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कोरबा

कोरबा की मतदाता सूची में चार पूर्व कलेक्टरों का नाम, पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने मतदाता सूची में गड़बड़ी किया उजागर

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डिंगापुर मतदान केन्द्र में 910 मतदाता पर कई गंभीर त्रुटियॉं
कोरबा। पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने हाल ही में पूरे नगरीय निकाय चुनाव के लिये निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किये गये मतदाता सूची पर सवाल उठाते हुए गम्भीर आरोप लगाये हैं। उन्होंने दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए कहा है कि कोसाबाड़ी वार्ड क्र. 36 के डिंगापुर मतदान केन्द्र क्र. 04 के अनुभाग क्र. 05 के मतदाता सूची में व्यापक गड़बड़ी है। जिला निर्वाचन अधिकारी जिस बंगले में रहते हैं उनके पते में चार ऐसे कलेक्टर (आईएएस) के नाम मतदाता के रुप में दर्ज हैं जिनका तबादला वर्षांे पहले हो चुका है। मतदाता क्रमांक 453 में पूर्व कलेक्टर रानू साहू 454 में मोहम्मद कैसर अब्दुल हक एवं 455 में किरण कौशल व 548 में सौरभ कुमार का नाम अभी भी सूची में मौजूद है। सभी का निवास एक ही है, वह है आवास क्र. सी-2 मोहम्मद कैसर हक का स्थानांतरण 06.02.2019 में हुआ, किरण कौशल का स्थानांतरण 07.06.2021 में रानू साहू का तबादला 01.07.2022 में और सौरभ कुमार का स्थानांतरण 04.01.2024 में हो चुका है। इसी प्रकार तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर सुश्री रुचि शार्दुल, अपर कलेक्टर श्रीमती प्रियंका महोबिया, कोषालय अधिकारी गौरीशंकर जागृति का भी नाम सूची में दर्ज है और पता सरकारी आवासों का है। मजे की बात यह है कि इसी आवास में वर्तमान कलेक्टर अजीत बसंत रहते हैं। इन्होंने ही नगरीय निकाय चुनाव के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी की जिम्मेदारी निभाई। जब वे अपने ही आवास के पते पर मतदाताओं की त्रुटि सुधार नहीं कर सके तो पूरे जिले की मतदाता सूची त्रुटिहीन होंगे ऐसा भला कैसे माना जा सकता है। पूर्व मंत्री अग्रवाल ने और भी गड़बड़ियों को बताते हुए कहा कि डिप्टी कलेक्टर रहे बी.एस. मरकाम का भी नाम सूची से नहीं हटाया गया है जबकि वर्ष 2022 में सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इसी तरह जिला खाद्य अधिकारी एच. मसीह सेवानिवृत्त हो चुके हैं अभी भी मतदाता सूची में उनका सरकारी आवास का पता दर्ज है। अधिकारियों के साथ कुछ ऐसे परिवार भी जो कोरबा जिला छोड़कर बिलासपुर व अन्य जिलों में बस गये हैं उनका भी नाम इस मतदान केन्द्र की सूची में अब भी यथावत है। रौनक ठाकुर व रोशनी ठाकुर समेत परिवार के चार लोग पिछले 05 सालों से बिलासपुर में रह रहे हैं पर अब तक सूची को दुरुस्त नहीं किया गया। श्री अग्रवाल ने कहा है कि यह भी संभव है कि इन चार पूर्व कलेक्टरों का नाम यहॉं भी सूची में दर्ज है वे अपने तबादला के बाद नये पदस्थापना वाले जिलों में भी अपना नाम जुड़वा लिये हों। हमें आशंका यह भी है कि कई दिवंगत लोग हैं जिनका अभी भी मतदाता सूची में नाम है। श्री अग्रवाल ने यह भी बताया कि सैकड़ों ऐसे मतदाता हैं जिनका नाम दो बार दर्ज है। इस मतदाता सूची का उपयोग नगरीय निकाय चुनाव में किया गया जो जिला निर्वाचन अधिकारी अजीत बसंत के नेतृत्व में ही सम्पन्न हुए हैं। यह तो केवल एक मतदान केन्द्र की त्रुटियों को उजागर किया जा रहा है जिसमें केवल 910 मतदाता हैं। पूरे निगम के 67 वार्डों के मतदान केन्द्रों में कितनी और किस तरह की गड़बड़ी होगी इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। कोरबा ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के निर्वाचन सूची की जॉच राज्य निर्वाचन आयोग करे। श्री अग्रवाल ने कहा है कि यह लोकतंत्र और चुनाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल है। श्री अग्रवाल ने इससे अवगत कराते हुए राज्य एवं भारत निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा है। साथ ही कहा है कि कोरबा में भी वोट की गड़बड़ी की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। निर्वाचन विभाग पर विश्वास कायम रहे इसके लिये पूरे जिले के मतदाता सूची की जॉच निष्पक्षता से कराई जाये।

