देश
अंगोला से LPG खरीदने की तैयारी में भारतीय कंपनियां:जहाजों को होर्मुज से नहीं गुजरना होगा, खाड़ी देशों पर निर्भरता कम करने की प्लानिंग
नई दिल्ली,एजेंसी। ईरान जंग की वजह से भारत में आई गैस की कमी से निपटने के लिए सरकारी तेल और गैस कंपनियां अब नए देशों से रसोई गैस (LPG) खरीदने का ऑप्शन तलाश रही है।
इसी वजह से इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और गेल जैसी कंपनियां अफ्रीकी देश अंगोला की सरकारी कंपनी सोनानगोल से LPG खरीदने पर बातचीत कर रही हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये कंपनियां सोनानगोल के साथ लंबे समय का समझौता करने पर विचार कर रही हैं। हालांकि, बातचीत अभी शुरुआती दौर में है और सरकार स्तर पर भी चर्चा चल रही है।
दरअसल, भारत की 92% LPG खाड़ी देशों से आती है। भारत सरकार इस निर्भरता घटाना चाहती है। ऐसे में अगर अंगोला से करार हो जाता है तो जहाज अटलांटिक और अरब सागर से होते हुए सीधे भारत पहुंचेंगे। उन्हें होर्मुज स्ट्रेट से नहीं गुजरना होगा।

अंगोला से LPG क्यों खरीद रहा भारत?
भारत और अंगोला के बीच पहले से तेल और गैस का व्यापार होता रहा है, इसलिए दोनों देशों के बीच भरोसा और सप्लाई सिस्टम पहले से बना हुआ है। इसी वजह से नई डील करना आसान हो जाता है।
अंगोला में गैस उत्पादन होता है और वहां LPG के लिए जरूरी प्रोपेन और ब्यूटेन भी मिलते हैं, जिससे भारत को सीधे गैस मिल सकती है।
सप्लाई के लिहाज से भी अंगोला सही विकल्प है, क्योंकि समुद्र के रास्ते गैस 12 से 18 दिन में भारत पहुंच सकती है और वहां एक्सपोर्ट की अच्छी सुविधा भी मौजूद है। अंगोला में एनर्जी सेक्टर सरकार के कंट्रोल में है, जिससे सरकारी स्तर पर समझौता करना आसान होता है।
डील हुई तो भारत में पहली बार अंगोला से LPG आएगी
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अफ्रीका से गैस सप्लाई अमेरिका की तुलना में 10 से 15 दिन जल्दी भारत पहुंच सकती है। ऐसे में अंगोला भारत के लिए एक अच्छा ऑप्शन बन सकता है। अगर यह करार होता है, तो अंगोला पहली बार भारत को रसोई गैस सप्लाई करेगा।
भारतीय कंपनियां LPG के लिए करीब एक साल और LNG के लिए कम से कम 10 साल का करार करने पर विचार कर रही हैं।
अंगोला के पास करीब 4.6 ट्रिलियन क्यूबिक फीट नेचुरल गैस का भंडार है और वह पहले से ही भारत को कच्चा तेल और LNG सप्लाई करता रहा है। वित्त वर्ष 2025 में अंगोला भारत का पांचवां सबसे बड़ा LNG सप्लायर था।
ऑस्ट्रेलिया-अल्जीरिया और रूस से भी LPG खरीदने की तैयारी
भारत सिर्फ अंगोला ही नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलिया, अल्जीरिया और रूस जैसे देशों से भी गैस इम्पोर्ट के ऑप्शन तलाश रहा है, ताकि किसी एक रीजन पर निर्भरता कम की जा सके।
इस गैस संकट का असर उर्वरक (फर्टिलाइजर) और स्टील सेक्टर जैसे उद्योगों पर भी पड़ सकता है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो गैस की कीमतें भी बढ़ सकती हैं और भारत को महंगे दामों पर गैस -खरीदनी पड़ सकती है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा है कि देश में गैस और पेट्रोलियम प्रोडक्ट की सप्लाई बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। हाल ही में दो बड़े जहाज करीब 94 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर भारत की ओर रवाना हुए हैं।

