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कोरबा

सुगम, पारदर्शी और सुव्यवस्थित धान खरीदी से किसान संतुष्ट

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खुशहाल कृषक श्री रामलाल खैरवार, सरकार की नीति ने दी नई उम्मीद

कोरबा। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धान खरीदी का कार्य प्रदेशभर में सुचारू, पारदर्शी और किसान-केन्द्रित तरीके से संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा लागू की गई व्यवस्था से किसानों को उनकी उपज का देश में सर्वाधिक समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्राप्त हो रहा है, जिससे अन्नदाताओं में संतोष और भरोसा दोनों दिखाई दे रहा है।
सभी धान उपार्जन केंद्रों पर टोकन आधारित खरीदी, डिजिटल तौल व्यवस्था, शीघ्र भुगतान और सुव्यवस्थित प्रबंधन के चलते किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है। बैठने, पीने का पानी, छाया, बारदाना और अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता से धान विक्रय की प्रक्रिया अत्यंत सहज और सम्मानजनक बन गई है।
भैंसमा उपार्जन केंद्र पर किसान रामलाल खैरवार की प्रेरक कहानी

कोरबा जिले के ग्राम डोंगदरहा निवासी रामलाल खैरवार इस खरीफ विपणन वर्ष में भी पूरे भरोसे के साथ अपना धान बेचने भैंसमा उपार्जन केंद्र पहुंचे हैं। यह उनका पहला अनुभव नहीं है, बल्कि पिछले वर्ष भी उन्होंने  167 क्विंटल धान का विक्रय किया था और इस वर्ष भी समय पर टोकन कटवाकर उतनी ही मात्रा में धान लेकर आए हैं।
श्री खैरवार बताते हैं कि पहले धान बेचने में कई तरह की परेशानियां आती थीं, लेकिन अब सरकार द्वारा की गई व्यवस्था से पूरी प्रक्रिया आसान और भरोसेमंद हो गई है। टोकन प्रणाली के कारण किसानों को अपनी बारी का इंतजार नहीं करना पड़ता, तौल मशीनों से सटीक वजन होता है और भुगतान सीधे खाते में समय पर मिल जाता है। इससे किसान मानसिक रूप से भी निश्चिंत रहते हैं। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा, “सरकार हम सभी किसानों को मेहनत का सही और पूरा मूल्य दे रही है,  तौल में कोई गड़बड़ी नहीं होती और भुगतान भी समय पर मिल जाता है। उपार्जन केंद्र में सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं, इससे हमारा मनोबल बढ़ता है।

उच्चतम समर्थन मूल्य से किसानों की आर्थिक स्थिति हुई मजबूत

राज्य सरकार द्वारा घोषित उच्चतम समर्थन मूल्य से किसानों की आमदनी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो रही है। इससे वे न केवल अपने घरेलू खर्च सहजता से पूरा कर पा रहे हैं, बल्कि खेती से जुड़ी अगली तैयारियों में भी अधिक निवेश कर पा रहे हैं। समय पर और सीधे खाते में भुगतान होने से आर्थिक सुरक्षा बढ़ी है। धान उपार्जन केंद्रों पर प्रशासनिक निगरानी और तकनीकी व्यवस्था के कारण बिचौलियों की भूमिका समाप्त होने से किसान सीधे सरकार से जुड़कर लाभ उठा रहे हैं।

 किसानों की मेहनत को मिल रहा सम्मान

छत्तीसगढ़ सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसानों की समृद्धि ही प्रदेश की प्रगति का आधार है। इसी सोच के अनुरूप धान खरीदी व्यवस्था को सरल, भरोसेमंद और तकनीक आधारित बनाया गया है। आज श्री रामलाल खैरवार जैसे हजारों किसान यह अनुभव कर रहे हैं कि शासन उनके साथ खड़ा है। सरकार की इस पहल से छत्तीसगढ़ न केवल देश में धान उत्पादन में अग्रणी बना हुआ है, बल्कि किसानों के कल्याण के क्षेत्र में भी एक आदर्श राज्य के रूप में उभर रहा है। सरकार की जनहितकारी नीतियों से प्रदेश का हर अन्नदाता आर्थिक रूप से मजबूत, आत्मनिर्भर और खुशहाल बन रहा है।

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कोरबा

कोरबा में पहली बार होगा श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग दिव्य दर्शन एवं “सोमनाथ की अनकही कथा” का भव्य आयोजन

