रायपुर, 30 अगस्त 2026। राज्यपाल रमेन डेका से आज लोक भवन में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल ने सौजन्य भेंट कर राज्यपाल को एम्स के तृतीय दीक्षांत समारोह 02 सितंबर 2026 के लिए आमंत्रित किया। दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि उप राष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन होंगे।
होटल से टूर ऑपरेटर, होमस्टे, इको-टूरिज्म, एडवेंचर पर्यटन और सोशल मीडिया तक 10 श्रेणियों में होंगे ‘विश्व पर्यटन दिवस
पुरस्कार-2026’; प्रत्येक विजेता को रू.11 हजार एवं मेमेंटो
पुरस्कार के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026, इच्छुक व्यक्ति एवं संस्थाएं it@visitcg.in पर भेज सकेंगे आवेदन
रायपुर, 30 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में पर्यटन क्षेत्र को नई पहचान देने, पर्यटन से जुड़े उद्यमियों, संस्थाओं एवं व्यक्तियों के उत्कृष्ट कार्यों को प्रोत्साहित करने तथा राज्य के पर्यटन स्थलों के विकास, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा ‘विश्व पर्यटन दिवस पुरस्कार-2026’ प्रदान किए जाएंगे। इस पुरस्कार योजना के तहत पर्यटन क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले होटल, पंजीकृत टूर ऑपरेटर, जिले, पर्यटन स्टार्टअप, रिसॉर्ट, पर्यटक सूचना केंद्र, होमस्टे, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, इको-टूरिज्म साइट और एडवेंचर टूरिज्म संचालकों को सम्मानित किया जाएगा।
योजना के अंतर्गत कुल 10 श्रेणियों में एक-एक पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक विजेता को रू.11 हजार की पुरस्कार राशि एवं मेमेंटो प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।
पर्यटन की पूरी श्रृंखला को प्रोत्साहित करने पर जोर
‘विश्व पर्यटन दिवस पुरस्कार-2026’ की खासियत यह है कि इसमें पर्यटन को केवल पर्यटन स्थलों तक सीमित न रखते हुए उससे जुड़े विभिन्न क्षेत्रों को भी सम्मान के दायरे में शामिल किया गया है। आतिथ्य, पर्यटन संचालन, जिला पर्यटन प्रबंधन, उद्यमिता, रिसॉर्ट सेवाएं, पर्यटक सहायता, होमस्टे, डिजिटल प्रचार, पर्यावरण संरक्षण और साहसिक पर्यटन जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाएगा।
पुरस्कार की 10 श्रेणियां हैं— 1. सर्वश्रेष्ठ होटल 2. सर्वश्रेष्ठ पंजीकृत टूर ऑपरेटर 3. सर्वश्रेष्ठ जिला टूरिज्म प्रमोशन अवॉर्ड 4. सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्टार्टअप/उद्यमिता पुरस्कार 5. CTB Star Performer – सर्वश्रेष्ठ रिसॉर्ट 6. CTB Star Performer – पर्यटक सूचना केंद्र 7. सर्वश्रेष्ठ होमस्टे 8. सर्वश्रेष्ठ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर 9. सर्वश्रेष्ठ इको टूरिज्म साइट अवॉर्ड 10. सर्वश्रेष्ठ एडवेंचर टूरिज्म अवॉर्ड 11. बेहतर सेवाओं और नवाचार को मिलेगा सम्मान
सर्वश्रेष्ठ होटल श्रेणी में राज्य के आतिथ्य क्षेत्र में प्रभावशाली सेवाएं एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने वाले पर्यटन उद्यम को सम्मानित किया जाएगा। इसमें MICE सुविधाओं, पिछले वित्तीय वर्ष के वित्तीय प्रदर्शन, वार्षिक कारोबार और आयोजित कार्यक्रमों की संख्या जैसे मानकों को आधार बनाया जाएगा। पर्यटन प्रचार, सतत पर्यटन, CSR गतिविधियों और रोजगार सृजन में योगदान को भी मूल्यांकन में महत्व दिया जाएगा।
इसी तरह सर्वश्रेष्ठ पंजीकृत टूर ऑपरेटर का चयन आवास, परिवहन, दर्शनीय स्थलों की यात्रा, मनोरंजन और अन्य पर्यटन गतिविधियों के प्रभावी संचालन तथा छत्तीसगढ़ के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों के आधार पर किया जाएगा। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भागीदारी, इटिनरेरी एवं प्रचार सामग्री के माध्यम से पर्यटन का प्रचार तथा वेबसाइट और सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग को भी मूल्यांकन में शामिल किया जाएगा।
पर्यटन विकास में उत्कृष्ट जिले को भी मिलेगा सम्मान
‘सर्वश्रेष्ठ जिला टूरिज्म प्रमोशन अवॉर्ड’ के तहत उस जिले का चयन किया जाएगा, जिसने पर्यटन के व्यापक विकास, संवर्धन, गंतव्य प्रबंधन तथा घरेलू एवं विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने की दिशा में बेहतर कार्य किया हो।