भारत की 92% LPG खाड़ी के 4 देशों से आती है
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG उपभोक्ता है और अपनी जरूरत का लगभग 60% इंपोर्ट करता है। वहीं, करीब 50% LNG भी इंपोर्ट करता है। अभी तक ज्यादातर LPG आयात फारस की खाड़ी के देशों UAE, कतर, सऊदी अरब और कुवैत से होता है।
खास बात यह है कि इन सभी देशों से आने वाली गैस एक ही रास्ते, होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरती है। यह सिर्फ 33 किलोमीटर चौड़ा समुद्री रास्ता है, लेकिन दुनिया के करीब 20% तेल और गैस का व्यापार यहीं से होता है।
2024-25 में भारत के करीब 92% LPG आयात इन्हीं चार खाड़ी देशों से आए। इनमें यूएई सबसे बड़ा सप्लायर बनकर उभरा है, जिसकी हिस्सेदारी बढ़कर 40% से ज्यादा हो गई है। वहीं, कतर और सऊदी अरब की हिस्सेदारी में गिरावट आई है।
भारत में LPG की मांग बढ़ी लेकिन उत्पादन नहीं
भारत में LPG की मांग तेजी से बढ़ रही है, लेकिन घरेलू उत्पादन लगभग नहीं बढ़ रहा। यही वजह है कि देश को अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से मंगवाना पड़ रहा है, जिससे सप्लाई को लेकर जोखिम भी बढ़ गया है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने साल 2024-25 में 20.67 मिलियन टन LPG आयात किया, जो 2019-20 के 14.81 मिलियन टन के मुकाबले करीब 40% ज्यादा है।
दूसरी तरफ भारत का घरेलू उत्पादन लगभग स्थिर बना हुआ है। 2019-20 में देश ने 12.82 मिलियन टन LPG का उत्पादन किया था, जो 2024-25 में घटकर करीब 12.79 मिलियन टन रह गया। यानी उत्पादन में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई।
2024-25 में भारत ने 31.32 मिलियन टन LPG का इस्तेमाल किया, जो 2019-20 के मुकाबले करीब 19% ज्यादा है। यह बढ़ोतरी खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में गैस कनेक्शन बढ़ने की वजह से हुई है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत करोड़ों परिवारों को LPG कनेक्शन दिए गए हैं। अब देश में 33 करोड़ से ज्यादा एक्टिव गैस कनेक्शन हैं, जिससे मांग लगातार बढ़ रही है।
छत्तीसगढ़
एमपी-छत्तीसगढ़, राजस्थान के युवा विधायकों का सम्मेलन:सीएम बोले- राजनीति में मर्यादा और अनुशासन जरूरी, राजस्थान के स्पीकर ने कहा- विरोध तार्किक हो
भोपाल/रायपुर, एजेंसी। मध्य प्रदेश विधानसभा में चल रहे युवा विधायक सम्मेलन में 3 राज्यों के 50 से ज्यादा MLA मौजूद हैं। इनको संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- जनता के बीच बने रहने के लिए विनम्रता बनाए रखें। इलाके की अच्छाई के साथ कमजोरी को भी समझें। राजनीति में मर्यादा और अनुशासन जरूरी है। आज के दौर में दुनिया हमारी तरफ देख रही है कि भारत किस तरह 2047 के अमृत काल की तरफ बढ़ रहा है।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अपनी बात रखते हुए छात्र संघ चुनाव कराने की मांग रखी। उन्होंने कहा- हमारे यहां छात्र संघ चुनाव बंद हो गए। नेतृत्व की शुरुआत कॉलेज से होती है। कॉलेज के समय युवाओं के अंदर आग होती है सिस्टम से लड़ने की। वहां से शुरुआत होती है सोचविचार की और सिस्टम से लड़ने की। लोकतंत्र की जड़ें तभी मजबूत होंगी, जब इस देश में डेमोक्रेसी मजबूत रहेगी।
राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा- संसदीय लोकतंत्र में जो कठिनाई आती हैं, उनसे नई परिस्थितियों का निर्माण होता है। विरोध तार्किक प्रक्रिया होनी चाहिए। हमारा प्रतिनिधित्व सार्थक सेवा की ओर बढ़े। हम सब मिलकर नागरिकों और विधायिका के बीच संवाद करें। हम पूरा समय सदन में बैठने का स्वभाव बनाएं। अनुभवी लोगों के भाषण सुनें।

