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भारत ने 434 रन से जीता राजकोट टेस्ट:रन के अंतर से सबसे बड़ी जीत, यशस्वी का दोहरा शतक, जडेजा प्लेयर ऑफ द मैच

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राजकोट, एजेंसी। राजकोट में 557 रन के पहाड़ जैसे टारगेट के सामने इंग्लैंड टीम 122 रन ही बना सकी। भारत ने रिकॉर्ड 434 रन से तीसरा टेस्ट जीता और सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली। चौथा टेस्ट 23 फरवरी से रांची में शुरू होगा। रवींद्र जडेजा ने दूसरी पारी में 5 विकेट लिए, उन्होंने पहली पारी में सेंचुरी भी लगाई थी। जडेजा ने मैच में कुल 7 विकेट लिए, इस प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिला। टीम से युवा यशस्वी जायसवाल ने भी दोहरा शतक लगाया। निरंजन शाह स्टेडियम में गुरुवार को भारत ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग चुनी। पहली पारी में टीम इंडिया ने 445 और इंग्लैंड ने 319 रन बनाए। भारत ने दूसरी पारी 430/4 के स्कोर पर डिक्लेयर की थी।

भारत की सबसे बड़ी जीत

भारत ने 434 रन से इंग्लैंड को हराया। रन के अंतर से यह टीम की सबसे बड़ी जीत रही। इससे पहले टीम ने 2021 में मुंबई के वानखेड़े मैदान पर न्यूजीलैंड को 372 रन से हराया था। इंग्लैंड के खिलाफ इससे पहले टीम की सबसे बड़ी जीत 317 रन की थी। टीम ने 2021 में चेन्नई के मैदान पर इसे हासिल किया था।

चौथे दिन शुभमन-कुलदीप ने इंग्लैंड को परेशान किया

भारत ने 196/2 के स्कोर से चौथे दिन खेलना शुरू किया। शुभमन गिल ने 65 और कुलदीप यादव ने 3 रन के निजी स्कोर से अपनी पारी आगे बढ़ाई। शुभमन 91 और कुलदीप 27 रन बनाकर आउट हुए। शनिवार को रिटायर्ड हर्ट हुए यशस्वी जायसवाल फिर बैटिंग करने उतरे। उन्होंने दोहरा शतक लगाया और सरफराज खान के साथ 172 रन की पार्टनशिप की। सरफराज ने डेब्यू टेस्ट की लगातार दूसरी पारी में फिफ्टी लगाई।

भारत ने डिक्लेयर की दूसरी पारी

टीम इंडिया ने 430/4 के स्कोर पर अपनी दूसरी पारी डिक्लेयर की। यशस्वी 214 और सरफराज 68 रन बनाकर नॉटआउट लौटे। टीम ने पहली पारी में 126 रन की बढ़त बनाई थी, इसलिए इंग्लैंड को 557 रन का टारगेट मिला। इंग्लैंड ने 50 रन तक 7 विकेट गंवाए

बड़े टारगेट के सामने इंग्लैंड की टीम टिक ही नहीं सकी। दूसरा सेशन खत्म होने तक टीम ने 18 रन के स्कोर पर दोनों ओपनर्स के विकेट गंवा दिए। 50 रन तक पहुंचते-पहुंचते टीम के 7 विकेट हो गए। जैक क्रॉले 11, बेन डकेट 4, ओली पोप 3, जो रूट 7, जॉनी बेयरस्टो 4, रेहान अहमद खाता खोले बगैर और बेन स्टोक्स 15 रन बनाकर आउट हो गए।

जडेजा को 5 विकेट, इंग्लैंड 122 पर सिमटा

बेन फोक्स और टॉम हार्टले ने 32 रन की पार्टनरशिप की, लेकिन दोनों 16-16 रन बनाकर आउट हो गए। उनके बाद मार्क वुड ने 15 बॉल पर 33 रन बनाकर टीम को 100 रन के पार पहुंचाया। रवींद्र जडेजा ने वुड को पवेलियन भेजा और इंग्लैंड की टीम 122 रन पर सिमट गई। जडेजा ने 5 विकेट लिए। उन्होंने वुड के अलावा ओली पोप, जो रूट, जॉनी बेयरस्टो और बेन फोक्स को भी पवेलियन भेजा। जडेजा ने पहली पारी में 2 विकेट लिए थे।