पर्यटन स्थलों की स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, डस्टबिन की उपलब्धता, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, हरित उपाय, प्रकृति आधारित गतिविधियां, कृषि एवं ग्रामीण जीवनशैली, संस्कृति, मत्स्य पालन, पर्यटकों के लिए विशिष्ट अनुभव और पर्यटन के माध्यम से रोजगार सृजन जैसे पहलुओं को भी मूल्यांकन में शामिल किया गया है।
युवा उद्यमियों और पर्यटन स्टार्टअप को मिलेगा मंच
पर्यटन क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्टार्टअप/उद्यमिता पुरस्कार रखा गया है। इसके माध्यम से ऐसे स्टार्टअप और व्यक्तिगत उद्यमियों को पहचान एवं प्रोत्साहन दिया जाएगा, जिन्होंने नवाचार एवं अनुकरणीय गतिविधियों के जरिए छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने का कार्य किया है।
यह पुरस्कार पर्यटन क्षेत्र में नए विचारों, तकनीक, सेवाओं एवं व्यावसायिक मॉडलों के माध्यम से पर्यटन को अधिक आकर्षक, सुविधाजनक एवं प्रतिस्पर्धी बनाने वाले उद्यमियों के प्रयासों को प्रोत्साहित करेगा।
रिसॉर्ट और पर्यटक सूचना केंद्रों की सेवाओं को भी पहचान
CTB Star Performer की दो श्रेणियों में पर्यटन बोर्ड की प्रीमियम एवं बजट श्रेणी की इकाइयों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले रिसॉर्ट तथा उल्लेखनीय बुकिंग उपलब्ध कराने वाले पर्यटक सूचना केंद्रों को सम्मानित किया जाएगा।
सर्वश्रेष्ठ रिसॉर्ट के चयन में टर्नओवर, लाभप्रदता और अधिभोग प्रतिशत जैसे मानकों को आधार बनाया जाएगा। वहीं पर्यटक सूचना केंद्रों का मूल्यांकन पूरे वर्ष पर्यटकों के लिए बुकिंग उपलब्ध कराने में उनके प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।
इन पुरस्कारों के माध्यम से पर्यटन बोर्ड की इकाइयों में बेहतर सेवा, ग्राहक संतुष्टि, प्रभावी संचालन तथा पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
होमस्टे से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वालों का सम्मान
सर्वश्रेष्ठ होमस्टे श्रेणी में घरेलू पर्यटन से अर्जित राजस्व, वार्षिक वृद्धि दर, बुकिंग की संख्या और घरेलू पर्यटकों की संख्या जैसे मानकों के आधार पर चयन किया जाएगा। पर्यटकों को दी जाने वाली सुविधाएं, ग्राहक समीक्षा, शिकायत निवारण प्रणाली, दिव्यांग पर्यटकों के लिए सुविधाएं तथा होमस्टे की विशिष्ट अवधारणा को भी मूल्यांकन में महत्व दिया जाएगा।
होमस्टे के माध्यम से स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोड़ने, स्थानीय उत्पादों एवं व्यंजनों को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आय के अवसर सृजित करने वाले प्रयासों को भी विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा।
डिजिटल दुनिया में छत्तीसगढ़ पर्यटन की ब्रांडिंग करने वालों को पुरस्कार
सोशल मीडिया की बढ़ती भूमिका को देखते हुए सर्वश्रेष्ठ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रेणी भी शामिल की गई है। छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों पर आधारित रील्स, वीडियो और अन्य डिजिटल कंटेंट के माध्यम से राज्य के पर्यटन को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने वाले कंटेंट क्रिएटर्स को इस श्रेणी में सम्मानित किया जाएगा।
फेसबुक, इंस्टाग्राम और यू-ट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर कंटेंट की पहुंच, पिछले तीन वर्षों के प्रदर्शन तथा उपलब्ध होने पर कारोबार संबंधी विवरण को भी मूल्यांकन का हिस्सा बनाया गया है।
इसके माध्यम से छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय जीवन, ऐतिहासिक स्थलों, वन्यजीव, साहसिक गतिविधियों और अन्य पर्यटन आकर्षणों को डिजिटल माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रचारित करने वाले कंटेंट क्रिएटर्स को प्रोत्साहन मिलेगा।
सतत पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण को विशेष प्राथमिकता
सर्वश्रेष्ठ इको टूरिज्म साइट अवॉर्ड के जरिए पर्यावरण-अनुकूल एवं सतत पर्यटन को बढ़ावा देने वाली परियोजनाओं को सम्मानित किया जाएगा। परियोजना का छत्तीसगढ़ में स्थित होना और कम से कम दो वर्षों से संचालित होना आवश्यक है।
नवीकरणीय ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण, स्थानीय समुदायों—विशेषकर आदिवासी एवं ग्रामीण आबादी—की भागीदारी, स्थानीय वनस्पति एवं जीव-जंतुओं तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में योगदान जैसे मानकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