- युवा विधायकों का स्वागत पारंपरिक लोक नृत्य से किया गया। इसके बाद ग्रुप फोटो खींचा गया। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, राजस्थान के विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, मध्य प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी मौजूद रहे।
- दो दिन तक चलने वाले युवा विधायक सम्मेलन में कुल पांच सत्र होंगे। पहले दिन यानी आज तीन सत्र होंगे। इनमें लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी को मजबूत करने और विकसित भारत 2047 के विजन तक पहुंचने में युवा विधायकों की भूमिका जैसे विषयों पर चर्चा हो रही है।
- 31 मार्च को सम्मेलन के दूसरे और आखिरी दिन ‘विकसित भारत 2047: युवा विधायकों के दायित्व एवं चुनौतियां’ विषय पर मंथन होगा। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश समापन सत्र में शामिल होंगे। एमआईटी, पुणे के चेयरमैन डॉ. राहुल वी. कराड भी संबोधन देंगे।

युवा विधायकों का स्वागत लोक नृत्य से किया गया।

विधानसभा के प्रवेश द्वार पर विधायकों को गमछा ओढ़ाया गया।

विधायकों का सीएम डॉ. मोहन सिंह और स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर के साथ ग्रुप फोटो खींचा गया।

सम्मेलन में तीन राज्यों के 45 विधायक मौजूद हैं।

सीएम मोहन यादव ने कहा- भारत 2047 के अमृत काल की तरफ बढ़ रहा है।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- नेतृत्व की शुरुआत कॉलेज से होती है।

कोरबा
गूंज उठा ढपढप: “जय श्री राम” के जयघोष में डूबा कोयलांचल, सुंदरकांड पाठ ने रचा भक्ति का विराट इतिहास
कोरबा/बांकी मोंगरा (ढपढप)। कोयलांचल क्षेत्र का बांकी मोंगरा स्थित ढपढप मैदान इन दिनों अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना हुआ है, जहां आस्था मानो ज्वालामुखी बनकर फूट पड़ी है। विश्व प्रसिद्ध बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के मुखारविंद से प्रवाहित दिव्य श्री हनुमंत कथा के दौरान हजारों-लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से पहुंचे भक्तों ने इस आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप दे दिया है।

कार्यक्रम के विशेष आकर्षण के रूप में आयोजित सामूहिक सुंदरकांड पाठ ने पूरे वातावरण को राममय और भक्तिमय बना दिया। जैसे ही चौपाइयों की गूंज उठी, पूरा क्षेत्र “जय श्री राम” और “जय बागेश्वर धाम” के जयघोष से थर्रा उठा।

पीतांबरी आस्था का अनुपम दृश्य

कथा के इस विशेष दिवस पर ढपढप मैदान एक अलग ही रंग में नजर आया। हजारों की संख्या में श्रद्धालु पीले वस्त्रों में सजे-धजे पहुंचे, जिससे पूरा पंडाल पीतांबरी आस्था में रंग गया। पीला रंग जहां शुभता और समर्पण का प्रतीक है, वहीं इतनी विशाल संख्या में एकरूपता ने ऐसा आभास कराया मानो स्वर्णिम भक्ति की धारा प्रवाहित हो रही हो।
संगीतमय सुंदरकांड से झूम उठा जनसागर

कार्यक्रम की शुरुआत संगीतमय सुंदरकांड पाठ से हुई। ढोल-मंजीरों की मधुर थाप और भजनों की स्वर लहरियों के बीच जब चौपाइयों का पाठ हुआ, तो श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे। हर कोई भक्ति के सागर में डूबा नजर आया।
भीड़ का ऐसा सैलाब कि मैदान पड़ा छोटा

