कोरबा
बाकीमोंगरा नगर पालिका में लेखापाल और सांसद प्रतिनिधि के बीच जमकर विवाद
कहां से और क्यूं शुरू हुआ विवाद ? कैसे हुआ समझौता?
यह पूरा मामला है नगर पालिका परिषद बाकीमोंगरा का, जहां बीते मंगलवार दोपहर लगभग 01.30 बजे प्रतिदिन की तरह अधिकारी व कर्मचारी अपने अपने कार्य में व्यस्त थे। आमजनों का अपनी अपनी जरूरत के अनुसार आवागमन लगा हुआ था, उसी वक्त नगर पालिका परिषद बाकीमोंगरा के सांसद प्रतिनिधि प्रदीप अग्रवाल भी अपने निजी कार्य को लेकर पालिका पहुंचे, वहीं एक बुजुर्ग का वीडियो बनाने को लेकर लेखापाल और सांसद प्रतिनिधि के बीच हुआ था विवाद।
बाकीमोंगरा। मामला कुछ ऐसा है कि कार्यालय के सामने आवक जावक टेबल के पास एक बुजुर्ग ऊंची ऊंची आवाज में चिल्लाते हुए कह रहा था कि यहां पर हर काम के लिए पैसा मांगा जा रहा है, कहां से लाएंगे पैसा। उसी वक्त पहुंचे थे सांसद प्रतिनिधि और उस बुजुर्ग की ऊंचे आवाज को सुन प्रतिनिधि के द्वारा उस बुजुर्ग का वीडियो बनाते हुए पूछा गया कि क्या हुआ? कौन क्या बोल दिया? जिसके बाद उस बुजुर्ग द्वारा कहा गया कि मोबाइल का नंबर जुड़वाने के लिए भी पैसा मांग रहे हैं। इतने में बाहर का शोरगुल पाकर लेखापाल सुमित मेहता अंदर अपने कार्यालय कक्ष से बाहर आकर सांसद प्रतिनिधि को वीडियो बनाते देख वीडियो बंद करो, मामला क्या है? पहले बताईये कहते हुए मोबाइल जबरजस्ती बंद कराने का प्रयास करने लगा और इसी बात को लेकर दोनों के बीच धक्का मुक्की होने जैसी स्थिति बन गई। बढ़ते विवाद को देख वहां पर उपस्थित विपक्षी दल के पार्षदगण और उपस्थित कर्मचारियों ने दोनों को अलग करते हुए दूर कर दिया, जिसके बाद वाद-विवाद में सांसद प्रतिनिधि के द्वारा इस कृत्य का विरोध करते हुए कहा कि मोबाइल लूटने का अधिकार आपके पास नहीं है। मैं कार्यालय का या यहां के किसी भी अधिकारी और कर्मचारी का वीडियो नहीं बना रहा हूं। मैं तो एक पीड़ित बुजुर्ग जो आम जनता है और उसके द्वारा पैसा मांगा जा रहा है, कहकर बोला जा रहा है, इसका वीडियो बना रहा हूं। इसी बात पर लेखापाल सुमित मेहता द्वारा कहा गया कि मैं मोबाइल लूट नहीं रहा हूं, वीडियो मत बनाइए रुकिए मामला क्या है पहले बताइए… ये कह रहा हूं। अगर कर्मचारी गलत किया होगा उसके लिए हम हंै ना। लेखापाल के ऊंचे स्वर पर सांसद प्रतिनिधि ने कहा कि ज्यादा चिल्लाने की जरूरत नहीं है।
इसी बीच बहस के दौरान लेखापाल द्वारा कहा गया कि नेतागिरी ऑफिस के बाहर करो यहां नहीं चलेगा। इस शब्द का विरोध करते हुए सांसद प्रतिनिधि ने जवाब में बोला कि हम नेतागिरी यहीं करेंगे, आप कौन हो रोकने वाले। ( विवाद का वीडियो नीचे साझा किया गया है)
दो वीडियो सामने आया है जिसमें पहला वीडियो सांसद प्रतिनिधि द्वारा बनाया गया है जिसमें बुजुर्ग चिल्लाते हुए और पैसा मांगने वाली बात बता रहा है जिसमें वीडियो के अंत में झूमा झपटी देखा जा सकता है। वहीं दूसरे वीडियो जो प्रत्यक्षदर्शियों के बीच से किसी ने वाद विवाद के दौरान बनाया है। इस वीडियो में स्पष्ट रूप से लेखापाल और सांसद प्रतिनिधि के बीच बढ़ता विवाद और बहस देखा जा सकता है, जिसमें दोनों एक दूसरे से ऊंचे आवाज में सवाल जवाब करते देखे जा रहे हैं।
हर बात पर पैसा मांग रहे हंै, कहकर ऊंचे स्वर में चिल्लाने वाला व्यक्ति बुजुर्ग (लगभग 65 वर्ष) का नाम फोटू है, जो मोंगरा बस्ती में निवास करता है। प्लंबर का कार्य कर अपना पेट और परिवार चलाता है।
मुद्दे की बात
मामला के शांत होने के बाद सांसद प्रतिनिधि को पालिका के ही एक कर्मचारी द्वारा कहा गया कि इस मामले को आगे न बढ़ाया जाए। मेरे द्वारा मामले की पूरी जानकारी पालिका की मुख्य अधिकारी सीएमओ मैडम को दे दिया गया है। वो अभी एक बैठक में है, जिसके बाद वो यहां पालिका आ रही हैं, उनके सामने दोनों पक्ष की बात रख कर दोनों में आपसी सुलह कर लें या मामले को सुलझा लें ।
