Connect with us

छत्तीसगढ़

गृहमंत्री बोले-2047 तक होगी साइबर-एक्सपर्ट की भर्ती:सुनील सोनी ने कहा-16,000 केस,लोग सुसाइड कर रहे, बिजली-बिल पर स्थगन प्रस्ताव अस्वीकार्य, नेता प्रतिपक्ष ने कहा-धन्यवाद

Published

on

रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन में गहमा-गहमी देखने को मिला। इस दौरान प्रदेश में बढ़ते साइबर क्राइम पर बीजेपी 5 विधायकों ने सरकार को जमकर घेरा। इस दौरान गृहमंत्री विजय शर्मा ने मजाकिया अंदाज में कहा कि जब सब खत्म हो जाएगा तो 2047 तक साइबर क्राइम रोकने एक्सपर्ट की भर्ती कर लेंगे, कोई टेंशन नहीं है।

सदन में विधायक सुनील सोनी ने कहा कि प्रदेश में लगातार साइबर ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। हजारों लोग ठगी के शिकार हो रहे हैं, लेकिन अब तक साइबर एक्सपर्ट्स की नियुक्ति नहीं हुई। लोग सुसाइड कर रहे हैं। स्थिति भयावह है।

इसके अलावा सदन में छत्तीसगढ़ में बिजली बिल में बढ़ोतरी के खिलाफ विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव लाया था, जिसे विधानसभा अध्यक्ष ने अस्वीकार्य किया। इस पर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने आभार जताया। सत्तापक्ष ने मेज थपथपाई। स्थगन प्रस्ताव अस्वीकार्य होने के बाद भी विपक्ष ने नहीं किया हंगामा।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में साइबर क्राइम पर बीजेपी विधायक और गृहमंत्री में जमकर बहस हुई।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में साइबर क्राइम पर बीजेपी विधायक और गृहमंत्री में जमकर बहस हुई।

AI पर ज्यादा विश्वास नहीं करें। हम सही आंकड़े दे रहे

जवाब में गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि साइबर अपराध के 1301 आपराधिक प्रकरण दर्ज हुए हैं। AI पर ज्यादा विश्वास नहीं करें। हम सही आंकड़े दे रहे हैं। साइबर थाने की बात नहीं, बल्कि साइबर सेल की बात हर जिले में हुई थी। एनसीआरबी का डेटा 2022 के बाद आया ही नहीं, फिर नई जानकारी कैसी आएगी?

इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और गृहमंत्री विजय शर्मा के विभागों से जुड़े सवाल पूछे गए। इस दौरान पीएम आवास योजना, मनरेगा, बंद पड़ी जांच मशीनें और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को लेकर भी सवाल-जवाब हुए।

एआई पर ज्यादा विश्वास नहीं करें। हम सही आंकड़े दे रहे

सुनील सोनी के सवाल पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि साइबर अपराध के 1301 आपराधिक प्रकरण दर्ज हुए हैं। एआई पर ज्यादा विश्वास नहीं करें। हम सही आंकड़े दे रहे हैं। साइबर थाने की बात नहीं, बल्कि साइबर सेल की बात हर जिले में हुई थी। एनसीआरबी का डेटा 2022 के बाद आया ही नहीं, फिर नई जानकारी कैसी आएगी?

सुनील सोनी ने उठाया नया सवाल

सवाल: जनवरी 2024 से जून 2025 तक कितने ठगी के आरोपियों को जेल भेजा गया?

गृहमंत्री का जवाब: बैंक संबंधित ठगी में तीन प्रकरण दर्ज हुए हैं, जिनमें सात आरोपियों को जेल भेजा गया है।

इस पर गृहमंत्री का जवाब- पैसे की वापसी कोर्ट की प्रक्रिया से होकर गुजरती है। IG स्तर के अधिकारी की नियुक्ति पहले ही की जा चुकी है।

  • बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने गृहमंत्री विजय शर्मा से पूछा कि साइबर क्राइम रोकने कितने कमांडो तैयार किए गए हैं? नियुक्ति कितने की हुई? विशेषज्ञों की भर्ती कब होगी?
  • इस पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जब सब खत्म हो जाएगा तो 2027 तक भर्ती कर लेंगे, कोई टेंशन नहीं।

