देश
मुंबई के फेमस बेकरी ब्रांड Theobroma के पनीर रोल में दिखा कॉकरोच
ग्राहकों में भारी गुस्सा, हाइजीन पर उठे सवाल
मुंबई। मुंबई का एक नामी बेकरी ब्रांड, Theobroma, जो अपनी लाजवाब ब्राउनी और कुकीज़ के लिए जाना जाता है, इन दिनों गलत कारणों से सुर्खियों में है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने ब्रांड की स्वच्छता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना ने फूड लवर्स के बीच खासा गुस्सा भर दिया है और प्रसिद्ध ब्रांड्स की विश्वसनीयता पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। यह पूरा मामला मुंबई के मुलुंड वेस्ट स्थित Theobroma के Runwal Greens आउटलेट का है। Reddit पर एक यूजर ने एक वीडियो साझा किया है जिसमें देखा जा सकता है कि बेकरी के डिस्प्ले ट्रे में रखे पनीर रोल के पास एक कॉकरोच खुलेआम घूम रहा है। वीडियो में कॉकरोच खाद्य पदार्थों के बिल्कुल करीब मंडराता हुआ स्पष्ट दिख रहा है।
ऑर्डर करने ही वाले थे ग्राहक
वीडियो साझा करने वाले यूजर ने बताया कि वह और उनका दोस्त इस आउटलेट से कुछ ऑर्डर करने ही वाले थे। तभी उनकी नजर पनीर रोल के ट्रे पर पड़े इस अनचाहे मेहमान पर पड़ी। यह दृश्य देखकर वे दोनों हैरान रह गए। उन्होंने तुरंत बेकरी स्टाफ को इसकी जानकारी दी। स्टाफ ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उस ट्रे को तो हटा लिया, लेकिन उसके बाद क्या कार्रवाई हुई, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। इस घटना ने ग्राहकों के मन में Theobroma जैसे ब्रांड्स की स्वच्छता मानकों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोशल मीडिया पर मचा हड़कंप
जैसे ही यह वीडियो और पोस्ट Reddit पर वायरल हुआ, सोशल मीडिया पर तुरंत हड़कंप मच गया। कई यूजर्स ने अपने साथ हुए ऐसे ही खराब अनुभवों को साझा करना शुरू कर दिया। एक यूजर ने अपनी कहानी बताते हुए लिखा कि वे एक फाइन डाइनिंग रेस्टोरेंट में गए थे, जहाँ कुर्सियों पर लाल चींटियां थीं। उन्होंने तुरंत उस रेस्टोरेंट को छोड़ दिया। एक अन्य यूजर ने फ्रेंचाइजी मॉडल पर सवाल उठाते हुए कहा कि अक्सर बड़े ब्रांड्स स्टोर तो खोल लेते हैं, लेकिन गुणवत्ता नियंत्रण पर ध्यान नहीं दे पाते। उन्होंने कहा कि ब्रांड केवल स्टोर खोलते हैं, लेकिन यह सुनिश्चित नहीं कर पाते कि ऑनर और स्टाफ जिम्मेदारी से काम कर रहे हैं या नहीं। यह टिप्पणी बड़े ब्रांड्स के लिए एक चुनौती है कि वे अपने सभी आउटलेट्स पर एक समान स्वच्छता और गुणवत्ता बनाए रखें।
Theobroma की चुप्पी और पहले के भी मुद्दे
इस गंभीर घटना के बाद भी खबर लिखे जाने तक Theobroma की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह चुप्पी ग्राहकों के बीच असंतोष को और बढ़ा रही है। यह पहली बार नहीं है जब इस ब्रांड पर सवाल उठे हों। एक दक्षिण दिल्ली के यूजर ने बताया कि उन्हें Theobroma की ब्राउनी में प्लास्टिक का एक टुकड़ा मिला था। उन्होंने गलती से उसे खा भी लिया था, क्योंकि वह गर्म चॉकलेट से ढंका हुआ था। ऐसी घटनाएं उपभोक्ताओं के बीच एक बड़ा सवाल खड़ा करती हैं: क्या प्रसिद्ध ब्रांड्स भी अब भरोसेमंद नहीं रह गए हैं? ग्राहकों के लिए भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता सबसे महत्वपूर्ण होती है, और जब इन पर सवाल उठते हैं तो किसी भी ब्रांड की प्रतिष्ठा को गहरा नुकसान होता है।