जिसके बाद नगर पालिका परिषद बाकीमोंगरा के सांसद प्रतिनिधि प्रदीप अग्रवाल, विपक्षी दल के नेता प्रतिपक्ष पार्षद मधुसूदन, नवीन कुकरेजा व उपस्थित कांग्रेसी, सीएमओ मैडम के आने का इंतजार करने लगे। सीएमओ मैडम के आने के बाद उनके द्वारा एक एक करके हुए वाद विवाद की जानकारी ली गई और दोनों पक्षों को बैठाकर सुलह भी करा दिया गया। सुलह के बाद दोनों पक्ष में संतुष्टि हुई या नहीं यह तो स्पष्ट नहीं है, पर मामला वहीं कार्यालय में ही समाप्त करा दिया गया।
सांसद प्रतिनिधि प्रदीप अग्रवाल से बात करने पर मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मेरे द्वारा केवल उस चिल्ला रहे बुजुर्ग का वीडियो बनाया जा रहा था, मेरी मानसिकता किसी भी कर्मचारी या किसी भी अधिकारी का विरोध करना या उनको ठेस पहुंचाना नहीं था। मेरे द्वारा वीडियो बनाने के दौरान लेखापाल द्वारा मोबाइल को लूटते हुए वीडियो बंद कराने का प्रयास किया गया और धक्का मुक्की वाद विवाद किया गया। उन्होंने बताया कि महिला कर्मचारी से अभद्र व्यवहार पूरी तरह गलत अफवाह (आरोप) है और उस दोनों वीडियो में भी मेरे द्वारा महिला कर्मचारी से कहीं पर भी अभद्र व्यवहार नहीं किया गया। मेरे द्वारा सीएमओ मैडम को लेखापाल द्वारा किया गया दुर्व्यवहार और वहां पर हुई सारी घटना से अवगत कराया गया है, जिसके बाद वहीं कार्यालय में ही दोनों पक्षों को आमने सामने कर मामले को सुलझा दिया गया है।
तथाकथित वीडियो में दिखाई दे रहा है जिसमें महिला कर्मचारी कह रही है कि वो भईया मेरे पास आए हैं और बोले है कि आधार कार्ड में मोबाइल नंबर जोड़ना है जिनको मेरे द्वारा बोला गया कि आज च्वॉइस सेंटर वाले भईया नहीं आए हैं और नंबर जोड़ने का काम चॉइस सेंटर वाले करते हैं। वो कुछ पैसा लेते हंै, तो वो पैसा पैसा लगेगा करके हल्ला कर रहे हैं। जिसके बाद सांसद प्रतिनिधि द्वारा बोला गया कि मैं इस व्यक्ति का वीडियो नहीं बना सकता क्या? जवाब में महिला कर्मचारी द्वारा बोला गया कि वो गलत बोल रहे हंै, इसलिए वीडियो नहीं बना सकते।
महिला कर्मचारी से जानकारी लेने पर उनके द्वारा बताया गया कि वह व्यक्ति मेरे पास आकर बोला कि आधार में मोबाइल नंबर जुड़वाना है, जिसपर मेरे द्वारा उनको बताया गया कि आज आधार मोबाइल नंबर जोड़ने वाले नहीं आए हैं। तो आप बाहर किसी भी चॉइस सेंटर से करा सकते हैं, पर चॉइस सेंटर वाले कुछ पैसा लेते हंै, उसी के बाद वो वहीं पर हल्ला करने लगा कि सब काम के लिए पैसा मांग रहे हंै, करके बोल रहा था, उसी समय सांसद प्रतिनिधि पहुंचे और वीडियो बनाने लगे और विवाद होने लगा, पर मेरे द्वारा किसी भी तरह का कोई भी रकम की मांग नहीं की गई है।
विवाद की वीडियो देखने के लिए 👇 ▶️ क्लिक करे
कानूनी पहलू – क्या कोई आम नागरिक कार्यालय में वीडियो बना सकता है?
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19(1)(a) हर नागरिक को “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता” (Freedom of Speech and Expression) का अधिकार देता है। नागरिक सार्वजनिक स्थानों पर घटनाओं को रिकॉर्ड कर सकते हैं — बस शर्त यह है कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था या किसी व्यक्ति की निजता का उल्लंघन न हो। अधिकारों के इस दायरे में यदि कोई व्यक्ति भ्रष्टाचार या उत्पीड़न की शिकायत करता है, तो उस पर आधारित रिकॉर्डिंग सार्वजनिक हित में मानी जा सकती है।
सरकारी कार्यालयों में रिकॉर्डिंग को लेकर स्थानीय प्रशासनिक नियम अलग-अलग हो सकते हैं।
फिलहाल नगर पालिका परिषद बाकीमोगरा में सांसद प्रतिनिधि और लेखापाल के बीच हुए विवाद को नगर पालिका परिषद की मुख्य अधिकारी ज्योत्सना टोप्पो द्वारा दोनों पक्षों की बाते सुनकर और उपस्थित कर्मचारियों से विवाद की संज्ञान लेने के बाद कार्यालय में दोनों पक्षों को आपस में बैठाकर हुए वाद विवाद को सुलझा दिया गया है।
संवाददाता साबीर अंसारी
कोरबा
अखबार वितरक संघ का तृतीय प्रादेशिक सम्मेलन: मुख्य अतिथि मंत्री देवांगन ने कहा-हर वर्ग के लिए काम कर रही भाजपा सरकार, बाथरूम, टॉयलेट एवं बाऊंड्रीवाल के लिए 10 लाख की घोषणा
महापौर संजूदेवी ने कहा-हर संभव करेंगे मदद