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कोरबा

रोजगार मेला के आयोजन हेतु नियोजकों से रिक्त पदों की मंगाई गई जानकारी

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कोरबा 09 सितंबर 2026। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, कोरबा के माध्यम से जिला स्तरीय ”रोजगार मेला“ का आयोजन शासकीय ई.व्ही.पी.जी.कॉलेज, कोरबा में किया जायेगा। जो नियोजक अपने संस्थाओं के रिक्त पदों को रोजगार मेला के माध्यम से पूर्ति करना चाहते हैं, वे अपने रिक्त पदों की जानकारी 15 सितंबर 2026 तक रोजगार कार्यालय कोरबा के ई-मेल पर उपलब्ध करा सकते हैं या जिला रोजगार कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। ताकि जिला स्तरीय ”रोजगार मेला“ में  शामिल किया जा सके।

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कोरबा

सुरक्षित मातृत्व के लिए गर्भवती महिलाओं की समय पर जॉंच एवं संस्थागत प्रसव जरूरी

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मॉं और बच्चे की सुरक्षा, पूरे परिवार की जिम्मेदारी

कोरबा  09 सितंबर 2026। कोरबा जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने तथा मातृ मृत्यु को रोकथाम के लिए गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिवार से समय पर स्वास्थ्य जांच, उचित उपचार एवं सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने गर्भावस्था के दौरान आवश्यक सावधानियों एवं स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने को कहा गया है जो इस प्रकार है- गर्भावस्था की जानकारी मिलते ही मितानिन / एएनएम को सूचित करें तथा 45 दिनों के भीतर गर्भावस्था का पंजीयन कराएं। गर्भावस्था के शुरूआती 03 महीनों में कम से कम एक बार चिकित्सकीय जांच कराना अत्यंत आवश्यक है।

प्रसव पूर्व जांच अवश्य कराएं –

गर्भवती की कम से कम चार नियमित प्रसवपूर्व जांच(ए.एन.सी) कराना जरूरी है। शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में हर महीने की 9 एवं 24 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में जांच की सुविधा उपलब्ध है। जांच में रक्तचाप(बीपी) हीमोग्लोबिन(एचबी), पेशाब, सिकल सेल सहित आवश्यक परीक्षण निःशुल्क उपलब्ध है।

खून की कमी(एनीमिया) को हल्के में न लें-

यदि चिकित्सक द्वारा हीमोग्लोबिन कम बताया गया है अथवा सिकल सेल की पुष्टि होती है, तो इसे गंभीरता से लें। चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आयरन- फोलिक एसिड की गोलियां नियमित ले तथा हरी सब्जियॉं, गुड-चना एवं पौष्टिक आहार का सेवन करें। आवश्यकता पड़ने पर रक्त की व्यवस्था के लिए पहले से संभावित रक्तदाताओं के नाम में मोबाईल नंबर सुरक्षित रखें।