पहले सेशन में भारत ने 2 ही विकेट गंवाए

चौथे दिन के पहले सेशन में भारत से शुभमन गिल और कुलदीप यादव ने 55 रन की पार्टनरशिप की। शुभमन 91 रन बनाकर रनआउट हो गए। उनके बाद कुलदीप भी 27 रन ही बना सके। शनिवार को रिटायर्ड हर्ट हुए यशस्वी जायसवाल शुभमन के विकेट के बाद बैटिंग करने उतरे। उन्होंने सरफराज खान के साथ फिफ्टी पार्टनरशिप कर ली। सेशन खत्म होने तक टीम का स्कोर 314/4 रहा और बढ़त 440 रन की हो गई। सेशन में भारत ने 31 ओवर बैटिंग कर 118 रन बनाए।

दूसरे सेशन में बैकफुट पर इंग्लैंड

दूसरे सेशन में टीम इंडिया ने मैच पर अपनी पकड़ बेहद मजबूत कर ली। टीम ने 314/4 के स्कोर से आगे खेलना शुरू किया। यशस्वी जायसवाल ने दोहरा शतक लगाया। भारत ने 430 रन के स्कोर पर अपनी पारी डिक्लेयर कर दी। यशस्वी 214 और सरफराज खान 68 रन बनाकर नॉटआउट लौटे। इंग्लैंड ने भी अपनी दूसरी पारी शुरू कर दी, लेकिन टीम ने 9 ओवर के अंदर ही 2 विकेट गंवा दिए। जैक क्रॉले 11 और बेन डकेट 4 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। सेशन में 24.2 ओवर गेंदबाजी हुई, 2 विकेट गिरे और 134 रन बन गए।

तीसरे सेशन में इंग्लैंड ऑलआउट

तीसरे सेशन में इंग्लैंड ने 50 रन के स्कोर तक 7 विकेट गंवा दिए। टॉम हार्टले और बेन फोक्स ने पारी संभालने की कोशिश की, लेकिन दोनों 16-16 रन बनाकर आउट हो गए। आखिर में मार्क वुड ने 15 बॉल पर 33 रन बनाकर टीम को 100 रन के पार पहुंचाया, लेकिन होम ग्राउंड पर रवींद्र जडेजा ने 5 विकेट झटके और इंग्लैंड की पारी 122 रन पर सिमट गई। सेशन में इंग्लैंड ने 31.2 ओवर बैटिंग कर 104 रन बनाए।

तीसरे दिन यशस्वी की सेंचुरी

तीसरे दिन इंग्लैंड की टीम 319 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। बेन डकेट ने 153 रन की पारी खेली। भारत से मोहम्मद सिराज ने 4 विकेट लिए। दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने 2 विकेट खोकर 196 रन बना लिए। भारत से यशस्वी जायसवाल 104 रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट हुए।

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विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में वृद्धि फरवरी में चार महीने के उच्चतम स्तर पर

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नई दिल्ली,एजेंसी। देश की विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में वृद्धि फरवरी में चार महीने के उच्चतम स्तर 56.9 पर पहुंच गई। सोमवार को जारी मासिक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई। घरेलू मांग में मजबूत सुधार के कारण यह बढ़ोतरी हुई, हालांकि नए निर्यात ऑर्डर की वृद्धि में कमी देखी गई। मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया विनिर्माण खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) जनवरी के 55.4 से बढ़कर फरवरी में चार महीने के उच्चतम स्तर 56.9 पर पहुंच गया। पीएमआई की भाषा में 50 से ऊपर का अंक विस्तार जबकि 50 से नीचे का अंक संकुचन दर्शाता है। एचएसबीसी की मुख्य अर्थशास्त्री (भारत) प्रांजुल भंडारी ने कहा, ”फरवरी महीने में भारत के विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में पहले से ज्यादा तेजी देखने को मिली। मजबूत घरेलू ऑर्डर की वजह से उत्पादन लगातार दूसरे महीने भी तेज गति से बढ़ा।” 

सर्वेक्षण में कहा गया, “समिति के सदस्यों के अनुसार, काम करने की दक्षता में सुधार, बाजार में मजबूत मांग, नए ऑर्डर में बढ़ोतरी और तकनीक में निवेश की वजह से उत्पादन में कुल मिलाकर अच्छी बढ़त दर्ज की गई।” एक क्षेत्र जहां वृद्धि में कुछ कमी आई, वह नए निर्यात ऑर्डर रहे। हालांकि, जिन कंपनियों की विदेशों में बिक्री बढ़ी, उन्होंने एशिया, यूरोप, पश्चिम एशिया और अमेरिका से ऑर्डर मिलने की बात कही। भंडारी ने कहा, “नए निर्यात ऑर्डर में वृद्धि ने 2025 के मध्य में शुरू हुई धीमी गति को जारी रखा, जिससे विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार सृजन कुछ हद तक सीमित हो गया।” 