इको-टूरिज्म के माध्यम से स्थानीय समुदायों के लिए आजीविका के अवसर सृजित करने तथा पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन के बीच संतुलन स्थापित करने वाली पहलों को भी मूल्यांकन में विशेष महत्व दिया जाएगा।
साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने वालों को भी सम्मान
छत्तीसगढ़ में कैंपिंग और अन्य साहसिक गतिविधियां संचालित करने वाले श्रेष्ठ संचालक को सर्वश्रेष्ठ एडवेंचर टूरिज्म अवॉर्ड दिया जाएगा। गंतव्य प्रबंधन, घरेलू एवं विदेशी पर्यटकों की संख्या, साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल तथा गतिविधियों से प्राप्त राजस्व प्रमुख मूल्यांकन मानदंड होंगे।
इसके साथ ही पर्यटकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण साहसिक अनुभव उपलब्ध कराने, नए एडवेंचर प्रोडक्ट विकसित करने तथा छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक गंतव्यों को साहसिक पर्यटन के लिए विकसित एवं प्रचारित करने वाले प्रयासों को भी महत्व दिया जाएगा।
15 सितंबर तक करें आवेदन
पुरस्कार की सभी श्रेणियों के लिए आवेदन प्रक्रिया निर्धारित की गई है। इच्छुक व्यक्ति, संस्थाएं एवं संबंधित पर्यटन क्षेत्र के पात्र हितधारक अपनी प्रविष्टियां it@visitcg.in पर ई-मेल के माध्यम से भेज सकते हैं। आवेदन पत्र छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की वेबसाइट https://tourism.cgstate.gov.in/ पर उपलब्ध है। आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 है।
प्राप्त आवेदनों का मूल्यांकन राज्य पर्यटन विभाग/निर्णायक समिति द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाएगा। प्रत्येक श्रेणी में प्राप्त प्रविष्टियों का परीक्षण संबंधित श्रेणी के लिए निर्धारित पात्रता एवं मूल्यांकन मानदंडों के आधार पर किया जाएगा।
उत्कृष्टता को प्रोत्साहन और छत्तीसगढ़ पर्यटन को नई पहचान
‘विश्व पर्यटन दिवस पुरस्कार-2026’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को पहचान देने के साथ ही स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, नवाचार, सतत पर्यटन और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। पुरस्कार की विभिन्न श्रेणियों में आर्थिक प्रदर्शन के साथ स्वच्छता, सतत पर्यटन, स्थानीय समुदाय की भागीदारी, रोजगार सृजन, डिजिटल प्रचार, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने जैसे पहलुओं को महत्व दिया गया है।
यह पहल होटल, रिसॉर्ट, होमस्टे, टूर ऑपरेटर, स्टार्टअप, जिले, पर्यटक सूचना केंद्र, कंटेंट क्रिएटर और एडवेंचर टूरिज्म संचालकों को अपने उत्कृष्ट कार्यों को सामने लाने का अवसर देगी। साथ ही छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और साहसिक पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
नई दिल्ली, एजेंसी। बिहार में गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। पटना का दीघा घाट डूब चुका है। वहीं, बगहा के डुमरिया घाट पर गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। 15 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
मध्य प्रदेश के सतना, चित्रकूट, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में बाढ़ जैसे हालात हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से करीब 26 फीट ऊंची बह रही है। घाट किनारे करीब 400 दुकानें डूब चुकी हैं। लोग घरों और होटलों में फंसे हैं। 2 हेलिकॉप्टर के साथ SDRF की टीमें रेस्क्यू में जुटी हैं।
राजस्थान में जयपुर समेत 15 शहरों का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हुआ। इस साल मानसून के कमजोर रहने के कारण जयपुर सहित 17 जिलों में सूखे जैसे हालात हैं।
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति
देशभर से मौसम की तस्वीरें
चित्रकूट में तुलसीदास की मूर्ति भी टूट गई है। कंधे के ऊपर का हिस्सा बह गया।
मध्य प्रदेश के चितहरा रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पर कई फीट पानी भर गया है। जलभराव के कारण 24 यात्री ट्रेनें और 20 मालगाड़ियां प्रभावित हुई हैं।
छत्तीसगढ़ के कोरबा शहर का दादर नाला उफान पर है। चिमनी भट्टा इलाके में कमर तक पानी भर गया है।
बिहार के पटना में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। दीघा घाट पर गंगा, आधा किलोमीटर नजदीक आ गई है।
यूपी के उन्नाव में गंगा का जलस्तर बढ़ने से पानी शहर के कई इलाकों में पहुंच गया है। सड़कों पर नावें चल रही हैं।