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कोरबा। समस्त शहरवासियों एवं श्रद्धालुजनों के लिए अत्यंत हर्ष और सौभाग्य का विषय है कि श्रीश्री रविशंकर के सान्निध्य में आगामी 24 अप्रैल 2026 को सायं 6 बजे से 9 बजे तक के घंटाघर ओपन थिएटर में भव्य श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग दिव्य दर्शन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं को दिव्य शिवलिंग के दर्शन, भजन, ध्यान, सत्संग एवं आध्यात्मिक अनुभूति का अनुपम लाभ प्राप्त होगा।

यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास, ऊर्जा और सनातन संस्कृति से जुड़ने का एक अद्भुत अवसर है। कार्यक्रम में विशेष रूप से “सोमनाथ की अनकही कथा” का भी वाचन एवं प्रस्तुतीकरण किया जाएगा, जिसमें की गौरवगाथा, संघर्ष, पुनर्स्थापना और सनातन चेतना की प्रेरक यात्रा को जनमानस के समक्ष रखा जाएगा।

मान्यता है कि भारत के पवित्र पश्चिमी तट पर स्थित केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि अनादि काल से श्रद्धा, शक्ति और शिवत्व का प्रतीक रहा है। सदियों पूर्व यात्रियों, साधकों और संतों ने इस धाम की दिव्यता का वर्णन किया है। कहा जाता है कि यहाँ का वातावरण अलौकिक शांति, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहता था।

इतिहास साक्षी है कि अनेक बार आक्रमणों और विध्वंस के प्रयासों के बावजूद सोमनाथ की आस्था कभी पराजित नहीं हुई। मंदिर टूटता रहा, पर श्रद्धा नहीं टूटी। सनातन संस्कृति की यही जीवंतता आज भी समस्त भारतवर्ष को प्रेरित करती है। हर बार विनाश के बाद पुनर्निर्माण होना इस बात का प्रमाण है कि सत्य, श्रद्धा और चेतना को कोई समाप्त नहीं कर सकता।

कार्यक्रम में यह भी बताया जाएगा कि किस प्रकार युगों से करोड़ों भक्तों की प्रार्थनाएँ, तपस्या और शिवभक्ति इस ज्योतिर्लिंग से जुड़ी रही हैं। यह केवल पत्थर या प्रतीक नहीं, बल्कि अनंत श्रद्धा का केंद्र है। श्रद्धालु जब दर्शन करते हैं, तो वे केवल एक शिवलिंग नहीं, बल्कि सनातन इतिहास, लाखों भक्तों की भावनाओं और शिव चेतना के स्पंदन से जुड़ते हैं।

आयोजन समिति ने जानकारी दी है कि यह दिव्य शिवलिंग पहली बार की पावन धरती पर दर्शन हेतु लाया जा रहा है। इससे क्षेत्रवासियों में भारी उत्साह, श्रद्धा और आनंद का वातावरण है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में डिजिटल प्रचार, जनसंपर्क, वाहन प्रचार, भजन आमंत्रण, पत्रक वितरण एवं अन्य माध्यमों से लोगों को आमंत्रित किया जा रहा है।

कार्यक्रम स्थल पर भव्य सज्जा, भक्तिमय वातावरण, शिव आराधना, ध्यान सत्र एवं सामूहिक प्रार्थना का आयोजन भी किया जाएगा। परिवार सहित बड़ी संख्या में उपस्थित होकर श्रद्धालु इस दुर्लभ अवसर का पुण्य लाभ ले सकते हैं।

आयोजन समिति ने समस्त नागरिकों, मातृशक्ति, युवाओं, वरिष्ठजनों एवं धर्मप्रेमी समाज से आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाएं।

कार्यक्रम विवरण:
दिनांक: 24 अप्रैल 2026
समय: सायं 6:00 बजे से 9:00 बजे तक
स्थान: घंटाघर ओपन थिएटर, कोरबा

आयोजन: , कोरबा परिवार

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कोरबा

कोरबा जिले में “ज्ञानभारतम“ पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान का आगाज़, कलेक्टर ने दिए जून 2026 तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश

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कोरबा। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए महत्वपूर्ण “ज्ञानभारतम“ पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के सुचारू क्रियान्वयन हेतु आज जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिले के भीतर मौजूद दुर्लभ पाण्डुलिपियों, ताड़पत्रों और हस्तलिखित ग्रंथों के चिन्हांकन एवं सूचीकरण के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई।  

