देश
कर्नाटक में राहुल बोले- जो वादे किए थे, पूरे किए:कहा- PM ने कहा था हम ये काम नहीं कर पाएंगे, लेकिन हमने करके दिखाए
बेंगलुरु,एजेंसी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी मंगलवार को कर्नाटक के विजयनगर में समर्पण संकल्प रैली में पहुंचे हैं। कार्यक्रम में उन्होंने 1 लाख 11 हजार 111 लोगों को घर के मालिकाना हक के डिजिटल डॉक्यूमेंट सौंपे।
राहुल ने कहा- हमने आपसे जो 5 वादे किए थे, वो सब पूरे किए। बीजेपी के लोगों ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ये वादे पूरे नहीं करेगी। प्रधानमंत्री ने भी कहा ये काम नहीं किए जाएंगे। लेकिन हमने करके दिखाए।
कर्नाटक सरकार आज 1 लाख परिवारों को उनकी जमीन का मालिकाना हक देने जा रही है। जो इंदिरा गांधी का सपना था, उसको पूरा करने के लिए हमने बड़ा कदम लिया है। 2 हजार बस्तियों को हम राजस्व गांव कर रहे हैं।
प्रदेश में कांग्रेस की सरकार के 2 साल पूरे होने पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें घुमंतू, अर्ध-घुमंतू और ग्रामीण खेतिहर समुदायों को जमीन के सरकारी डॉक्यूमेंट्स दिए गए। इनकी बस्तियां सार्वजनिक या निजी जमीन पर थी।
अब इनको ‘रेवेन्यू विलेज’ यानी राजस्व गांव का दर्जा मिलेगा। इससे इन लोगों को कानूनी तौर पर अपने घर का मालिकाना हक मिलेगा। 2015 में कर्नाटक दौरे के दौरान राहुल गांधी ये वादा किया था।

कर्नाटक में 224 में से 135 सीटों पर जीत के साथ कांग्रेस की सरकार बनी। तस्वीर 20 मई 2023 के शपथ ग्रहण समारोह की है।
राहुल ने पांच वादे याद दिलाए, बोले- हमने सब वादे पूरे किए
राहुल ने लोगों से कहा कि दो साल पहले चुनाव के समय हमने 5 गारंटी देने के वादे दिए थे।
पहला वादा- गृह लक्ष्मी 2 हजार रुपए प्रति महीना 2 करोड़ महिलाओं को मिली। आज में कह सकता हूं कि करोड़ों की महिलाओं के बैंक अकाउंट में सरकार के पैसा डालती है।
दूसरा वादा- गृह ज्योति योजना थी जिसमें करोड़ों परिवारों क 200 यूनिट बिजली फ्री दी जाएगी।
तीसरा वादा- अन्नभाग्या योजना, जिसमें 4 करोड़ लोगों को 10 किलो अनाज देने का वादा था।
चौथा वादा- शक्ति योजना जिसमें हमने गारंटी करके कहा था। कि महिलाओं को बस में जाने के लिए पैसा नहीं देना पड़ेगा। फ्री में बस में घूमेंगी। हमने 400 बस ट्रिप्स मुफ्त में दी हैं।
पांचवां वादा- युवा निधि स्कीम यहां हम युवाओं का महीने का 3 हजार रुपए देते हैं।
राहुल के भाषण की प्रमुख बातें…
1. कांग्रेस ने आपका पैसा आपको वापस दिया:
राहुल ने कहा कि हमने आपसे कहा था हम कर्नाटक के गरीब लोगों के बैंक अकाउंट में पैसा डालेंगे। और आज हजारों करोड़ रुपए सीधे आपके बैंक अकाउंट में जाता है। ये पैसा आपने अपने बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य में डाल रहे हैं। यही हम चाहते थे जो आपका धन है आपकी जेब में वापस जाए।
2. भाजपा के मॉडल में सिर्फ 2-3 अरबपतियों को फायदा मिलता है:
राहुल ने कहा कि हम चाहते हैं कि कर्नाटक की गरीब जनता की जेब में सीधा पैसा जाए। जब हम पैसा आपके जेब में डालते हैं तो ये पैसा मार्केट में जाता है। इससे प्रोडक्शन बढ़ती है और गांव-गांव में पैसा का इंजेक्शन होता है। इस पैसा को आप अपने गांव और शहरों में खर्च करते हो। इस पैसे से कर्नाटक की अर्थव्यवस्था और फायदा मिलता है।