उत्तराखंड नैनीताल के रामनगर में टेढ़ा रोड-पाटकोट मार्ग पर नाला अचानक उफान पर आ गया।
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ अब भयावह हो चुकी है। नदी खतरे के निशान से करीब 26 फीट ऊंची बह रही है। लोगों को एयरलिफ्ट किया जा रहा है।
निस्वार्थ भाव से समाज और राष्ट्रहित में कार्य करने वाले लोगों को देश के सामने लाते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
‘नशामुक्त युवा, विकसित भारत’ के संकल्प में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी जरूरी
मुख्यमंत्री साय ने रायपुर में सुनी ‘मन की बात’ की 137वीं कड़ी
अंतरिक्ष विज्ञान में बेटियों की ऊंची उड़ान, छत्तीसगढ़ की महिमा राजपूत पर प्रदेश को गर्व
रायपुर, 30 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित निरंजन धर्मशाला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 137वीं कड़ी का श्रवण किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का देश के 140 करोड़ नागरिकों से आत्मीय संवाद का सशक्त माध्यम है। इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे नवाचारों, प्रेरक प्रयासों और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले लोगों की उपलब्धियों को पूरे देश के सामने रखते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देशवासियों को प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को प्रसारित होने वाले ‘मन की बात’ कार्यक्रम की प्रतीक्षा रहती है। प्रधानमंत्री इसमें ऐसे अनेक विषयों और व्यक्तित्वों का उल्लेख करते हैं, जिनके बारे में सामान्यतः देश के लोगों को जानकारी नहीं मिल पाती। इससे जहां अच्छे कार्य करने वाले लोगों का उत्साह बढ़ता है, वहीं उनके प्रयास लाखों देशवासियों के लिए प्रेरणा बनते हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे देश के दूरस्थ गांवों और छोटे-छोटे क्षेत्रों में अनेक लोग बिना किसी प्रचार और स्वार्थ के समाज तथा राष्ट्रहित में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। कोई पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे रहा है, कोई स्वच्छता के लिए कार्य कर रहा है, तो कोई स्थानीय संसाधनों के माध्यम से नवाचार कर अपने क्षेत्र में बदलाव ला रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ‘मन की बात’ के माध्यम से ऐसे सामान्य लोगों के असाधारण कार्यों को राष्ट्रीय पहचान देते हैं। इससे देश में सकारात्मकता और जनभागीदारी की भावना मजबूत होती है तथा दूसरे लोगों को भी कुछ नया और बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है।
‘नशामुक्त युवा, विकसित भारत’ के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आज ‘नशामुक्त युवा, विकसित भारत’ के संकल्प को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया। युवा शक्ति विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। ऐसे में युवाओं को नशे से दूर रखना परिवार, समाज और राष्ट्र सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा केवल किसी एक व्यक्ति के जीवन को प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसके दुष्प्रभाव पूरे परिवार और समाज को झेलने पड़ते हैं। स्वस्थ, समर्थ और ऊर्जावान युवा पीढ़ी ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकती है। उन्होंने प्रदेशवासियों से नशामुक्ति के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाने और युवाओं को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
‘हर घर तिरंगा’ में दिखा देशवासियों का राष्ट्रप्रेम
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के प्रति देशवासियों के अभूतपूर्व उत्साह का भी उल्लेख किया। अभियान के अंतर्गत 8 करोड़ से अधिक देशवासियों ने तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी अपलोड की। यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि राष्ट्रध्वज के प्रति देशवासियों के सम्मान, गौरव और गहरे भावनात्मक जुड़ाव की अभिव्यक्ति है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के आह्वान पर ‘हर घर तिरंगा’ आज जन-जन का अभियान बन चुका है। ऐसे अभियान राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने के साथ प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका और कर्तव्यों का स्मरण कराते हैं।
