स्वच्छता शपथ के 280 मीटर लंबे एक ही बैनर पर 20 मिनट में 15500 हस्ताक्षर कर कोरबा ने बनाया वर्ल्ड रिकार्ड
01 घंटे में 7594 हस्ताक्षर करने का पिथौरागढ़ के रिकार्ड को कोरबा ने जबरदस्त प्रहार कर किया ध्वस्त, विश्व स्तर पर गूंजेगी कोरबा की यह धमक
कोरबा। कोरबा के लिए 06 फरवरी 2026 का यह दिन ’’ स्वर्णिम दिवस ’’ के रूप में याद किया जाएगा। नगर पालिक निगम कोरबा के महासंकल्प 2026 के बैनर तले आज कोरबा ने एक ऐसा कीर्तिमान बनाया है, जिसे खंडित कर पाना हर किसी के लिए जल्द संभव नहीं होगा। आज कोरबा ने गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड का एक ऐसा ताज पहना है, जिसकी चमक देश में ही नहीं बल्कि विश्व स्तर पर भी बिखरेगी। गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड के एशिया हेड डॉ.मनीष विश्वनोई ने इस वर्ल्ड रिकार्ड की घोषणा करते हुए कहा कि कोरबा द्वारा आज बनाया गया रिकार्ड वर्ल्ड का ’’ रेयर टू रेयरेस्ट रिकार्ड ’’ है, मैं चमत्कृत हूॅं, कोरबा का यह कारनामा ऐतिहासिक है, यह पहला मौका है कि कोई भी रिकार्ड डबल मार्जिन से क्रेक किया गया हो। उन्होने कहा कि स्वच्छता शपथ के एक ही बैनर पर 01 घंटे की समयसीमा में 7594 हस्ताक्षर करने का रिकार्ड उत्तराखंड के पिथौरागढ़ शहर का था, जिस ध्वस्त करते हुए कोरबा ने केवल 20 मिनट में 15500 हस्ताक्षर कर एक ऐसा रिकार्ड बनाया है, जिसे तोड पाना सुगम नहीं होगा। धन्यवाद कोरबा – साधुवाद कोरबा – आभार कोरबा – बहुत बहुत बधाई नगर पालिक निगम कोरबा।
विगत एक सप्ताह से नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा जिला व पुलिस प्रशासन के सहयोग से की जा रही व्यापक तैयारियों के पश्चात आज 06 फरवरी को प्रदेश के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड कायम करने हेतु स्वच्छता शपथ के 280 मीटर लंबे एक ही बैनर पर हस्ताक्षर करने के महाअभियान का आयोजन आज सम्पन्न हुआ, आयोजन में कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी का विशिष्ट आतिथ्य प्राप्त हुआ, वहीं आयोजन की मेजबानी महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, आयुक्त आशुतोष पाण्डेय एवं सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने की। इस मौके पर निगम के पार्षद व जनप्रतिनिधिगण, जिले के प्रशासनिक अधिकारी, पत्रकारबंधु, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, विद्यालयीन छात्र-छात्राएं, महिला स्वसहायता समूह की सदस्यों, नगर पालिक निगम कोरबा के अधिकारी कर्मचारियों सहित कोरबा के नागरिकबंधुओं ने अपनी महत्वपूर्ण सहभागिता प्रदान की।
हमारा कोरबा स्वच्छ सर्वेक्षण रैंकिंग में भी बनेगा नम्बर वन
इस अवसर पर आयोजन के मुख्य अतिथि की आसंदी से दिए गए अपने उद्बोधन में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि हमें गर्व है अपने कोरबा पर एवं यहॉं की देवतुल्य जनताजनार्दन की सहभागिता पर कि आज हमारे कोरबा ने एक ऐसा वर्ल्ड रिकार्ड बनाया है, जिसे जल्दी तोड़ पाना संभव नहीं होगा। उन्होने कहा कि हमारा कोरबा स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग में देश का नम्बर वन शहर पर आसीन हो, इस हेतु हम सभी स्वच्छता पर लगातार कार्य करेंगे एवं कोरबा को एक और बड़ा सम्मान दिलाएंगे। मंत्री श्री देवांगन ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 में स्वच्छ भारत का जो सपना संजोया था, उस सपने को प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरूण साव के मार्गदर्शन में हमारा नगर पालिक निगम कोरबा पूरा कर रहा है, इसके लिए मैं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, निगम के पार्षदबंधु व अधिकारी कर्मचारियों एवं कोरबा के समस्त नागरिकबंधुओं को साधुवाद देता हॅूं, बधाई देता हूॅं। इस मौके पर उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने हजारों की संख्या में उपस्थित नागरिकों को स्वच्छता शपथ ग्रहण कराई तथा उपस्थितजनों ने स्वच्छता शपथ ग्रहण करते हुए शहर की स्वच्छता के अपने संकल्प को दोहराया।
