Connect with us

देश

Petrol-Diesel की कीमतों को लेकर सरकार ने दी राहत भरी खबर, अभी नहीं बढ़ेंगे दाम

Published

on

नई दिल्ली,एजेंसी। पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर चल रही अटकलों के बीच सरकार ने फिलहाल राहत भरी खबर दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया है कि अभी ईंधन की कीमतें बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है और सरकार उपभोक्ताओं को राहत देने पर ध्यान दे रही है।

कीमतों पर फिलहाल नहीं बढ़ोतरी

सरकार के मुताबिक मौजूदा परिस्थितियों में आम जनता पर बोझ न बढ़े, यह प्राथमिकता है। हालांकि, वैश्विक हालात को देखते हुए भविष्य में बदलाव से इनकार भी नहीं किया गया है।

होरमुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही घटी

युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भारी गिरावट आई है। युद्ध से पहले जहां इस रूट पर करीब 138 जहाज रोजाना चलते थे, वहीं अब यह संख्या घटकर सिर्फ 67 रह गई है। यह गिरावट समुद्री ट्रैफिक में बड़ी कमी को दिखाती है और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन पर इसका असर पड़ सकता है।

भारतीय जहाजों ने बनाई दूरी

अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा कारणों से हाल के दिनों में इस रूट से कोई भी भारतीय ध्वज वाला कंटेनर जहाज नहीं गुजरा है। इससे साफ है कि कंपनियां जोखिम से बचने के लिए वैकल्पिक रास्ते तलाश रही हैं।

विदेशी जहाजों का डेटा सीमित

सरकार के अनुसार विदेशी जहाजों की आवाजाही से जुड़ा डेटा व्यावसायिक होता है, इसलिए इसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।

भारतीय नाविक सुरक्षित

सरकार ने भरोसा दिलाया है कि मौजूदा तनाव के बावजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और किसी दुर्घटना की सूचना नहीं है।

Continue Reading

देश

मोदी ने वाराणसी में 6350 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का किया उद्घाटन …. ट्रेन को हरी झंडी दिखाई

Published

on

वाराणसी, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को 6350 करोड़ रुपये से ज़्यादा की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 163 योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने 1050 करोड़ रुपये से अधिक की पूरी हो चुकी 48 परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित कीं और लगभग 5300 करोड़ रुपये की 112 परियोजनाओं की आधारशिला रखी।

अयोध्या अमृत भारत एक्सप्रेस  ट्रेन को हरी झंडी दिखाई
​​​​​​​
 पवित्र नगरी अयोध्या को वाणिज्यिक महानगर मुंबई को जोड़ने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन मंगलवार शाम अपने गंतव्य के लिए रवाना हुई।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वाराणसी में आयोजित सभा से आभासी माध्यम से जैसे ही इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई और ट्रेन सिटी बजाते हुए मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस के लिए रवाना हुई, वैसे ही अयोध्या रेलवे स्टेशन जय श्रीराम के नारों गूंज उठा। इस मौके पर अयोध्या धाम जंक्शन भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें काफी संख्या में लोग उपस्थित थे। 
इस दौरान स्थानीय निवासी इस ट्रेन के शुरू होने से काफी खुश नजर आए। उनका कहना था कि इस ट्रेन के शुरू होने से रोजी-रोटी की तलाश में मुंबई जाने वाले गरीब तबके के लोगों को काफी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि अभी तक मुंबई जाने के लिए लोगों को काफी पैसा और समय बर्बाद होता था और इस ट्रेन के शुरू होने से दोनों की बचत होगी। मोदी ने आज बनारस से हड़पसर ( पुणे ) और अयोध्या से मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस तक चलने वाली दो नयी अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में चलने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की संख्या चार हो गयी है। प्रधानमंत्री ने 30 दिसंबर 2023 को अयोध्या धाम जंक्शन से प्रदेश में चलने वाली पहली अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।              मुख्य आधारभूत परियोजनाओं में वाराणसी-आजमगढ़ सड़क का चौड़ीकरण पूरा होना, कज्जाकपुरा और कादीपुर में महत्वपूर्ण रेल ओवर ब्रिज का खुलना, और भगवानपुर में 55 एमएलडी क्षमता वाला जल शोधन संयंत्र शामिल हैं। जिन 112 परियोजनाओं की आधारशिला प्रधानमंत्री ने रखी, उनमें अमृत 2.0 के तहत 13 सीवरेज और जलापूर्ति योजनाएं, शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय जिला अस्पताल में 500 बिस्तरों वाला मल्टी-सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और भोजूबीर तथा सिगरा में मार्केट कॉम्प्लेक्स और ऑफिस स्पेस का निर्माण शामिल है। 