बीजेपी चाहती है कि चुने हुए लोगों को देश का पूरा धन मिले। बीजेपी के मॉडल में 2-3 अरबपतियों को पैसा पहुंचा दिया जाता है। ये अरबपति अपना पैसा गांव-कस्बों में खर्च नहीं करते हैं। लंदन और न्यूयॉर्क में असेट खरीदते हैं। आपका पैसा चुने हुए लोगों के हाथों में चला जाता है।
3. भाजपा रोजगार खत्म करती है, हम पैदा करते हैं:
राहुल ने कहा कि भाजपा के मॉडल में रोजगार खत्म होता है। हमारे मॉडल में रोजगार पैदा होता है। उनके मॉडल में आप बीमार होते हैं तो आपको कर्ज में डूबना पड़ता है। हमारे मॉडल में आप बीमार होते हैं तो आपके जेब में इलाज के लिए पैसा होता है। उनके मॉडल में लाखों-करोड़ रुपए में प्राइवेट-स्कूल और यूनिवर्सिटी को देते हो। लाखों परिवारों को कर्ज में जाना पड़ता है। हमारे मॉडल में हम आपको पैसा देते हैं। जब हम 5 गारंटी की बात कर रहे थे मैंने एक और मुद्दा उठाया है।
4. हमने लोगों को जमीन का हक देकर छठी गारंटी पूरी की:
राहुल गांधी ने कहा कि मुझे पता लगा था कि कर्नाटक में ऐसे बहुत सारे लोग है जिनके पास जमीन है लेकिन मालिकाना हक नहीं है। दलित, आदिवासी लोगों को रेवेन्यू विलेज माना ही नहीं जाता था। ये लोग गांव में रहते थे लेकिन हक नहीं मिलता है। इसमें हर जात और धर्म के लोग थे। इनको मालिकाना हक नहीं था, प्रॉपर्टी अधिकार नहीं था। सरकार की कोई फैसिलिटी नहीं मिलती थी।
सालों से ये परिवार उस जमीन पर रहे रहे हैं। मगर उनको अपनी ही जमीन का अधिकार नहीं था। ये मामला मैंने कांग्रेस पार्टी के सीनियर नेताओं के उठाया। मैंने कहा- कर्नाटक में जिनके पास भी जमीन हो उसके पास मालिकाना हक जरूर हो। आज मैं बहुत खुशी के साथ कह सकता हूं कि हम छठी गारंटी को भी पूरा करने में सफल हुए।
राजस्व मंत्री बोले- 2023 से 1 लाख से ज्यादा लोगों को लाभ मिला
कर्नाटक सरकार में राजस्व मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने कहा- यह भारत का सबसे बड़ा टाइटल डीड (जमीन या मकान के मालिकाना हक का कानूनी डॉक्यूमेंट) वितरण कार्यक्रम है। करीब 6 लाख लोगों को इसका फायदा मिलेगा। कार्यक्रम में कांग्रेस सरकारी की 2 साल की मेहनत लोगों को समर्पित की जाएगी। हम भविष्य के लिए नई संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने बताया- 2017 से 2019 तक करीब 36,000 टाइटल डीड्स जारी हुए। 2019 से 2023 तक 72,000 डॉक्यूमेंट दिए गए। 2023 से अब तक दो साल में कांग्रेस सरकार ने 1 लाख से ज्यादा परिवारों को घर का मालिकाना हक दिया है। अगले 6 महीने में बाकी 50,000 लोगों को भी डॉक्यूमेंट दिए जाएंगे।
हर परिवार को डिजिटल खतौनी मिलेगा कृष्णा बायरे गौड़ा ने डिजिटल डॉक्यूमेंट के बारे में कहा- अब जो टाइटल डीड्स मिल रहे हैं, वो डिजिटल फॉर्मेट में होंगे। इससे डॉक्यूमेंट खोने, फटने या फर्जीवाड़े की समस्या नहीं होगी। सरकार हर डॉक्यूमेंट को ग्राम पंचायत की ऑनलाइन संपत्ति रजिस्टर से सीधे लिंक कर रही है। यानी हर परिवार को अब डिजिटल खतौनी (खाता) भी मिलेगा, जिससे कोई उन्हें आसानी से जमीन या घर से बेदखल नहीं कर सकेगा।
