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कच्चे तेल में तेजी से भारत की वृद्धि दर के घटकर 6% रहने का अनुमानः EY

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नई दिल्ली, एजेंसी। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें अधिक रहने की स्थिति में चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर घटकर करीब छह प्रतिशत रह सकती है, जबकि खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर छह प्रतिशत तक पहुंच सकती है। ईवाई इंडिया ने बुधवार को यह आकलन जारी किया। परामर्श कंपनी ईवाई इंडिया के मुख्य नीति सलाहकार डी के श्रीवास्तव ने कहा कि यदि भारतीय कच्चे तेल ‘बास्केट’ की औसत कीमत वित्त वर्ष 2026-27 में 120 डॉलर प्रति बैरल रहती है, तो वास्तविक जीडीपी वृद्धि करीब छह प्रतिशत और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा मुद्रास्फीति छह प्रतिशत तक बढ़ सकती है।

उन्होंने कहा, “राजकोषीय घाटे पर दबाव कम करने के लिए बढ़ी ऊर्जा कीमतों का असर अपेक्षाकृत अधिक हद तक उपभोक्ताओं तक पहुंचाना होगा।” ईवाई की इकॉनमी वॉच रिपोर्ट के मुताबिक, नीतिगत हस्तक्षेप की गुंजाइश सीमित है लेकिन हालात को देखते हुए रेपो दर में बढ़ोतरी और कच्चे तेल की आपूर्ति के स्रोतों में तेजी से विविधीकरण पर विचार किया जाना चाहिए। श्रीवास्तव ने पश्चिम एशिया संकट लंबा खिंचने की आशंका जताते हुए कहा कि इसका हल निकल जाने पर भी कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति के सामान्य होने में खासा समय लग सकता है। 

अमेरिका के एनर्जी इन्फॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन (ईआईए) के अप्रैल 2026 के ‘अल्पावधि ऊर्जा परिदृश्य’ के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड की कीमतें 2026 की पहली तिमाही के औसत 81 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर दूसरी तिमाही में 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। हालांकि, संकट की दिशा बदलने पर कीमतों में नरमी भी आ सकती है। वैसे, भारत के लिए विभिन्न वैश्विक संस्थानों के अनुमान इससे कुछ अधिक आशावादी हैं। 

अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है जबकि एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और विश्व बैंक ने क्रमशः 6.9 प्रतिशत और 6.6 प्रतिशत का अनुमान जताया है। वहीं रिजर्व बैंक ने हाल में मौद्रिक नीति समीक्षा में 2026-27 के लिए आर्थिक वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत और औसत मुद्रास्फीति 4.6 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है।

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Baleno-Swift को पीछे छोड़ बनी ये सस्ती कार नंबर 1, जानें कीमत और फीचर्स के बारे में

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मुंबई, एजेंसी। भारत में भले ही SUV गाड़ियों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही हो, लेकिन छोटी कारों यानी हैचबैक सेगमेंट की मांग अभी भी बनी हुई है। मार्च 2026 के बिक्री आंकड़े बताते हैं कि इस सेगमेंट में कुल 87,702 यूनिट्स की बिक्री हुई, जो मार्च 2025 की 86,591 यूनिट्स के मुकाबले केवल 1.28% अधिक है। इसका मतलब है कि इस सेगमेंट की ग्रोथ लगभग स्थिर बनी हुई है। इसके बावजूद, बाजार में Maruti Suzuki का दबदबा साफ नजर आता है।

मार्च 2026 में Maruti WagonR सबसे ज्यादा बिकने वाली कार रही। इसकी 17,025 यूनिट्स बिकीं, हालांकि पिछले साल के मुकाबले इसमें 0.87% की हल्की गिरावट दर्ज की गई। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत करीब 4.99 लाख रुपये है। दूसरे स्थान पर Maruti Baleno रही, जिसकी 16,392 यूनिट्स की बिक्री हुई और इसमें 32.65% की मजबूत बढ़त देखने को मिली। वहीं Maruti Swift की 14,545 यूनिट्स बिकीं, लेकिन इसमें 18.04% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

एंट्री लेवल कारों में भी दिखा दम
Maruti Alto ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 11515 यूनिट बिक्री के साथ अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी। इस कार में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली जो यह दिखाता है कि कम बजट वाली कारों की डिमांड अभी भी बरकरार है। वहीं Tata Tiago की बिक्री में गिरावट देखने को मिली जिससे यह साफ होता है कि इस सेगमेंट में मुकाबला काफी कड़ा हो गया है।

