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GDP Growth Outlook: दो बड़ी एजेंसियों ने घटाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान

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मुंबई, एजेंसी। भारत की आर्थिक वृद्धि को लेकर चिंता बढ़ती दिख रही है। India Ratings and Research और ICRA ने पश्चिम एशिया संकट, महंगे कच्चे तेल, कमजोर वैश्विक मांग और रुपए में गिरावट के बीच भारत की जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान घटा दिया हैं।

इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.7% रहने का अनुमान जताया है, जो भारतीय रिजर्व बैंक के 6.9% अनुमान से कम है। एजेंसी के मुताबिक मांग और आपूर्ति दोनों में सुस्ती, भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अनिश्चितताएं अर्थव्यवस्था पर दबाव बना सकती हैं।

‘अल नीनो’ के असर से कृषि उत्पादन प्रभावित 

रिपोर्ट में कहा गया है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण कच्चे तेल और खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी आ सकती है। साथ ही 2026 के मध्य से ‘अल नीनो’ के असर से कृषि उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। एजेंसी ने FY27 में कच्चे तेल की औसत कीमत 95 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान लगाया है। उसके अनुसार तेल की कीमत में हर 10 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी से आर्थिक वृद्धि दर पर करीब 0.44 प्रतिशत अंक का नकारात्मक असर पड़ सकता है।

इंडिया रेटिंग्स की निदेशक (अर्थशास्त्र) मेघा अरोड़ा ने कहा कि ऊंची महंगाई, कमजोर पूंजी प्रवाह, रुपए में गिरावट, सरकार के पूंजीगत व्यय में संभावित कमी, धीमा वैश्विक व्यापार और कमजोर औद्योगिक उत्पादन प्रमुख चुनौतियां हैं। एजेंसी ने यह भी कहा कि यदि सरकारी पूंजीगत व्यय में 10% की कटौती होती है तो वृद्धि दर करीब 6% तक फिसल सकती है।

4.4% रह सकती है खुदरा मुद्रास्फीति

एजेंसी का अनुमान है कि खुदरा मुद्रास्फीति 4.4% रह सकती है, जो RBI के लक्ष्य दायरे में होगी। वहीं रुपया औसतन 94.28 प्रति डॉलर रह सकता है। मंगलवार को रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर 96.47 तक पहुंच गया।

ICRA का क्या है अनुमान

दूसरी ओर, ICRA ने FY2026-27 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.5% से घटाकर 6.2% कर दिया है। एजेंसी ने इसके लिए पश्चिम एशिया संकट और महंगे कच्चे तेल को प्रमुख कारण बताया है।

इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री Aditi Nayar ने कहा कि अब FY27 में कच्चे तेल की औसत कीमत 95 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान है, जबकि पहले यह 85 डॉलर प्रति बैरल आंकी गई थी। उन्होंने कहा कि विनिर्माण क्षेत्र की सुस्ती, निर्यात में गिरावट और पश्चिम एशिया संकट से बढ़े लागत दबाव का असर औद्योगिक गतिविधियों पर दिखाई दे रहा है।

इक्रा ने FY2025-26 की चौथी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 7% रहने का अनुमान लगाया है, जो पिछले तीन तिमाहियों का निचला स्तर होगा। एजेंसी के अनुसार औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों की रफ्तार धीमी पड़ सकती है, हालांकि कृषि क्षेत्र में मामूली सुधार की उम्मीद बनी हुई है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वैश्विक वृद्धि में नरमी और पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण शिपिंग बाधाओं का असर भारत के निर्यात पर पड़ा है। मार्च तिमाही में वस्तु निर्यात सालाना आधार पर 2.8% घट गया, जबकि दिसंबर तिमाही में इसमें 1.4% की मामूली वृद्धि दर्ज की गई थी। 

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प्रियंका का प्रह्लाद जोशी पर कमेंट, संसद में हंगामा:रिजिजू बोले– शिक्षामंत्री का चरित्र हनन करने की कोशिश, माफी मांगें, प्रियंका का जवाब– सबूत दूंगी

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नई दिल्ली, एजेंसी। लोकसभा में दोपहर 2 बजे से पेपर लीक से जुड़े ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा शुरू हो गई है।