मंत्री ने बताया- 2017 से 2023 के बीच जारी किए गए 1.2 लाख टाइटल डीड में से केवल 5,000 को ही ग्राम पंचायत के रिकॉर्ड में शामिल किया गया। बाकी लोग स्थानीय स्तर पर शोषण का शिकार होते रहे। अब नई डिजिटल व्यवस्था के तहत हर डॉक्यूमेंट्स सीधे ही रजिस्टर में जुड़ जाएगा।
देश
ईरान जंग से सेंसेक्स 1353 अंक गिरकर 77,566 पर बंद:रुपया 92.33 के ऑलटाइम लो पर पहुंचा, कच्चा तेल 10 दिन में 50% चढ़ा
मुंबई,एजेंसी। अमेरिका-इजराइल और ईरान के कारण शेयर बाजार में आज यानी 9 मार्च को बड़ी गिरावट रही। सेंसेक्स 1353 अंक (1.71%) नीचे 77,566 के स्तर पर बंद हुआ।
वहीं निफ्टी में भी 422 अंक (1.73%) की गिरावट रही, ये 24,028 पर बंद हुआ। आज बैंक, ऑटो, मेटल, एनर्जी और FMCG शेयरों में ज्यादा बिकवाली रही।
जियोपॉलिटिकल तनाव और जंग जैसी स्थिति में महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है। इससे कंपनियों का मुनाफा कम हो सकता है। ऐसे में निवेशक अपने शेयर बेचना शुरू कर देते हैं और सुरक्षित जगह निवेश करते हैं। इससे बाजार में गिरावट आती है।
बाजार गिरने की 3 मुख्य वजहें
- ईरान-इजराइल युद्ध से सप्लाई चेन बिगड़ने का डर।
- कच्चे तेल के दाम बढ़ने से भारत का इंपोर्ट बिल और महंगाई बढ़ेगी।
- अमेरिका और एशियाई बाजारों में गिरावट का असर भारत पर।
निवेशकों की वेल्थ ₹22 लाख करोड़ से ज्यादा घटी
ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच छिड़ी जंग से निवेशकों की वेल्थ 22 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा घट गई है। जंग शुरू होने से पहले यानी 27 फरवरी को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप ₹4.63 लाख करोड़ था। लेकिन युद्ध की वजह से बाजार में भारी बिकवाली के कारण 9 मार्च तक यह घटकर ₹4.41 लाख करोड़ पर आ गया है।
कच्चा तेल 10 दिन में 50% चढ़ा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम साढ़े तीन साल के हाई पर पहुंच गए। आज यानी 9 मार्च को कारोबार के दौरान ये 25% बढ़कर 115 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया।
हालांकि बाद में ये थोड़ा नीचे आया और ये अब 105 डॉलर के करीब है। 10 दिन में ये करीब 50% चढ़ा है। इससे पहले 2022 में रूस-यूक्रेन जंग से कच्चा तेल 100 डॉलर के पार निकला था।
जानकारों का मानना है कि तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। इसका असर भारत में पेट्रोल-डीजल पर दिख सकता है। ये 5 से 6 रुपए लीटर तक महंगा हो सकता है। हालांकि भारत सरकार का कहना है कि हमारे पास पर्याप्त तेल है।

डॉलर के मुकाबले रुपया ऑल टाइम लो पर
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 46 पैसे कमजोर होकर 92.33 के स्तर पर पहुंच गया है। यह रुपए का अब तक का सबसे निचला स्तर है। मिडिल ईस्ट में बिगड़ते हालात के बीच कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी की वजह से रुपए में यह कमजोरी आई है।
चांदी 2000 हजार और सोना 800 रुपए महंगा
सोने और चांदी के दामों में आज यानी 9 मार्च को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 800 रुपए बढ़कर 1.60 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं एक किलो चांदी 2000 रुपए बढ़कर 2.63 लाख रुपए पर पहुंच गई है।
एशियाई बाजारों में गिरावट रही
- साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 5.96% गिरकर 5,251 पर बंद हुआ।