कुल नए ऑर्डर में लगातार तेज बढ़ोतरी होने के कारण भारत के विनिर्माताओं ने उत्पादन बढ़ाने और भंडारण करने के लिए अतिरिक्त कच्चे माल की खरीद की। काम का दबाव बढ़ने पर कंपनियों ने कच्चे माल की खरीद तेज की, अपना भंडार बढ़ाया और अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति भी की। आने वाले एक वर्ष के लिए उत्पादन को लेकर कंपनियों का रुख सकारात्मक बना हुआ है। लगभग 16 प्रतिशत कंपनियों ने उत्पादन बढ़ने का अनुमान जताया है, जबकि एक प्रतिशत से भी कम कंपनियों को गिरावट की आशंका है।  

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Gold Bangle Cost: 18 कैरेट vs 14 कैरेट: 2 तोले के सोने के कड़े बनवाने में कितना आएगा खर्चा

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मुंबई, एजेंसी। अगर आप अपनी कलाई की शोभा बढ़ाने के लिए सोने के कड़े (Bangles) बनवाने की सोच रहे हैं, तो केवल डिजाइन देखना काफी नहीं है, बल्कि सोने के ‘गणित’ को समझना भी बेहद जरूरी है। भारतीय बाजार में सोने की आसमान छूती कीमतों के बीच 14 कैरेट और 18 कैरेट के विकल्पों ने ग्राहकों को उलझन में डाल दिया है। एक तरफ जहाँ शुद्धता का मोह है, वहीं दूसरी तरफ मजबूती और बजट की बात है। अगर आप दो तोले यानी लगभग 20 ग्राम वजन के कड़े बनवाने का मन बना चुके हैं, तो खरीदारी से पहले यह जान लें कि आपकी जेब पर कितना असर पड़ने वाला है और कौन सा विकल्प आपके लिए सबसे सटीक साबित होगा।

18 कैरेट सोने का लग्जरी और प्रीमियम अनुभव
18 कैरेट सोना उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो शुद्धता और चमक से समझौता नहीं करना चाहते। इसमें 75% शुद्ध सोना होता है, जो इसे एक प्रीमियम लुक और बेहतरीन रीसेल वैल्यू देता है। वर्तमान मार्केट रेट के हिसाब से देखें तो 18 कैरेट सोने की कीमत ₹12,981 प्रति ग्राम के करीब है। इस आधार पर यदि आप दो तोले के कड़े बनवाते हैं, तो मेकिंग चार्ज और 3% जीएसटी को मिलाकर इसकी कुल लागत ₹3,50,000 से ₹3,70,000 के बीच बैठने वाली है। हालांकि यह 14 कैरेट के मुकाबले थोड़ा महंगा जरूर है, लेकिन इसकी प्राकृतिक पीली चमक और लंबे समय तक बनी रहने वाली वैल्यू इसे निवेश के लिहाज से भी खास बनाती है।

14 कैरेट सोना: मजबूती और बजट का बेजोड़ संगम
जो लोग रोजाना पहनने के लिए मजबूत गहने चाहते हैं, उनके लिए 14 कैरेट सोना एक स्मार्ट चॉइस है। इसमें शुद्ध सोने की मात्रा 58.3% होती है, जिसकी वजह से यह काफी कठोर और टिकाऊ होता है। रोजमर्रा के काम के दौरान इसमें खरोंच आने या इसके मुड़ने का डर बहुत कम रहता है। कीमत के मोर्चे पर भी यह काफी राहत भरा है क्योंकि फिलहाल इसका रेट ₹9,843 प्रति ग्राम चल रहा है। दो तोले के कड़ों के लिए आपको लगभग ₹2,60,000 से ₹2,80,000 तक खर्च करने होंगे। कम कीमत में शानदार ज्वेलरी का शौक पूरा करने वालों के लिए यह एक किफायती और व्यावहारिक रास्ता है।

