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कोरबा

दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए त्वरित और ठोस कदम उठाने के निर्देश

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कलेक्टर-एसपी की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय

ओवरलोड वाहनो´ पर कार्यवाही, शराब पीकर वाहन चलाने पर लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश
कोरबा। जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, नागरिकों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सड़क सुरक्षा प्रबंधन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता तथा पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी की उपस्थिति में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क दुर्घटना नियंत्रण और सुधारात्मक उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्टर ने पूर्व बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागों को दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए त्वरित और ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। सभी विभाग निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करें, संवेदनशील स्थलों की नियमित मॉनिटरिंग करें तथा लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में पुलिस विभाग, पीडब्ल्यूडी, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, परिवहन विभाग, एसईसीएल, बालको सहित विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कलेक्टर और एसपी ने स्पष्ट किया कि शराब सेवन की स्थिति में वाहन चलाते पाए जाने वाले चालकों के लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। उन्होंने पिछली जांच में एसईसीएल, बालको, एनटीपीसी सहित अन्य औद्योगिक उपक्रमों के भारी वाहनों के चालकों के शराब पीकर पकड़े जाने के मामलों की समीक्षा की और लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई का परीक्षण किया।
दुर्घटनाओं से बचाव के लिए दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य करने पर विशेष जोर दिया गया। तीन सवारी, ओवरस्पीड, बिना नंबर के वाहन चलाने, ब्लैक फिल्म लगाकर वाहन चलाने, यातायात उल्लंघन और नो-पार्किंग में वाहन खड़ा करने जैसी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट पेट्रोल न देने के मुद्दे पर भी व्यापक चर्चा की गई। सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों के लिए ड्यूटी के दौरान हेलमेट पहनना अनिवार्य करने तथा गेट पर सुरक्षा गार्ड द्वारा हेलमेट की जांच के बाद ही प्रवेश की अनुमति देने पर भी सहमति बनी।
कलेक्टर श्री दुदावत ने जिला शिक्षा अधिकारी को स्कूलों और कॉलेजों में हेलमेट रैली, निबंध प्रतियोगिता, क्विज, नुक्कड़ नाटक आदि के माध्यम से सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कॉलेज विद्यार्थियों को यातायात नियमों के पालन और दुर्घटनाओं से बचाव से संबंधित जागरूकता कार्यक्रमों में शामिल करने पर जोर दिया। सभी शिक्षकों को भी हेलमेट अनिवार्य रूप से पहनने के निर्देश दिए गए।
ओवरलोड वाहनों की वजह से होने वाली दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने परिवहन विभाग को नियमित जांच करने और उड़नदस्ता दल को सक्रिय रूप से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ओवरलोड वाहनों की सतत निगरानी अनिवार्य बताई।
चिन्हित ब्लैक स्पॉट और दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों में सुधारात्मक कार्यों पर विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्टर ने इन क्षेत्रों में आवागमन सुगम बनाने के लिए झाड़ियों की नियमित सफाई, सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने, सोल्डर क्षेत्र को भरने, रेडियमयुक्त संकेतक बोर्ड लगाने, रंबल स्ट्रिपर बनाने, प्रकाश व्यवस्था सुधारने और कोयला एवं फ्लाई ऐश परिवहन मार्गों पर नियमित पानी छिड़काव करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैरा घाट, पोडीकला घाट, लैंगा स्कूल मार्ग, कुकरीचोली-भैसमा रोड, भैसमा-सक्ती मोड़, उरगा चौक-कोरबा रोड, राताखार-जोड़ापुल, बालको ऐश डेक रोड, गोपालपुर-छुरीकला और दीपका गौरव पथ सहित जिले के संवेदनशील मार्गों की भी समीक्षा की।
पूर्व बैठक में दिए गए निर्देशों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने एसईसीएल, बालको और अन्य सार्वजनिक उपक्रमों को अपने अधीन संचालित भारी वाहनों के चालकों के लिए नियमित नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने दुर्घटना के समय त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आपातकालीन सहायता फंड की व्यवस्था करने पर बल दिया। इस संबंध में एसईसीएल, बालको और अन्य औद्योगिक इकाइयों को फंड में योगदान देने के निर्देश दिए गए। सड़क सुरक्षा समिति के नाम से बैंक खाता खोलने तथा कंपनियों एवं परिवहनकर्ताओं के सहयोग से दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी तय की गई।
कलेक्टर ने हिट एंड रन प्रकरणों में पीड़ित परिवारों को सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत मृत्यु की स्थिति में दो लाख रुपये तक की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाती है। घायल व्यक्ति को कैशलेश उपचार और राहवीर योजना के तहत घायलों को अस्पताल पहुंचाने पर नागरिकों को नगद पुरस्कार दिए जाने की योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया। जनपद कार्यालयों और थानों में बैनर-पोस्टर लगाने के निर्देश भी दिए गए।