शेषराज हरवंश ने पूछा मेकाहारा में बंद पड़ी मशीनों पर सवाल

इस दौरान कांग्रेस विधायक शेषराज हरवंश ने मेकाहारा में बंद पड़ी जांच की मशीनों की मरम्मत का मुद्दा उठाया। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल से पूछा कि मशीनों में से कई मशीन एक संख्या में थे, जो वर्षों से ऐसी ही पड़ी है। मशीनों की खरीदी क्यों नहीं हो रही और खरीदी की प्रक्रिया क्या है?

  • इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 161 मशीन स्थापित हैं, 50 मशीनें बंद हैं। अभी 70 करोड़ की खरीदी कर रहे हैं। 11 मशीनों का सुधार कार्य चल रहा है।
  • कांग्रेस विधायक शेषराज हरवंश ने पूछा कि कैंसर की जांच करने वाले मशीन क्यों नहीं है ?
  • इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि वो जांच मशीन की श्रेणी में नहीं इलाज की श्रेणी में आता है। यह मशीन विदेश से आता है, लेकिन हम उस मशीन को चालू भी करेंगे।
  • विधायक शेषराज ने पूछा कि यह मशीन पिछले 9 साल पहले आपके ही कार्यकाल में खरीदी गई थी। 9 साल पहले खरीदी गई मशीन अभी तक चालू क्यों नहीं कर पाए हैं ?
  • स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के नेतृत्व में एक अच्छे सोच के साथ मशीन की खरीदी की गई थी, कुछ कारणों की वजह से अगर चालू नहीं कर पाए तो अभी करवा रहे हैं, लेकिन 5 साल आपकी भी सरकार थी।
  • वहीं बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि मैंने पिछले 5 साल में भी यह कहा है और बार-बार की वह मशीन अगर चालू होगी तो उससे कई लोगों का इलाज किया जा सकता है। कोई अनियमितता होगी तो उसकी भी जांच करा सकते हैं।

वहीं मेकाहारा अस्पताल में बाउंसर वसीम बाबू ने मारपीट की थी इस पर कार्रवाई को लेकर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी ने आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में ऐसी स्थितियों का कोई स्थान नहीं है। ऐसा कोई मामला है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों पर विभागीय कार्रवाई और पुलिस कार्रवाई की जाएगी।

कांग्रेस विधायकों ने लाया ध्यानाकर्षण प्रस्ताव

किसानों को कृषि यंत्र वितरण में लागू चौम्प्स व्यवस्था में अनियमितता पर कांग्रेस विधायक इंद्र साव, द्वारिकाधीश यादव और चातुरी नंद ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया।

इस पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने जबाव में कहा कि मामले की शिकायत पर 4 सदस्यीय जांच कमेटी जांच कर रही है। विभागीय जांच रिपोर्ट के बाद तकनीकी पहलुओं की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

इस दौरान विपक्ष ने विभागीय प्राथमिक जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई की मांग की। इस पर मंत्री ने जबाव में बताया कि तकनीकी जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

अब जानिए 15 जुलाई को क्या-क्या हुआ ?

15 जुलाई को छत्तीसगढ़ विधानसभा जमकर हंगामा हुआ। प्रश्नकाल के दौरान जल जीवन मिशन की प्रगति पर विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस हुई। जल जीवन मिशन के सवाल पर जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया।

विपक्ष ने सरकार पर गलत आंकड़े पेश करने और योजना में गड़बड़ी के आरोप लगाए। वहीं सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। पूर्व सीएम भूपेश बघेल के सवाल पर डिप्टी सीएम और विभागीय मंत्री अरुण साव ने बताया कि 7 महीने में 10 लाख नल कनेक्शन दिए गए।

इस पर भूपेश बघेल ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में सिर्फ 3 हजार 500 करोड़ जल जीवन मिशन योजना पर खर्च हुए। सिर्फ 57 प्रतिशत का लक्ष्य हासिल हुआ है। इसके जवाब में डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि आपने समय पर काम किया होता तो ये हालात नहीं बनते, आपकी सरकार ने बगैर पानी के नल टोटी लगाए।

