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छत्तीसगढ़

संविधान नहीं रहा तो लोकतंत्र होगा कमजोर भारत का विकास भी रुक जाएगा: पायलट

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जांजगीर। मेजर ध्यानचंद हॉकी मैदान कांग्रेस द्वारा संविधान बचाओ यात्रा का भव्य आयोजन किया गया। इस रैली में छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट ने सभा को संबोधित किया। उन्होंने केन्द्र सरकार पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार दूसरे देश से डर रही है। सरकारी संस्थाओं, एजेंसियों में राजनीतिक हस्तक्षेप हो रहा है। ये ठीक नहीं है। सरकार विपक्ष के लोगों को डरा धमकाकर कर जेल में डाल रही है। संविधान खतरे में है। संविधान नहीं रहेगा तो लोकतंत्र कमजोर होगा।

देश की प्रगति रुक जाएगी। सरकार विपक्ष के लोगों के यहां छापे पड़वार रही है। लेकिन आरोप साबित नहीं कर पा रही है। सभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, प्रभारी प्रदेश कांग्रेस सचिव एस जरिता लैतफलांग, सह सचिव विजय जांगिड़, पूर्व मंत्री उमेश पटेल, डॉ. शिवकुमार डहरिया, जयसिंह अग्रवाल और जिले के सभी विधायक समेत कांग्रेस के सभी बड़े नेता एक मंच पर दिखे। कार्यक्रम स्थल पर 6 हजार कुर्सियों की व्यवस्था की गई है। इस रैली में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता पहुंचे हुए थे।

सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस द्वारा किया गया था। स्टेज से पहले मेटल डिटेक्टर से लोगों की जांच की गई। पूर्व मुख्यमंत्री ने संविधान बचाओ यात्रा में कहा कि संविधा के तहत मजदूरो को 100 दिवस रोजगार मिलने का अधिकार है। लेकिन भाजपा सरकार इस अधिकार को छीन रहीं है। मजदूरों को गांव में मनरेगा के तहत काम नहीं मिल दिया जा रहा है। अगर मजूदरों को 100 दिन काम मिलता तो उन्हें लगभग 28 हजार रुपए मिलता। लेकिन इसके रोका जा रहा है। महिलाओं को एक हजार रुपए महीना, साल में 12 हजार रुपए देकर ठगा जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने मंच से जातिगत जनगणना, ​धान की फसल के लिए पानी नहीं देना, रबी सीजन के धान का भाव नहीं मिलना, झीरम घाटी हत्या कांड सहित अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरा।

मजदूरों को मनरेगा में काम नहीं मिल रहा: भूपेश बघेल

3 चरण में संविधान बचाओ रैली का होगा आयोजन तीन चरणों में संविधान बचाओ रैली का आयोजन हो रहा है। पहले चरण में आज सभा फिर दूसरे फेज में विधानसभा स्तर पर आयोजन होगा। तीसरे चरण में नेता डोर-टू-डोर लोगों से मिलकर संविधान से मिले मौलिक अधिकारों की जानकारी देंगे।

सिंहदेव बोले- ओबीसी को पंचायत चुनाव में नहीं मिला आरक्षण, रोका जा रहा है लाभ पूर्व पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने प्रदेश में आरक्षण घटाया है। ओबीसी वर्ग को कम आरक्षण मिल रहा है। पंचायत चुनाव के दौरान ओबीसी के आरक्षण में कटौती कर दी। बस्तर सहित कई जगहों पर ओबीसी आरक्षण कम करने से चुनाव में ओबीसी को मौका नहीं मिला। बीजेपी की ओर से आरक्षण का लाभ रोका जा रहा है। शासकीय उपक्रमों को निजी हाथों में बेच आरक्षण को घटाने का काम कर रहे हैं। संविधान को खतरा है, लेकिन अब कांग्रेस भी प्रति दिन लोगों के बीच जाकर संविधान बचाने प्रयास कर रही है।

जाति के आधार पर साफ सुथरी जनगणना होगी: चरण दास महंत ने संविधान बचाओ रैली में कहा कि, संसद कानून बनाने की संस्था है लेकिन विपक्ष को मौका नहीं दिया जा रहा है। बहुमत के आधार पर बिना सोचे समझे कानून अपने हुक्म से बना रहे। एक चेहरे की ही पूजा हो रही है। संविधान के रक्षक मूक दर्शक बन कर बैठे हैं। राहुल जी ने जाति गणना की बात कही इसे अब भाजपा ने स्वीकार किया है। जाति के आधार पर साफ सुथरी जनगणना होगी।

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छत्तीसगढ़

RTE में लापरवाही…बिलासपुर में बदहाली पर छुट्टी के दिन सुनवाई:हाईकोर्ट ने खुद लिया संज्ञान, राज्य सरकार से मांगा हलफनामा, 8-9 अप्रैल को अगली सुनवाई

