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छत्तीसगढ़

शराब घोटाले के आरोपी अनवर ढेबर के बेटे पर FIR:बिना परमिशन जेल में घुसा शोएब, साइबर स्टॉकिंग-मारपीट के आरोप में पहले से विवादों में

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रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में लंबे समय से जेल में बंद कारोबारी अनवर ढेबर के बेटे शोएब ढेबर पर FIR दर्ज हुई है। दरअसल बुधवार (6 अगस्त) को शोएब जेल में बिना अनुमति मुलाकात कक्ष में घुस गया था। जिसके बाद पहले जेल प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 3 महीने के लिए बैन किया फिर गंज थाने में FIR दर्ज हुई।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, शोएब ढेबर जेल में बंद अपने पिता से मिलने वे जबरदस्ती घुस गए। जहां उन्होंने गाली गलौज भी की। जिसके बाद जेल प्रशासन ने शोएब पर कार्रवाई करते हुए जेल में किसी से भी मुलाकात पर पांबदी लगी दी है। जेल अधीक्षक ने आदेश जारी कर कहा कि इस दौरान न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई, बल्कि जेल संचालन में भी व्यवधान उत्पन्न हुआ।

शोएब ढेबर पर पहले भी कई मामले दर्ज है।

शोएब ढेबर पर पहले भी कई मामले दर्ज है।

इन विवादों में रहा शोएब ढेबर

10 महीने पहले 28 मई 2024 को राजधानी रायपुर में शोएब ढेबर पर युवती के साथ साइबर स्टॉकिंग का आरोप लगा था। जिसके बाद शोएब ने खुद कोर्ट में सरेंडर किया था। इस केस में शोएब ढेबर के पिता अनवर देवर को भी पुलिस ने आरोपी बनाया था।

11 महीने पहले रायपुर के जूक क्लब में शोएब ढेबर ने एक व्यापारी को थप्पड़ जड़ दिया था। पार्किंग में गाड़ी रिवर्स करने के दौरान दोनों के बीच विवाद हुआ था। जिसके बाद शोएब मारपीट पर उतर आया था। पीड़ित के FIR दर्ज कराने के बाद तेलीबांधा पुलिस ने आरोपी शोएब को गिरफ्तार कर लिया था।

4 साल पहले फायरिंग मामले में शोएब की गिरफ्तारी हुई थी। रायपुर के IP क्लब में शोएब ढेबर और उसके साथियों ने कुछ अन्य युवकों के साथ मारपीट की थी। मंदिर हसौद थाने में शिकायत के बाद शोएब पर FIR दर्ज हुआ था।

वहीं, 4 साल पहले कोविड के समय शोएब ढेबर बिना मास्क लगाए घूम रहा था। आरक्षक के रोकने पर उसने पुलिस से भी बहस की थी। इसका वीडियो वायरल होने के बाद कार्रवाई करते हुए उसकी गाड़ी का चालान काटा गया था।

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खेल

सीनियर-वीमेंस वनडे ट्रॉफी…छत्तीसगढ़ की लगातार चौथी जीत:विदर्भ को 7 विकेट से हराया, माहीक नरवसे रहीं मैच की हीरो, 4 विकेट झटके, अर्द्धशतक भी जमाया

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रायपुर,एजेंसी। बीसीसीआई की ओर से आयोजित सीनियर वीमेंस वनडे ट्रॉफी में छत्तीसगढ़ महिला टीम का शानदार प्रदर्शन जारी है। टूर्नामेंट के अपने चौथे मुकाबले में छत्तीसगढ़ ने विदर्भ को 7 विकेट से हराकर लगातार चौथी जीत दर्ज की। यह मुकाबला 12 फरवरी को बड़ौदा में खेला गया।

मैच में छत्तीसगढ़ ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए विदर्भ की टीम 47.5 ओवर में 158 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। विदर्भ की ओर से कप्तान दिशा कसाट ने शानदार पारी खेलते हुए 65 रन बनाए। उनके अलावा लतिका इनामदार (27 रन) और मोना (17 रन) ही दोहरे अंक तक पहुंच सकीं।

छत्तीसगढ़ के गेंदबाजों ने अनुशासित गेंदबाजी करते हुए विदर्भ को बड़ा स्कोर खड़ा करने का मौका नहीं दिया और नियमित अंतराल पर विकेट चटकाए। छत्तीसगढ़ की ओर से माहीक नरवसे और तरन्नुम पठान ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4-4 विकेट अपने नाम किए।

