छत्तीसगढ़
मैनपाट में नड्डा ने ली मंत्री-सांसद-विधायकों की क्लास:BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष बोले- न आए भ्रष्टाचार की शिकायत; योग करते दिखे CM, शिवराज भी पहुंचे
रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मैनपाट में भारतीय जनता पार्टी का प्रशिक्षण शिविर चल रहा है। दूसरे दिन मंगलवार को प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत योग अभ्यास से हुई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरणदेव, सभी मंत्री और सांसद-विधायक योग करते दिखाई दिए।
फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए योग टीचर नेताओं को टिप्स देते रहे और उन्हें सुनकर सभी योग पॉश्चर्स को फॉलो करते दिखाई दिए। आज केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मैनपाट पहुंचे हैं।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मैनपाट पहुंचे हैं।

ट्रेनिंग कैंप के दूसरे दिन की शुरुआत योग के साथ हुई।
राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने नेताओं की ली क्लास
पहले दिन सोमवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने नेताओं की क्लास ली। इस प्रशिक्षण शिविर में विधायक और सांसदों को बुलाया गया है। चुने हुए जनप्रतिनिधियों को संगठन के नेता सरकार में रहकर कामकाज के तौर तरीकों पर अपने अनुभव बता रहे हैं। पहले दिन की नड्डा की क्लास में नेताओं को जनता से जुड़कर रहने और किसी भी सूरत में भ्रष्टाचार के मामलों में न पड़ने की नसीहत मिली।
नड्डा की क्लास में क्या हुआ
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बंद कमरे में सभी नेताओं से बातचीत की। जहां नड्डा बोल रहे थे वहां मोबाइल फोन ले जाने की किसी को अनुमति नहीं थी। सभी सांसद, विधायक और मंत्रियों के मोबाइल फोन बाहर ही जमा करवा लिए गए। इसके बाद शुरू हुई क्लास, भीतर मौजूद सूत्रों ने बताया कि नड्डा ने सांसद विधायकों को कड़ी नसीहत दी।

जेपी नड्डा को सरगुजा की पहचान आदिवासियों का वाद्ययंत्र दिया गया।
जेपी नड्डा ने कहा कि- व्यवहार ऐसा हो की जब जनता के बीच जाए तो शर्मिंदगी महसूस न हो। जनता के बीच अपने आप को बड़ा महसूस न होने दें क्योंकि जनता बड़ी है। ग्राउंड पर रहें, साधारण बन कर रहें।
मीडिया में सोच समझ कर बयान दीजिए। कोई ऐसा बयान न दें जिससे पार्टी की छवि पर बुरा असर हो। किसी भी विषय पर अनावश्यक टिप्पणी करने से बचें, किसी तरह की भ्रष्टाचार की शिकायत नहीं हो ये ध्यान रखें।

सभी मंत्री विधायक किसी क्लास रूम की तरह यूं बैठकर लेते दिखे बड़े नेताओं से ज्ञान।
नड्डा ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के कमलेश्वरपुर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत एक पेड़ लगाया। उसके बाद छत्तीसगढ़ भाजपा के सांसदों और विधायकों के प्रशिक्षण वर्ग का उद्घाटन किया।

जेपी नड्डा ने ग्राउंड पर रहकर काम करने की सीख सभी नेताओं को दी।
नड्डा के बताए 5 मंत्र
- समाज, संगठन और सरकार के प्रति जागरूक हो। तैयारी अगले चुनाव की रखिए, आपके काम और व्यवहार का प्रभाव जनता पर होता है।
- भारतीय जनता पार्टी केवल एक राजनीतिक संगठन नहीं, बल्कि विचार, मूल्य और सेवा का एक समर्पित आंदोलन है। जनता को इससे जोड़ना है।
- सरकार में मौजूद सांसद-विधायकों को संगठन के साथ अधिक तालमेल बैठाकर जमीनी स्तर पर काम करने की जरूरत है।
- बूथ स्तर पर पार्टी की उपस्थिति हो केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का काम आपका है। विपक्ष के दुष्प्रचार का तथ्यपूर्ण जवाब देने की रणनीति हमें अपनानी है।
- ये प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं है, यह नेतृत्व को तैयार करने, संगठन को सशक्त बनाने और कार्यकर्ताओं को प्रेरित करने का माध्यम है।
- देश और प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की डबल इंजन वाली सरकार के विकास कार्यों और इनिशिएटिव को छत्तीसगढ़ के गांव–गांव, घर–घर पहुंचाना है।