देश
महिला आरक्षण से जुड़ा बिल 54 वोट से गिरा:पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298; मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम
नई दिल्ली,एजेंसी। महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान (131वां) संशोधन बिल सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई। इसमें संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था। 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई। लोकसभा में मौजूद 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। 528 का दो तिहाई 352 होता है। इस तरह ये बिल 54 वोट से गिर गया। लोकसभा में कुल 543 सीटें हैं, लेकिन 3 सीटें खाली होने की वजह से मौजूदा सांसद 540 है।

सरकार ने दो बिल वोटिंग के लिए पेश ही नहीं किए
पहला- परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026
दूसरा- केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026
सरकार ने इन पर वोटिंग से इनकार किया। कहा कि ये बिल एक-दूसरे से लिंक है इसलिए वोटिंग की जरूरत नहीं है।
12 साल के शासन में यह पहला मौका जब मोदी सरकार सदन में कोई बिल पास नहीं करा पाई। इससे पहले अमित शाह ने एक घंटा स्पीच दी थी। कहा कि अगर ये बिल पास नहीं होते हैं तो जिम्मेदारी विपक्ष की होगी। देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनकी राह का रोड़ा कौन है।
बिल गिरने के बाद विपक्ष ने कहा- हमने हरा दिया
- राहुल गांधी ने कहा- हमने संविधान पर हुए हमले को हरा दिया है। हमने साफ कहा है कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है, बल्कि यह भारत की राजनीतिक संरचना को बदलने का एक तरीका है।
- प्रियंका ने कहा– यह हमारे लोकतंत्र और देश की एकता के लिए एक बड़ी जीत है। जैसा कि मैंने अंदर कहा, यह संविधान पर हमला था, और हमने इसे विफल कर दिया है, जो कि एक अच्छी बात है।
- शशि थरूर ने कहा– हमने हमेशा कहा है कि हम महिला आरक्षण का पूर्ण समर्थन करते हैं और आज भी इसके पक्ष में मतदान करने को तैयार हैं। हालांकि, इसे परिसीमन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
- एमके स्टालिन ने कहा- 23 अप्रैल को हम दिल्ली का अहंकार और उस अहंकार का समर्थन करने वाले गुलामों को हराएंगे।
संसद के बाहर भाजपा महिला सांसदों के प्रदर्शन की तस्वीरें…

बिल गिरने के बाद एनडीए की महिला सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया।

महिला सांसदों ने ‘महिला का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारे लगाए।
सरकार को पता था बिल पास नहीं होगा, मोदी ने 3, शाह ने एक अपील की
सरकार जानती थी कि उसके पक्ष में लोकसभा में नंबर नहीं है, इसीलिए सरकार बार-बार सभी सांसदों से समर्थन की मांग कर रही थी। पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू समेत बीजेपी और NDA नेताओं ने विपक्ष से बिल को सपोर्ट करने की अपील की।
पीएम की 3 अपील
- 13 अप्रैल एक कार्यक्रम में: मैं आपसे आग्रह करता हूं कि अपने स्थानीय सांसदों को पत्र लिखें और इस ऐतिहासिक संसद सत्र में हिस्सा लेते समय उनका हौसला बढ़ाएं।
- 16 अप्रैल लोकसभा में: ‘हमें क्रेडिट नहीं चाहिए, जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने को तैयार हूं। सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं।’
- 17 अप्रैल सोशल मीडिया में: सभी सांसद वोटिंग से पहले अपनी अंतर्रात्मा की आवाज सुनें।

शाह ने कहा- महिलाएं माफ नहीं करेंगी
17 अप्रैल लोकसभा में अमित शाह ने कहा कि देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनके रास्ते का रोड़ा कौन है। यहां पर तो शोर-शराबा करके बच जाओगे लेकिन माताओं-बहनों का आक्रोश बाहर पता चलेगा। चुनाव में वोट मांगने जाएंगे तो मातृशक्ति हिसाब मांगेगी।

