पास जाने से मना कर रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। यह 46 हाथियों का दल पिछले कई महीनों से कटघोरा रेंज में डेरा डाले हुए है।

कटघोरा
10वीं बोर्ड में छात्र ऋतू राज यादव ने लहराया परचम
कोरबा/कटघोरा। आत्मानंद विद्यालय के होनहार छात्र ऋतू राज यादव ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 79% अंकों के साथ प्रवीणता प्राप्त कर शानदार सफलता हासिल की। यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत, अटूट लगन, अनुशासन एवं समर्पण का परिणाम है। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

इस उपलब्धि का श्रेय उन्होंने अपने माता-पिता, गुरुजनों, नाना-नानी, मामा कोमल, प्रियंका छाबड़ा, मौसी निशु एवं अपने मित्रों को दिया, जिनके सहयोग और मार्गदर्शन से वे इस मुकाम तक पहुँचे। यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। शिक्षकों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं कि वे आगे भी इसी तरह सफलता की नई ऊँचाइयाँ छूते रहें।

-
Uncategorized9 months agoसुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
-
कोरबा3 years agoकटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
-
कोरबा2 years agoग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
-
कोरबा2 years agoकुसमुंडा खदान में डंपर पलट कर लगी आग, सरकारी गाड़ी में कोयला और डीजल चोर सवार थे, जलने से दोनों गंभीर
-
कोरबा2 years agoश्रीमती स्वाति दुबे का निधन
-
छत्तीसगढ़2 years agoबिलासपुर में अपोलो अस्पताल के 4 सीनियर डॉक्टर अरेस्ट
-
कोरबा3 years agoकटघोरा जनपद की 25 करोड़ की जमीन उनके करीबी कांग्रेसियों की 25 लाख में कैसे हो गई?
-
कोरबा3 years agoदर्री में 1320 मेगावाट विद्युत परियोजना के लिए नई सरकार गठन के बाद होगी पर्यावरणीय जनसुनवाई