एक साथ यूं एक ही तरह की पगड़ी में दिखे भाजपा के सभी सांसद-विधायक।
सरगुजिया पगड़ी और स्टूडेंट्स की तरह लाइन में नेताजी
छत्तीसगढ़ के तमाम मंत्री विधायक और सांसद मैनपाट में चल रहे इस प्रशिक्षण शिविर में ट्रेनिंग ले रहे हैं। इस दौरान सभी किसी स्टूडेंट की तरह अनुशासन में दिखाई दिए। सभी को सफेद और सुर्ख लाल रंग के कॉम्बिनेशन में तैयार की गई सरगुजिया पगड़ी पहनाई गई।
इस तरह के रंगों के गमछे सरगुजा के आदिवासी धारण करते हैं। वैसी ही पगड़ी सभी नेताओं के सिर पर थी। एक मौका ऐसा भी आया जब प्रशिक्षण शिविर की जगह पर सभी एक लाइन एक कतार में ग्रुप फोटो सेशन करते दिखे जैसे स्कूलों में स्टूडेंट्स करवाते हैं।

सोमवार देर शाम भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े रायपुर पहुंचे, वे भी शिविर में हिस्सा लेंगे।
तस्वीरों में देखे प्रशिक्षण शिविर
मैनपाट में आयोजित प्रशिक्षण शिविर के पहले सभी मंत्रियों, सांसदों, विधायकों ने आम, सिंदूर, रुद्राक्ष जैसे पेड़ भी लगाए।

मैनपाट के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल उल्टा पानी में यूं तस्वीर खिंचवाई साजा विधायक ईश्वर साहू ने।

भाजपा नेताओं ने सिंदूर और आम के पेड़ भी लगाए।

एक जगह से दूसरी जगह सभी को बस में ले जाया गया।

सभी महिला विधायक और सांसद भी शिविर में पहुंची हैं।
कल 9 जुलाई को अमित शाह आएंगे
9 जुलाई को प्रशिक्षण शिविर का समापन होगा। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इसमें शामिल होंगे। आखिरी दिन महापौर की भी ट्रेनिंग होगी। अमित शाह सभी नेताओं को जनता के बीच काम करने तौर तरीकों पर टिप्स देंगे।

जेपी नड्डा के बाद अब समापन सत्र देश के गृहमंत्री अमित शाह लेंगे।
छत्तीसगढ़
सुकमा : मरीज को मिला समय पर उपचार, सुकमा के चिकित्सकों की टीम ने दिखाई तत्परता
जिला अस्पताल में मौत के मुंह से लौटाई महिला की सांसें
सुकमा। सुकमा जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवा की तत्परता और आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है। सिविल सर्जन डॉ. एमआर कश्यप से प्राप्त जानकारी के अनुसार छिंदगढ़ विकासखंड के कुन्ना निवासी 38 वर्षीय श्रीमती पाली कवासी को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल सुकमा में भर्ती कराया गया।

देरी से अस्पताल पहुंचने के कारण स्थिति अत्यंत जोखिमपूर्ण थी और तत्काल सर्जरी आवश्यक हो गई। अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुजा ने बिना समय गंवाए तुरंत एलएससीएस (सीजर) ऑपरेशन कर मरीज का उपचार प्रारंभ किया। हालांकि ऑपरेशन के दौरान मृत बच्चा पैदा होने से महिला की स्थिति और अधिक जटिल हो गई।
महिला की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और रेफर करने की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान महिला का श्वास बंद सा हो गया, साथ ही नाड़ी और हृदय की धड़कन भी थम सी गई। ऐसे संकट की घड़ी में जिला अस्पताल की मेडिकल टीम ने त्वरित निर्णय लेते हुए महिला को दो बार सीपीआर दिया और तत्काल वार्ड में शिफ्ट कर आधुनिक वेंटीलेटर की सहायता से उपचार शुरू किया गया। इसके बाद महिला को दो यूनिट रक्त चढ़ाया गया।
डॉक्टरों की सतर्कता और उपलब्ध संसाधनों के कारण महिला की जान बचा ली गई। आज श्रीमती पाली कवासी पूरी तरह स्वस्थ हैं और जिला अस्पताल के डॉक्टरों व स्टाफ के प्रयासों की सराहना कर रही हैं।