हम सबका सपना हुआ साकार
इस मौके पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने कहा कि आज कोरबा के लिए ऐतिहासिक दिन है, आज हमारे कोरबावासियों ने एक ऐसा रिकार्ड बनाया है, जिसकी गूंज देश-विदेश तक पहुंचेगी, उन्होने कहा कि आज हम सबकी मेहनत सफल हुई है, हमारा सपना साकार हुआ है, हमने बहुत बडे़ मार्जिन के साथ पूर्व का रिकार्ड ध्वस्त किया है। उन्होने आगे कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री अरूण साव व उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन में हम कोरबा को देश का स्वच्छतम शहर बनाने में भी कामयाब होंगे, स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग में भी कोरबा को सम्मान दिलाएंगे, ऐसा मैं विश्वास रखती हूॅं। महापौर श्रीमती राजपूत ने कोरबा की इस बडी उपलब्धि के लिए कोरबा के नागरिकों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया तथा आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, निगम के अधिकारी कर्मचारियों, जिले के विभिन्न विभागों, विद्यालयीन छात्र-छात्राओं, संगठनों को उनके परिश्रम व प्रयास के लिए साधुवाद दिया।
आभार कोरबा – धन्यवाद कोरबा
कोरबा को यह बड़ी उपलब्धि दिलाने में शहरवासियों की सहभागिता के लिए कृतज्ञता व्यक्त करते हुए आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने कहा कि हमारे कोरबा को आज बहुत बड़ा सम्मान मिला है, नगर पालिक निगम व जिला प्रशासन के महासंकल्प 2026 के बैनर तले कोरबा ने आज एक ऐसा रिकार्ड बनाया है, जो बर्षा तक याद किया जाएगा व इस रिकार्ड को तोड़ पाना भी सुगम नहीं होगा। उन्होने कहा कि पूर्व रिकार्ड को डबल मार्जिन व आधे से भी कम समय पर क्रेक करना एक ऐसी उपलब्धि है, जिसे पाने के लिए हमारे निगम के अधिकारी कर्मचारी व जनप्रतिनिधियों ने, जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों ने, पत्रकारबंधुओं, छात्र-छात्राओं, स्वयंसेवी संगठनों, एवं महिला स्वसहायता समूह सदस्यों ने तथा कोरबा के जागरूक नागरिकबंधुओं ने अपनी सम्पूर्ण इच्छाशक्ति के साथ अपनी सहभागिता दी, वहीं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, कलेक्टर कुणाल दुदावत, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी का लगातार मार्गदर्शन निगम को मिला, इस बड़ी उपलब्धि के लिए आभार कोरबा – धन्यवाद कोरबा।
आयोजन में इनकी रही सहभागिता
नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा महासंकल्प 2026 के बैनर तले आयोजित इस महासमर में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पत्रकारबंधुओं, कार्यालयीन अधिकारी कर्मचारियों, वन विभाग, चेम्बर आफ कामर्स, रेडक्रास सोसायटी, लायंस क्लब, रोटरी क्लब, नमामी हसदेव व समाज, आमनागरिक, पुलिस विभाग एवं बैंक कर्मियो, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग, मेडिकल व नर्सिंग कालेज, छत्तीसगढ़ शासन, एन.टी.पी.सी., एसईसीएल, बालको, के.एन.कालेज, मिनीमाता कालेज, शासकीय महाविद्यालय, अग्रसेन कालेज, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व जिला ओलंपिक संघ, सेजेस कन्या साडा कोरबा, सरस्वती शिशुमंदिर सीएसईबी केरबा पूर्व, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पीडब्ल्यूडी कोरबा व सेजेस एनसीडीसी कोरबा, न्यू एरा पब्लिक स्कूल, सेंट जेविर्यस पब्लिक स्कूल, सेंट पेलौटी पब्लिक स्कूल रविशंकर नगर, डी.डी.एम. पब्लिक स्कूल टीपीनगर, डीपीएस स्कूल बालको एवं एमजीएम स्कूल बालको , प्रयास विद्यालय डिंगापुर, प्रयास विद्यालय डिंगापुर व संस्कार भारती, निर्मला स्कूल रिसदी, निर्मला स्कूल कोसाबाड़ी, ब्लू वर्ड पब्लिक स्कूल, केरियर पब्लिक स्कूल, गायत्री विद्यालय सीएसईबी बुधवारी, गायत्री विद्यालय रानी रोड कोरबा, सरस्वती शिशु मंदिर सीतामणी, सेजेस अंग्रेजी माध्यम पम्प हाउस, लायंस स्कूल टीपीनगर व सीतामणी तथा बीकन स्कूल एसईसीएल व बीकन स्कूल सीएसईबी , महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, जिला ओलपिंक संघ, मितानिन, स्वच्छता दीदी, सफाई मित्र, निगम के अधिकारी कर्मचारी, एनयूएलएम, महिला स्वसहायता समूह के सदस्यों आदि की सहभागिता रही।