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कोरबा

कोरबा में घर के छज्जे पर लटका मिला कोबरा:रेस्क्यू के लिए तोड़ना पड़ा छज्जा, 1 घंटे की मशक्कत के बाद पकड़ा गया

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कोरबा। कोरबा जिले के बरमपुर गांव में गुरुवार देर रात एक घर में कोबरा घुस गया। करीब 5 फीट लंबा कोबरा कच्चे मकान के छज्जे पर लटका फुंकार रहा था। सांप को देखकर घर में मौजूद महिलाएं और बच्चे डर गए और बाहर भाग गए। सूचना मिलने पर स्नेक कैचर की टीम ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू किया।

घटना रात करीब 11 बजे की है। प्रकाश यादव का परिवार सोने की तैयारी कर रहा था, तभी कमरे के छज्जे से सरसराहट की आवाज सुनाई दी। टॉर्च की रोशनी में देखने पर करीब 5 फीट लंबा कोबरा छज्जे से लटका दिखाई दिया और फुंकार मार रहा था।

मकान कच्चा और खपरैल का होने के कारण कोबरा आसानी से अंदर घुस आया। सूचना मिलने पर स्नेक कैचर मानस यादव और उमेश यादव की टीम मौके पर पहुंची। जांच में पता चला कि कोबरा छज्जे की दरार में छिपा हुआ था, जिससे रेस्क्यू करना चुनौतीपूर्ण हो गया।

17 फीट ऊंचाई पर चढ़कर किया रेस्क्यू

रेस्क्यू टीम को करीब 17 फीट की ऊंचाई पर चढ़कर जोखिम उठाना पड़ा। सांप तक पहुंचने के लिए घर के एक हिस्से को हल्का तोड़ना भी पड़ा। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने कोबरा को सुरक्षित पकड़ लिया।

जंगल में छोड़ा गया कोबरा

रेस्क्यू के बाद वन विभाग को सूचना दी गई। इसके बाद कोबरा को उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया।

बरसात में बढ़ जाती हैं ऐसी घटनाएं

स्नेक कैचर उमेश यादव ने बताया कि बरसात के मौसम में सांप सूखी और सुरक्षित जगह की तलाश में घरों की छत, स्टोर रूम, अनाज रखने की जगह और छज्जों में पहुंच जाते हैं।

लोगों से की अपील

स्नेक कैचर ने लोगों से अपील की कि घर में सांप दिखने पर घबराएं नहीं। उसे मारने या खुद पकड़ने की कोशिश न करें। तुरंत प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना दें।

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कोरबा

पिता से पूछा-मां मुझसे नाराज क्यों है, फिर फूट-फूटकर रोया:सुबह किराए के कमरे में फंदे पर लटका मिला बेटा, सेलून में करता था काम

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में किराए के मकान में रहने वाले एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उसने अपने पिता को फोन कर पूछा, “मां मुझसे नाराज क्यों है?” इसके बाद वह फूट-फूटकर रोने लगा। कुछ देर बाद उसने कॉल काट दी।

शुक्रवार सुबह जब उसके माता-पिता किराए के कमरे पर पहुंचे, तो युवक फांसी के फंदे पर लटका मिला। फिलहाल आत्महत्या की वजह सामने नहीं आई है। पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। यह मामला सीएसईबी पुलिस चौकी क्षेत्र का है।