अन्य परियोजनाओं में तालाबों का नवीनीकरण और जीर्णोद्धार, 198 बिस्तरों वाले अस्पताल का पुनर्विकास, 100 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण, और अस्सी घाट, दशाश्वमेध घाट और नमो घाट सहित प्रमुख घाटों पर पर्यटन सुविधाओं का विकास शामिल है। प्रधानमंत्री ने वाराणसी के रामनगर में एकीकृत मंडलीय कार्यालय, नगर निगम कार्यालय भवन, और एक सरकारी बाल आश्रय गृह तथा किशोर न्याय बोर्ड की आधारशिला रखी। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि उन्होंने बनास डेयरी से जुड़े उत्तर प्रदेश के दूध आपूर्तिकर्ताओं को बोनस के रूप में 105 करोड़ रुपये से ज़्यादा की राशि भी हस्तांतरित की। मोदी ने वाराणसी जंक्शन-पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन तीसरी और चौथी रेलवे लाइन परियोजना की भी आधारशिला रखी, जिसमें गंगा नदी पर एक रेल-सह-सड़क पुल का निर्माण भी शामिल है।

Continue Reading

देश

भारत ने  फिर दिखाई दरियादिलीः किर्गिस्तान को दिया BHISHM Cube का बड़ा तोहफा !

Published

on

नई दिल्ली,एजेंसी। भारत ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर अपनी “मानवीय ताकत” और तकनीकी क्षमता का दम दिखाया है। Rajnath Singh ने किर्गिस्तान को स्वदेशी भीष्म क्यूब (BHISHM Cube) मेडिकल सिस्टम भेंट कर यह संदेश दिया कि भारत सिर्फ रक्षा शक्ति ही नहीं, बल्कि आपदा के समय जीवन बचाने वाला भरोसेमंद साझेदार भी है। आज जब दुनिया युद्ध, आपदाओं और मानवीय संकटों से जूझ रही है, ऐसे में BHISHM Cube जैसे सिस्टम किसी भी देश के लिए “लाइफसेवर” साबित हो सकते हैं। यह भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता (Make in India) और वैश्विक जिम्मेदारी दोनों को मजबूत करता है।

 क्या है भीष्म क्यूब?
BHISHM (Bharat Health Initiative for Sahyog Hita & Maitri) Cube एक आधुनिक, पोर्टेबल मेडिकल सिस्टम है, जिसे खास तौर पर आपात स्थितियों के लिए तैयार किया गया है। यह “गोल्डन ऑवर” यानी दुर्घटना के बाद के सबसे महत्वपूर्ण समय में तुरंत इलाज उपलब्ध कराने के लिए डिजाइन किया गया है। इसका उद्देश्य गंभीर स्थिति में मरीज की जान बचाना है, जब हर मिनट बेहद कीमती होता है।

कैसे करता है काम ?
इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत इसका मॉड्यूलर डिजाइन है। इसमें छोटे-छोटे 36 “मिनी क्यूब” मिलकर एक “मदर क्यूब” बनाते हैं, और ऐसे दो मदर क्यूब मिलकर पूरा BHISHM Cube तैयार करते हैं। एक पूरा सिस्टम करीब 200 मरीजों का इलाज, यहां तक कि सर्जरी तक संभाल सकता है। इसे हाथ से, साइकिल से या ड्रोन के जरिए भी कहीं भी पहुंचाया जा सकता है।