देश
‘परिसीमन एक ‘राजनीतिक नोटबंदी’ साबित होगा’- शशि थरुर का केंद्र सरकार पर तीखा हमला
नई दिल्ली,एजेंसी। लोकसभा में शुक्रवार को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ और ‘परिसीमन’ (Delimitation) पर चल रही बहस के दौरान कांग्रेस नेता शशि थरूर ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया की तुलना ‘नोटबंदी’ से करते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र की आत्मा के लिए खतरा बताया।

थरुर ने अपने भाषण में कहा
शशि थरूर ने कहा कि दशकों से महिला आरक्षण का वादा किया गया और इसे टाला गया। आज जब इस पर राजनीतिक सहमति बनी है, तब सरकार ने इसे परिसीमन जैसी जटिल प्रक्रिया से बांधकर महिलाओं की आकांक्षाओं को ‘बंधक’ बना लिया है। थरूर ने सरकार की जल्दबाजी पर सवाल उठाते हुए कहा, “आपने परिसीमन का प्रस्ताव वैसी ही जल्दबाजी में पेश किया है जैसी नोटबंदी के समय दिखाई थी। हम सब जानते हैं कि नोटबंदी ने देश का क्या हाल किया था। परिसीमन भी एक ‘राजनीतिक नोटबंदी’ साबित होगा, इसे मत कीजिए।”


थरूर ने उत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों के बीच शक्ति संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई। उन्होंने तर्क दिया कि केरल और तमिलनाडु जैसे दक्षिणी राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण और मानव विकास में बेहतरीन काम किया है। यदि परिसीमन जनसंख्या के आधार पर हुआ, तो जनसंख्या नियंत्रण में विफल रहने वाले राज्यों को अधिक राजनीतिक ताकत मिलेगी और अच्छा काम करने वाले राज्य हाशिए पर चले जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आर्थिक रूप से समृद्ध और विकासशील राज्यों की आवाज को दबाया गया, तो इससे देश के संघीय ढांचे पर बुरा असर पड़ेगा। उनके अनुसार, यह “बहुसंख्यकवाद की तानाशाही” (Tyranny of the democratic majority) पैदा करने जैसा होगा।

छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ ब्लास्ट हादसा: धमाके में 20 श्रमिकों की मौत के बाद वेदांता कंपनी के चेयरमैन, कई अन्य के खिलाफ मामला दर्ज
सक्ती,एजेंसी। छत्तीसगढ़ पुलिस ने सक्ती जिले में वेदांता के विद्युत संयंत्र में हुए धमाके में 20 लोगों की मौत की घटना के बाद वेदांता कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत संयंत्र प्रबंधन के अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सक्ती पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया, ”डाभरा पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।” अधिकारी ने बताया कि इस मामले में वेदांता कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, कंपनी प्रबंधक देवेन्द्र पटेल सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

यह धमाका 14 अप्रैल को सिंघीतराई गांव में स्थित संयंत्र में हुआ था। उस समय बॉयलर से टर्बाइन तक उच्च दाब वाली भाप ले जाने वाला एक स्टील का पाइप फट गया था, जिससे कई मजदूर बुरी तरह झुलस गए थे। इस घटना में 20 लोगों की मौत हो गई थी और 16 लोग घायल हो गए। ठाकुर ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया कि यदि जांच के दौरान और लोग भी दोषी पाए जाते हैं, तो उनका नाम भी प्राथमिकी में जोड़ा जाएगा।
उन्होंने बताया कि घटना की जांच जारी है और मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट सहित कई रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि धमाके के कारणों की जांच के लिए एक तकनीकी टीम भी बनाई गई है। पुलिस अधीक्षक ने कहा, ”सभी रिपोर्ट मिलने के बाद, अगर जरूरत पड़ी तो प्राथमिकी में और धाराएं भी जोड़ी जाएंगी।” इस घटना के बाद, विपक्षी दल कांग्रेस ने संयंत्र प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की थी।

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