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बिलासपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत कक्षा पहली में प्रवेश प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है। एक रिपोर्ट को आधार बनाते हुए कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया और अवकाश के दिन विशेष सुनवाई की।

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए प्रक्रिया में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने राज्य सरकार से हलफनामा मांगा है। 8 अप्रैल को अगली सुनवाई होगी। 38 हजार में से 16 हजार से अधिक आवेदन अब भी लंबित है।

वहीं, बिलासपुर में गंदगी और बदहाल व्यवस्था पर हाईकोर्ट सख्ती दिखाई है। निगम आयुक्त को एक हफ्ते में काम पूरा करने का आदेश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 9 अप्रैल 2026 को निर्धारित की गई है।

38 हजार आवेदन, 16 हजार से ज्यादा अब भी लंबित

शिक्षा का अधिकार (RTE) मामले में सुनवाई में सामने आया कि, कुल 38,438 आवेदनों में से केवल 23,766 का ही सत्यापन हो पाया है, जबकि 16 हजार से अधिक आवेदन अब भी लंबित हैं। कई जिलों में सत्यापन की स्थिति बेहद खराब है। कोर्ट ने माना कि नोडल प्राचार्यों की धीमी कार्यप्रणाली के कारण पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

लॉटरी प्रक्रिया पर भी संकट, सरकार से मांगा जवाब

कोर्ट ने कहा कि, 13 से 17 अप्रैल के बीच प्रस्तावित स्कूल आवंटन की लॉटरी प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है। इससे अभिभावकों को अनावश्यक परेशानी होगी। कोर्ट ने राज्य सरकार से विस्तृत हलफनामा मांगा है और अब इस मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल 2026 को होगी।

बिलासपुर की बदहाल व्यवस्था पर भी हाईकोर्ट सख्त

इसी के साथ हाईकोर्ट ने बिलासपुर में गंदगी और अधूरी नाली निर्माण को लेकर भी सख्ती दिखाई। एक खबर पर स्वतः संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और अधिकारियों को फटकार लगाई।

अधूरी नाली और टूटी पाइपलाइन से बढ़ी परेशानी

मामला सिरगिट्टी क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 12 (बन्नाक मोहल्ला) का है, जहां डेढ़ महीने से नाली निर्माण अधूरा पड़ा है। 10 फीट गहरी खुदाई के बाद काम रोक दिया गया, जिससे पानी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई और जल आपूर्ति ठप हो गई। इलाके में गंदगी और जलभराव से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

गंदगी से बीमारी का खतरा, कोर्ट ने जताई चिंता

अधूरी नाली में जमा गंदे पानी से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। स्थानीय लोग गंदे पानी के बीच से गुजरने को मजबूर हैं, जिससे डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। कोर्ट ने इसे प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर उदाहरण बताया।

एक हफ्ते में काम पूरा करने का आदेश

हाईकोर्ट ने नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिया है कि एक सप्ताह के भीतर नाली निर्माण पूरा किया जाए, पाइपलाइन दुरुस्त कर जल आपूर्ति बहाल की जाए और पूरे क्षेत्र की सफाई व सैनिटाइजेशन किया जाए। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।

अगली सुनवाई में देनी होगी प्रगति रिपोर्ट

कोर्ट ने निगम आयुक्त को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत शपथपत्र के साथ की गई कार्रवाई की जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 9 अप्रैल 2026 को निर्धारित की गई है।

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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में पहली बार मिला ‘हाई-टेक’ हाइड्रोपोनिक गांजा:भिलाई में पुड़िया बनाकर बेचते 2 युवक गिरफ्तार, पानी में उगाया जाता है यह गांजा

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दुर्ग-भिलाई,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने 2 युवकों को गांजा और हाइड्रोपोनिक गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि प्रदेश में पहली बार इस तरह का हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त किया गया है। दोनों युवक हाई-टेक तरीके से उगाया गया हाइड्रोपोनिक गांजा बेच रहे थे। मामला भिलाई नगर थाना क्षेत्र का है।

भिलाई नगर पुलिस को सूचना मिली थी कि, रुआबांधा क्षेत्र में बीज विकास निगम के पास कुछ लड़के नशीले पदार्थों की बिक्री कर रहे हैं। ये लोग न सिर्फ गांजा बेच रहे थे, बल्कि नशा करने के लिए इस्तेमाल होने वाला सामान जैसे चिलम और रोलिंग पेपर भी ग्राहकों को दे रहे थे।

पुलिस की गिरफ्त में दोनों आरोपी।

पुलिस की गिरफ्त में दोनों आरोपी।

भिलाई के ही रहने वाले हैं दोनों युवक

पकड़े गए आरोपियों की पहचान विक्रम साहू (29) निवासी तालपुरी और यश विश्वकर्मा (27) निवासी हुडको के रूप में हुई है। जब पुलिस ने इनकी तलाशी ली, तो उनके पास से सामान्य गांजे के अलावा छोटे पैकेट में रखा हाइड्रोपोनिक गांजा मिला।