मानसून सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने जल जीवन मिशन का मुद्दा उठाया।

मानसून सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने जल जीवन मिशन का मुद्दा उठाया।

सबसे पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और विधायक किरण सिंहदेव ने प्रश्नकाल में बस्तर संभाग में उद्योगों से मिले सीएसआर मद की राशि का मामला उठाया। विस्तार से पढ़िए प्रश्नकाल में क्या-क्या हुआ…

किरण सिंहदेव- सीएसआर मद से 21 करोड़ की राशि की जानकारी आई है। इसमें 7 करोड़ 44 करोड़ की राशि किस मद में खर्च हुई? किन-किन कामों में खर्च हुई है?

उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन- विस्तृत उत्तर दिया गया है कि किन-किन मदों में खर्च हुआ है।

किरण सिंहदेव- पिछले दो सालों में कोई राशि नहीं दी गई है, इस मद से कलेक्टर की ओर से बस्तर जिले में। मेरी ओर से अनुमोदित विकास कार्यों पर भी सहमति नहीं दी गई है। प्रावधानित राशि में भी कटौती की गई है।

उद्योग मंत्री- सदस्य का एक प्रस्ताव स्वीकृत हुआ है, 17 काम स्वीकृत होना बाकी है, आगे और काम स्वीकृत करेंगे।

नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत- सीएसआर मद का कितना प्रतिशत देना जरूरी है?

उद्योग मंत्री- तीन साल के अनुपात में 2 प्रतिशत की राशि आय का सीएसआर मद में खर्च किया जाता है।

डॉ चरणदास महंत- अभी सीएसआर मद में कितना दिया जा रहा है और भूपेश बघेल सरकार में कितना दिया जाता था, इसकी जांच करवा लें।

प्रश्नकाल में इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जल जीवन मिशन का मामला उठाया।

अरुण साव ने बताया कि- 31 लाख 16 हजार 398 घरों में नल से पानी दिया जा रहा है।

अरुण साव ने बताया कि- 31 लाख 16 हजार 398 घरों में नल से पानी दिया जा रहा है।

भूपेश बघेल- साल 2022-23, 23-24 और 24-25 में कितनी राशि खर्च हुई? लक्ष्य के विरुद्ध कितने घरों में पानी पहुंच पाया? कई जिलों में कम राशि खर्च की गई। वहीं कई जिलों में दूसरे जिलों के मुकाबले बहुत कम घरों में पानी पहुंचा है।

विभागीय मंत्री अरुण साव- अब तक साल 2022-23 से 15 हजार 45 करोड़ मतलब 57 प्रतिशत राशि खर्च हुई है। 31 लाख 16 हजार 398 घरों में नल से पानी दे रहे हैं। 3 हजार 836 गांवों में पूरी तरह नल से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। राशि का भुगतान काम के प्रोग्रेस के मुताबिक किया जाता है। इसलिए अलग-अलग जिलों में अलग-अलग स्थिति है। 49 लाख से ज्यादा घरों में नल कनेक्शन के जरिए पानी पहुंचाना है। देरी से काम शुरू हुआ।

भूपेश बघेल- डबल इंजन की सरकार में सिर्फ 3 हजार 500 करोड़ रुपए योजना पर खर्च हुए। सिर्फ 57 प्रतिशत का लक्ष्य हासिल हुआ है।

अरुण साव- साल 2023 के आखिर तक 36 लाख परिवारों तक नल का कनेक्शन दिखाया गया, सिर्फ आंकड़े दिखाने के लिए ये किया गया। हमने जो वेरिफिकेशन किया तो पता चला कि सिर्फ 21 लाख घरों में पानी जा रहा था, बाकी 15 लाख में सिर्फ नल लगाया गया था। आपने समय पर काम किया होता तो ये हालात नहीं बनते, आपकी सरकार ने बगैर पानी के नल टोटी लगाए।

भूपेश बघेल- 21 लाख घरों में हमने पानी दिया, अब तक 31 लाख घरों में पानी पहुंच रहा कह रहे हैं, मतलब करीब 2 साल में डबल इंजन की सरकार ने सिर्फ 10 लाख घरों में नल से पानी दिया। ये भी सही है या आंकड़ेबाजी है?