छत्तीसगढ़
जशपुर : राज्यपाल रमेन डेका ने जशपुर के मातृत्व वन में किया सीता अशोक के पौधे का रोपण
जशपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने सर्किट हाउस जशपुर के मातृत्व वन में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत सीता अशोक के पौधे का रोपण कर पर्यावरण के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर कलेक्टर रोहित व्यास वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार और वनमंडला अधिकारी शशि कुमार और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

लगभग 2 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस मातृत्व वन में 400 से अधिक विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक संवेदनाओं के अद्वितीय समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत करता है। मातृत्व वन में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत जिले के जनप्रतिनिधियों द्वारा अपनी माताओं के नाम पर पौधरोपण किया गया है। इस पहल ने अभियान को भावनात्मक और सामाजिक रूप से विशेष महत्व प्रदान किया है।
राज्यपाल रमेन डेका ने इस अवसर पर कहा कि माँ हमारे जीवन की प्रथम गुरु होती हैं और उनका स्थान सर्वोच्च होता है। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के माध्यम से हम माँ के प्रति सम्मान को प्रकृति से जोड़ रहे हैं। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करेगी। उन्होंने कहा कि मातृत्व वन जैसी पहल न केवल हरित क्षेत्र बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का भाव भी विकसित करेंगी।
मातृत्व वन के अंतर्गत पर्यावरणीय एवं औषधीय दृष्टि से महत्वपूर्ण पौधों का चयन कर उनका रोपण किया गया है। इनमें टिकोमा, झारुल, सीता अशोक, गुलमोहर, लक्ष्मीतरु, आंवला, बीजा, सिन्दूर, नागकेसरी, अर्जुन एवं जामुन जैसी प्रजातियाँ प्रमुख हैं। ये पौधे न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक होंगे, बल्कि आने वाले समय में औषधीय एवं जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मातृत्व वन की स्थापना का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, माताओं के प्रति सम्मान को प्रकृति के माध्यम से अभिव्यक्त करना तथा नई पीढ़ी में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। यह पहल ‘हर घर एक पेड़, हर पेड़ में माँ की ममता’ के संदेश को साकार करने की दिशा में एक सार्थक कदम है।

छत्तीसगढ़
जशपुर : राज्यपाल रमेन डेका ने जशपुर के केरेगांव होम-स्टे का किया अवलोकन

जशपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने जशपुर प्रवास के दौरान शनिवार को जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल देशदेखा के समीप स्थित केरेगांव में विकसित होम-स्टे का अवलोकन किया। इस दौरान वे स्थानीय आदिवासी संस्कृति, जनजीवन और पारंपरिक आतिथ्य परंपरा से रूबरू हुए। होम-स्टे प्रवास के दौरान उन्होंने देशदेखा समूह की महिलाओं द्वारा पारंपरिक विधि से तैयार किए गए व्यंजनों का स्वाद चखा। राज्यपाल श्री डेका ने ग्रामीण परिवेश में विकसित होम-स्टे को प्रेरणादायक कदम बताया और कहा कि यह प्रयास न केवल ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्थानीय महिलाओं और ग्रामीण परिवारों की आजीविका को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाते हैं।
इस दौरान स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने ‘जसक्राफ्ट’ ब्रांड के तहत छिंद एवं कांसा से निर्मित पारंपरिक आभूषण माला एवं झुमके राज्यपाल को भेंट किए। राज्यपाल श्री डेका ने स्थानीय महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल कौशल विकास, रोजगार सृजन तथा आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगी।

इस दौरान ‘देशदेखा क्लाइंबिंग कम्पनी’ के सदस्यों ने भी राज्यपाल से भेंट की। उन्होंने क्षेत्र में एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया कि यहां नियमित रूप से रॉक क्लाइंबिंग जैसे खेलों का आयोजन किया जाता है। राज्यपाल ने अधिकारियों को ऐसे खेलों को निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन देने को कहा, ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिले और अधिक से अधिक युवा इन गतिविधियों की ओर आकर्षित हों। इस दौरान कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार,वनमंडलाधिकारी शशि कुमार सहित अन्य अधिकारीगण एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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