जोखिम वाली गर्भावस्था (लाल निशान) में प्रसव घर या छोटे अस्पताल में न कराएं-

कम उम्र, जुड़वा गर्भ, उच्च रक्तचाप, पूर्व में आपरेशन/सीजेरियन प्रसव अथवा अन्य चिकित्सकीय जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का प्रसव डॉक्टर की सलाह के अनुसार सीएचसी अथवा जिला चिकित्सालय, मेडिकल कॉलेज जैसे उच्च स्वास्थ्य संस्थान में कराया जाए। एैसे मामलों में घर प्रसव कराने की जिद न करें।
प्रसव से पहले परिवहन की तैयारी रखे-

परिवार 108 का  नम्बर सभी मोबाईल में सेव रखें। तथा प्रसव की संभावित तिथि से पहले आवश्यक परिवहन व्यवस्था की योजना बनाए । विशेष रूप से दूरस्थ एवं बरसात प्रभावित क्षेत्रों (पोंड़ी उपरोड़ एवं करतला) की गर्भवती महिलाओं का प्रसव से 07 दिन पूर्व अस्पताल के नजदीक आ जावें।

खतरे का 05 लक्षण दिखें तो तुरंत 108 पर संपर्क करें-

गर्भावस्था के दौरान तेज बुखार/दौरे, अत्यधिक रक्तस्त्राव, रक्तचाप(बीपी) बढ़ना, तेज सिरदर्द या ऑंखों के सामने धंुध /अंधेरा छा जाना, पानी की थैली फटना तथा बच्चे की हलचल कम या बंद होनेा जैसे खतरे के लक्षण दिखाई देने पर देरी न करें और तत्काल स्वास्थ्य संस्था से संपर्क कर 108 एंबुलेंस की सहायता लेकर अस्पताल लाएं।

प्रसव के 48 घंटे बेहद खतरनाक है-

प्रसव के बाद के 48 घंटै मां एवं नवजात दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए प्रसव के बाद मां को कम से कम 48 घंटे स्वास्थ्य संस्था में निगरानी में रखना आवश्यक है। उसके बाद घर आने के बाद भी बुखार , अत्यधिक रक्तस्त्राव, बदबूदार पानी अथवा अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केन्द्र लेकर आयें।
कलेक्टर कुणाल दुदावत एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केशरी ने जिले के आम नागरिको से अपील किए हैं कि  गर्भवती महिला की देखभाल को परिवार प्राथमिक जिम्मेदारी मानते हुए प्रथम तीन महीने के भीतर पंजीयन, नियमित जांच, पौष्टिक आहार, चिकित्सकीय सलाह का पालन तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल अस्पताल पहॅुचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें क्योंकि आपकी बहु-बेटियों की जान बचाना सिर्फ डॉक्टर का नहीं पूरे परिवार का काम है।           

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कोरबा

पटाखा लायसेंस हेतु ऑनलाइन आवेदन 15 सितंबर तक

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कोरबा 09 सितंबर 2026। दीपावली पर्व की दृष्टि से अस्थाई पटाखा लायसेंस बनवाने हेतु इच्छुक आवेदकों से 15 सितंबर तक आवेदन एलएसडीए माडुल (ऑनलाइन) के माध्यम से स्वीकार किये जायेंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अस्थाई पटाखा लायसेंस बनवाने हेतु ऑनलाइन आवेदन पश्चात ऑनलाइन की पावती सहित आवेदक को आवेदन के साथ साईट मैप, जीएसटी पंजीयन प्रमाण पत्र और स्वयं का पासपोर्ट आकार का कलर फोटो दो नग एवं फोटो युक्त परिचय पत्र सहित दस्तावेज 03 प्रतियों में कलेक्टर कार्यालय कोरबा के लायसेंस शाखा में जमा कराना अनिवार्य है। इस हेतु रूपये छः सौ का चालान (0070- अन्य प्रशासकीय सेवाएं, 60-अन्य प्राप्तियां, 103- विस्फोटक पदार्थों के लिये) शीर्ष में जमा किया जाना है। चालान की प्रति आवेदन के साथ संलग्न किया जाना है। विलंब से प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किये जायेंगे।

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