विधेयक में 2024 में बने कानून में बदलाव का प्रस्ताव है। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा इससे पेपर लीक रोकने में मदद मिलेगी।

प्रियंका गांधी ने सरकार से सवाल किया कि छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन चलाने का अधिकार किसने दिया। प्रियंका ने कहा- एक ऐसे व्यक्ति को शिक्षामंत्री बनाया जिसने गर्भवती महिला के बलात्कारियों की रिहाई पर सहमति व्यक्त की। इसके बाद सत्ता पक्ष ने हंगामा किया।

रिजिजू निशिकांत दुबे और जोशी ने विरोध किया और कहा कि पहले प्रियंका इस बात का सबूत दें और माफी मांगे।

  • स्पीकर बोले- मैं प्रियंका जी से कहूंगा कि बिना तथ्यों से इस तरह की बातें सदन में करें।
  • प्रियंका का जवाब- जोशी जी ने बिल्किस बानो के बलात्कारियों पर बयान दिया उसका प्रमाण मैं भेज दूंगी।
  • केसी वेणुगोपाल ने कहा- इन्होंने इंदिरा गांधी का नाम लिया है। आप हटा नहीं सकते हैं।
  • निशिकांत बोले- मैंने नेहरू जी का नाम लिया था और आज भी अपने बयान पर कायम हूं।
  • प्रह्लाद जोशी ने कहा- मेरे बारे में जो बोला गया उस पर मुझे पहले से नहीं बताया गया।
  • स्पीकर ने टोका- सदन में इस बिल पर ही चर्चा होगी। आप सिर्फ विधेयक पर ही बोलें।

इससे पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार वचन नहीं, जुमले देती है। दोपहर का सत्र शुरू होने पर स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा कि मैंने चर्चा के लिए 6 घंटे का समय तय किया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष चाहें तो समय बढ़ा सकते हैं।

इस पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार ने सभी दलों से बात की है। अब 8 घंटे चर्चा होगी। जरूरत होगी तो हम 10 घंटे भी चर्चा को तैयार हैं।

प्रह्लाद जोशी बोले- प्रियंका गांधी पर कार्रवाई हो

प्रह्लाद जोशी ने कहा- प्रियंका जी को अपने बयानों को प्रमाणित करना चाहिए था। फैलाई जा रही गलत सूचना के संबंध में कार्रवाई की जानी चाहिए। क्या कोई कुछ भी कह सकता है और इससे बच सकता है?

सत्ता पक्ष ने कहा कि प्रियंका आरोप लगाए जा रही हैं। रिजिजू ने कहा- प्रियंका ने शिक्षा मंत्री पर जो टिप्पणी की वह चरित्र हनन है। इस तरह की भाषा का इस्तेमाल न करें। वह सीनियर लीडर हैं उन्हें जिम्मेदारी के साथ बोलना चाहिए।

प्रियंका बोली- दिल का एंगल बदलना पड़ेगा

फास्ट ट्रैक कोर्ट का रिकॉर्ड पहले से ही खराब है। कल की कार्रवाई में सीबीआई नहीं पहुंचे। संसद विपक्ष को दोषी ठहराने से काम नहीं चलेगा। जेन जी का भरोसा जीतना है तो प्रधानमंत्री जी नए एंगल से वीडियो बनाने से काम नहीं चलेगा।

पीएम मोदी को कैमरे का एंगल नहीं दिल का एंगल बदलना पड़ेगा। ये जेनरेशन झूठ पकड़ सकती है।

देश के नौजवान न्याय मांग रहे हैं भीख नहीं। वे सरकार गिराने नहीं अपना भरोसा बचाने आए हैं। सरकार अपनी नीयत ठीक करें, अपनी अकड़ का इलाज करें। वादों पर अमल करें। आपके शासन में हमने बड़ी बड़ी चोरियां देखीं, चुनाव में वोट चोरी, राम मंदिर में चंदा चोरी, किसानों की जमीन चोरी, फिर हंगामा होता है। शांति से सुन लीजिए। आप जितनी चोरी की बात करना चाहते हैं सब कर लीजिएगा। सबसे बड़ी चोरी देश के युवाओं के सपनों की चोरी है। स्पीकर सर भाषण खत्म, अब तो मुस्करा लीजिए। रिजिजू बोले- प्रियंका जी ने राहुल जी की स्पीच चुरा ली।

