नई दिल्ली, एजेंसी। जेन-जी प्रदर्शन के दौरान दिल्ली के जंतर-मंतर से पीएम मोदी को गाली देने वाली 15 साल की नाबालिग का एक वीडियो आम आदमी पार्टी ने पोस्ट किया है। 39 सेकेंड्स के वीडियो में उसने कहा है- मेरी जिंदगी नर्क बन गई है। मुझे हर जगह टॉर्चर किया जा रहा है।
मेरे पास जो था, वो सब चला गया मेरा। न मैं कहीं जा सकती हूं। न कहीं रह सकती हूं। ने मेरे पास कोई फ्रीडम है। मुझे हर जगह अपना मुंह छिपा-छिपाकर रहना पड़ रहा है। इसके बाद पीएम के लिए आपत्तिजनक शब्द कहे।
FIR दर्ज होने के बाद माफी मांगी थी
23 जुलाई को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान वीडियो में नाबालिग पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते नजर आई थीं। उसके खिलाफ गाजियाबाद की रहने वाली स्मृति सिंह ने नोएडा के एक्सप्रेसवे पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी।
इसके बाद पुलिस ने 30 जुलाई को नाबालिग के खिलाफ जानबूझकर अपमान करने, सार्वजनिक उपद्रव फैलाने और मानहानि के आरोप में केस दर्ज किया था। कॉकरोच जनता पार्टी ने इस कार्रवाई का विरोध किया था।
एफआईआर दर्ज होने के बाद नाबालिग ने माफी मांग ली थी। हाथ जोड़ते हुए कहा था- मैंने जो किया, वह माफी के लायक नहीं था। मैं सिर्फ 15 साल की हूं। यह मेरी पहली और आखिरी गलती है। मैं दोबारा ऐसा नहीं कहूंगी। मुझे अपने किए पर शर्मिंदगी है। मैं किसी से नजर नहीं मिला पा रही हूं। प्लीज, मुझे माफ कर दीजिए।
लड़की का वायरल वीडियो 23 जुलाई का है। इसमें वह पीएम के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करती नजर आई थी।
36 दिन चला CJP का प्रदर्शन, प्रधान के इस्तीफे से खत्म हुआ
15 मई को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने बेरोजगारों को लेकर कॉकरोच वाला कमेंट किया। इसके खिलाफ सोशल मीडिया पर 16 मई को कॉकरोच जनता पार्टी बनी। 6 जून को इसे बनाने वाले अभिजीत दीपके भारत आए। 20 जून से जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी NEET पेपर लीक के मुद्दे को लेकर धरने पर बैठे।
36 दिन तक चला यह आंदोलन 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफे के बाद खत्म हुआ। प्रधान ने एक बयान में इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा- पिछले 10 दिन की घटनाओं ने उन्हें बहुत दुखी किया है और यह मुद्दा व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का मामला नहीं है।
इसके अलावा, छात्रों के साथ अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक ने भी 26 दिन की भूख हड़ताल सरकार के आश्वासन के बाद खत्म कर दी थी।
नई दिल्ली, एजेंसी। बिहार में गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। पटना का दीघा घाट डूब चुका है। वहीं, बगहा के डुमरिया घाट पर गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। 15 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
मध्य प्रदेश के सतना, चित्रकूट, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में बाढ़ जैसे हालात हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से करीब 26 फीट ऊंची बह रही है। घाट किनारे करीब 400 दुकानें डूब चुकी हैं। लोग घरों और होटलों में फंसे हैं। 2 हेलिकॉप्टर के साथ SDRF की टीमें रेस्क्यू में जुटी हैं।
राजस्थान में जयपुर समेत 15 शहरों का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हुआ। इस साल मानसून के कमजोर रहने के कारण जयपुर सहित 17 जिलों में सूखे जैसे हालात हैं।
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति
देशभर से मौसम की तस्वीरें
चित्रकूट में तुलसीदास की मूर्ति भी टूट गई है। कंधे के ऊपर का हिस्सा बह गया।
मध्य प्रदेश के चितहरा रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पर कई फीट पानी भर गया है। जलभराव के कारण 24 यात्री ट्रेनें और 20 मालगाड़ियां प्रभावित हुई हैं।
छत्तीसगढ़ के कोरबा शहर का दादर नाला उफान पर है। चिमनी भट्टा इलाके में कमर तक पानी भर गया है।
बिहार के पटना में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। दीघा घाट पर गंगा, आधा किलोमीटर नजदीक आ गई है।
यूपी के उन्नाव में गंगा का जलस्तर बढ़ने से पानी शहर के कई इलाकों में पहुंच गया है। सड़कों पर नावें चल रही हैं।
उत्तराखंड नैनीताल के रामनगर में टेढ़ा रोड-पाटकोट मार्ग पर नाला अचानक उफान पर आ गया।