ढपढप का विशाल मैदान भी श्रद्धालुओं की भीड़ के सामने छोटा प्रतीत होने लगा। चारों ओर सिर्फ सिर ही सिर नजर आ रहे थे। विशेष रूप से महिलाओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी भव्य बना दिया।
भावविभोर हुए श्रद्धालु, हर मन में हनुमान

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सहज, सरल और ओजस्वी शैली ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। हनुमान जी के प्रति उनकी अटूट भक्ति और कथा के माध्यम से जीवन के गूढ़ संदेशों ने श्रद्धालुओं के हृदय को छू लिया।
“सुंदरकांड केवल पाठ नहीं, जीवन का समाधान”

कथा के दौरान महाराज श्री ने कहा कि सुंदरकांड केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन की हर समस्या का समाधान है। उन्होंने श्रद्धालुओं को सनातन धर्म के मार्ग पर चलने, संयम और विश्वास बनाए रखने की प्रेरणा दी।
प्रशासन भी रहा सतर्क, व्यवस्था चाक-चौबंद

इतनी विशाल भीड़ के बावजूद प्रशासन की व्यवस्था सराहनीय रही। सुरक्षा से लेकर यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रखा गया, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।




मुख्य बिंदु
स्थान: ढपढप मैदान, बांकी मोंगरा (कोरबा)
मुख्य वक्ता: पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर धाम)
आयोजन: दिव्य श्री हनुमंत कथा एवं सामूहिक सुंदरकांड पाठ
विशेषता: हजारों महिलाओं सहित विशाल जनसैलाब की उपस्थिति
मुख्य आकर्षण: संगीतमय सुंदरकांड और गूंजते जयघोष
ढपढप का यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आस्था, एकता और सनातन संस्कृति की जीवंत मिसाल बन गया है। यहां उमड़ा जनसैलाब यह बता रहा है कि भक्ति की शक्ति आज भी लोगों के दिलों में उतनी ही प्रबल है, जितनी सदियों पहले थी।





देश
शाह बोले- जो हथियार उठाएगा, उसे कीमत चुकानी होगी:वामपंथियों ने भोले-भाले आदिवासियों को अंधेरे में रखा, अब बस्तर से लाल आतंक लगभग खत्म
नई दिल्ली,एजेंसी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में ‘नक्सल मुक्त भारत’ मुद्दे पर चर्चा के दौरान सरकार की तरफ से जवाब दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सालों से भोले-भाले आदिवासियों को अंधेरे में रखा गया।
शाह ने कहा- मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूं कि आजादी के बाद 75 साल में 60 साल तो आपने राज किया। फिर आदिवासी विकास से क्यों बच गए। आपने 60 साल के दौरान आदिवासियों तक घर, स्कूल, मोबाइल टॉवर नहीं पहुंचने दिया और अब हिसाब मांग रहे हो। अपने गिरेबान में झांककर देखिए।
शाह ने कहा- 1970 से 2026 तक चले नक्सलवाद के घटनाक्रम की आज संसद में चर्चा हो रही है। जो लोग नक्सलवाद की वकालात करते हैं, उनसे पूछना चाहता हूं ये सब 1970 से अब तक क्यों नहीं हुआ था।
संसद में आज नक्सलवाद पर चर्चा सरकार की तरफ से दी गई डेडलाइन खत्म होने से एक दिन पहले हो रही है। शाह कई बार 31 मार्च, 2026 तक देश से नक्सलवाद पूरी तरह से खत्म करने की घोषणा कर चुके हैं।