सरकार पर गलत आंकड़े पेश करने का आरोप लगाते हुए विपक्ष ने हंगामा कर दिया।

सरकार पर गलत आंकड़े पेश करने का आरोप लगाते हुए विपक्ष ने हंगामा कर दिया।

नल से पानी नहीं मिलने के मसले पर सदन में विपक्ष ने हंगामा कर दिया। पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। विपक्षी विधायकों ने आंकड़े को झूठा बताया। विधायकों ने कहा कि कई जिलों में पानी नहीं मिल रहा है।

नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत- 20 महीने की सरकार में सिर्फ 7 प्रतिशत काम हुआ है, जबकि हमने अपनी सरकार के दौरान करीब 74 प्रतिशत काम किया है। फिर ज्यादा काम किसने किया?

अरुण साव- हमने 10 लाख नल कनेक्शन पानी के साथ दिया।

भूपेश बघेल- 7 महीने में कितने नल कनेक्शन दिए और कितनी राशि खर्च की।

अरुण साव- 10 लाख नल कनेक्शन दिया।

विपक्ष के विधायकों ने गलत जानकारी देने की बात कही। इस दौरान विपक्ष और मंत्रियों के बीच बहस होने लगी। प्रश्नकाल की कार्यवाही के दौरान हंगामे पर स्पीकर डॉ रमन ने पक्ष और विपक्ष के सदस्यों को टोका।

हंगामे के दौरान स्पीकर डॉ रमन सिंह पक्ष और विपक्ष के सदस्यों को शांत कराते हुए।

हंगामे के दौरान स्पीकर डॉ रमन सिंह पक्ष और विपक्ष के सदस्यों को शांत कराते हुए।

विपक्ष के विधायकों का सदन से वॉकआउट

उन्होंने कहा कि आसंदी की मर्यादा का ध्यान रखें। प्रश्नकाल में हंगामा करना उचित नहीं है। पूरा देश छत्तीसगढ़ की कार्यवाही को देखता है। सदन की मर्यादाओं का पालन हम सभी को करना होगा। इसके बाद जवाब से असंतुष्ट विपक्ष के विधायकों ने सदन से वॉक आउट कर दिया।

18 जुलाई तक चलेगा चलेगा मानसून सत्र

यह मानसून सत्र 18 जुलाई तक चलेगा। मानसून सत्र के पहले ही दिन 14 जुलाई को सत्ता पक्ष के विधायक के सवाल पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा घिर गए थे। मामला पटवारी से राजस्व निरीक्षक की विभागीय परीक्षा में अनियमितता से जुड़ा था।

भाजपा के विधायक राजेश मूणत ने सवाल पूछा कि अब तक इस मामले में एफआईआर क्यों नहीं कराई गई? इस पर मंत्री टंकराम वर्मा ने जवाब दिया कि अभी ईओडब्ल्यू जांच कर रही है।

सत्र के पहले दिन की कार्रवाई में राजस्व विभाग से जुड़ा मुद्दा सदन में उठा था।

सत्र के पहले दिन की कार्रवाई में राजस्व विभाग से जुड़ा मुद्दा सदन में उठा था।

पहले दिन भी विपक्ष का वॉकआउट

इसी बीच विपक्ष ने भी वर्तमान सरकार का मुद्दा बताते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग कर दी। तब मंत्री ने कहा कि ईओडब्ल्यू जांच कर रही है। अगले सत्र से पहले कार्रवाई हो जाएगी।

मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष सदन से वॉकआउट कर गया। इधर, भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में भर्ती में रोस्टर का पालन नहीं करने का मुद्दा उठाया।

इस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि 10 विभागों में से 8 विभागों में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो चुकी हैं। अभी जांच चल रही है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

रायगढ़ : पीएम श्री योजना के तहत विद्यार्थियों ने कोलकाता में लिया ज्ञान-विज्ञान का अनुभव

