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जांजगीर-चाम्पा

छत्तीसगढ़ में बच्चों से भरी स्कूली वैन नदी में गिरी:नहा रहे ग्रामीणों ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाला, 15 बच्चे थे सवार

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सक्ती,एजेंसी। सक्ती जिले में बुधवार सुबह करीब 15 बच्चों से भरी स्कूल वैन अनियंत्रित होकर सोन नदी में गिर गई। नदी में नहा रहे ग्रामीणों ने आनन-फानन में बच्चों को बाहर निकाला। जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। सभी बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामला हसौद थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक, हसौद के हैप्पी पब्लिक स्कूल की वैन सुबह बच्चों को लेने के लिए गई थी। बच्चों को घर से स्कूल लाया जा रहा था। इसी दौरान स्कूली वैन पीसौद में सोन नदी के पास पहुंची, तो बेकाबू होकर नदी में गिर गई।

नहा रहे ग्रामीणों ने बच्चों को निकाला बाहर

घटना के समय नदी में ग्रामीण नहा रहे थे। उन्होंने सबसे पहले स्कूल वैन में फंसे बच्चों को तत्काल बाहर निकला। वैन में लगभग 15 बच्चे सवार थे। ड्राइवर घटनास्थल से भाग गया। घटना की जानकारी पुलिस को दी। जिसके बाद सभी बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बिना फिटनेस दौड़ रहे निजी स्कूल वाहन

बता दें कि, हर साल स्कूल खुलने से पहले परिवहन और यातायात विभाग की टीम निजी स्कूल वाहनों की जांच करती है। लेकिन सभी वाहनों की जांच ना होने की वजह से इस प्रकार के हादसे हो रहे है। यह हादसा कैसे हुआ अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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छत्तीसगढ़

प्रार्थना सभा के लिए अनुमति जरूरी नहीं:हाईकोर्ट बोला- घर में प्रेयर, मीटिंग करने वालों को परेशान न करें, पुलिस नोटिस रद्द

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बिलासपुर/जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रदेश में धर्मांतरण को लेकर विवाद के बीच अहम फैसला सुनाया है। जस्टिस नरेश कुमार चंद्रवंशी की सिंगल बेंच ने आदेश में कहा कि किसी व्यक्ति को अपने निजी आवास में शांतिपूर्ण प्रार्थना सभा आयोजित करने का अधिकार है।

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रार्थना सभा के लिए पहले से परमिशन लेना जरूरी नहीं है। सिंगल बेंच ने इस आदेश में पुलिस की ओर से जारी नोटिस को रद्द कर दिया, जिसमें थाना प्रभारी याचिकाकर्ताओं को प्रार्थना सभा रोकने के लिए बार-बार नोटिस दे रहे थे।

हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं को अनावश्यक परेशान नहीं किया जाए। यह मामला जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम गोधना से जुड़ा है।

निजी मकान में प्रार्थना सभा के लिए पहले से परमिशन लेना जरूरी नहीं है। (फाइल फोटो)

निजी मकान में प्रार्थना सभा के लिए पहले से परमिशन लेना जरूरी नहीं है। (फाइल फोटो)

दरअसल, ग्राम गोधना में याचिकाकर्ताओं ने अपने आवास की पहली मंजिल पर हॉल बनाया है। इसके बाद से 2016 से यहां ईसाई धर्म के अनुयायियों के लिए प्रार्थना सभा आयोजित की जाती है। इन सभाओं में किसी प्रकार की अवैध गतिविधि या शांति भंग नहीं होती।

याचिकाकर्ताओं के वकील ने कोर्ट को बताया कि इसके बावजूद नवागढ़ थाने के थाना प्रभारी भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 94 के तहत बार-बार नोटिस जारी कर प्रार्थना सभा पर रोक लगाने का प्रयास कर रहे थे।

साथ ही ग्राम पंचायत गोधना ने पहले जारी ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ को दबाव में वापस ले लिया। याचिका में संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत पुलिस की नोटिस को चुनौती दी गई थी और 7 दिसंबर 2025 को प्रार्थना नहीं करने संबंधी आदेश को रद्द करने के साथ अपने धार्मिक अधिकारों की सुरक्षा की मांग की गई थी।

हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं को अनावश्यक परेशान नहीं किया जाए। (फाइल फोटो)

हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं को अनावश्यक परेशान नहीं किया जाए। (फाइल फोटो)

शासन ने कहा- प्रार्थना सभा के लिए नहीं ली अनुमति

इस मामले में राज्य शासन ने दलील दी कि याचिकाकर्ताओं के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं और वे जेल भी जा चुके हैं। प्रार्थना सभा आयोजित करने के लिए सक्षम प्राधिकारी से कोई पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी, इसलिए पुलिस ने नोटिस जारी किए। राज्य ने जवाब दाखिल करने के लिए भी समय मांगा।