महासंकल्प अभियान में अखबार वितरक संघ एवं संस्कारम् टीम ने भी निभाई भूमिका
आज कोरबा के लिए ऐतिहासिक दिन था। प्रशासन ने इसे स्वर्णिम दिवस घोषित किया। नगर पालिक निगम कोरबा के महासंकल्प 2026 के बैनरतले ऐसा कीर्तिमान बनाया और गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में कोरबा का नाम दर्ज हो गया। इस महासंकल्प अभियान में कोरबा के हर वर्ग ने भाग लिया, जिसकी बदौलत कोरबा ने कीर्तिमान गढ़ा। छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ कोरबा इकाई एवं संस्कारम् टीम ने भी इसमें हिस्सा लेकर अपनी भूमिका निभाई। अखबार वितरक संघ के प्रदेश अध्यक्ष पद्मसिंंह चंदेल, जिलाध्यक्ष विपेन्द्र कुमार साहू, सचिव जयसिंह नेताम, कोषाध्यक्ष लक्ष्मी राठौर, सहसचिव रायसिंह, बालको इकाई कोषाध्यक्ष राकेश साहू, रामा, तपेश्वर राठौर, अनिल गिरी, राजकुमार पटेल सरोज, हर्ष नेताम, विल्सन, राहुल, पप्पू, विजय, ओमकार, दीपक, अज्जू सहित बड़ी संख्या में संघ के सदस्य उपस्थित रहे। संस्कारम् टीम से अध्यक्ष आकांक्षा चंदेल, सचिव नेहा अग्रवाल, दीपिका पुजारी, प्रियंका जायसवाल सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे और हस्ताक्षर अभियान में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।
कोरबा निवासी 02 लोगों के विरुद्ध म्यूल अकाउंट के मामले में पुलिस की कार्रवाई
कोरबा पुलिस की अपील—अपना बैंक खाता, एटीएम, सिम एवं मोबाइल नंबर किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग हेतु न दें
कोरबा। पुलिस अधीक्षक जिला कोरबा सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटेल एवं साइबर नोडल अधिकारी नितेश ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कटघोरा के मार्गदर्शन में साइबर थाना प्रभारी ललित कुमार चंद्रा के नेतृत्व में म्यूल अकाउंट के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है।
भारत सरकार के गृह मंत्रालय से म्यूल अकाउंट (Mule Account) के संबंध में प्राप्त निर्देशों के पालन में साइबर पुलिस थाना कोरबा द्वारा ऐसे बैंक खातों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है, जिनका उपयोग साइबर अपराधों में किए जाने की आशंका है।
इसी क्रम में साइबर पुलिस थाना कोरबा द्वारा अलग अलग बैंक खातों के संबंध में अपराध पंजीबद्ध कर धारा 317(2), 318(4) बीएनएस के तहत विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान दो अलग अलग अपराधों में दो खाताधारकों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ में खाता धारक महेंद्र कुमार धीवर निवासी मानस नगर, कोरबा एवं के प्रभाकर राव निवासी कृष्ण नगर कोरबा द्वारा अपने बैंक खातों को लाभ कमाने के उद्देश्य से अन्य व्यक्तियों को कमीशन के बदले उपयोग हेतु दिए जाने की बात सामने आई। बाद में उन्हें जानकारी हुई कि संबंधित बैंक खाते होल्ड हो गए हैं।
प्रकरण में उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर दोनों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई है। प्रकरण की विवेचना वर्तमान में जारी है।
म्यूल अकाउंट के विरुद्ध कोरबा पुलिस की कार्रवाई
साइबर अपराधियों द्वारा आम नागरिकों को कमीशन अथवा आसान कमाई का लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाकर अथवा पहले से संचालित बैंक खातों का उपयोग साइबर अपराध से प्राप्त राशि के लेन-देन के लिए किया जाता है। ऐसे बैंक खातों को म्यूल अकाउंट (Mule Account) कहा जाता है।
साइबर अपराध में प्रयुक्त ऐसे खातों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए उपलब्ध कराने वाले खाताधारक भी साइबर अपराध की विवेचना एवं कानूनी कार्रवाई की चपेट में आ सकते हैं।
कोरबा पुलिस की आम नागरिकों से अपील