Published

on

6 दिवसीय अंतर्राज्यीय शैक्षणिक भ्रमण सफलतापूर्वक सम्पन्न

साइंस सिटी से लेकर विक्टोरिया मेमोरियल तक ऐतिहासिक व वैज्ञानिक स्थलों का भ्रमण

व्यवहारिक शिक्षा से विद्यार्थियों में बढ़ा आत्मविश्वास और जिज्ञासा

साइंस सिटी से लेकर विक्टोरिया मेमोरियल तक ऐतिहासिक व वैज्ञानिक स्थलों का भ्रमण
साइंस सिटी से लेकर विक्टोरिया मेमोरियल तक ऐतिहासिक व वैज्ञानिक स्थलों का भ्रमण

रायगढ़। पीएम श्री योजना अंतर्गत राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत रायगढ़ जिले के पीएम श्री विद्यालयों के उत्कृष्ट विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का 6 दिवसीय अंतर्राज्यीय शैक्षणिक भ्रमण कोलकाता में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

साइंस सिटी से लेकर विक्टोरिया मेमोरियल तक ऐतिहासिक व वैज्ञानिक स्थलों का भ्रमण

           कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे के निर्देशन में तथा जिला शिक्षा अधिकारी के. वी. राव एवं जिला मिशन समन्वयक आलोक स्वर्णकार के मार्गदर्शन में 13 मार्च को एपीसी अभय कुमार पांडेय के नेतृत्व में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का दल शैक्षणिक भ्रमण हेतु रवाना हुआ। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने साइंस सिटी, कोलकाता का अवलोकन किया, जहां विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियों ने उन्हें विज्ञान के प्रति प्रेरित किया। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने कोलकाता मेट्रो की यात्रा कर आधुनिक परिवहन व्यवस्था को समझा। धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के अंतर्गत विद्यार्थियों ने दक्षिणेश्वर काली मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा बिरला तारामंडल में अंतरिक्ष से जुड़ी जानकारियां प्राप्त कीं।  

         ऐतिहासिक धरोहरों के अध्ययन हेतु विद्यार्थियों ने विक्टोरिया मेमोरियल एवं भारतीय संग्रहालय का भ्रमण किया, जहां उन्होंने भारत की समृद्ध विरासत को करीब से जाना। इसके अलावा बेलूर मठ, अलीपुर चिड़ियाघर, राष्ट्रीय पुस्तकालय, कोलकाता तथा आचार्य जगदीश चंद्र बोस भारतीय वनस्पति उद्यान का भ्रमण कर विद्यार्थियों ने विविध शैक्षणिक एवं  सांस्कृतिक अनुभव प्राप्त किए। विद्यार्थियों ने ईडन गार्डन एवं हावड़ा ब्रिज का भी अवलोकन किया, जिससे उन्हें देश की प्रमुख धरोहरों की जानकारी मिली। इस प्रकार यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं अनुभवात्मक सिद्ध हुआ। इससे उनके शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं आत्मविश्वास का भी विकास हुआ।

Continue Reading

कोरबा

डीएमएफ परियोजनाओं में परिणाम आधारित कार्य करें सुनिश्चितः- कलेक्टर कुणाल दुदावत

Published

on

जिले में कृषि विकास को गति व कृषक हितों को सशक्त बनाने कलेक्टर ने कृषि एवं संबद्ध विभागो की ली बैठक

विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी गंभीरता व जवाबदेही के साथ काम करने हेतु किया निर्देशित

सभी शासकीय फार्म्स में धागाकरण यूनिट प्रारम्भ करने प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के दिए निर्देश

लाख पालन विकास हेतु ठोस रूपरेखा के साथ प्रस्ताव बनाने के निर्देश

पपीता व ऑयल पाम प्लांटेशन के लिए स्थान सुनिश्चित करने हेतु किया निर्देशित
जिले में द्विफसली क्षेत्र विस्तार, मिलेट, दलहन तिलहन के उत्पादन बढ़ाने हेतु किया निर्देशित

