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कोरबा

छत्तीसगढ़ में 4 साल के बच्चे को पटक-पटककर मार डाला:सौतेले पिता के सामने गिड़गिड़ाती रही मां; 4 महीने पहले की थी लव मैरिज

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कोरबा । कोरबा में सौतेला पिता ने 4 साल के बच्चे को पटक-पटक कर मार डाला। इस दौरान बच्चे की मां वहीं मौजूद थी। करीब 4 महीने पहले ही उसने आरोपी से शादी की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामला उरगा थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक, कटघोरा निवासी रामशिला शादीशुदा थी। उसका पति छोड़कर चला गया था। रामशिला का 4 साल का बेटा भी था। उसकी परवरिश और देखभाल को देखते हुए पहरीपारा गांव के रहने वाले मंजीत कुर्रे से लव मैरिज कर ली। शादी के बाद रामशिला का बेटा उनके साथ ही रहता था।

बच्चे को साथ रखने को लेकर होता था विवाद

प्रेम विवाह के बाद बच्चों को अपने साथ रखने पर मंजीत अक्सर रामशिला से विवाद करता था। दोनों के बीच झगड़ा होता रहा। मंजीत को पंसद नहीं था कि वह बच्चे को साथ रखें। वह चाहता था कि रामिशला बच्चे को उसके दादा-दादी के पास छोड़ आए। रामशिला इसके लिए तैयार नहीं थी।

सौतेला पिता, जिसने 4 साल के मासूम की हत्या कर दी।

सौतेला पिता, जिसने 4 साल के मासूम की हत्या कर दी।

रावण दहन के बाद रात में शराब पीकर घर पहुंचा

मंजीत कुर्रे शनिवार रात गांव के पास ही रावण दहन देखने गया हुआ था। रात करीब 12:30 में शराब के नशे में घर लौटा। आरोप है कि उसने पहुंचते ही रामशिला से बच्चे को लेकर फिर विवाद करना शुरू कर दिया। इसके बाद रामशिला को कमरे से बाहर निकाल दिया। फिर सो रहे बच्चे को उठाया और पटक-पटक कर मार दिया।

इस दौरान दुर्गा पंडाल के पास कुछ ग्रामीण रुके हुए थे। शोर सुनकर वह दौड़कर मंजीत के घर पहुंचे। वहां बच्चा लहूलुहान हालत में जमीन पर पड़ा हुआ था। इसके बाद परिजनों के साथ बच्चे को लेकर कोरबा मेडिकल कॉलेज पहुंचे, वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

बच्चे को बचाने विनती करती रही मां

वारदात के दौरान मां रामशिला बार-बार बच्चे को छोड़ देने की विनती करते रही, लेकिन आरोपी नहीं रुका। उसने बीच-बचाव करने का प्रयास किया तो आरोपी ने रामशिला से भी मारपीट की। रामशिला को भी घायल हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

कोरबा सीएसपी भूषण एक्का ने बताया कि आरोपी के गिरफ्तार कर लिया गया है। उससे पूछताछ कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। महिला से भी मारपीट की गई है। उसकी हालत फिलहाल ठीक है। अस्पताल में उपचार चल रहा है।

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कोरबा

एकलशिक्षकीय विद्यालय छपराही पारा में नई शिक्षिका की ज्वाईनिंग से पढ़ाई हुई बेहतर

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कोरबा। कोरबा जिले के विकासखंड पाली अंतर्गत ग्राम छपराही पारा का प्राथमिक शाला वर्षों से एकलशिक्षकीय व्यवस्था में संचालित हो रहा था। यहां कुल 41 बच्चे पंजीकृत हैं, जिनमें ज्यादातर वनांचल क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं। सीमित संसाधनों और केवल एक शिक्षक के भरोसे चलने के कारण बच्चों की नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रभावित हो रही थी।

विद्यालय के हेडमास्टर गुरदीप सिंह नेताम लंबे समय से अकेले ही सभी कक्षाओं को पढ़ा रहे थे। परिस्थिति चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन बच्चों की सीखने की इच्छा और शिक्षक की जिम्मेदारी ने विद्यालय को आगे बढ़ने से रोका नहीं।
इसी बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने हेतु अतिशेष शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण लागू किया गया। इस योजना का लाभ कोरबा जिले के सैकड़ों विद्यालयों और हजारों विद्यार्थियों तक पहुँचा। इसी कड़ी में छपराही पारा के प्राथमिक शाला को भी नई ऊर्जा मिली।

