कोरबा
कोरबा जिले में फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन,मतदाता संख्या 8.18 लाख के पार
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कुणाल दुदावत ने राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों को दी जानकारी
मतदाता सूची भी वितरित किए गए
कोरबा। भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिला कोरबा में अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 के संदर्भ में विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया गया है। आज शनिवार, 21 फरवरी 2026 को कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और निर्वाचन अधिकारियों की उपस्थिति में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया।

इस दौरान कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री दुदावत ने सम्पूर्ण गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के पूर्ण होने के पश्चात कोरबा जिले में अब कुल मतदाताओं की संख्या 8,18,010 पहुँच गई है। इसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 4,09,333 महिला मतदाताओं की संख्या 4,08,664 और तृतीय लिंग के 13 मतदाता शामिल हैं। जिले का जेंडर रेशियो (लिंगानुपात) अब सुधरकर 998 हो गया है, जो चुनावी प्रक्रिया में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का परिचायक है। विधानसभा वार स्थिति देखें तो पालीतानाखार क्षेत्र में सर्वाधिक 2,19,510 मतदाता दर्ज हैं, जबकि रामपुर में 2,07,076, कोरबा में 1,95,781 और कटघोरा में 1,95,643 मतदाता पंजीकृत हैं। उन्होंने राजनीतिक दल के पदाधिकारियों को मतदाता सूची की प्रति भी भेंट की।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री दुदावत ने बताया कि निर्वाचन प्रक्रिया को और अधिक सुलभ बनाने के उद्देश्य से जिले में मतदान केंद्रों का युक्तियुक्तकरण भी किया गया। पूर्व में जिले में कुल 1081 मतदान केंद्र थे, जिनमें 132 नवीन केंद्र जोड़कर अब कुल संख्या 1211 कर दी गई है।

उन्होंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं को कैटेगरी में विभक्त कर निराकरण किया गया। पुनरीक्षण के दौरान तकनीकी शुद्धता पर विशेष ध्यान दिया गया। सी कैटेगरी के 40882 तथा 2,46,684 लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी (तार्किक विसंगतियों) का संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा सत्यापन हेतु नोटिस जारी कर निर्धारित तिथि व समय पर सुनवाई हेतु समय दिया जाकर, मिलान कर उन्हें दुरुस्त किया गया। साथ ही, मृत्यु, स्थानांतरण और अनुपस्थित श्रेणी के कुल 1,33,741 नामों का नियमानुसार निराकरण किया गया, जिससे मतदाता सूची पूरी तरह त्रुटिहीन और पारदर्शी बन सके।
दावा-आपत्ति और जन-जागरूकता अभियान चलाया गया

कलेक्टर श्री दुदावत ने बताया कि प्रारंभिक प्रकाशन के बाद 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक चली दावा-आपत्ति की अवधि में जिला प्रशासन को कुल 19,197 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से नाम जोड़ने के लिए आए 14,091 आवेदनों में से 13,445 को स्वीकृत किया गया। इसी प्रकार नाम विलोपन के 315 और संशोधन के 4,187 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर गणना पत्रक संकलित किए गए और ’स्वीप’ कार्यक्रम के माध्यम से जिले भर में मतदाता जागरूकता अभियान चलाया गया। जिला और तहसील स्तर पर हेल्प डेस्क एवं कॉल सेंटर की स्थापना कर मतदाताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान भी सुनिश्चित किया गया। अंतिम प्रकाशन के अवसर पर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया समावेशी और निष्पक्ष रही है। इसमें राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। जिला निर्वाचन अधिकारी श्री दुदावत ने सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों और कर्मचारियों को इस जटिल कार्य को समय सीमा के भीतर और शुद्धता के साथ पूर्ण करने हेतु बधाई दी। इस अंतिम प्रकाशन के साथ ही अब जिला कोरबा आगामी निर्वाचन प्रक्रियाओं के लिए पूरी तरह तैयार है।

इस अवसर पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के पदाधिकारी, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती माधुरी सोम, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कोरबा सरोज महिलांगे, पाली तानाखार- मनोज कुमार बंजारे, कटघोरा से सूर्यकांत केशकर आदि उपस्थित रहे।

कोरबा
कोरबा में युवक बाइक समेत खुले नाले में गिरा:दलदल में फंसा रहा, स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू कर निकाला, निगम पर आक्रोश
कोरबा। कोरबा में शुक्रवार रात डीएम रोड स्थित साईं पैलेस के पास एक खुले नाले में मुड़ापार निवासी बाइक सवार युवक ओम प्रकाश गिर गया। इस हादसे में युवक को चोटें आई हैं। घटना ने नगर पालिक निगम की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, ओम प्रकाश अपनी बाइक से डीएम रोड से गुजर रहे थे। साईं पैलेस के समीप अचानक संतुलन बिगड़ने से वे बाइक समेत खुले नाले में जा गिरे। नाला काफी गहरा और दलदल से भरा था, जिससे युवक बाइक सहित उसमें फंस गया और मदद के लिए चिल्लाने लगा। उनकी आवाज सुनकर राहगीर और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे।

