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कोरबा

महिला सशक्तिकरण की ओर अहम कदमः भूमि रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50 प्रतिशत की कमी का व्यापक स्वागत                                   

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कोरबा शहर की श्रीमती सरिता महंत ने मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

यह निर्णय महिलाओं को संपत्ति के स्वामित्व के माध्यम से और अधिक सशक्त बनाएगाः श्रीमती महंत

कोरबा। राज्य मंत्रिपरिषद द्वारा महिलाओं के नाम पर होने वाले भूमि रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50 प्रतिशत की कमी किए जाने के ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी निर्णय का कोरबा जिले सहित पूरे प्रदेश में व्यापक स्वागत किया जा रहा है। यह निर्णय महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, संपत्ति के स्वामित्व में उनकी भागीदारी बढ़ाने तथा समाज में उनकी भूमिका को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभरकर सामने आया है। राज्य सरकार का मानना है कि इस निर्णय से महिलाओं में संपत्ति क्रय के प्रति रुझान बढ़ेगा और वे अपने नाम पर भूमि एवं आवासीय संपत्ति लेने के लिए प्रोत्साहित होंगी। इससे महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को मजबूती मिलेगी, साथ ही परिवार एवं समाज में उनकी निर्णयात्मक भूमिका भी सशक्त होगी। यह पहल न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि उन्हें सामाजिक रूप से भी सशक्त और सम्मानित स्थान दिलाने में सहायक सिद्ध होगी। भूमि एवं संपत्ति पर महिलाओं के स्वामित्व को बढ़ावा देना किसी भी समाज के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक माना जाता है। इसी दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें विकास की प्रक्रिया में सहभागी बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम है। इससे ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाएं लाभान्वित होंगी और उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

इसी क्रम में कोरबा शहर के आरामशीन बुधवारी क्षेत्र की निवासी श्रीमती सरिता महंत ने इस निर्णय का हर्षपूर्वक स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय महिलाओं के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाने वाला है। इससे महिलाओं को आगे बढ़ने, आत्मनिर्भर बनने और अपनी अलग पहचान स्थापित करने का अवसर प्राप्त होगा।

श्रीमती महंत ने कहा कि आज के समय में महिलाएं केवल घर-परिवार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय एवं अन्य क्षेत्रों में भी अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के हित में निरंतर किए जा रहे प्रयासों के कारण ही आज महिलाएं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं और समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण एवं उत्थान के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं और पहलों ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। चारदीवारी तक सीमित रहने वाली महिलाएं आज आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। यह निर्णय महिलाओं को संपत्ति के स्वामित्व के माध्यम से और अधिक सशक्त बनाएगा।

उल्लेखनीय है कि इस निर्णय के चलते राज्य सरकार को लगभग 153 करोड़ रुपये के राजस्व में कमी होने का अनुमान है, इसके बावजूद महिला सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। यह दर्शाता है कि राज्य सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उनके हितों को सर्वोपरि रखकर योजनाएं बना रही है।

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कोरबा में पति-पत्नी ने पीया जहर:रथयात्रा में साथ नहीं ले जाने पर हुआ विवाद, दोनों की हालत खतरे से बाहर

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कोरबा। कोरबा जिले के रजगामार चौकी क्षेत्र केराकछार गांव में एक नवविवाहित जोड़े ने मामूली विवाद के बाद जहर का सेवन कर लिया। 23 वर्षीय अकील सिंह और 21 वर्षीय किरण सिंह को परिजनों ने तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों की हालत अब खतरे से बाहर है।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह घटना रथयात्रा कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर हुए विवाद के बाद हुई। अकील सिंह रथयात्रा में जाने की तैयारी कर रहा था, तभी उसकी पत्नी किरण सिंह ने भी साथ चलने की जिद की। अकील ने मना कर दिया और अकेले ही कार्यक्रम में चला गया।

रात में देर से घर लौटने के बाद अगले दिन सुबह इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच फिर विवाद हो गया। गुस्से में पहले किरण ने घर में रखा जहर पी लिया। पत्नी के जहर पीने की जानकारी मिलने पर अकील ने भी आवेश में आकर जहर का सेवन कर लिया।

समय पर इलाज से बची दोनों की जान

परिजनों को घटना का पता चलते ही घर में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में दोनों को जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने तुरंत उनका इलाज शुरू किया। जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण दोनों की जान बच गई और उनकी स्थिति अब स्थिर है।

रथयात्रा को लेकर विवाद, पुलिस ने दर्ज किए बयान

घटना की सूचना मिलने पर जिला अस्पताल चौकी पुलिस मेडिकल कॉलेज पहुंची। पुलिस ने अस्पताल से प्राप्त मेमो के आधार पर पति-पत्नी के बयान दर्ज किए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में विवाद का मुख्य कारण रथयात्रा में साथ न ले जाना बताया जा रहा है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