तरन्नुम पठान।

तरन्नुम पठान।

माहीक नरवसे (MOM)

माहीक नरवसे (MOM)

47.3 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर हासिल किया लक्ष्य

159 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी छत्तीसगढ़ की टीम ने 47.3 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर लक्ष्य हासिल कर लिया। टीम की जीत में माहीक नरवसे ने ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए 66 रन की मैच जिताऊ पारी खेली।

उनका अच्छा साथ शिल्पा साहू (45 रन) ने दिया, जबकि कप्तान कृति गुप्ता ने नाबाद 27 रन बनाए। विदर्भ की ओर से कोमल जंजाड, आरती बेहनवाल और कंचन नागवानी को 1-1 विकेट मिला।

शानदार बल्लेबाजी और घातक गेंदबाजी के लिए माहीक नरवसे को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने मैच में 66 रन बनाने के साथ 4 विकेट भी झटके।

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छत्तीसगढ़

बिलासपुर में 117 मुस्लिम वोटर्स के नाम कटे:50 साल से निवासरत, यहां नहीं रहते बताकर नाम कटवाया, कांग्रेस बोली- BJP के इशारे पर हुआ

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बिलासपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 117 मुस्लिम वोटर्स का नाम मतदाता सूची से काट दिया गया है। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के चांटीडीह इलाके में रहने वाले वोटर्स जो मुस्लिम समाज से आते हैं। उनका नाम SIR लिस्ट में नहीं आया। आरोप है कि वे पते पर नहीं रहते बताकर किसी ने उनका नाम कटवा दिया। जबकि वे यहां 40-50 साल से रहे हैं।

प्रभावित वोटरों का कहना है कि वे मूलत: बिहार के रहने वाले थे, लेकिन बचपन से इसी इलाके में रह रहे हैं। SIR में नाम नहीं आने पर प्रभावितों ने 11 फरवरी को कलेक्ट्रेट पहुंचकर नाम जुड़वाने के लिए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ये वोटर्स कांग्रेस समर्थित हैं, इसिलए भाजपा के इशारे पर निर्वाचन आयोग ने नाम काटा है। वहीं इन आरोपों पर बीजेपी ने कहा कि कांग्रेस खुद नाम कटवाकर राजनीति करना चाह रही।

प्रभावित मतदाताओं ने कलेक्टर से मुलाकात कर नाम जुड़वाने की मांग की।

प्रभावित मतदाताओं ने कलेक्टर से मुलाकात कर नाम जुड़वाने की मांग की।

नाम कटवाने किसने फॉर्म भरा, ये पता नहीं चल सका

दरअसल, यह मामला बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के चांटीडीह इलाके से जुड़ा है। यहां बूथ नंबर 191, 192 और 193 वार्ड नंबर 55-56 में आते हैं। यह क्षेत्र मुस्लिम बाहुल माना जाता है। बूथ नंबर 191 के 10, बूथ नंबर 192 के 15 और बूथ नंबर 193 के 92 मतदाताओं के नाम हटाने के लिए ‘प्राण’ नामक व्यक्ति ने फॉर्म-7 जमा किए गए थे।

फॉर्म 7 मतदाता सूची से किसी का नाम हटवाने या किसी नाम पर आपत्ति दर्ज करने के लिए उपयोग किया जाता है। हालांकि किसने ये फॉर्म भरा ये जानकारी सामने नहीं आई है।

BLO ने मौके पर पहुंचकर जांच की, सभी पते पर मौजूद थे

फॉर्म-7 जमा होने के बाद बीएलओ ने मौके पर जाकर जांच की। जांच में सामने आया कि सभी मतदाता अपने पते पर मौजूद हैं और कोई भी मृत नहीं है। बीएलओ ने मौके पर मतदाताओं की फोटो ली, दस्तावेज दोबारा लिए और रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दी।

गड़बड़ी की जांच की मांग

इस गड़बड़ी की जानकारी बाद में कांग्रेस के बीएलए और नेताओं को मिली। जिसके बाद मामला राजनीतिक रूप से गरमा गया। कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाते हुए भाजपा सरकार पर साजिश का आरोप लगाया। 11 फरवरी को विरोध प्रदर्शन करते हुए पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने मामले की जांच की मांग की है।

कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष मतदाताओं को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी संजय अग्रवाल से मिलने पहुंचे।

कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष मतदाताओं को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी संजय अग्रवाल से मिलने पहुंचे।

पूर्व जिलाध्यक्ष बोले- कांग्रेस समर्थित मतदाता निशाने पर

पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने कहा कि एसआईआर के तहत दस्तावेज जांच के बाद प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी। 23 जनवरी तक नाम जोड़ने, हटाने और स्थानांतरण के लिए आवेदन लिए गए थे।

तीन बूथों में अचानक 117 फॉर्म-7 आवेदन आने का खुलासा हुआ। शिकायत में कहा गया कि ये मतदाता यहां रहते नहीं हैं। जांच में यह शिकायत गलत निकली। सभी मतदाता अपने पते पर मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि ये सभी मतदाता मुस्लिम समुदाय से हैं और कांग्रेस समर्थित हैं।

कलेक्टर से मिलकर जांच की मांग

विजय केशरवानी ने कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी संजय अग्रवाल से मिलकर फॉर्म-7 किसने भरा इसकी जांच की मांग की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ जगह बीएलओ को दबाव में काम करने को मजबूर किया जा रहा है। उन्हें कहा जा रहा है कि फॉर्म ऊपर से आया है और नहीं लेने पर कार्रवाई होगी।

BJP बोली- निर्वाचन पर आरोप लगाने वालों का चेहरा बेनकाब हो

बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि मैं जिला प्रशासन से आग्रह करता हूं कि निर्वाचन की शुद्धता पर आरोप लगाने वालों का चेहरा बेनकाब किया जाए। निर्वाचन का शुद्धीकरण आने वाले समय में लोकतंत्र को शुद्ध करेगा। जो निर्वाचित प्रतिनिधि चुने जाए वह फर्जी वोटरों के सहारे ना चुने जाए।

ईआरओ ने फॉर्म जमा करने वालों की जानकारी नहीं दी

निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी शिव कुमार कंवर से पूछा गया कि फॉर्म-7 किसने जमा किए, लेकिन उन्होंने इस सवाल का जवाब नहीं दिया। इधर, ईआरओ का कहना है कि मतदाताओं को लेकर शिकायत आई थी। इसी आधार पर जांच करवाई गई। भौतिक सत्यापन में सभी मतदाता मौके पर मिले। इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई।

एसआईआर के तहत दस्तावेज जांच के बाद प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी।

एसआईआर के तहत दस्तावेज जांच के बाद प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी।

कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब एसआईआर में पहले ही भौतिक सत्यापन हो चुका है और मतदाता सही पाए गए हैं, तो फॉर्म-7 जमा करने की जरूरत क्यों पड़ी। एसआईआर अपने उद्देश्य से भटक गया है और इसका इस्तेमाल कांग्रेस समर्थित मतदाताओं, अल्पसंख्यकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के नाम काटने के लिए किया जा रहा है।

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कोरबा

शासकीय महाविद्यालय दीपका में  ’इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब’ का हुआ गठन, पोस्टर प्रतियोगिता के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने बताया एसआईआर का महत्त्व

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कोरबा। भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार जिले के युवाओं को निर्वाचन प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने हेतु दिनांक 12 फरवरी 2026 को सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह की उपस्थिति में शासकीय महाविद्यालय दीपका में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब का गठन किया गया।  इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के लिए पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। पोस्टर प्रतियोगिता में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने अपनी कला के माध्यम से विशेष गहन पुनरीक्षण और मतदान के महत्व को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया।

इस अवसर पर सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले प्रत्येक युवा को एक जागरूक मतदाता के रूप में अपना नाम पंजीकृत कराना चाहिए, ताकि वे लोकतंत्र की मजबूती में अपना योगदान दे सकें। उन्होंने इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब के गठन के उद्देश्यों को बताया तथा युवाओं से लोकतंत्र की मज़बूती के लिए आगे आकर अपना योगदान देने के लिए प्रेरित किये।
कार्यक्रम को सफल बनाने में महाविद्यालय की आयोजन टीम का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का  संचालन राजमणि साकेत द्वारा किया गया। इस अवसर पर जी. सी. देवांगन सहायक प्राध्यापक भौतिकी, श्रीमती हेमलता कंवर कॉलेज स्वीप नोडल अधिकारी, सहायक प्राध्यापक एस. के. राठौर सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने शत-प्रतिशत मतदान और पंजीकरण के लिए जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

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