कोरबा। 29 मार्च को संध्या 5.00 बजे अखबार वितरक संघ के तृतीय प्रादेशिक सम्मेलन में कोरबा विधायक एवं प्रदेश के केबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने की। अखबार वितरक संघ के तृतीय प्रादेशिक सम्मेलन में जिले भर से सदस्य एवं ब्लाक सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित हुए, वहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष रामरक्षा सिंह सहित देश के कई राज्यों से पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। महासम्मेलन अभूतपूर्व ढंग से सफल रहा।

महासम्मेलन को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि कोरबा विधायक एवं केबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि केन्द्र एवं प्रदेश में भाजपा सरकार सभी वर्ग के लिए काम कर रही है और देश के साथ राज्य भी आगे बढ़ रहा है। अखबार वितरक कई चुनौतियों से जूझ रहे हैं और इस वर्ग के उत्थान के लिए भी हम प्रतिबद्ध हैं। अखबार वितरक संघ का प्रदेश कार्यालय, वार्ड क्रमांक 15, न्यू पानी टंकी, टी पी नगर कोरबा के विकास के लिए मैं और महापौर मिलकर काम करेंगे। उन्होंने तत्काल प्रदेश कार्यालय में बाथरूम, टॉयलेट एवं बाऊंड्रीवाल के लिए 10 लाख रूपए देने की घोषणा की और कहा कि इसे यथाशीघ्र प्रारंभ भी कर दिया जाएगा। आगे और भी अन्य काम के लिए मैं या महापौर राशि स्वीकृत करेंगे। अखबार वितरक संघ की ओर से प्रेस क्लब अध्यक्ष राजेन्द्र जायसवाल ने केबिनेट मंत्री से मांग की और सरल, सहज मंत्री ने यह सौगात दे दी। संघ ने अपनी अन्य मांगों को लेकर केबिनेट मंत्री एवं महापौर को मांगपत्र सौंपा।

