Connect with us

कोरबा

युक्तियुक्तकरण के बाद भी जिले के 90 स्कूल रह गए एकल शिक्षक, कलेक्टर ने कहा – सूची शासन को भेजेंगे

Published

on

शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के सम्बंध में कलेक्टर ने ली प्रेस वार्ता
युक्तियुक्तकरण की कार्रवाही से किसी भी शाला या शिक्षक का पद नहीं हो रहा समाप्त
प्रकिया से दूरस्थ क्षेत्रों के प्राथमिक शालाओं में पहली बार दो शिक्षकों की हुई व्यवस्था
सभी मीडिल स्कूलों में न्यूनतम 3 शिक्षकों की उपलब्धता हुई सुनिश्चित
जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग द्वारा अतिशेष शिक्षकों की कॉउंसलिंग में की गई पूर्ण सहायता
जिले में युक्तियुक्त करण की प्रकिया पूर्ण पारदर्शिता के साथ पूर्ण – कलेक्टर

कोरबा। कोरबा जिले में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया लगभग पूर्ण हो गई। युक्तियुक्तकरण के बाद भी जिले के 90 विद्यालय एकल शिक्षक ही रह गए। कलेक्टर अजीत वसंत ने बताया कि इन 90 विद्यालयों में सेटअप के आधार पर 2-2 शिक्षकों की नियुक्ति के लिए प्रशासन को प्रसताव भेजा जाएगा, तब तक डीएमएफ से एकल शिक्षकीय विद्यालयों में 90 शिक्षकों की नियुक्ति जिला स्तर पर किया जाएगा। शासन स्तर पर आगामी सत्र से पूर्व 5 हजार शिक्षकों की भर्ती होनी है।


कलेक्टर अजीत वसंत ने आज जिले में संपन्न हुए शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के सम्बंध में जानकारी देने हेतु प्रेस वार्ता ली। उन्होंने सभी पत्रकारों को अवगत कराते हुए बताया कि जिले में शालाओं और शिक्षकों का युक्तियुक्त करण की प्रकिया पूर्ण पारदर्शिता के साथ सम्पन्न हुआ है। प्रक्रिया से जिले के पाली, पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के दूरस्थ क्षेत्रों के अनेक प्राथमिक शालाओं में पहली बार दो शिक्षकों की व्यवस्था हुई है एवं जिले में कोई भी शाला शिक्षकविहीन नहीं रह गया है। जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों में न्यूनतम 3 शिक्षकों की पदस्थापना सुनिश्चित की गई है। उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में विषयवार व्याख्याताओं की व्यवस्था हुई है। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में कलेक्टर ने बताया कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और समावेशी बनाने के लिए शालाओं और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। प्रक्रिया से छात्र शिक्षक अनुपात में कोई बदलाव नहीं आया है। साथ ही किसी शिक्षक की सेवा या पद की समाप्ति नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि जिले के एक ही परिसर में संचालित विभिन्न स्तर के शालाओं के समायोजन के उपरांत प्राथमिक शाला के 287 सहायक शिक्षक व 14 प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक शाला के 147 शिक्षक, 04 प्रधान पाठक 75 व्याख्याता अतिशेष रहे। जिनकी विभिन्न चरणों में आयोजित कॉउंसलिंग के माध्यम से नई पदस्थापना की गई है। कॉउंसलिंग हेतु राज्य शासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन किया गया है। इस हेतु सर्वप्रथम 60 वर्ष से अधिक आयु के शिक्षक, महिला, सीएससी, शिक्षक संघ के पदाधिकारी एवं शिक्षक को क्रमानुसार वरीयता अनुसार काउंसलिंग की गई। कॉउंसलिंग में दूरस्थ क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षक व्यवस्था हेतु प्राथमिकता दी गई है।