हाईकोर्ट बोला- मकान में प्रार्थना सभा के लिए अनुमति की जरूरत नहीं

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता अपने निजी मकान में 2016 से प्रार्थना सभा आयोजित कर रहे हैं और ऐसा करने पर कोई कानूनी प्रतिबंध नहीं है।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगर प्रार्थना सभा के दौरान शोर-शराबा, कानून-व्यवस्था की समस्या या किसी प्रकार का उल्लंघन होता है, तो संबंधित प्राधिकरण विधि के अनुसार कार्रवाई कर सकते हैं, लेकिन केवल प्रार्थना सभा आयोजित करने के आधार पर हस्तक्षेप उचित नहीं है।

हाईकोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि वे याचिकाकर्ताओं के नागरिक अधिकारों में हस्तक्षेप न करें और न ही जांच के नाम पर उन्हें परेशान करें। साथ ही 18 अक्टूबर 2025, 22 नवंबर 2025 और 1 फरवरी 2026 को जारी सभी नोटिस रद्द कर दिए हैं।

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छत्तीसगढ़

बुरे काम का सही अंजाम: कान पकड़ 2 आरोपियों को घुमाया

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जांजगीर। राहौद में गुरुवार 19 मार्च की सुबह सुदीप कुमार के घर में हुई डकैती के मामले ने इलाके में सनसनी फैला दी थी। घर का दरवाजा खुलते ही चार बदमाश भीतर घुस आए और कुछ ही मिनटों में लूटपाट शुरू कर दी। विरोध करने पर दंपती को फर्श पर पटककर घसीटा गया और लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा।

शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंचे, लेकिन आरोपी भाग गए। अब राहौद चौकी पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर रवि निर्मलकर उर्फ बिल्लू और श्यामजी सिन्हा उर्फ बूटी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों को इलाके में कान पकड़वाकर पैदल मार्च कराया गया, जिससे अपराधियों में डर और लोगों में विश्वास कायम किया जा सके।

पुलिस के अनुसार पांच आरोपी इस डकैती में शामिल थे। अब तक तीन गिरफ्तार हो चुके हैं और दो फरार हैं। फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस राजस्थान तक दबिश दे रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं। राहौद डकैती सिर्फ लूट का मामला नहीं है। पुलिस जांच में यह सामने आया कि यह पूरी वारदात पुरानी रंजिश और सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। मास्टरमाइंड करण दिनकर, जो केसला का रहने वाला है, उसका पीड़ित परिवार से विवाद था। कुछ समय पहले उसके परिजन पीड़ित के घर जेवर बेचने गए थे। यहां विवाद के बाद उन्हें भगा दिया गया था।

करण ने इसका बदला लेने अपने साथियों के साथ डकैती की योजना बनाई। वारदात के दिन चार आरोपी घर में घुसे, लूटपाट की और विरोध करने पर दंपती को बेरहमी से पीटा। पुलिस के अनुसार यह गिरोह पहले भी गंभीर मामलों में शामिल रहा है, जिसमें अपहरण और मारपीट जैसी घटनाएं शामिल हैं। आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह पहले भी जेल से आरोपियों को छुड़ाने जैसी घटनाओं में सक्रिय रहा है। अब तक कुल पांच आरोपी इस डकैती में शामिल पाए गए हैं, जिनमें एक मुख्य साजिशकर्ता करण दिनकर फरार है।

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छत्तीसगढ़

जांजगीर-चांपा में दो बाइक की आमने-सामने टक्कर, दो की मौत:दो बच्चे घायल, शिवरीनारायण थाना के दुरपा गांव में हुआ हादसा, पुलिस जांच में जुटी

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जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले के दुरपा गांव में दो मोटरसाइकिल की आमने-सामने की टक्कर में दोनों चालकों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में दो बच्चे भी घायल हुए हैं। यह घटना शिवरीनारायण थाना क्षेत्र में हुई।

जानकारी के अनुसार, हरेठी निवासी मनोज केवट (35) एक बच्चे के साथ अपने रिश्तेदार के यहां जा रहे थे। वहीं, नकटीडीह निवासी पीयूष टार्जन (20) अपने 14 वर्षीय साथी के साथ पास के गांव करन्नौद घूमने जाने के लिए निकले थे। दोनों की तेज रफ्तार बाइक आमने-सामने टकरा गईं।

टक्कर इतनी तेज़ थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए

टक्कर इतनी तेज़ थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए

मौके पर ही 2 लोगों ने दम तोड़ा

टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक चालक मनोज और पीयूष ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। बाइक पर पीछे बैठे दोनों बच्चों को मामूली चोटें आईं, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।

घटना की सूचना मिलते ही शिवरीनारायण पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए हॉस्पिटल भिजवाया, जहां प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। शिवरीनारायण पुलिस इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

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