साइबर अपराधी लोगों को कमीशन अथवा अन्य प्रकार के लाभ का लालच देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड, मोबाइल नंबर अथवा सिम का उपयोग साइबर अपराधों में कर सकते हैं। अतः नागरिक निम्न सावधानियां बरतें—
अपना बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग हेतु न दें।
अपना एटीएम/डेबिट कार्ड, पासबुक, चेकबुक या इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी किसी को न दें।
अपना मोबाइल नंबर अथवा सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग करने के लिए न दें।
किसी व्यक्ति द्वारा कमीशन या आसान कमाई का लालच देकर बैंक खाता उपलब्ध कराने की बात कही जाए तो सतर्क रहें।
अपने बैंक खाते में होने वाले लेन-देन की नियमित रूप से जानकारी रखें।
किसी संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिलने पर तत्काल अपने बैंक एवं पुलिस को सूचित करें।
किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने खाते में राशि प्राप्त कर उसे दूसरे खाते में ट्रांसफर अथवा नकद निकालकर न दें।
कोरबा पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि थोड़े से आर्थिक लाभ के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम, सिम अथवा मोबाइल नंबर किसी अन्य व्यक्ति को देकर स्वयं को साइबर अपराध की विवेचना एवं कानूनी कार्रवाई का हिस्सा न बनाएं।
SECL मानिकपुर जनसुनवाई रद्द करने की मांग:ग्रामीणों ने प्रक्रिया को फर्जी बताया,भू-विस्थापित बोले- पहले पुराने वादे पूरे करो,नहीं तो 3 हजार ग्रामीण करेंगे विरोध
कोरबा। SECL मानिकपुर ओपन कास्ट खदान विस्तार परियोजना को लेकर प्रभावित ग्रामीणों और प्रबंधन के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। भू-विस्थापित संगठन मानिकपुर ने 21 अगस्त को प्रस्तावित पर्यावरण जनसुनवाई को रद्द करने की मांग की है।
संगठन ने जनसुनवाई की प्रक्रिया को फर्जी बताते हुए चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो 8 प्रभावित गांवों के करीब 2 से 3 हजार महिला-पुरुष ग्रामीण मौके पर पहुंचकर इसका उग्र विरोध करेंगे।
200-250 किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिलने का आरोप
250 किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिलने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि दशकों पहले खदान के लिए अपनी उपजाऊ जमीन देने के बावजूद करीब 200 से 250 किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। वहीं, SECL द्वारा गोद लिए गए 7-8 गांवों में सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी खराब है।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और SECL प्रबंधन खदान विस्तार और कॉर्पोरेट मुनाफे को प्राथमिकता दे रहा है, जबकि विस्थापित परिवारों की पुरानी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है।
युवाओं के लिए 400-500 स्थायी नौकरी की मांग
भू-विस्थापितों ने प्रभावित गांवों के युवाओं के लिए मौके पर ही 400 से 500 पदों पर नियमित और स्थायी भर्ती शुरू करने की मांग रखी है। इसके अलावा भिलाई खुर्द-1, 2 और 3 में बचे मकानों और जमीनों का दोबारा पारदर्शी तरीके से भौतिक सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन कराने की मांग की गई है।
रापाखरा और दादर खुर्द को लेकर भी मांग
ग्रामीणों ने रापाखरा के विस्थापितों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने और आने-जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं, दादर खुर्द के तालाब को गांव की निस्तारी का प्रमुख स्रोत बताते हुए वहां ओबी डंपिंग पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है।
ग्रामीणों को सूचना दिए बिना जनसुनवाई कराने का आरोप