PunjabKesari

हाई-टेक तकनीक और तेज तैनाती  
BHISHM Cube को सिर्फ 12 मिनट में सेटअप किया जा सकता है, जो किसी भी आपदा या युद्ध जैसी स्थिति में बेहद अहम है। इसमें RFID तकनीक के जरिए हर मेडिकल उपकरण को ट्रैक किया जा सकता है, और एक डिजिटल सिस्टम 180 भाषाओं में जानकारी उपलब्ध कराता है। साथ ही इसमें AI और डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल होता है, जिससे रियल-टाइम मॉनिटरिंग और बेहतर मैनेजमेंट संभव होता है।

भारत की ‘मानवीय कूटनीति’ का उदाहरण
यह पहल Project Aarogya Maitri के तहत की गई है, जिसका मकसद जरूरत के समय दुनिया के देशों को तुरंत चिकित्सा सहायता देना है। किर्गिस्तान को यह सिस्टम देकर भारत ने यह साफ कर दिया कि वह सिर्फ रणनीतिक साझेदार ही नहीं, बल्कि संकट में साथ खड़ा रहने वाला दोस्त भी है।

Continue Reading

देश

एसईजेड इकाइयों से घरेलू क्षेत्र में आए माल का निर्यात होने पर मिलेगा शुल्क रिफंड

Published

on

नई दिल्ली, एजेंसी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) में स्थित इकाइयों से घरेलू क्षेत्र में शुल्क अदा कर भेजे गए माल को बाद में निर्यात किए जाने की स्थिति में ‘आयातित माल’ माना जाएगा और उस पर भी शुल्क वापसी (ड्यूटी ड्रॉबैक) का लाभ मिलेगा। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने सीमा शुल्क अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि एसईजेड इकाइयों से घरेलू शुल्क क्षेत्रों (डीटीए) में शुल्क अदा कर भेजे गए माल को यदि बाद में निर्यात किया जाता है, तो उसे सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की धारा 74 के तहत आयातित माल माना जाएगा। 

निर्देश में कहा गया है कि अब तक कुछ क्षेत्रीय कार्यालयों में अलग-अलग तरीके अपनाए जा रहे थे। कुछ जगहों पर एसईजेड से डीटीए में भेजे गए माल को आयात नहीं माना जा रहा था, जिसके कारण ड्यूटी ड्रॉबैक के दावों को अस्वीकार किया जा रहा था। इसी असमानता को दूर करने के लिए यह स्पष्टीकरण जारी किया गया है। सीबीआईसी ने कहा, “जहां एसईजेड इकाई से डीटीए में माल लागू शुल्कों के भुगतान के बाद भेजा गया हो और बाद में उसका पुनः निर्यात किया जाए, उसे शुल्क रिफंड के लिहाज से आयातित माल माना जाएगा।” इस कदम को शोध संस्थान ‘ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव’ (जीटीआरआई) ने ‘स्वागत योग्य और न्यायसंगत’ बताते हुए कहा है कि यह निर्देश विभिन्न सीमा शुल्क कार्यालयों में चल रही अलग-अलग प्रक्रियाओं को समाप्त करेगा और अनावश्यक विवादों को कम करेगा। 

जीटीआरआई के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा, “इससे निर्यातकों को राहत मिलेगी क्योंकि पहले से शुल्क चुका चुके माल पर दोबारा निर्यात के समय फंसी राशि वापस मिल सकेगी। इससे नकदी प्रवाह बेहतर होगा और व्यापारिक अनिश्चितता कम होगी।” भारतीय निर्यातकों के निकाय ‘फियो’ ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह लंबे समय से लंबित अस्पष्टता को दूर करता है और खासकर एमएसएमई निर्यातकों के लिए राहत लेकर आएगा। फियो ने कहा कि इस प्रावधान के समान और सुचारु क्रियान्वयन से निर्यात प्रक्रिया अधिक सरल और सुविधाजनक बनेगी तथा व्यापारियों को अधिक निश्चितता मिलेगी। 

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677