कोरबा। जिले में कृषि विकास को गति देने व कृषक हितों को सशक्त बनाने हेतु कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कृषि एवं संबद्ध विभागों के अधिकारियों की  बैठक ली। उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति, आगामी वर्ष की रणनीति और डीएमएफ से स्वीकृत कार्यों की वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा की।  कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ काम करने हेतु निर्देशित किया, जिससे योजनाओं का प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित हो और निर्धारित लक्ष्यों में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल की जा सके और किसानों को वास्तविक लाभ प्राप्त हो।

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए कृषि अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से किसानों के उत्पादन में सुधार सुनिश्चित करने  एवं उनकी  आय में बढ़ोत्तरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को जिले में द्विफसली क्षेत्र के विस्तार को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।  किसानों को खरीफ मौसम में फसल विविधीकरण और रबी के फसलों का क्षेत्र विस्तार सुनिश्चित करने निर्देशित किया। जिले में मक्का, रागी, कोदो जैसे मिलेट एवं दलहन- तिलहन फसलों के उत्पादन को भी बढ़ावा देने की बात कही।
कलेक्टर ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत शत-प्रतिशत किसानों को लाभान्वित करने एवं ई-केवाईसी, आधार सीडिंग, लैंड सीडिंग एवं एग्रीस्टेक पंजीकरण के निर्धारित लक्ष्यों को पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति हेतु जमीनी स्तर पर एसएडीओ और आरईओ की जवाबदेही तय करने एवं आने वाले दिनों में कैम्प लगाकर लक्ष्य हासिल करने निर्देश दिए। उन्होंने नए एफपीओ गठन में वृद्धि लाने की बात कही। उन्होंने खरीफ सीजन के लिए अग्रिम खाद एवं बीज के उठाव में तेजी लाने के निर्देश दिए।

उद्यानिकी विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी शासकीय रोपणियों की स्थिति और रोपित पौधों की अद्यतन जानकारी ली तथा उनसे होने वाली आय में वृद्धि के उपायों पर जोर दिया। उन्होंने ऑयल पाम के पौधारोपण के लिए प्रस्ताव तैयार कर स्थान चिन्हांकन करने, जिले के एक ब्लॉक में वृहद स्तर पर पपीता प्लांटेशन विकसित करने, मधुमक्खी पालन के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने तथा मसाला फसलों के क्षेत्र विस्तार को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कृत्रिम गर्भाधान के निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को पशु नस्ल सुधार के लिए पशुपालकों को जागरूक एवं प्रेरित करने की बात कही।  कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं के तहत बैकयार्ड कुक्कुट, नर बकरा एवं सुकरत्रयी वितरण की प्रगति की जानकारी लेते हुए पशु टीकाकरण में प्रगति लाने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पशु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल यूनिट के माध्यम से सेवाओं का विस्तार और प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के लिए कहा। मत्स्य संपदा विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जिले में संचालित हैचरी की स्थिति, स्पान उत्पादन एवं निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्पान उत्पादन में वृद्धि कर लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर ने  मत्स्य पालकों को अधिक से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड  से जोड़ने हेतु निर्देशित किया। इससे उन्हें आर्थिक सशक्तिकरण में मदद मिलेगी। साथ ही विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के लोगों को मछली पालन के लिए प्रेरित कर उनकी आय वृद्धि के अवसर सृजित करने के निर्देश भी दिए।
रेशम विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने नर्सरियों की स्थिति एवं संचालित कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने टसर एवं मलबरी रेशम उत्पादन की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसके क्षेत्र विस्तार के लिए सर्वे कर उपयुक्त स्थानों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने सभी शासकीय फार्म्स में धागाकरण यूनिट प्रारंभ करने हेतु प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया, साथ ही कार्यरत स्व-सहायता समूहों की आय बढ़ाने के लिए ठोस पहल करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने जिले में लाख उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस पहल करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके लिए सुव्यवस्थित कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए, ताकि इस क्षेत्र में आय सृजन के नए अवसर विकसित किए जा सकें।
कलेक्टर ने कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों को जिले में कृषि विकास की संभावनाओं पर गंभीरता व व्यक्तिगत रुचि के साथ कार्य करने तथा नवाचारों और वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से किसानों को लाभान्वित करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएं हेतु निर्देशित किया।
कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे विभागीय योजनाओं की लक्ष्यपूर्ति के लिए पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उन्होंने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए ठोस और परिणाममुखी कार्ययोजना तैयार करने तथा परंपरागत योजनाओं के लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति हेतु अभी से तैयारी शुरू कर आवश्यक प्रकरण तैयार करने को कहा।