शाह ने कहा- आदिवासियों के जरिए सत्ता हासिल करना नक्सल विचारधारा का मकसद
शाह ने कहा- ये जो बड़ी घटना देश में आकार लेने जा रही है उसका श्रेय CAPF खासकर कोबरा, CRPF के जवान और छत्तीसगढ़ पुलिस और वहां के स्थानीय आदिवासी बाशिंदों को जाता है। यहां पर वामपंथी उग्रवाद समाप्ता होने जा रहा है। इसमें वहां की जनता का भी बहुत बड़ा हाथ है। जो हजारों युवा मारे गए, जो जवान शहीद हो गए उन्हें श्रद्धांजलि देता हूं।
गृह मंत्री ने कहा- नक्सलियों की विचारधारा का विकास से कोई लेना-देना नहीं है। जब हम आजाद हुए हमने कहा ‘सत्यमेव जयते’। सत्य की हमेशा विजय हो। इनका ध्रुव वाक्य है- सत्ता बंदूक की नली से निकलती है। यहां सत्ता शब्द का संबंध अपनी विचारधारा की विजय के लिए है। विचारधारा को आदिवासियों में फैलाकर सत्ता हासिल करने के लिए है। यहां विकास की कोई बात नहीं है।
गृह मंत्री बोले- 12 साल में देश के मूल्यों से न जुड़ी हुई पॉलिसी को दरकिनार किया
गृह मंत्री ने कहा- 2014 में बदलाव हुआ। धारा 370 हटी, 35A हटा, राम मंदिर बना, CAA का कानून आ गया है, विधायी मंडलों में महिलाओं को 33% आरक्षण मिल गया है। ये सारे काम नरेंद्र मोदी के 12 साल के कार्यकाल में हुए।
शाह ने कहा- पिछले 12 साल में देश को गरीबी से मुक्ति दिलाने के लिए, युवाओं के लिए नई शिक्षा पद्धति लाने के लिए, आंतरिक-बाहरी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए, देश के मूल्यों से न जुड़ी हुई पॉलिसी को दरकिनार करने के लिए बहुत कुछ हुआ।
गृह मंत्री ने कहा- अगर कोई पॉलिटिकल साइंस का छात्र इसकी रेटिंग करेगा कि सारी चीजों से सबसे ज्यादा फायदा किस फैसले से हुआ है तो वो छात्र नक्सलमुक्त भारत को पहले नंबर पर रखेगा।