- जापान का निक्केई 2,892 अंक या 5.20% गिरकर 52,728 पर बंद हुआ।
- हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 348 अंक या 1.35% गिरकर 25,408 पर बंद हुआ।
- चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 27 अंक या 0.67% नीचे 4,096 पर बंद हुआ।
अमेरिकी बाजार में 6 मार्च को गिरावट रही
- डाउ जोन्स 453 अंक (0.95%) गिरकर 47,501 के स्तर पर बंद हुआ।
- टेक बेस्ड इंडेक्स नैस्डैक कंपोजिट 1.59% गिरकर 22,387 पर बंद हुआ।
- S&P 500 इंडेक्स 90 अंक (1.33%) गिरकर 6,740 पर बंद हुआ।
शुक्रवार को सेंसेक्स 1097 पॉइंट गिरकर बंद हुआ था
इससे पहले शुक्रवार यानी 6 मार्च को सेंसेक्स 1097 अंक (1.37%) गिरकर 78,919 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 315 अंक (1.27%) की गिरावट रही थी। ये 24,450 पर आ गया।
देश
ईरान जंग पर विपक्ष का दोनों सदनों में हंगामा:चर्चा की मांग, सरकार बोली- स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर बहस के लिए तैयार
नई दिल्ली,एजेंसी। संसद के बजट सत्र के दूसरे फेज के पहले दिन की लोकसभा की कार्यवाही खत्म हुई। विपक्ष ने अमेरिकी-इजराइल और ईरान जंग पर जमकर हंगामा किया। विपक्ष जंग के बाद पश्चिम एशिया में बने हालातों का भारत पर असर पर चर्चा की मांग करता रहा।
सरकार ने कहा कि विपक्ष स्पीकर ओम बिड़ला के खिलाफ नो कॉन्फिडेंस मोशन लाई है, हम इस पर चर्चा करने पर तैयार हैं, विपक्ष चर्चा करे, लेकिन विपक्ष दूसरा मोशन ले आया है, जिसका विदेश मंत्री ने बहुत अच्छे से जबाव दिया है। इसके बाद सदन मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित किया गया।
वहीं, आज विदेश मंत्री ने पहले राज्यसभा में और फिर लोकसभा में गल्फ देशों से भारतीयों की वापसी और एनर्जी संकट को लेकर तैयारियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा- इस समय ईरान की लीडरशिप से कॉन्टैक्ट मुश्किल है, लेकिन भारत शांति और बातचीत के पक्ष में है।
राज्यसभा में जब जयशंकर संबोधन दे रहे थे तब विपक्ष ने राज्यसभा का वॉक आउट किया। लोकसभा में उनके संबोधन के दौरान विपक्ष ने वी वॉन्ट डिस्कशन के नारे लगाए, खबू हंगामा किया। चेयर के बार-बार बोलने पर भी विपक्षी सांसद शांत नहीं हुए थे। राज्यसभा की कार्यवाही अभी जारी है।
विदेश मंत्री ने कहा- 67,000 नागरिक इंटरनेशनल बॉर्डर पार कर चुके, 5 बड़ी बातें
- मौजूदा संघर्ष भारत के लिए भी चिंता की बात है। हम पड़ोसी हैं, और वेस्ट एशिया में स्थिरता बनाए रखना हमारी भी जिम्मेदारी है। खाड़ी देशों में एक करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं।
- ईरान में भी, कुछ हजार भारतीय पढ़ाई या नौकरी के लिए हैं। यह इलाका हमारी एनर्जी सिक्योरिटी के लिए बहुत जरूरी है और इसमें तेल और गैस के कई जरूरी सप्लायर शामिल हैं। सप्लाई चेन में रुकावटें और अस्थिरता गंभीर मुद्दे हैं।
- हमने दो भारतीय नाविकों (मर्चेंट शिपिंग) को खो दिया है, और एक अभी भी लापता है। मुंबई के शिपिंग डायरेक्टरेट जनरल ने 14 जनवरी को भारतीय नाविकों से कहा था कि वे एम्बेसी की एडवाइजरी मानें और किनारे पर बेवजह आने-जाने से बचें।