कलेक्टर श्री दुदावत ने डीएमएफ अंतर्गत आउटपुट एवं आउटकम आधारित कार्यों के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने, फील्ड स्तर पर वास्तविक आवश्यकताओं का आकलन करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे। साथ ही उन्होंने डीएमएफ से स्वीकृत एवं अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा पूर्ण हो चुके कार्यों का तत्काल पूर्णता प्रमाण पत्र प्रेषित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी विभाग, रेशम, नोडल कोआपरेटिव बैंक, कृषि विज्ञान केंद्र सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

Continue Reading

कोरबा

केंद्रीय विद्यालय संगठन शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश की प्रक्रिया 20 मार्च से

Published

on

 कोरबा। केंद्रीय विद्यालय संगठन (मुख्यालय), नई दिल्ली द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा-1, बालवाटिका और अन्य उच्च कक्षाओं में प्रवेश हेतु आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। कक्षा-1 और बालवाटिका-1, 2 एवं 3 (चयनित विद्यालयों में) के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया 20 मार्च 2026 को प्रातः 10ः00 बजे से प्रारंभ होगी और 02 अप्रैल 2026 तक जारी रहेगी। इच्छुक अभिभावक आधिकारिक पोर्टल https://admission.kvs.gov.in  के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश से संबंधित विस्तृत जानकारी संगठन की वेबसाइट https://kvsangathan.nic.in पर उपलब्ध है।
  केंद्रीय विद्यालय क्रमांक दो एनटीपीसी के प्राचार्य सुनील कुमार साहू से प्राप्त जानकारी के अनुसार केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा-1, बालवाटिका और अन्य उच्च कक्षाओं में प्रवेश हेतु आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है।  प्रवेष के लिए आयु की गणना 31 मार्च 2026 के आधार पर की जाएगी। कक्षा-1 में प्रवेश के लिए बच्चे की न्यूनतम आयु 06 वर्ष होनी अनिवार्य है। इसी प्रकार, बालवाटिका-1 के लिए आयु 3 से 4 वर्ष, बालवाटिका-2 के लिए 4 से 5 वर्ष और बालवाटिका-3 के लिए 5 से 6 वर्ष के बीच होनी चाहिए। सीटों का आरक्षण केवीएस के प्रवेश दिशा-निर्देशों 2026-27 के अनुसार सुनिश्चित किया जाएगा।
कक्षा-2 और उससे ऊपर की कक्षाओं (कक्षा-XI को छोड़कर) तथा बालवाटिका-2 व 3 (जहाँ ऑनलाइन माध्यम उपलब्ध नहीं है) के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया रिक्तियां होने की स्थिति में ही संचालित की जाएगी। इसके लिए ऑफलाइन मोड में आवेदन 02 अप्रैल 2026 प्रातः 10ः00 बजे से 08 अप्रैल 2026 सायं 4ः00 बजे तक किया जा सकेगा। विधिवत भरे हुए फॉर्म संबंधित केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य कार्यालय में जमा करने होंगे। इन कक्षाओं के लिए पंजीकरण प्रपत्रों और अन्य विवरणों की जानकारी संबंधित विद्यालयों की वेबसाइटों पर भी उपलब्ध कराई जाएगी।
संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि आवेदन पत्र में कोई भी गलत या भ्रामक जानकारी पाई जाती है, तो प्रवेश प्रक्रिया के दौरान या उसके पश्चात भी प्रवेश निरस्त कर दिया जाएगा। अभिभावकों को निर्देशित किया गया है कि वे प्राचार्य या प्रवेश प्रभारी से केवल विद्यालय द्वारा बुलाए जाने पर ही निर्धारित समय अंतराल में संपर्क करें।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677