पीएम स्वनिधि से मातृशक्ति को मिल रही आर्थिक संबल
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की भी चर्चा की। रेहड़ी-पटरी और छोटे व्यवसायों से जुड़ी महिलाओं को योजना के माध्यम से अपने कारोबार को आगे बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।
उन्होंने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों में लगभग 46 प्रतिशत महिलाएं हैं और देशभर में करीब 35 लाख महिलाएं इससे जुड़कर अपने छोटे व्यवसायों को नई गति दे रही हैं। आर्थिक रूप से सशक्त महिला न केवल अपने परिवार को मजबूत बनाती है, बल्कि समाज और देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
स्वच्छता केवल अभियान नहीं, जन-जन का संकल्प बने
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वच्छता के महत्व को एक बार फिर रेखांकित किया है। स्वच्छता में स्थायी परिवर्तन तभी संभव है, जब यह केवल सरकारी अभियान न रहकर प्रत्येक नागरिक की आदत और जिम्मेदारी बने।
उन्होंने कहा कि जब किसी गांव, शहर अथवा क्षेत्र के लोग स्वयं अपने परिवेश को स्वच्छ रखने का संकल्प लेते हैं, तो उसका प्रभाव केवल साफ-सफाई तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उस स्थान की पहचान और वहां के लोगों के जीवन की गुणवत्ता में भी सकारात्मक बदलाव आता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपने घर, मोहल्ले, गांव, शहर और आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखने में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
अंतरिक्ष विज्ञान में बेटियों की उड़ान, छत्तीसगढ़ की महिमा राजपूत पर गर्व
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज भारत की बेटियां अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास से हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू रही हैं। उनकी आकांक्षाओं की उड़ान अब धरती से अंतरिक्ष तक पहुंच चुकी है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘मन की बात’ में मिशन शक्ति सैट जैसे प्रेरक प्रयास का उल्लेख किया, जिसके माध्यम से भारत सहित विभिन्न देशों की हजारों छात्राओं को सैटेलाइट टेक्नोलॉजी को समझने, सीखने और नवाचार से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए विशेष गौरव का विषय है कि प्रदेश की महिमा राजपूत भी इस महत्वपूर्ण मुहिम का हिस्सा बनी हैं। उन्होंने महिमा राजपूत को बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटियां शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, खेल और अन्य क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। उनकी उपलब्धियां प्रदेश की दूसरी बेटियों को भी बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए प्रेरित करती हैं।
‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रदेश के लिए गौरव
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ की विभिन्न कड़ियों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अनेक अवसरों पर छत्तीसगढ़ और यहां के उल्लेखनीय प्रयासों का उल्लेख किया है। बस्तर ओलंपिक से लेकर मल्हार में मिले प्राचीन ताम्रपत्रों और काले हिरण के संरक्षण तक, छत्तीसगढ़ की विशिष्टताओं और उपलब्धियों को प्रधानमंत्री ने देशवासियों के सामने रखा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ के नवाचारों, संस्कृति, विरासत और सकारात्मक प्रयासों को राष्ट्रीय मंच पर स्थान दिया जाना प्रत्येक प्रदेशवासी के लिए गौरव की बात है। इससे छत्तीसगढ़ के अच्छे कार्यों को देशभर में पहचान मिलने के साथ प्रदेश के लोगों का उत्साह भी बढ़ता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि यह देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे सकारात्मक कार्यों को एक सूत्र में जोड़ती है। यह कार्यक्रम नागरिकों को स्वच्छता, आत्मनिर्भरता, नवाचार, समाजसेवा और राष्ट्रहित से जुड़े कार्यों के लिए प्रेरित करने के साथ जनभागीदारी की भावना को मजबूत करता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी का यह सतत संवाद देशवासियों में कर्तव्यबोध जगाकर विकसित भारत के निर्माण में अपना सकारात्मक योगदान देने की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक मोतीलाल साहू एवं पुरंदर मिश्रा, संतजन, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।