- वेस्ट एशिया से हमारे लोगों को वापस लाने की पूरी कोशिश की जा रही है। 8 मार्च तक हमारे लगभग 67,000 नागरिक इंटरनेशनल बॉर्डर पार कर चुके हैं। संबंधित मंत्रालय जवाब देने के लिए कोऑर्डिनेट कर रहे हैं। लड़ाई लगातार बढ़ रही है। इलाके में सुरक्षा की स्थिति काफी खराब हो गई है। असल में, लड़ाई दूसरे देशों में भी फैल गई है। इससे तबाही और मौतें बढ़ रही हैं।
- इजराइल-यूएस और ईरान के बीच लड़ाई जारी है, बल्कि कुछ खाड़ी देशों पर हमले भी हुए हैं। ईरान में लीडरशिप लेवल पर कई लोग मारे गए हैं, साथ ही इस इलाके में इंफ्रास्ट्रक्चर भी तबाह हुआ है।
- इस समय लीडरशिप लेवल पर ईरान के साथ कॉन्टैक्ट करना साफ तौर पर मुश्किल है। ईरान के विदेश मंत्री ने ईरानी वॉरशिप लावन को कोच्चि पोर्ट पर डॉक करने की इजाजत देने के भारत का शुक्रिया अदा किया है।
राहुल बोले- पश्चिम एशिया के युद्ध से हमारी अर्थव्यवस्था को नुकसान
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा- पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध हमारी अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है, लेकिन हमारे कॉम्प्रोमाइज्ड प्रधानमंत्री में इस पर चर्चा करने का साहस नहीं है। शेयर बाजार गिर रहा है, LPG की कीमतें बढ़ रही हैं और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच रही हैं। इसका सीधा असर आम आदमी, घरेलू बजट और छोटे व मध्यम व्यवसायों पर पड़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी को ब्लैकमेल किया जा रहा है। उनके पास भारतीय जनता के हितों को बेचने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। मेरी बात याद रखिए, वे संसद में नहीं आएंगे।
गिरिराज सिंह बोले- विपक्ष से ऐसी उम्मीद नहीं थी
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा- विपक्ष से सदन में इस तरह के व्यवहार की उम्मीद कभी नहीं थी। सदन को चलने नहीं देना जनता के अधिकारों को छीनने जैसा है। आप ‘अबोध बालक’ हैं और आप ऐसे ही रह सकते हैं। सदन में प्लेकार्ड दिखाने का मतलब है कि आपको जवाब नहीं चाहिए, बल्कि आप सिर्फ हंगामा करना चाहते हैं।
गोयल बोले- कांग्रेस बहस से भाग रही
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा- यह बहुत बुरा है कि कांग्रेस बहस से भाग रही है। स्पीकर के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन के लिए कांग्रेस के कहने पर एक नोटिस एडमिट किया गया था, जिसे उन्होंने ठीक से ड्राफ्ट भी नहीं किया था। इसे ठीक किया गया और फिर एडमिट किया गया। आज की तारीख डिस्कशन के लिए सोच-विचार के बाद तय की गई थी। जब एक मोशन एडमिट हो गया और यह तय हो गया कि आज इस पर डिबेट होगी, तो वे उसी समय दूसरा मोशन ले आए।
गोयल ने कहा कि कांग्रेस को पार्लियामेंट्री प्रोसेस या प्रोसीजर समझ नहीं आता, न ही वे कॉन्स्टिट्यूशन की रिस्पेक्ट करते हैं। जब से राहुल गांधी लीडर ऑफ अपोजिशन बने हैं, उन्होंने डिबेट में हिस्सा लेने की कोई इच्छा नहीं दिखाई है। उन्होंने पहले ही मुद्दों की एक लिस्ट बना ली है, प्लेकार्ड लाए हैं, हाउस को डिस्टर्ब किया है और बेबुनियाद मामलों पर पार्लियामेंट का समय बर्बाद किया है।