महापौर ने कहा कि केबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन का कार्यकाल 2 वर्ष हो रहा है और मेरा कार्यकाल अभी एक वर्ष पूर्ण हुआ है और इस अल्प कार्यकाल में नगर निगम क्षेत्र में 800 करोड़ से अधिक कार्यों की स्वीकृति हो चुकी है। अखबार वितरक संघ को आगे बढ़ाने हम हर संभव मदद करेंगे।

छत्तीसगढ़ में भी हो अखबार वितरक कल्याण मंडल का गठन- सुनील पाटनकर
सम्मेलन में महाराष्ट्र अखबार राज्य वृत्तपत्र विक्रेता संघटना के प्रदेश अध्यक्ष सुनील पाटनकर एवं उनकी टीम भी उपस्थित हुए और कहा कि हमारे प्रयासों से महाराष्ट्र सरकार ने अखबार वितरकों के कल्याण के लिए अखबार वितरक कल्याण मंडल का गठन किया है और यहां के अखबार वितरकों के लिए भी अखबार वितरक कल्याण मंडल का गठन करने की मांग केबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन से की और कहा कि आपके माध्यम से हमारी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाएं और आप भी इसके लिए प्रयास करें।
कार्यक्रम को राष्ट्रीय अध्यक्ष रामरक्षा सिंह ने भी सम्बोधित किया और अखबार वितरकों की आर्थिक पहलुओं सहित चुनौतियों के बारे में अपना विचार व्यक्त किया। कार्यक्रम को प्रदेश अध्यक्ष पी एस चंदेल ने भी सम्बोधित किया और कहा कि अखबार वितरक भले ही नीचे तबके के हो सकते हैं, लेकिन भीख नहीं मांगेंगे, हमें अपना अधिकार चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अखबार वितरकों को भी पर्याप्त रूप से मिले।
श्रम विभाग के अधिकारियों ने यहां कैम्प लगाया और छूटे हुए सदस्यों का श्रम हितग्राही कार्ड बनाए। कोरबा के आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने टीम के साथ स्वास्थ्य शिविर लगाया और यहां उपस्थित लोगों का परीक्षण भी किया और आवश्यक टीप्स दिए और दवाई का वितरण किया।
सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के रूप में भाजपा के जिला उपाध्यक्ष प्रफूल्ल तिवारी, पार्षद नरेंद्र देवांगन, प्रेमलता बंजारे, रामकुमार साहू, ईश्वर पटेल, कोरबा भाजपा मंडल के अध्यक्ष योगेश मिश्रा सहित बाहर से आए अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष रामरक्षा सिंह, महाराष्ट्र के प्रदेश अध्यक्ष सुनील पाटनकर, प्रेस क्लब अध्यक्ष राजेन्द्र जायसवाल मंचस्थ थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में दूसरे प्रदेश से आए पदाधिकारी पंकज भ_, राकेश सैनी, रामश्रेष्ठ पासवान, भोला अवस्थी, भागवत नारायण चौरसिया, दिनेश उईके, विनोद पन्नासे सहित टीम के अन्य सदस्यों की उपस्थिति से सम्मेलन की गरीमा बढ़ी।
अखबार वितरक रामा को मिली नई सायकिल, खिला चेहरा