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ अब भयावह हो चुकी है। नदी खतरे के निशान से करीब 26 फीट ऊंची बह रही है। लोगों को एयरलिफ्ट किया जा रहा है।
न्यूयॉर्क, एजेंसी। RSS प्रमुख मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में शनिवार रात करीब 42 मिनट स्पीच दी। उन्होंने कहा कि एकता और विविधता भारत के DNA में है। लोग अलग दिखते हैं, उनके रहने के तरीके हैं, लेकिन सभी के बीच एक जन्मजात जुड़ाव है।
भागवत ने कहा- विविधता में एकता भारत की पारंपरिक सोच है और देश समय-समय पर पूरी दुनिया को इसका एहसास कराता रहा है। उन्होंने आगे कहा- सोचने की क्षमता इंसान के लिए एक वरदान है। सही सोच इंसान को भगवान के करीब ले जाती है, जबकि गलत सोच उसे जानवरों के करीब ले जाती है।
न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ कार्यक्रम में 5,000 से ज्यादा भारतीय मूल के अमेरिकी शामिल हुए। इसका आयोजन अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग (AHEAD) ने किया। कार्यक्रम में 30 देशों के 180 धार्मिक नेता पहुंचे थे।
भागवत के भाषण की बड़ी बातें…
धर्म सिर्फ पूजा नहीं, जीवन को संतुलित रखने का नियम
भागवत ने कहा कि भारत में जिस सिद्धांत को धर्म कहा जाता है, उसे सिर्फ धर्म या पूजा के तौर पर नहीं समझना चाहिए। धर्म वह व्यवस्था है जो ब्रह्मांड और जीवन को संभालती है। यह जीवन की अलग-अलग स्थितियों के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद करती है।
सिर्फ भौतिक सुख से जिंदगी में संतुष्टि नहीं मिलती
भागवत ने कहा कि पैसा, सामान और दूसरी भौतिक सुविधाएं हमेशा खुशी नहीं दे सकतीं। भौतिक सुख अस्थायी होता है और बहुत ज्यादा सुविधाएं होने के बावजूद संतुष्टि की कमी रह सकती है।
अमेरिका कर्मभूमि है, उसके प्रति सच्चे रहें
अमेरिका में रहने वाले भारतीयों से भागवत ने कहा कि आपकी पहली जिम्मेदारी अपनी कर्मभूमि के प्रति है, उसके प्रति वफादार रहना चाहिए।
जीवन में सीधे संन्यास नहीं, हर पड़ाव की अपनी जिम्मेदारी
भागवत ने कहा कि इंसान के जीवन में चार चरण होते हैं- ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और संन्यास। पहले सीखना, फिर परिवार और समाज को संभालना और बाद में अपने अनुभव अगली पीढ़ी को देना जरूरी है।
व्यक्ति, समाज और पर्यावरण साथ आगे बढ़ें
भागवत ने कहा कि प्रगति के लिए न व्यक्ति को दबाना चाहिए और न समाज को। व्यक्ति, समाज और पर्यावरण की भलाई साथ-साथ होनी चाहिए।
कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीरें…
भागवत के लिए भारतीय प्रवासियों ने पारंपरिक लोकगीत गाए।
मैडिसन स्क्वायर गार्डन में RSS चीफ भागवत के संबोधन से पहले बड़ी संख्या में लोग जुटे।
मैडिसन स्क्वायर गार्डन के बाहर भारतीय महिलाओं ने पुरुषों को राखी बांधी।
मैडिसन में संबोधन से पहले टाइम्स स्क्वायर के बिलबोर्ड पर भागवत की तस्वीरें दिखाई गईं।
बिश्केक/नई दिल्ली, एजेंसी। उज्बेकिस्तान के दौरे पर गए पीएम मोदी को रविवार को राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने अपने देश के सर्वोच्च राज्य सम्मान ‘ओली दाराजली दोस्लिक’ से सम्मानित किया।
उज्बेक भाषा के इस शब्द का मतलब है- उच्च स्तरीय मित्रता। यह पीएम मोदी को मिला 36वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।
मोदी-शावकत के बीच द्विपक्षीय बैठक, यूरेनियम पर बातचीत
मोदी-शावकत के बीच ताशकंद में द्विपक्षीय बैठक हुई। बैठक में भारत-उज्बेकिस्तान के बीच यूरेनियम सप्लाई पर चर्चा हुई।
दोनों देशों ने 2030 तक सालाना द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। अभी दोनों देशों के बीच व्यापार 1 अरब डॉलर से ज्यादा है। बैठक के बाद पीएम ने मीडिया को संबोधन किया।
पीएम के संबोधन की बड़ी बातें…
दोनों देश रक्षा क्षेत्र में सीधा सहयोग, मिलकर हथियारों का उत्पादन और नई तकनीक विकसित करेंगे।
आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद को दोनों देश क्षेत्र के लिए गंभीर खतरा मानते हैं।
इन खतरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रखने पर दोनों की सहमति है।
भारत और उज्बेकिस्तान के रिश्तों की मजबूत नींव साझी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत है।
मोदी का उज्बेकिस्तान दौरा
30 अगस्त- दूसरा दिन
राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने पीएम का स्वागत किया। जिसके बाद दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत शुरू हुई।
मोदी और शावकत मिर्जियोयेव के बीच यूरेनियम सप्लाई समेत कई मुद्दों पर बातचीत हुई।