उन्होंने कहा कि जिस दिन इतने जरूरी मुद्दे पर डिस्कशन होना था, विपक्ष ने डिबेट से भागने का फैसला किया, क्योंकि वे साफ तौर पर जानते हैं कि स्पीकर को पूरे हाउस का कॉन्फिडेंस है। यहां तक कि उनके अपने अलायंस के मेंबर भी इस डिबेट से बच रहे हैं।
I.N.D.Iअलायंस के अंदर अफरा-तफरी है और कोई भी कांग्रेस को सपोर्ट करने को तैयार नहीं है। इसीलिए वे एक और मोशन लाकर आज की बहस से भागने की कोशिश कर रहे हैं। राहुल गांधी विपक्ष के एक फेल लीडर हैं। उन्हें संविधान या नैतिकता की समझ नहीं है। उन्हें पार्लियामेंट्री प्रोसेस, प्रोसीजर या रूल बुक में कोई दिलचस्पी नहीं है। जिस तरह से वे काम करते हैं, उससे साफ पता चलता है कि कांग्रेस एक दिशाहीन और पूरी तरह से फेल विपक्षी पार्टी है।
जोशी बोले- विपक्ष चर्चा की मांग करता है, फिर हंगामा करता है
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन पर केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा- आज की काम की लिस्ट में साफ लिखा है कि हम इस पर चर्चा करेंगे। विपक्ष को प्रस्ताव लाना है। क्या प्रोसेस है? जब प्रस्ताव लाया जाता है, तो उसके सपोर्ट में 50 लोग खड़े होने चाहिए, आज जब चेयर पर बैठे जगदंबिका पाल ने बार-बार कहा कि अगर आप प्रस्ताव लाना चाहते हैं, तो मैं चर्चा की इजाजत देता हूं। जब स्पीकर के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन एजेंडा में है, तो आप बीच में दूसरा प्रस्ताव, दूसरा एडजर्नमेंट मोशन कैसे ला सकते हैं? कोई नियम है या नहीं? क्या कोई संविधान नहीं है? अगर हमें राहुल गांधी के कहे अनुसार सदन चलाना है, तो नियम क्यों होना चाहिए? यह कैसी थ्योरी है कि ये लोग पहले मांग करते हैं और बाद में रुकावट डालते हैं? जब मैं पार्लियामेंट अफेयर्स मिनिस्टर था तो ऐसा कई बार होता था, उनका मानना है कि वे जो कहते हैं वही नियम है। जिस भी चीज पर चर्चा होनी है, वह पहले BAC में तय होनी चाहिए।
शांभवी चौधरी बोलीं- विपक्ष चर्चा को तैयार नहीं है
LJP सांसद शांभवी चौधरी ने कहा- जिस जियोपॉलिटिकल सिचुएशन पर विदेश मंत्री पहले ही बयान दे चुके थे, उस पर हंगामा करना विपक्ष का गैर-जिम्मेदाराना बर्ताव दिखाता है। वे उसी मुद्दे पर उनका बयान सुनने को भी तैयार नहीं थे जिस पर वे चर्चा की मांग कर रहे थे।
वेणगोपाल बोले- सरकार को विपक्ष को भरोसे में लेना होगा
कांग्रेस MP केसी वेणुगोपाल ने कहा- हमें वेस्ट एशिया में युद्ध के हालात और फ्यूल की बढ़ती कीमतों के मुद्दे पर चर्चा करने की जरूरत है। यह पार्टी का मामला नहीं है। सरकार को विपक्ष को भी भरोसे में लेना होगा।
देश
घरेलू सिलेंडर की बुकिंग पिछली डिलेवरी के 25-दिन बाद होगी:सरकार ने टाइम लिमिट बढ़ाई, ईरान जंग के बीच जमाखोरी रोकने के लिए फैसला
नई दिल्ली,एजेंसी। केंद्र सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की रीफिल बुकिंग के नियमों में बदलाव किया है। अब उपभोक्ता एक सिलेंडर बुक करने के बाद दूसरा सिलेंडर 21 दिन के बजाय 25 दिन बाद ही बुक कर सकेंगे। यानी सरकार ने रीफिल बुकिंग के मिनिमम वेटिंग पीरियड को 4 दिन के लिए बढ़ा दिया है।