विशिष्ट अतिथि एवं वक्ता के रूप में पधारे राष्ट्रीय वितरक महामंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामरक्षा सिंह एवं उनकी टीम ने एक सायकिल प्रदत्त की और ऐसे अखबार वितरक को देने का एलान किया, जो आर्थिक दृष्टि से कमजोर हो। सौभाग्य से यह सायकिल रामा (रामायण सिंह) को मिली और अतिथियों के हाथों यह सायकिल रामा को दी गई। सायकिल पा कर रामा का चेहरा खिल उठा और आभार व्यक्त किया। यहां उपस्थित अखबार वितरकों का भी सम्मान कर हौसला बढ़ाया गया।
सम्मेलन में आभार प्रदर्शन जिला अध्यक्ष विपेन्द्र कुमार साहू ने किया। कार्यक्रम का संचालन करमजीत भगत ने किया। इस अवसर पर जिला संरक्षक रेशम साहू, रायगढ़ जिला अध्यक्ष सुरेश भारती, जिला सचिव जयकुमार नेताम, मीडिया प्रभारी रामा, रायसिंह, अनिल गिरी, शंकर दीवान, संतराम पटेल, तुमान इकाई अध्यक्ष फैज मोहम्मद, पाली इकाई अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह ठाकुर, कटघोरा इकाई अध्यक्ष बबलू यादव (कन्हैया), बांकीमोंगरा इकाई अध्यक्ष दीवाकर नाहक, जमनीपाली इकाई अध्यक्ष दीपक साहू, रविन्दर, राकेश साहू, विजय दास, दीलबाग, जीवन लाल चौहान, दिलीप यादव, राज, कृष्ण निर्मलकर, हर्ष नेताम, बजरंग यादव, निखील देवांगन सहित बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित थे। संघ के सीए प्रमेश चंदेल एवं योगेश वैश्य विशेष रूप से उपस्थित थे।
संस्कारम् टीम ने की सहभागिता

अखबार वितरक संघ के तृतीय प्रादेशिक सम्मेलन में संस्कारम् टीम ने भी अपनी सहभागिता निभाई। अध्यक्ष आकांक्षा चंदेल ने संस्कारम् टीम के सेवा, समर्पण एवं संस्कार शिक्षा का संक्षिप्त परिचय दिया और कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों ने अपनी प्रस्तुति दी। संस्कारम् टीम को भी नगर निगम से स्वेच्छानुदान राशि देने की घोषणा महापौर ने की। इस अवसर पर संरक्षक चित्रलेखा चंदेल, सचिव नेहा अग्रवाल, उपसचिव दीपिका पुजारी, प्रियंका जायसवाल, रेणुका लदेर सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष गेंदलाल शुक्ला, दिनेश राज, सत्यनारायण पाल, लक्ष्मीकांत जोशी, हरीश तिवारी, रंजन प्रसाद, सुधीर राजपूत, युधिष्ठिर राजवाड़े, भुवनेश्वर महतो, देवराज राठौर, कुश शर्मा, दुर्गेश श्रीवास्तव सहित अन्य पत्रकार उपस्थित थे, जिन्हें मंच से सम्मानित किया गया।

कोरबा
माखनलाल पाण्डेय संयुक्त संचालक अभियोजन (बिलासपुर संभाग) की सेवानिवृत्ति पर गरिमामयी विदाई समारोह आयोजित
पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग ने किया अभिनंदन
माखन लाल पाण्डेय को पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में दी गई आत्मीय विदाई

कोरबा। आज दिनांक 30.03.2026 को पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय बिलासपुर में माखन लाल पाण्डेय, संयुक्त संचालक अभियोजन (बिलासपुर संभाग) के सेवानिवृत्ति के अवसर पर एक गरिमामय एवं आत्मीय विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम राम गोपाल गर्ग पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज, के गरिमामयी सानिध्य में संपन्न हुआ। जिसमें संयुक्त संचालक अभियोजन माखन लाल पाण्डेय, उप संचालक श्रीमती कंचन पाटिल एवं पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय के सभी अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे। समारोह के दौरान पुलिस महानिरीक्षक श्री गर्ग ने श्री पाण्डेय के कुशल कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्हें श्रीफल, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