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टाटा केमिकल्स का पहली तिमाही का मुनाफा 81% घटकर 60 करोड़ रुपए पर

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नई दिल्ली, एजेंसी। टाटा केमिकल्स का चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही का एकीकृत शुद्ध मुनाफा 81 प्रतिशत घटकर 60 करोड़ रुपए रहा है। खर्चे बढ़ने से कंपनी का मुनाफा घटा है। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में उसका शुद्ध मुनाफा 316 करोड़ रुपए था। शेयर बाजार को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में उसकी कुल आय बढ़कर 4,311 करोड़ रुपए हो गई, जो पिछले साल इसी अवधि में 3,815 करोड़ रुपए थी। 

टाटा केमिकल्स ने बताया कि जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा ”मुख्य रूप से कम प्राप्ति, कम अन्य आय और कम साझा उद्यम आय” के कारण घटा। परिणाम पर टिप्पणी करते हुए टाटा केमिकल्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) आर. मुकुंदन ने कहा कि कंपनी ने जून तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया, जिसमें ज्यादा बिक्री और उत्पादन मात्रा, मजबूत परिचालन क्षमता और अनुशासित लागत प्रबंधन का योगदान रहा। उन्होंने कहा, ”हालांकि, सोडा ऐश की कीमतों के लगातार कम रहने के कारण अमेरिका से दक्षिण-पूर्व एशिया में निर्यात पर दबाव बना रहा।” 

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HUL का पहली तिमाही का शुद्ध लाभ 3.17% घटकर 2,680 करोड़ रुपए रहा, बिक्री बढ़ी

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नई दिल्ली, एजेंसी। दैनिक उपभोग का सामान बनाने वाली (FMCG) कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) का चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 3.17 प्रतिशत घटकर 2,680 करोड़ रुपए रह गया। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली (अप्रैल-जून) तिमाही में उसका एकीकृत शुद्ध लाभ 2,768 करोड़ रुपए था। कंपनी ने मंगलवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि समीक्षाधीन तिमाही में उत्पादों की बिक्री से राजस्व 10.26 प्रतिशत बढ़कर 17,149 करोड़ रुपए हो गया, जो एक वर्ष पहले की समान तिमाही में 15,552 करोड़ रुपए था। 

एचयूएल ने अपने आय विवरण में कहा कि यह पिछले 13 तिमाहियों की सर्वाधिक वृद्धि है। इस दौरान ‘अंडरलाइंग सेल्स ग्रोथ’ (यूएसजी) 10 प्रतिशत रही। कंपनी ने कहा कि अस्थिर कारोबारी माहौल के बावजूद अप्रैल-जून तिमाही में उसका ईबीआईटीडीए मार्जिन 23 प्रतिशत रहा, जो उसके अनुमानित दायरे के भीतर है। अप्रैल-जून तिमाही में कर पूर्व आय (ईबीआईटीडीए) सालाना आधार पर आठ प्रतिशत बढ़कर 3,947 करोड़ रुपए हो गई। आलोच्य तिमाही में एचयूएल का कुल खर्च 10 प्रतिशत बढ़कर 13,822 करोड़ रुपए हो गया। अन्य आय सहित कुल आय 9.84 प्रतिशत बढ़कर 17,529 करोड़ रुपए रही।

एचयूएल की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक प्रिया नायर ने कहा, ”तिमाही के दौरान मांग का बुनियादी माहौल स्थिर रहा। इस पृष्ठभूमि में एचयूएल ने 17,184 करोड़ रुपए का कारोबार और 10 प्रतिशत यूएसजी दर्ज की जिसमें मात्रा एवं कीमत दोनों का समान योगदान रहा।” उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन एचयूएल के ब्रांडों की मजबूती, उसके उत्पाद खंड की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मकता और रणनीतिक प्राथमिकताओं के अनुशासित क्रियान्वयन को दर्शाता है। नायर ने कहा, ”अल्पकालिक कारोबारी चुनौतियों के बीच भी हमारा ध्यान मात्रा-आधारित राजस्व वृद्धि पर बना हुआ है।”

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