मिडिल ईस्ट टेंशन के बीच सरकार ने यह कदम गैस की जमाखोरी रोकने और सभी उपभोक्ताओं को समान रूप से सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए उठाया है। सरकारी सूत्रों ने न्यूज एजेंसी पीटीआई (PTI) को यह जानकारी दी है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ समय से यह देखा जा रहा था कि जरूरत न होने पर भी लोग सिलेंडर बुक करके स्टॉक कर रहे थे। वेटिंग पीरियड को 25 दिन करने से बेवजह की बुकिंग पर लगाम लगेगी। इससे उन लोगों को आसानी से सिलेंडर मिल सकेगा जिन्हें वाकई जरूरत है।
2 दिन पहले सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर के दाम रु.60 बढ़ाए
2 दिन पहले सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपए महंगा कर दिया है। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम की LPG गैस अब 913 रुपए की मिलेगी। पहले यह 853 रुपए की थी। वहीं 19 किग्रा वाले कॉमर्शियल सिलेंडर में 115 रुपए का इजाफा किया गया है। यह अब 1883 रुपए का मिलेगा। बढ़ी हुई कीमतें 7 मार्च से लागू हो गई हैं।
इससे पहले सरकार ने 8 अप्रैल 2025 को घरेलू सिलेंडर के दामों में 50 रुपए का इजाफा किया था। यानी ये बढ़ोतरी करीब एक साल बाद की गई है। वहीं 1 मार्च 2026 को कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 31 रुपए तक बढ़ाए गए थे। सरकार ने गैस के दामों में बढ़ोत्तरी ऐसे वक्त की है जब अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के चलते देश में गैस की किल्लत की आशंका जताई गई है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर रहेंगी
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल बढ़ोतरी के आसार नहीं हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 130 डॉलर प्रति बैरल के पार नहीं जाती, तब तक घरेलू बाजार में कीमतें स्थिर बनी रहेंगी। वर्तमान अनुमानों के अनुसार, कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहने की उम्मीद है।
देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है
ईंधन की सप्लाई को लेकर सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश के किसी भी पेट्रोल पंप पर तेल की किल्लत नहीं है। सप्लाई चैन पूरी तरह सामान्य है। भविष्य में किसी भी संभावित संकट से निपटने के लिए भारत ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के अलावा अन्य रास्तों से कच्चे तेल की सोर्सिंग तेज कर दी है। इससे समुद्री मार्ग में किसी भी तनाव की स्थिति में सप्लाई में रूकावट नहीं आएगी।
एविएशन टर्बाइन फ्यूल का भी पर्याप्त स्टॉक
विमानों में इस्तेमाल होने वाले एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF को लेकर भी सरकार ने स्थिति साफ की है। अधिकारियों ने कहा कि देश के पास ATF का पर्याप्त स्टॉक है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। भारत न केवल ATF का उत्पादक है, बल्कि इसका निर्यात भी करता है। इसलिए विमान सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
दूसरे देश भारत से मांग रहे सलाह
एनर्जी मैनेजमेंट के मामले में भारत दुनिया के कई अन्य देशों से बेहतर स्थिति में नजर आ रहा है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में भारत की तैयारी को देखते हुए कई देशों ने नई दिल्ली से संपर्क साधा है। वे भारत के स्टॉक मैनेजमेंट और सप्लाई चेन की रणनीति को समझना चाहते हैं।
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