कलेक्टर ने बताया कि युक्तियुक्तकरण की प्रकिया में जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा सभी अतिशेष शिक्षकों को पूर्ण सहयोग प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में अतिशेष शिक्षकों की कमी के कारण वर्तमान में केवल 90 प्राथमिक शाला एकलशिक्षकीय रह गए हैं, जिनकी सूची विभाग द्वारा शासन को भेजी जा रही है। जिससे शासन द्वारा इन विद्यालयों में निर्धारित माप दंड अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ से इन एकलशिक्षकीय विद्यालय में शाला प्रारम्भ होने के साथ ही अतिथि शिक्षक की व्यवस्था की जाएगी।
इस दौरान कलेक्टर ने युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के सम्बंध में सामने आने वाली सभी भ्रांतियों एवं अफवाहों पर प्रशासन का पक्ष रखते हुए सभी पत्रकारों की जिज्ञासाओं एवं समस्याओं का समाधान किया। इस अवसर पर जिला पंचायत के सीईओ दिनेश नाग, जिला शिक्षा अधिकारी टी पी उपाध्याय, कोरबा प्रेस क्लब के अध्यक्ष राजेन्द्र जायसवाल सहित विभिन्न प्रिंट , इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया एजेंसी के ब्यूरोचीफ, वरिष्ठ पत्रकार व प्रतिनिधि उपस्थित थे।
कोरबा में कोई भी शिक्षक संघ मान्यता प्राप्त नहीं
जिला शिक्षाधिकारी टी पी उपाध्याय ने बताया कि युक्तियुक्तकरण में मान्यता प्राप्त शिक्षक संघ के पदाधिकारियों को प्राथमिकता देने का निर्देश शासन से प्राप्त हुआ था, लेकिन युक्तियुक्तकरण में शिक्षक संघ के पदाधिकारियों को लाभ नहीं मिला, कारण कोरबा में कोई भी शिक्षक संघ शासन स्तर से मान्यता प्राप्त नहीं हैं।
कई अतिशेष व्याख्याता जाएंगे दूसरे जिले
हायर सेकेण्डरी स्कूलों में युक्तियुक्तकरण के बाद कामर्स, जीव विज्ञान के कई व्याख्याता अतिशेष रह गए हैं, जिनकी काऊंसिलिंग संभाग स्तर पर होगी। कलेक्टर ने बताया कि विषय विशेषज्ञ व्याख्याताओं को जिले में रखने का भरसक प्रयास किया गया, लेकिन सेटअप के आधार पर अभी भी कई व्याख्याता अतिशेष रह गए हैं, जिन्हें संभाग स्तर पर होने वाली काऊंसिलिंग में नई पदस्थापना मिलेगी।
5 कक्षाओं के लिए 2 शिक्षकों का सेटअप, कैसे बढ़ेगी शिक्षा की गुणवत्ता
छत्तीसगढ़ सरकार राज्य बनने के बाद से ही शिक्षा में पर्याप्त बजट नहीं रख रही है, जिसके कारण छत्तीसगढ़ से विद्यार्थी बेहतर शिक्षा के लिए अन्य राज्यों की ओर रूख करते हैं। राज्य स्थापना के 27 साल बाद भी सेटअप जस का तस बना हुआ है। प्राथमिक स्कूलों में कक्षा पहली से पांचवीं तक 5 कक्षाओं को 2 शिक्षक ही पढ़ा रहे हैं। युक्तियुक्तकरण के बाद जिले में ही 90 स्कूल एकल शिक्षकीय बने रहेंगे। पूरे प्रदेश में इसी तरह के हालात बने हुए हैं। इसके पूर्व प्रदेश में 1 हजार से भी अधिक स्कूलों में एकल शिक्षक 5 कक्षाओं को संभाल रहे थे। इस तरह के सेटअप से राज्य की शिक्षा व्यवस्था कैसी होगी? समक्ष सकते हैं।
भूपेश सरकार ने 32 हजार शिक्षकों की भर्ती का वादा किया, लेकिन ठगे रह गया युवा वर्ग
सुशासन को भी डेढ़ साल बीते, लेकिन इंतजार जारी है

चुनाव से पूर्व कांग्रेस की भूपेश सरकार ने 32 हजार शिक्षकों की भर्ती का वादा किया था, लेकिन पांच साल में कई युवाओं की उम्र ही निकल गई, लेकिन एक भी भर्ती नहीं हुई और युवा वर्ग ठगा सा रह गया। आज भी प्रदेश में डीएलएड, बीएड, एमएड लाखों की संख्या में बेरोजगार घूम रहे हैं और विष्णु के सुशासन के डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी शिक्षकों की भर्ती नहीं हुई। डेढ़ साल बाद विष्णुदेव साय युवा वर्ग को भरोसा दिला रहे हैं कि किश्तों में 32 हजार शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। इस सत्र से पहले 5 हजार शिक्षकों की भर्ती करने की घोषणा मुख्यमंत्री ने की है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

हरदीबाजार अस्पताल के स्थानांतरण पर ग्रामीणों का भारी आक्रोश, मुआवजा विसंगति, रोजगार और बसाहट की मांग पूरी होने तक स्थानांतरण का उग्र विरोध

Published

on

कोरबा/हरदीबाजार। एसईसीएल (SECL) दीपका एरिया परियोजना के विस्तार को लेकर हरदीबाजार स्थित सरकारी स्वास्थ्य केंद्र (हॉस्पिटल) के स्थानांतरण की कवायद के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों भू-विस्थापितों और जनप्रतिनिधियों का जबरदस्त आक्रोश एवं उग्र विरोध सामने आया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मूल संवैधानिक और मौलिक मांगों का त्वरित निराकरण नहीं किया जाता, तब तक अस्पताल का स्थानांतरण किसी भी स्थिति में नहीं होने दिया जाएगा, यदि प्रशासन ने जबरन अस्पताल हटाने का प्रयास किया तो ग्रामीणों को उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा ।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आज हरदीबाजार तहसील कार्यालय में अनुविभागीय अधिकारी (SDM) पाली रोहित सिंह एवं तहसीलदार अमित क्रेकेटा की मौजूदगी में एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में हरदीबाजार पंचायत के सरपंच, उप-सरपंच, जनपद सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे ।