ग्रामीण अमन पटेल ने आरोप लगाया कि SECL प्रबंधन 21 अगस्त को जनसुनवाई कराने जा रहा है, लेकिन प्रभावित गांवों को इसकी जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि करीब 15-20 दिन पहले अधिकारियों से चर्चा के दौरान कहा गया था कि जनसुनवाई की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों को बताया जाएगा। इसके बावजूद अब पंचायत सचिव, सरपंच और अन्य क्षेत्रों को नोटिस भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पुराने मुआवजे, रोजगार, पुनर्वास और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े वादे पूरे नहीं होते, तब तक खदान विस्तार के लिए जनसुनवाई नहीं होने दी जाएगी।
पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध शिकायत निवारण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
बिलासपुर/कोरबा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने भूमि के बदले रोजगार से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय स्थायी समीक्षा समिति का गठन किया है। समिति उपलब्ध अभिलेखों, दस्तावेजों एवं साक्ष्यों के आधार पर प्रत्येक प्रकरण का परीक्षण कर अपनी अनुशंसाएं सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेगी।
भूमि के बदले रोजगार की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से लागू की गई यह उच्चस्तरीय स्थायी समीक्षा व्यवस्था प्रत्येक पात्र हितग्राही के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
समिति के अध्यक्ष महाप्रबंधक (भू-राजस्व), एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर होंगे। समिति में महाप्रबंधक (योजना एवं परियोजना), महाप्रबंधक (मानव संसाधन/श्रमशक्ति), महाप्रबंधक (मानव संसाधन/औद्योगिक संबंध) तथा उप-महाप्रबंधक (विधि), एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर सदस्य होंगे।
गठित समिति आवश्यकता के अनुसार संबंधित अभिलेखों एवं दस्तावेजों की जांच करेगी, अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त करेगी तथा उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों का सत्यापन करते हुए प्रचलित नियमों एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप शिकायतों का परीक्षण करेगी। इससे प्रकरणों के त्वरित, निष्पक्ष एवं तार्किक निस्तारण में सहायता मिलेगी।
भूमि के बदले रोजगार से संबंधित अनियमितता, जाली अथवा कूटरचित दस्तावेजों के उपयोग, तथ्य छिपाकर रोजगार प्राप्त करने अथवा अन्य संबंधित मामलों के संबंध में कोई भी व्यक्ति आवश्यक दस्तावेजों एवं साक्ष्यों सहित समिति के समक्ष शिकायत प्रस्तुत कर सकता है।
एसईसीएल ने स्पष्ट किया है कि विधिवत दर्ज की गई शिकायत को वापस लेने का कोई प्रावधान नहीं है। अतः शिकायतकर्ताओं से अपेक्षा की जाती है कि वे केवल प्रामाणिक तथ्यों एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही शिकायत दर्ज कराएं। कंपनी ने सभी संबंधित पक्षों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि शिकायत केवल अधिकृत माध्यमों से ही प्रस्तुत करें तथा किसी भी प्रकार के बिचौलियों, अपुष्ट सूचनाओं अथवा भ्रामक दावों से सावधान रहें।
एसईसीएल ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि जांच के दौरान कोई शिकायत जानबूझकर असत्य, दुर्भावनापूर्ण अथवा भ्रामक तथ्यों पर आधारित पाई जाती है, अथवा किसी व्यक्ति की छवि धूमिल करने या अनावश्यक उत्पीड़न के उद्देश्य से की गई प्रतीत होती है, तो संबंधित शिकायतकर्ता के विरुद्ध प्रचलित नियमों एवं लागू विधिक प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
एसईसीएल सुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही एवं संस्थागत निष्पक्षता के उच्च मानकों के प्रति प्रतिबद्ध है। कंपनी का विश्वास है कि उच्चस्तरीय स्थायी समीक्षा व्यवस्था के माध्यम से भूमि के बदले रोजगार संबंधी शिकायतों के परीक्षण की प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष एवं विश्वसनीय बनेगी। साथ ही, वास्तविक एवं पात्र हितग्राहियों के हितों का प्रभावी संरक्षण सुनिश्चित होने के साथ शिकायत निवारण तंत्र में जनविश्वास एवं संस्थागत जवाबदेही भी और सुदृढ़ होगी।