मेकिंग चार्ज और अन्य खर्चों का बारीकी से हिसाब
सोने के गहनों की अंतिम कीमत केवल सोने के भाव पर तय नहीं होती, बल्कि इसमें मेकिंग चार्ज और टैक्स का बड़ा हाथ होता है। ज्वेलर्स आमतौर पर डिजाइन की जटिलता के आधार पर सोने की मूल कीमत का 8% से 25% तक मेकिंग चार्ज वसूलते हैं। अगर आंकड़ों में बात करें तो 18 कैरेट के लिए यह ₹600 से ₹900 प्रति ग्राम और 14 कैरेट के लिए ₹500 से ₹800 प्रति ग्राम तक जा सकता है। दो तोले के कड़ों पर केवल मेकिंग चार्ज ही ₹14,000 से ₹21,000 तक जुड़ सकता है। इसके अलावा, पूरे बिल पर सरकार को 3% जीएसटी देना अनिवार्य है। साथ ही कुछ ज्वेलर्स मैन्युफैक्चरिंग के दौरान होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए 1% से 3% तक वेस्टेज चार्ज भी जोड़ते हैं, इसलिए खरीदारी से पहले इन सभी छिपे हुए खर्चों पर ज्वेलर से खुलकर बात करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

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Gold Market में अचानक सन्नाटा, रुक गई सोने-चांदी की सप्लाई? अटके शिपमेंट

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मुंबई, एजेंसी। वैश्विक गोल्ड मार्केट में 2 मार्च 2026 की सुबह अचानक हलचल मच गई। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और ईरान-अमेरिका/इजराइल टकराव की खबरों ने सप्लाई चेन को झटका दिया। कुछ ही घंटों में दुबई से लेकर एशियाई रिटेल बाजारों तक सोने और चांदी की आवाजाही प्रभावित होने लगी, जिससे बुलियन बाजार में बेचैनी बढ़ गई। एयरस्पेस प्रतिबंध और अटकी फिजिकल शिपमेंट के कारण ट्रेडर्स और आयातक अनिश्चितता में हैं, जबकि कीमतों में तेजी ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।

गोल्ड शिपमेंट अटकी

दुनिया के प्रमुख गोल्ड ट्रेडिंग हब्स में गिने जाने वाले Dubai में कई फ्लाइट्स रद्द कर दी गईं और एयरस्पेस प्रतिबंधों के कारण फिजिकल गोल्ड शिपमेंट अटक गई। रोजाना हजारों किलो सोने की आवाजाही देखने वाला यह शहर अचानक सुस्त पड़ गया। भारत के लिए यह स्थिति खास तौर पर अहम है, क्योंकि देश में आयात होने वाले सोने का लगभग 50-60% हिस्सा दुबई रूट से आता है। लंबा व्यवधान बाजार में सप्लाई टाइट कर सकता है।

इस बीच ध्यान Strait of Hormuz पर टिक गया, जो वैश्विक व्यापार का अहम समुद्री मार्ग है। बढ़ते तनाव के कारण शिपिंग मूवमेंट धीमा पड़ा और कुछ कार्गो जहाजों को रोकना पड़ा। तेल के साथ-साथ सोने जैसी कीमती धातुओं की लॉजिस्टिक्स भी दबाव में आ गईं। सप्लाई चेन के बाधित होने की आशंका से बाजार में बेचैनी बढ़ी।

खाड़ी क्षेत्र के देशों—United Arab Emirates, Saudi Arabia, Kuwait और Bahrain—में सुरक्षा अलर्ट के चलते एयरस्पेस बंद होने की खबरों ने हालात और जटिल कर दिए। गोल्ड और रफ डायमंड्स के कई कार्गो अटक गए, जिससे अंतरराष्ट्रीय ट्रेड चैनल अस्थायी रूप से ठहर गए।

कई गोल्ड शॉप्स में रोकी बिक्री

भारत में इसका असर तेजी से दिखा। पुणे समेत कई सर्राफा बाजारों में बुलियन डीलर्स ने सीमित बिक्री शुरू कर दी या अस्थायी रूप से सौदे रोक दिए। स्टॉक घटने लगा और नई खेप कब पहुंचेगी, इस पर स्पष्टता नहीं थी। खरीदार बढ़ती कीमतों से चौंक गए, जबकि व्यापारी सप्लाई की अनिश्चितता से चिंतित दिखे। इसी तरह Buriram (थाईलैंड) में भी कई गोल्ड शॉप्स ने एहतियातन बिक्री रोक दी और डिस्प्ले खाली कर दिए।

कुल मिलाकर, क्षेत्रीय तनाव का असर अब सीधे वैश्विक गोल्ड सप्लाई नेटवर्क पर दिखने लगा है, जिससे आने वाले दिनों में कीमतों और उपलब्धता—दोनों पर दबाव बना रह सकता है।

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