सर्वेक्षण हेतु त्रि-स्तरीय ढांचा तैयार
अभियान को गति देने के लिए जिले में अनुभाग स्तरीय समितियों का गठन किया जाएगा। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की अध्यक्षता वाली इन समितियों में तहसीलदार, जनपद सीईओ, बीईओ और नगरीय निकायों के सीएमओ शामिल होंगे। ये समितियां हर सप्ताह अपनी प्रगति रिपोर्ट जिला समिति को सौंपेंगी।  
गाँव और वार्ड स्तर पर नियुक्त होंगे सर्वेयर
कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि सर्वेक्षण कार्य के लिए प्रत्येक गाँव में पंचायत सचिव या शिक्षक और नगरीय क्षेत्रों के प्रत्येक वार्ड में एक कर्मचारी को सर्वेयर नियुक्त किया जाए। ये सर्वेयर अपने क्षेत्र में उपलब्ध पाण्डुलिपियों की पहचान कर उन्हें मोबाइल ऐप के माध्यम से अपलोड करेंगे। इस कार्य में कॉलेज के प्राचार्यों और प्रोफेसरों की भी सेवाएँ ली जाएँगी।  
प्रशिक्षण और डिजिटल निगरानी
नियुक्त किए गए सभी सर्वेयरों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए जाएंगे, जहाँ प्रशिक्षण लिंक और अन्य निर्देश साझा किए जाएंगे। जिला शिक्षा अधिकारी और सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को सर्वेक्षकों का आदेश जारी करने और प्रशिक्षण सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।  
व्यापक प्रचार-प्रसार और समय-सीमा
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया कि पाण्डुलिपियों को चिन्हित करने और डेटा अपलोड करने का यह कार्य जून 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करना होगा। इस हेतु आगामी ग्राम सभाओं में पाण्डुलिपियों के महत्व पर चर्चा की जाएगी। साथ ही जनसंपर्क विभाग के माध्यम से समाचार पत्रों, सोशल मीडिया और ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी कराकर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा ताकि निजी संग्रहकर्ताओं को भी इस अभियान से जोड़ा जा सके।  
बैठक में नगर निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, अपर कलेक्टर ओंकार यादव, और जिला समन्वयक सतीश प्रकाश सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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कोरबा

सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु एचपीवी वैक्सीनेशन जिले के सामुदायिक स्वास्थ केन्द्रों में निःशुल्क उपलब्ध

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कोरबा। महिलाओं में होने वाले गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल कैंसर) से बचाव के लिए प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से दिनांक 17.03.2026 से जिले के सामु. स्वास्थ्य केन्द्र कटघोरा, करतला, पाली, पोड़ी उपरोड़ा, स्व. बिसाहू दास स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय संबंद्ध चिकित्सालय कोरबा तथा रानी धनराज कुंवर शहरी सामु. स्वास्थ्य केन्द्र कोरबा में एचपीवी वैक्सीनेशन निःशुल्क किया जा रहा है। यह टीका विशेषकर किशोरियों के लिए प्रभावी माना जाता है। टीकाकरण के लिए वही किशोरियां पात्र हैं जिन्होंने 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली हो, लेकिन 15 वर्ष का जन्मदिन न मनाया हो। आयु प्रमाण पत्र के लिए आधारकार्ड या अन्य फोटो पहचान पत्र मान्य होगा । पहचान पत्र उपलब्ध नहीं होने की स्थिती में अभिभावक द्वारा हस्ताक्षरित शपथपत्र भी मान्य किया जावेगा। टीकाकरण के पश्चात लाभार्थियों का पंजीयन यू- विन पोर्टल पर किया जावेगा और उन्हें डिजिटल प्रमाणपत्र प्रदान किया जावेगा।
कलेक्टर कुणाल दुदावत एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन.केशरी ने सभी अभिभावकों से अपील किया है कि वे अपनी पुत्रियों जो 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली हो, लेकिन 15 वर्ष का जन्मदिन न मनाया हो उनका एचपीवी टीकाकरण अपने क्षेत्र के सामु. स्वा. केन्द्र, स्व. बिसाहू दास स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय संबंद्ध चिकित्सालय कोरबा तथा रानी धनराज कुंवर शहरी सामु स्वास्थ्य केन्द्र कोरबा में ले जाकर अवश्य करावें ।

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