शाह बोले- नक्सलवाद का मूल कारण विकास नहीं, एक विचारधारा है
शाह ने कहा- सरकार ने ढेर सारी योजनाएं बनाईं लेकिन आपने (कांग्रेस) उन्हें इम्प्लीमेंट नहीं करने दिया। 12 राज्यों में रेड कॉरिडोर था। वहां कानून का शासन नहीं था। 12 करोड़ लोग गरीबी में जी रहे थे। किसी ने चिंता नहीं की। हजारों युवाओं की मौत हुई। एक NGO के मुताबिक, 20 हजार युवा मारे गए। लोग दिव्यांग हो गए। उन तक विकास नहीं पहुंचा।
शाह ने कहा- इन सबके लिए कौन जिम्मेदार है। नक्सलवाद का मूल कारण विकास की डिमांड नहीं, एक विचारधारा है। राष्ट्रपति पद का चुनाव जीतने के लिए 1970 से इंदिरा गांधी ने स्वीकार कर लिया कि वामपंथी विचारधारा के कारण नक्सलवाद फैला। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने स्वीकारा था कि जम्मू-कश्मीर और नॉर्थ ईस्ट की तुलना में देश की आंतरिक सुरक्षा में सबसे बड़ी समस्या माओवादी है।
शाह बोले- आदिवासियों को 60 साल तक घर-स्कूल और मोबाइल टॉवर क्यों नहीं मिला
अमित शाह ने कहा- मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूं कि 75 साल में 60 साल तो राज आपने किया तो आदिवासी विकास से क्यों बच गए। 60 साल तक घर, स्कूल, मोबाइल टॉवर नहीं पहुंचने दिया और अब हिसाब मांग रहे हो। अपने गिरेबान में झांककर देखिए।
लोकसभा में इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (संशोधन) बिल पास
लोकसभा में आज इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (संशोधन) बिल, 2025 को पारित करा लिया गया है। वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्टसी कोड (IBC) देश के बैंकिंग क्षेत्र की स्थिति में सुधार लाने में प्रमुख और अत्यंत महत्वपूर्ण फैक्टर रही है, जिसमें नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स की वसूली भी शामिल है।
लोकसभा में IBC में संशोधन करने वाले विधेयक को पेश करते हुए मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इन्सॉल्वेंसी रिजोल्यूशन प्रोसेस से बाहर आने के बाद कंपनियों का प्रदर्शन अच्छा रहा है और उनकी कॉर्पोरेट गवर्नेंस प्रैक्सिट में भी सुधार हुआ है।
2025 में सुरक्षा बलों ने 270 नक्सल उग्रवादियों को मुठभेड़ में मार गिराया, 680 नक्सलियों को गिरफ्तार किया और करीब 1225 नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने के लिए बाध्य किया।
अनुराग ठाकुर बोले- शाह आज अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर आए हैं
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा- भारत माता के सबसे दर्दनाक घावों में एक नक्सलवाद है। देश को यह घाव कांग्रेस ने दिया। हमारे नेता ने संकल्प लिया था कि नकस्लवाद को 31 मार्च, 2026 तक खत्म कर देंगे और वे आज अपना रिपोर्टकार्ड लेकर आए हैं। इसके कहते हैं- संकल्प से सिद्धि तक की यात्रा।
महुआ बोलीं- हमने वेलफेयर पर जोर देकर पश्चिम बंगाल को नक्सल मुक्त बनाया
महुआ मोइत्रा ने नक्सलवाद पर चर्चा के दौरान कहा कि आज देश राइटविंग आतंकवाद से त्रस्त है। एनर्जी क्राइसिस से निपटने के लिए किसी रोडमैप की कोई बात नहीं हो रही है। आज आपने अचानक नक्सलवाद पर चर्चा शुरू करा दी। कितने महान हैं अमित शाह जी, सबको ठोक कर ठंडा कर दिया। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद 1969 में सिलीगुड़ी के पास नक्सलबाड़ी से शुरू हुआ और बाकी जगह फैला। लेफ्ट विंग एक्स्ट्रीमिज्म कानून-व्यवस्था की परेशानी नहीं थी। आज बीजेपी दावा कर रही है कि हमने इस समस्या का समाधान कर दिया। मनरेगा, फॉरेस्ट राइट्स एक्ट जैसे कदमों का इसमें बड़ा योगदान रहा। 2019 से 2025 के बीच किलिंग बढ़ी, गिरफ्तारियां कम हुईं। सिक्योरिटी रिलेटेड फंड्स 44 परसेंट खर्च नहीं हुए इस वित्तीय वर्ष में। महुआ मोइत्रा ने 2011 से 2017 के बीच नक्सलियों के सरेंडर के आंकड़े बताए और कहा कि हमने मिलिट्री पावर यूज नहीं की। हमने वेलफेयर पर जोर देकर पश्चिम बंगाल को नक्सल मुक्त बनाया।
वित्त मंत्री बोलीं- IBC बिल से दिवाला प्रक्रिया मजबूत होगी
लोकसभा में इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) बिल पर जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इसपर 40 सदस्यों ने अपनी बात रखी है। हम यह बिल भारत में दिवाला प्रक्रिया के ढांचे को मजबूत करने के लिए ला रहे हैं। 2016 से अब तक के अनुभवों को इस बिल में शामिल किया गया है।
केंद्रीय उड्डयन मंत्री बोले- इमरजेंसी लैंडिंग में सुरक्षा सर्वोपरि, ATF का 60 दिन का स्टॉक
केंद्रीय उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने राज्यसबा में कहा कि इमरजेंसी या प्रेफर्ड लैंडिंग का फैसला पूरी तरह सुरक्षा के आधार पर लिया जाता है। लैंडिंग से पहले सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी होता है। यह विमान के प्रकार, मौसम और एयरस्पेस में अन्य विमानों की स्थिति पर निर्भर करता है।
ATF (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) को लेकर उन्होंने कहा कि फिलहाल पर्याप्त आपूर्ति मौजूद है।“सामान्य तौर पर ATF प्रोडक्शन का आधा हिस्सा घरेलू खपत के लिए होता है और बाकी निर्यात किया जाता है। हमारे पास अगले 60 दिनों का स्टॉक है। प्रोडक्शन को लेकर कोई समस्या नहीं दिख रही है।
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