मुआवजा पत्रक में भारी गड़बड़ी व गुमराह करने का आरोप

बैठक में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने दीपका एरिया प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नापी-सर्वे के उपरांत एसईसीएल द्वारा तैयार किए गए मुआवजा पत्रक में 40% घाटा-बढ़ा दर्शाकर किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि नियम-कानून में इस तरह के 40%-60% के नियम का कहीं कोई उल्लेख नहीं है। एसईसीएल प्रबंधन किसानों को गुमराह कर ऐसा पत्रक बना रहा है, जिससे उन्हें उनकी जमीन का वास्तविक लागत मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। वर्षों से निवास कर रहे मूल किसानों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है ।

केंद्रीय कोयला मंत्री के कड़े निर्देशों की याद दिलाई

ग्रामीणों ने प्रशासन को अवगत कराया कि हाल ही में कटघोरा विधायक के नेतृत्व में विस्थापितों के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय कोयला मंत्री से मुलाकात कर क्षेत्र की जमीनी परिस्थितियों और समस्याओं को साझा किया था, इस पर कोयला मंत्री ने एसईसीएल बिलासपुर मुख्यालय (HQ) को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी किसान के अधिकारों का हनन या उनके साथ कोई छेड़छाड़ न की जाए, इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर प्रबंधन तानाशाही रवैया अपना रहा है ।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

  1. मुआवजा विसंगति का समाधान:- मुआवजा पत्रक में की गई 40% की विसंगति को तत्काल सुधारकर किसानों को उनकी भूमि का उचित व वास्तविक मूल्य प्रदान किया जाए ।
  2. शीघ्र रोजगार की उपलब्धता:- भूमि अधिग्रहण के एवज में जितने भी पात्र किसान/विस्थापित हैं उन्हें अविलंब और तत्काल प्रभाव से रोजगार उपलब्ध कराया जाए ।
  3. बसाहट कार्य में तेजी:- विस्थापितों के लिए नए बसाहट स्थल पर जारी निर्माण व विकास कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए इसमें तेजी लाने की मांग की गई ।
  4. स्वास्थ्य सुविधा सुरक्षा:- जब तक सभी मौलिक व विधिक अधिकारों की बहाली नहीं होती अस्पताल को यथावत रहने दिया जाए ।

शासन-प्रशासन आगे आकर निकाले समाधान

ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों का कहना है कि वे विकास और खदान विस्तार के विरोधी नहीं हैं, लेकिन किसानों का नुकसान करके विस्तार स्वीकार्य नहीं है। एसईसीएल प्रबंधन और शासन-प्रशासन को आगे आकर किसानों की इन जायज और मूल समस्याओं का न्यायसंगत समाधान निकालना चाहिए, ताकि विस्थापितों के अधिकारों की रक्षा भी हो सके और कोयला खदान का विस्तार भी सुचारू रूप से संचालित हो सके ।

Continue Reading

कोरबा

पुष्पलता उद्यान से आगे ब्लू बर्ड स्कूल रोड पर पौधरोपण

Published

on

कोरबा। एक पेड़ मां के नाम अभियान से सोमवार को कोसाबाड़ी जोन में पुष्पलता उद्यान से आगे ब्लू बर्ड स्कूल मुख्य मार्ग किनारे पौधारोपण किया गया। नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे और पौधे लगाए। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए हरित कोरबा के संकल्प को आगे बढ़ाया। जिला प्रशासन और नगर निगम कोरबा इसे वन विभाग के सहयोग से करा रहे हैं। कार्यक्रम में उद्यान अधीक्षक आनंद राठौर, संतोष यादव, मनमोहन, गोपी, कार्तिक राम, पूरन, अमर सिंह, फिरतू, किरित राम यादव, सांताराम, गंगाराम, केसर समेत अन्य शामिल हुए।

Continue Reading

कोरबा

रोड, पीडीएस गोदाम, पुलिया निर्माण कार्य का लोकार्पण

Published

on

कोरबा/कटघोरा। कटघोरा की ग्राम पंचायत देवगांव में विधायक प्रेमचंद पटेल ने 68 लाख 76 हजार रुपए की लागत से बने विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इसमें 15 लाख रुपए की लागत से बनने वाली सीसी रोड भी शामिल है।

लोकार्पित कार्यों में सीसी रोड निर्माण 10.40 लाख रुपए, सीसी रोड निर्माण 14 लाख रुपए, पीडीएस गोदाम निर्माण 12.68 लाख रुपए, पुलिया निर्माण 12 लाख रुपए, आंगनबाड़ी भवन क्रमांक-3 का निर्माण 11.68 लाख रुपए, मंच निर्माण विधायक निधि से 3 लाख रुपए, सीसी रोड निर्माण 4 लाख रुपए, भूमिपूजन राशि 15 लाख रुपए शामिल है। विधायक पटेल ने कहा कि इन कार्यों से गांव में आवाजाही होगी। जरूरी जनसुविधाओं का लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में युवा आयोग के पूर्व सदस्य रघुराज सिंह उइके, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि रवि रजक, जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि गोविंद सिंह कंवर, विधायक प्रतिनिधि बैसाखू यादव, सरपंच हेमलता नेटी, उपसरपंच इंद्र सिंह राज मौजूद रहे।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677