2 किलो सामान्य गांजा भी मिला

पुलिस ने आरोपियों के पास से 2 किलो सामान्य गांजा, जिसकी कीमत करीब 1 लाख रुपए और 2.3 ग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया है। इसके अलावा पुलिस को 40 हजार कैश, एक महंगा मोबाइल फोन, चिलम, लाइटर और सिगरेट के साथ गोगो पेपर (रोलिंग पेपर) भी मिला है। जब्त किए गए पूरे सामान की कुल कीमत लगभग 1 लाख 75 हजार रुपए आंकी गई है।

नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस

पूछताछ में सामने आया कि, आरोपी ज्यादा पैसा कमाने के लालच में इस अवैध कारोबार से जुड़े थे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि भिलाई में यह हाइड्रोपोनिक गांजा कहां से आ रहा था और इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।

छत्तीसगढ़ में हाइड्रोपोनिक गांजे की यह पहली बरामदगी पुलिस के लिए भी चौंकाने वाली है, क्योंकि आमतौर पर इस तरह का नशा बड़े महानगरों और हाई-प्रोफाइल पार्टियों में देखा जाता है। दुर्ग पुलिस अब इनके नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।

क्या है हाइड्रोपोनिक गांजा ?

यह गांजा मिट्टी के बिना सिर्फ पानी और खास पोषक तत्वों की मदद से लैब या बंद कमरों में उगाया जाता है। यह आम गांजे के मुकाबले कई गुना ज्यादा नशीला और महंगा होता है। हाइड्रोपोनिक्स में जड़ों को सीधे खनिज युक्त पानी में रखा जाता है।

इसमें मिट्टी की जगह कोको कॉयर, रॉकवूल या पेर्लाइट जैसे माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता है, जो केवल जड़ों को सहारा देते हैं, पोषण नहीं। इसे उगाने के लिए एक इंडोर सेटअप की आवश्यकता होती है। इसके लिए एक बड़ा टैंक जिसमें पानी और पोषक तत्व भरे होते हैं।

मिट्टी की कमी और बंद कमरे में होने के कारण शक्तिशाली LED या HPS लाइट का इस्तेमाल किया जाता है, जो सूर्य के प्रकाश की कमी को पूरा करती हैं। पानी में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटेशियम जैसे रसायनों का सटीक मिश्रण मिलाया जाता है।

पानी में एयर पंप के जरिए ऑक्सीजन दी जाती है ताकि जड़ें सड़ें नहीं। मिट्टी न होने से कीड़े और बीमारियों का खतरा कम रहता है। बिजली का भारी बिल, महंगे उपकरण और विशेष पोषक तत्वों के कारण इसे उगाने का खर्च बहुत ज्यादा आता है।

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छत्तीसगढ़

जांजगीर-चांपा में मोबाइल दुकान में ब्लास्ट:आपसी विवाद में डेटोनेटर फेंका, एक युवक घायल, संदेही हिरासत में

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जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले के बनाहिल गांव में एक मोबाइल दुकान में डेटोनेटर से धमाका हुआ है। इस घटना में दुकान मालिक भूपेंद्र साहू के पैर में चोट आई है और दुकान का सामान क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस ने इस मामले में एक संदिग्ध रमन केवट को हिरासत में लिया है। यह घटना 4 अप्रैल की रात करीब 11 बजे मुलमुला थाना क्षेत्र में हुई।

जानकारी के अनुसार, 4 अप्रैल की रात भूपेंद्र साहू अपनी मोबाइल दुकान का शटर बंद करके काम कर रहे थे। इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने दुकान के अंदर एक डेटोनेटर फेंक दिया। भूपेंद्र ने उसे पैर से मारकर दूर फेंकने की कोशिश की, लेकिन वह फट गया, जिससे उनके पैर में हल्की चोट आई और दुकान का सामान भी क्षतिग्रस्त हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही मुलमुला पुलिस मौके पर पहुंची। रविवार को फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक सबूत जुटाए। डीएसपी प्रदीप सोरी ने बताया कि भूपेंद्र साहू ने पूछताछ में रमन केवट पर संदेह जताया है।

भूपेंद्र साहू के अनुसार, 4 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे रमन केवट का अपनी पत्नी से विवाद हो रहा था, जिसे सुलझाने के लिए भूपेंद्र वहां गए थे। आशंका है कि इसी बात को लेकर रमन ने रंजिश रखी और इस घटना को अंजाम दिया।

पुलिस ने संदेही रमन केवट को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि डेटोनेटर कहां से प्राप्त किया गया था।

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