एक साल पहले हुई थी शादी, ससुराल में रह रही थी पत्नी

बताया गया है कि अकील और किरण की शादी को अभी लगभग एक साल ही हुआ है। उनका विवाह सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ था। किरण मूल रूप से धरमजयगढ़ क्षेत्र के जमरगी डीह की निवासी है और शादी के बाद से केराकछार में अपने ससुराल में रह रही थी।

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कोरबा में गंदगी बनी दो बैलों की मौत की वजह:जहरीला कचरा खाने से तड़प-तड़पकर तोड़ा दम, गंदगी से ग्रामीणों में आक्रोश

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कोरबा में गंदगी बनी दो बैलों की मौत की वजह:जहरीला कचरा खाने से तड़प-तड़पकर तोड़ा दम, गंदगी से ग्रामीणों में आक्रोश

कोरबा। कोरबा जिले के हरदी बाजार ग्राम पंचायत क्षेत्र में गंदगी और लापरवाही के चलते दो बेजुबान बैलों की दर्दनाक मौत हो गई। रविवार (26 जुलाई) सुबह रोड स्थित जेपी सैलून के पीछे पुराने बिंझवार आश्रम परिसर में दोनों बैल मृत मिले। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कचरे में पड़े प्लास्टिक और जहरीले पदार्थ खाने से दोनों मवेशियों ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया।

रविवार सुबह राहगीरों ने सैलून के पीछे दोनों बैलों को मृत अवस्था में पड़ा देखा। घटना की खबर फैलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों का कहना है कि सूचना देने के बावजूद काफी देर तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है।

कचरे का ढेर बना मौत का कारण

स्थानीय लोगों के मुताबिक, आश्रम परिसर के आसपास दुकानदार और कुछ लोग लंबे समय से प्लास्टिक, पन्नी, थर्माकोल और अन्य कचरा फेंक रहे हैं। धीरे-धीरे यहां कचरे का बड़ा ढेर बन गया है, लेकिन ग्राम पंचायत ने इसकी सफाई के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया।

भोजन की तलाश में पहुंचे, जहरीला कचरा खा लिया

ग्रामीणों का कहना है कि भूखे मवेशी अक्सर भोजन की तलाश में इस स्थान पर पहुंचते हैं। कचरे में पड़े प्लास्टिक, पन्नी और अन्य हानिकारक पदार्थ खा लेने से उनकी जान चली जाती है। रविवार को भी ऐसी ही आशंका जताई जा रही है।

बीमारी फैलने का भी खतरा

ग्रामीणों ने बताया कि यह सिर्फ मवेशियों की मौत का मामला नहीं है, बल्कि गंदगी के कारण इलाके में बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। कचरे के ढेर से बदबू आती है और मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ रहा है। आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद पंचायत ने कोई कार्रवाई नहीं की।

कार्रवाई की मांग

घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से कचरा तत्काल हटाने, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही मवेशियों के शव हटाने और मामले में आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रशासनिक टीम भेजने की भी मांग उठाई गई है।

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कोरबा

पत्नी से विवाद के बाद खंभे पर चढ़ा पति, मौत:कोरबा में 11 केवी लाइन की चपेट में आने से हादसा,आत्महत्या की आशंका,पुलिस जाँच जारी

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पत्नी से विवाद के बाद खंभे पर चढ़ा पति, मौत:कोरबा में 11 केवी लाइन की चपेट में आने से हादसा,आत्महत्या की आशंका,पुलिस जाँच जारी

कोरबा।

कोरबा जिले के मानिकपुर चौकी क्षेत्र अंतर्गत डिपरापारा में रविवार को एक दर्दनाक घटना में 40 वर्षीय व्यक्ति की करंट लगने से मौत हो गई। मृतक घर के बाहर लगे बिजली के खंभे पर चढ़ गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार 11 केवी हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आते ही वह नीचे गिर पड़ा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

11 केवी लाइन की चपेट में आया

मृतक की पहचान लवकुश साहू (40) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह अपने घर के बाहर लगे करीब 10 फीट ऊंचे बिजली के खंभे पर दीवार के सहारे चढ़ा था। इसी दौरान वह 11 केवी हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया। तेज करंट लगते ही वह नीचे गिर पड़ा और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई।

पत्नी से विवाद के बाद उठाया कदम, आशंका

घटना के समय उसकी पत्नी बिंदा साहू घर पर मौजूद थीं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना से पहले पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद लवकुश के खंभे पर चढ़कर हाईटेंशन लाइन को छूने की बात सामने आई है। पुलिस प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या का मामला मानकर जांच कर रही है, हालांकि सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

परिवार का इकलौता कमाने वाला था

लवकुश हमाली का काम करता था और पत्नी-बच्चों के साथ रहता था। बताया गया कि पति-पत्नी के बीच पहले भी अक्सर विवाद होता था। बिंदा साहू का यह दूसरा विवाह था। परिवार की आजीविका का मुख्य सहारा लवकुश ही था।

पुलिस और बिजली विभाग कर रहे जांच

घटना की सूचना मिलते ही मानिकपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बिजली विभाग की टीम भी यह जांच कर रही है कि बिजली का खंभा और लाइन सुरक्षा मानकों के अनुरूप थी या नहीं। पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।

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