पंखे से लटकर युवक से आत्महत्या कर ली।

पंखे से लटकर युवक से आत्महत्या कर ली।

सेलून में करता था काम

जानकारी के मुताबिक युवक का नाम रोहन उर्फ अमन श्रीवास (24) है, जो ट्रेंड्ज़ स्टूडियो सैलून में काम करता था। रोहन टीपी नगर में किराए के मकान में रहता था। मूल रूप से वह बरपाली का रहने वाला था। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी एक बहन भी है।

देर रात पिता को किया था फोन

रिश्तेदारों ने बताया कि गुरुवार रात करीब 9 बजे रोहन की पिता से सामान्य बातचीत हुई थी। इसके बाद रात करीब 2:30 बजे उसने फिर कॉल किया। कॉल पर वह रो रहा था और बार-बार पूछ रहा था, “मां मुझसे नाराज क्यों है?” इसके बाद उसने फोन काट दिया।

सुबह कमरे में फंदे पर लटका मिला

शुक्रवार सुबह जब रिश्तेदारों ने कई बार फोन किया तो कॉल रिसीव नहीं हुई। अनहोनी की आशंका पर माता-पिता तुरंत उसके कमरे पहुंचे। दरवाजा खोलने पर रोहन का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। इसके बाद फौरन पुलिस को सूचना दी गई।

पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

सूचना मिलते ही सीएसईबी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा किया और पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। घटना के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है।

माता-पिता और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।

जांच के बाद सामने आएगी वजह

सीएसईबी चौकी प्रभारी राजेश तिवारी ने बताया कि आत्महत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत का सही कारण पता चल सकेगा। पुलिस रिश्तेदारों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है।

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कोरबा

कोरबा के सिंचाई कॉलोनी में लाखों की चोरी:सूने मकान का ताला तोड़कर सोना, चांदी, नकदी ले उड़े चोर, पुलिस जांच में जुटी

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कोरबा। कोरबा सिविल लाइन थाना क्षेत्र के रामपुर स्थित सिंचाई कॉलोनी में चोरों ने सूने मकान का ताला तोड़कर लाखों रुपये की चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर घर से सोना-चांदी के गहने, नगदी और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित भारत लाल साहू, जो सिंचाई विभाग में कर्मचारी हैं, सिंचाई कॉलोनी के क्वार्टर नंबर एचपीटी A2/25 में रहते हैं। वह किसी काम से घर से बाहर गए थे और मकान में ताला लगा था। इसी दौरान चोरों ने मुख्य गेट का ताला तोड़कर घर में प्रवेश किया।

पुलिस सीसीटीवी और फिंगरप्रिंट के आधार पर कर रही जांच

पुलिस सीसीटीवी और फिंगरप्रिंट के आधार पर कर रही जांच

अलमारी तोड़कर ले गए गहने और नकदी

शुक्रवार (24 जुलाई ) सुबह घटना की जानकारी मिलने पर भारत लाल साहू घर पहुंचे तो मुख्य गेट का ताला टूटा मिला। घर के अंदर अलमारी भी तोड़ी गई थी और सामान बिखरा पड़ा था। चोर अलमारी में रखे सोने-चांदी के गहने, करीब 30 से 35 हजार रुपये नकद और अन्य कीमती सामान चोरी कर ले गए। पीड़ित के अनुसार कुल नुकसान करीब 2 से 2.5 लाख रुपये का हुआ है।

सोना-चांदी और नकदी लेकर फरार हुए चोर

सोना-चांदी और नकदी लेकर फरार हुए चोर

पुलिस ने शुरू की जांच

सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना प्रभारी आस्था शर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की मदद से भी साक्ष्य जुटाए गए हैं।

बढ़ती चोरी की घटनाओं से लोग चिंतित

स्थानीय लोगों का कहना है कि कोरबा जिले में हाल के दिनों में चोरी और लूट की घटनाएं बढ़ी हैं। सूने मकानों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। पीड़ित ने पुलिस से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी गया सामान बरामद करने की मांग की है। पुलिस अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में जुटी है।

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