अनुकरणीय सेवा सफरः-
माखन लाल पाण्डेय का कार्यकाल उपलब्धियों भरा रहा है
अपनी सेवाकाल फरवरी 1995 जिला रायपुर से प्रारंभ कर विभिन्न जिलों दुर्ग, महासमुंद, धमतरी, जांजगीर चांपा में सेवा देते हुए फरवरी 2023 से 30 मार्च 2026 तक बिलासपुर संभाग में संयुक्त संचालक अभियोजन के पद पर पदस्थ होकर न्याय प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने पुलिस विभाग के साथ समन्वय कर विवेचना और दोषमुक्ति प्रकरणों की समीक्षा में अपना अमूल्य मार्गदर्शन दिया, तथा उनके द्वारा हमेशा प्रभावी कार्य सदैव संपादित किया गया।

इस अवसर पर आईजी श्री गर्ग ने कहा कि, एक सफल अभियोजन अधिकारी न केवल कानून का ज्ञाता होता है, बल्कि वह पीड़ित को न्याय दिलाने की महत्वपूर्ण कड़ी है। पाण्डेय जी ने अपने पूरे कार्यकाल में अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश करते हुये सदा अभियोजन और पुलिस विभाग के लिये अपना विशेष योगदान दिया है। उनके आगामी सुखद भविष्य की शुभकामनाए देते आईजीपी श्री गर्ग ने आशा व्यक्त की, कि सेवानिवृत्ति के पश्चात भी श्री पाण्डेय अपने विशाल अनुभव और कानूनी ज्ञान के आधार पर पुलिस विभाग को आवश्यकतानुसार सहायता, मार्गदर्शन ,परामर्श और प्रशिक्षण देते रहेंगे।

श्री पाण्डेय ने इस अवसर पर अपने प्रति दिए गए सम्मान के लिए आईजीपी श्री गर्ग का आभार व्यक्त करते हुए,अपनी इस यात्रा के अनुभव साझा किए,और जिला अभियोजन अधिकारी से संयुक्त संचालक तकनीक सफर के दौरान पुलिस और न्यायालय के साथ अपने अनुभव साझा किए।इन भावुक पलों के श्री पाण्डेय ने,पुलिस विभाग के द्वारा कोई सहायता मांगे जाने पर, सेवानिवृत्ति के बाद भी , हमेशा स्वयं को उपलब्ध रहना बताया।

इस विदाई समारोह में पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग के साथ उप पुलिस अधीक्षक (बिलासपुर रेंज) विवेक शर्मा, निरीक्षक अशोक वैष्णव, निरीक्षक धनेश्वरी दुबे, उपनिरीक्षक रामकुमार पटेल, शंकर कश्यप, संग्राम सिंह,संदीप ठाकुर, रेखा जायसवाल सहित कार्यालय के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने श्री पाण्डेय को भावभीनी विदाई दी। इस गरिमामय कार्यक्रम का संचालन संजय रावत मुख्य लिपिक ने किया।

कोरबा
छत्तीसगढ़ में टोल प्लाजा रेट में ₹5 की बढ़ोतरी:एनुअल पास पर ₹75 ज्यादा लगेंगे, 1 अप्रैल से लागू होगी NHAI की नई दरें
बिलासपुर/कोरबा,एजेंसी। नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने छत्तीसगढ़ से अलग-अलग शहरों के लिए जाने वाले नेशनल हाईवे की टोल दरों में बढ़ोतरी की है। इसमें बिलासपुर से रायपुर, कोरबा, अंबिकापुर, रायगढ़ समेत सभी टोल प्लाजा में 5 रुपए की बढ़ोतरी की गई है।
अब 1 अप्रैल से हर टोल प्लाजा से गुजरने पर 5 रुपए एक्स्ट्रा टैक्स देना होगा। इसी तरह एनुअल (वार्षिक) पासधारकों को 75 रुपए अतिरिक्त शुल्क देना पड़ेगा। राहत की बात है कि, स्थानीय पासधारकों को पुराने दर पर ही सफर करने की छूट है।
NHAI ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए टोल की नई दरें जारी कर दी हैं। बिलासपुर जिले के 4 प्रमुख टोल प्लाजा भोजपुरी, मुढ़ीपार, पाराघाट और बगदेवा से रोजाना गुजरने वाले करीब एक लाख से ज्यादा वाहनों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। विशेष रूप से बिलासपुर से रायपुर और पड़ोसी जिलों के बीच आने-जाने वाले लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।