पीएम मोदी ने ताशकंद में योग फेडरेशन ऑफ उज्बेकिस्तान की ओर से आयोजित योग सत्र में हिस्सा लिया।
पीएम मोदी ने योग सेशन के दौरान एक शख्स को योग करने का सही तरीका बताया।
पीएम मोदी ने योग सेशन के बाद पार्टिसिपेंट के साथ एक सेल्फी वीडियो भी रिकॉर्ड किया।
29 अगस्त- पहला दिन
ताशकंद में पीएम नरेंद्र मोदी भारतीय समुदाय के लोगों से मिले। इस दौरान कुछ महिलाओं ने पीएम मोदी की कलाई पर राखी बांधी।
पीएम मोदी को एयरपोर्ट पर गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
पीएम मोदी ताशकंद एयरपोर्ट से राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ एक ही कार में बैठकर निकले।
मोदी उज्बेकिस्तान के सबसे मशहूर यांगी उज्बेकिस्तान पार्क पहुंचे। उन्होंने स्मारक स्तंभ के बाहर तस्वीर खिंचवाई।
31 अगस्त को पीएम किर्गिस्तान जाएंगे: SCO समिट में शामिल होंगे
उज्बेकिस्तान दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में रहेंगे। यहां वे SCO की 26वीं समिट में हिस्सा लेंगे।
भारत 2017 से SCO का पूर्ण सदस्य है। समिट में सुरक्षा, आतंकवाद, व्यापार, कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
समिट के दौरान मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य देशों के नेताओं से मुलाकात हो सकती है।
मोदी बिश्केक में होने वाले 6वें वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे।
किर्गिस्तान में मोदी के लिए गुजराती खाना, थेपला, खिचड़ी और कढ़ी बनेगी
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में गांधी रेस्टोरेंट के हेड शेफ चिन्मय बडोदेकर ने बताया कि PM मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि उनके लिए घर जैसा ताजा गुजराती खाना तैयार किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि नाश्ते में पोहा, उपमा और इडली-सांभर रखा जाएगा। लंच में थेपला, दाल-चावल और गुजराती सब्जियां परोसी जाएंगी। वहीं डिनर में PM मोदी के लिए खिचड़ी-कढ़ी बनाई जाएगी।
भारत के लिए क्यों अहम है यह दौरा
1. खनिजों का भंडार: भारत लंबे समय से मध्य एशिया के देशों के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। मध्य एशिया तेल, गैस, यूरेनियम और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों का बड़ा भंडार है।
2. ऊर्जा जरूरत: भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए इस क्षेत्र के देशों के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है।
3. नए बिजनेस रूट: भारत मध्य एशिया के देशों के साथ व्यापार भी बढ़ाना चाहता है। इसके लिए वह नए व्यापार और परिवहन मार्ग विकसित करने पर काम कर रहा है।
4. आतंकवाद के खिलाफ मुहिम: अफगानिस्तान की स्थिति और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर भी भारत इन देशों के साथ सहयोग बढ़ा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी के पिछले 3 उज्बेकिस्तान दौरे
यह तस्वीर पीएम मोदी के 2022 के उज्बेकिस्तान दौरे की है। तब समरकंद में SCO समिट का आयोजन किया गया था।
2015: प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी पहली बार उज्बेकिस्तान पहुंचे थे। इस दौरे में दोनों देशों ने व्यापार, ऊर्जा और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया था।
2016: मोदी ताशकंद में SCO समिट में शामिल हुए थे। इसी सम्मेलन के दौरान भारत को संगठन की पूर्ण सदस्यता देने की प्रक्रिया आगे बढ़ी थी। भारत 2017 में SCO का पूर्ण सदस्य बना।
2022: मोदी समरकंद में SCO समिट में शामिल हुए थे। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच उन्होंने रूसी राष्ट्रपति पुतिन से कहा था, ‘आज का युग युद्ध का नहीं है।’ उनका यह बयान दुनियाभर में चर्चा का विषय बना था।
अब SCO के बारे में जानिए, 2001 में हुई थी इसकी स्थापना
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) एक क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय संगठन है जिसकी स्थापना 2001 में चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गीजस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने मिलकर की थी। बाद में भारत और पाकिस्तान 2017 में इससे जुड़े। 2023 में ईरान भी इसका सदस्य बना।
SCO का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सुरक्षा, आर्थिक और राजनीतिक सहयोग को बढ़ाना है। संगठन आतंकवाद, उग्रवाद, ड्रग तस्करी और साइबर अपराध जैसे मुद्दों पर साझा रणनीति बनाता है।