नाला लंबे समय से खुला पड़ा
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह नाला लंबे समय से खुला पड़ा है और इसकी नियमित सफाई भी नहीं हुई है। नाले की मौजूदा हालत देखकर यह स्पष्ट होता है कि सफाई के नाम पर केवल औपचारिकता पूरी की जा रही है।
मोहल्ले वालों ने पहले रस्सी की सहायता से उसे बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन नाले की गहराई और कीचड़ के कारण यह संभव नहीं हो पाया। इसके बाद लोगों ने एक सीढ़ी मंगवाई।
भारी मात्रा में कचरा और गाद से भरा नाला
जब सीढ़ी को नाले में डाला गया, तो उसका आधा हिस्सा दलदल में धंस गया, जिससे नाले में जमा कचरे और गाद की मात्रा का अंदाजा लगाया जा सकता है। काफी मशक्कत के बाद, सीढ़ी के सहारे युवक ओम प्रकाश को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में निगम प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि शहर में कई स्थानों पर नाले खुले पड़े हैं और उनकी नियमित सफाई नहीं होती।

कोरबा
कोरबा में गर्ल्स आईटीआई कॉलेज में 10 फीट का अजगर:टहलते हुए छात्राओं ने देखा, स्नेक कैचर ने रेस्क्यू कर सुरक्षित जंगल में छोड़ा
कोरबा। कोरबा के रामपुर स्थित गर्ल्स आईटीआई कॉलेज परिसर में बीती रात करीब 10 फीट लंबा अजगर देखा गया। कॉलेज स्टाफ और छात्राओं ने अजगर देखते ही रेस्क्यू टीम को सूचना दी।
सूचना मिलते ही RCRS (रेस्क्यू टीम) के सदस्य उमेश यादव और सौम्या पाण्डेय मौके पर पहुंचे। अजगर झाड़ियों के बीच छिपा हुआ था, जिससे उसे पकड़ना चुनौतीपूर्ण था। टीम ने सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

अजगर को पकड़ने के बाद उसे जंगल में छोड़ा गया
कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम ने अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया। इस दौरान किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ। अजगर को पकड़ने के बाद उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया। जानकारी के अनुसार, कुछ छात्राएं कॉलेज परिसर में टहल रही थीं, तभी उनकी नजर अचानक इस विशालकाय अजगर पर पड़ी। इसके बाद कॉलेज स्टाफ और छात्राओं में सतर्कता बढ़ गई।
रेस्क्यू टीम ने बताया कि गर्मी के मौसम में सांप अक्सर पानी और ठंडी जगह की तलाश में आबादी वाले इलाकों में आ जाते हैं। ऐसे में लोगों को घबराने के बजाय तुरंत वन विभाग या स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना देनी चाहिए। इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद कॉलेज परिसर में मौजूद लोगों ने राहत महसूस की और टीम के प्रयासों की सराहना की।

कोरबा
कोरबा के गेवरा में 15 दिन से नहीं मिला सिलेंडर:आर्थिक तंगी के कारण आपूर्ति ठप, उपभोक्ताओं ने किया हंगामा
कोरबा/गेवरा। कोरबा के गेवरा प्रोजेक्ट स्थित भारत गैस एजेंसी में रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर उपभोक्ताओं ने जमकर हंगामा किया। बुकिंग के 15 दिन बाद भी सिलेंडर न मिलने से नाराज सैकड़ों उपभोक्ताओं ने एजेंसी परिसर में नारेबाजी की और प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

उपभोक्ताओं का आरोप है कि बुकिंग के बावजूद उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। पिछले 15 दिनों से सिलेंडर बुक होने के बाद भी न तो होम डिलीवरी हो रही है और न ही एजेंसी से सिलेंडर मिल पा रहा है।

गैस एजेंसी के सामने लोगों की बेतहाशा भीड़ है लोग परेशां हो रहे हैं।
स्टॉक या वितरण संबंधी कोई जानकारी नहीं
एजेंसी के सूचना पटल पर स्टॉक या वितरण संबंधी कोई जानकारी साझा नहीं की जा रही है। इससे उपभोक्ताओं को अपना काम छोड़कर प्रतिदिन एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उपभोक्ताओं ने मांग की है कि आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप और सूचना पटल पर प्रतिदिन सिलेंडर की उपलब्धता और वितरण की जानकारी स्पष्ट की जाए।
हंगामे के दौरान एजेंसी कर्मचारियों ने स्वीकार किया कि आर्थिक तंगी के कारण मुख्य डिपो में अग्रिम राशि जमा नहीं हो पा रही है। इस वजह से डिपो से पर्याप्त मात्रा में सिलेंडर लोड नहीं हो पा रहे हैं, जिससे मांग और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर आ गया है।

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