विद्यालय में शिक्षिका गायत्री कुर्रे की नियुक्ति युक्तियुक्तकरण के तहत की गई। उनके पदस्थ होने से हेडमास्टर गुरदीप सिंह नेताम को बड़ी राहत मिली और विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट दिखाई देने लगा। अब विद्यालय में सभी कक्षाओं की अलग-अलग पढ़ाई नियमित रूप से हो रही है।
कक्षा पाँचवी की सुहानी, अजिया, चौथी की निशा और आराध्या, छात्र रोशन, मनीष तथा कक्षा तीन की सौम्या ने उत्साहपूर्वक बताया कि नई मैडम के आने से पढ़ाई अब और अच्छी हो गई है। पहले एक ही शिक्षक होने से कई बार पढ़ाई में कठिनाई होती थी, लेकिन अब सब कुछ आसान हो गया है।

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कोरबा

दर्दनाक हादसा मां की मौके पर मौत,पिता गंभीर,बेटियां बचीं:कोरबा में ईद मनाकर लौट रहा था परिवार, सड़क पर गिरे सामान उठाते वक्त हुआ हादसा

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कोरबा/पाली। कोरबा के पाली थाना क्षेत्र में रविवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। तेज रफ्तार भारी वाहन की चपेट में आने से 39 वर्षीय शबीना तरन्नुम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पति शेख सद्दाम (40) गंभीर रूप से घायल हो गए। राहत की बात यह रही कि उनकी दोनों बेटियां सुरक्षित बच गईं।

जानकारी के अनुसार, मानिकपुर बस्ती में रहने वाला परिवार ईद मनाकर बिलासपुर से कोरबा लौट रहा था। पाली मुख्य मार्ग पर चलते समय बाइक से कुछ सामान सड़क पर गिर गया। शबीना उसे उठाने के लिए जैसे ही आगे बढ़ीं, पीछे से आए तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें कुचल दिया। इसके बाद वाहन की चपेट में उनके पति भी आ गए।

एक्सीडेंट का शिकार हुआ परिवार

एक्सीडेंट का शिकार हुआ परिवार

बच्चियों की परीक्षा थी इस लिए लौट रहा था परिवार

हादसा इतना भयावह था कि शबीना ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल शेख सद्दाम को तुरंत बिलासपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है, वहीं वाहन चालाक फरार है।

दोनों बच्चियों की सोमवार को परीक्षा थी, इसी वजह से परिवार रविवार को ही वापस लौट रहा था। हादसे के बाद बच्चियां सहमी हुई हैं, लेकिन सुरक्षित हैं।

सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पाली थाना प्रभारी नागेंद्र तिवारी ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है।

इस हादसे ने एक खुशहाल परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। ईद की खुशी पल भर में मातम में बदल गई।

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कोरबा

महापौर संजू देवी के नेतृत्व में बदल रहा कोरबा:पीएम आवास और बिजली के कामों के साथ बुनियादी सुविधाओं पर फोकस तेज

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कोरबा। किसी भी शहर की पहचान केवल उसके ढांचों से नहीं, बल्कि वहां की स्वच्छता, सुविधाओं और सुव्यवस्थित जीवनशैली से बनती है। कोरबा की महापौर संजू देवी सिंह राजपूत ने इसी सोच को आधार बनाकर शहर को नई दिशा देने का काम किया है।

उन्होंने यह साबित किया है कि स्वच्छता सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि सतत विकास की मजबूत नींव है। प्रशासनिक दृढ़ता, जनसहभागिता और निरंतर प्रयासों के जरिए कोरबा को बदलाव की राह पर आगे बढ़ाया।

उनके नेतृत्व में शहर में न केवल स्वच्छता को प्राथमिकता मिली, बल्कि सड़क, पानी, नाली और अन्य बुनियादी सुविधाओं को भी व्यवस्थित रूप से मजबूत किया गया। अब पीएम आवास और बिजली से जुड़े कार्यों की शुरुआत के साथ शहर के विकास को और गति मिलने जा रही है। उनका दृष्टिकोण स्पष्ट है—विकास तभी सार्थक है जब वह आम नागरिक के जीवन में सीधे सुधार लाए।

संजू देवी सिंह राजपूत का यह प्रयास दर्शाता है कि मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट विज़न के साथ कोई भी शहर नई ऊंचाइयों को छू सकता है, और कोरबा इसी बदलाव की मिसाल बनता जा रहा है।

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