5 से 20 रुपए टैक्स की बढ़ोतरी
NHAI की तरफ से जारी नोटिफिकेशन में 5 से 10% शुल्क में बढ़ोतरी की गई है। अलग-अलग टोल मैनेजमेंट और एनएचएआई से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, ये बढ़ोतरी 5 से लेकर 20 रुपए तक की है।
रिंग रोड पर प्राइवेट के अलावा हल्के कॉमर्शियल वाहनों के लिए बढ़ोतरी नहीं की गई है। यहां केवल भारी कॉमर्शियल गाड़ियों के लिए टोल रेटों में 5 से लेकर 20 रुपए तक बढ़ोतरी की गई है।
सालाना पास के लिए 3075 रुपए देने होंगे
NHAI ने कार के लिए बनाए जाने वाले सालाना पास की कीमतों में 75 रुपए की बढ़ोतरी की। ये बढ़ोतरी भी 1 अप्रैल से लागू होगी। अभी सालाना पास 3 हजार रुपए में बनता है, जिसमें 200 टोल बूथ क्रॉस करने की लिमिट होती है। 1 अप्रैल से बनने वाले सालाना पास के लिए अब 3075 रुपए देने पड़ेंगे।

बिलासपुर से रायपुर, कोरबा, अंबिकापुर, रायगढ़ समेत सभी टोल प्लाजा में 5 रुपए की बढ़ोतरी की गई है।
कैसे तय होता है टोल रेट
टोल टैक्स की दरें होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) के आधार पर तय की जाती हैं। हर साल के अंत में इंडेक्स का मूल्यांकन कर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय नए रेट जारी करता है। टोल की राशि सड़क की लंबाई और उस पर बने इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे फ्लाईओवर, अंडरपास, टनल के आधार पर भी तय होती हैं। जहां ज्यादा सुविधाएं होती हैं, वहां टोल भी ज्यादा लगता है।
सालाना रिवीजन के तहत बढ़ी कीमतें
सड़क परिवहन मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, जब फास्टैग एनुअल पास की शुरुआत की गई थी, तभी इसके नोटिफिकेशन में हर साल कीमतों की समीक्षा और बदलाव का प्रावधान रखा गया था। यह बढ़ोतरी उसी सालाना रिवीजन प्रक्रिया का हिस्सा है। देश भर में हाईवे टोल की दरों में बदलाव के लिए जो फॉर्मूला तय है, उसी के आधार पर इस बार 2.5% की वृद्धि की गई है।

फास्टैग से ही होगा अनिवार्य भुगतान
प्रदेश के सभी टोल प्लाजा पर कैश लेन-देन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। जिन वाहनों में फास्टैग एक्टिव नहीं होगा, उन्हें दोगुना टोल देना होगा। यात्रियों की सुविधा के लिए प्लाजा पर 24 घंटे रिचार्ज और हेल्पडेस्क की सुविधा उपलब्ध रहेगी। एनएचएआइ ने स्पष्ट किया है कि सड़क रखरखाव के खर्च को देखते हुए यह वार्षिक वृद्धि की गई है।
NHAI के मैनेजर बोले- मुख्यालय के निर्देश पर बढ़ोतरी
NHAI के मैनेजर राजेश्वर सूर्यवंशी ने बताया कि, मुख्यालय के निर्देशानुसार एक अप्रैल से नई दरें प्रभावी होंगी। वार्षिक पास अब 3,075 रुपए में बनेगा। स्थानीय लोगों के लिए 20 किमी वाली छूट योजना पहले की तरह जारी रहेगी, जिससे उन्हें राहत मिलेगी। छत्तीसगढ़ की सड़कों पर हर टोल में 5 रुपए की वृद्धि की गई है।
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