Altroz और छोटे मॉडल्स का प्रदर्शन
अन्य मॉडलों की बात करें तो Tata Altroz ने 2,344 यूनिट्स की बिक्री के साथ 41.38% की तेज ग्रोथ हासिल की, जो इस सेगमेंट में सुधार का संकेत है। वहीं Maruti Celerio और Maruti Ignis की बिक्री में बड़ी गिरावट आई। Celerio की बिक्री 40.34% घटकर 1,353 यूनिट्स और Ignis की 34.21% गिरकर 1,250 यूनिट्स रह गई। Maruti S-Presso की स्थिति सबसे कमजोर रही, जिसकी बिक्री 87.36% गिरकर सिर्फ 226 यूनिट्स रह गई। वहीं Renault Kwid की बिक्री भी 15.60% घटकर 449 यूनिट्स रही।

छोटी कारों और EV में मिला मिला जुला असर
कुछ छोटे मॉडल्स जैसे Celerio Ignis और S Presso की बिक्री में भारी गिरावट दर्ज की गई जिससे साफ है कि इन कारों की मांग घट रही है। दूसरी तरफ MG Comet EV और Citroen C3 जैसे नए मॉडल्स में तेजी से ग्रोथ देखी गई जो आने वाले समय में नए ट्रेंड का संकेत देती है।

कुल मिलाकर, हैचबैक सेगमेंट में ग्रोथ सीमित बनी हुई है। Maruti Baleno, Maruti Alto और Tata Altroz जैसे मॉडल्स ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन Maruti Swift और अन्य छोटे मॉडलों की गिरावट ने कुल ग्रोथ को संतुलित कर दिया। SUV की बढ़ती मांग का असर साफ तौर पर हैचबैक कारों की बिक्री पर दिखाई दे रहा है, फिर भी बाजार में Maruti Suzuki की पकड़ मजबूत बनी हुई है।

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गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण में एक लाख से अधिक किसानों का अत्यंत महत्वपूर्ण  योगदान : योगी आदित्यनाथ

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हरदोई, एजेंसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण में किसानों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि एक लाख से अधिक किसानों ने इस परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध कराई जिससे इसका समय पर निर्माण संभव हो सका। गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह से पहले आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ”12 जिलों के एक लाख से अधिक किसानों ने इस एक्सप्रेसवे के लिए अपनी भूमि दी। मैं उन सभी ‘अन्नदाता’ किसानों का आभार व्यक्त करता हूं, जिनके सहयोग से यह परियोजना साकार हो सकी।” 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करने के लिए हरदोई के मल्लावां में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। यह एक्सप्रेसवे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ता है और राज्य के 12 जिलों से होकर गुजरता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना की आधारशिला दिसंबर 2021 में रखी गई थी और इसे निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया गया, जो राज्य सरकार की बुनियादी ढांचा विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। 

उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेसवे न केवल परिवहन को सुगम बनाएगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देगा। आदित्यनाथ ने बताया कि इस परियोजना के लिए लगभग 18,000 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई, जबकि एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक क्लस्टर और ‘लॉजिस्टिक्स’ केंद्र विकसित करने के लिए करीब 7,000 एकड़ भूमि अलग से चिह्नित की गई है। उन्होंने कहा, ”यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित होगा और सड़क संपर्क, कृषि विपणन तथा क्षेत्रीय विकास को मजबूती प्रदान करते हुए ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को गति देगा।” 

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गुरुग्राम के 10 बड़े स्कूलों को मिली बम से उड़ाने की धमकी, मची भगदड़, बीच में ही बंद हुई कक्षाएं

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गुरुग्राम, एजेंसी। देश की राजधानी से सटे गुरुग्राम में आज सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब शहर के 10 नामी स्कूलों को बम से उड़ाने के धमकी भरे ईमेल मिले। इस खबर के फैलते ही स्कूलों में अफरा-तफरी मच गई और डरे हुए अभिभावक अपने बच्चों को लेने के लिए स्कूलों की ओर दौड़ पड़े। धमकी भरे ईमेल मिलने से तुरंत पुलिस ने परिसरों की तलाशी शुरू कर दी। इस मौके पर पुलिस ने बताया कि श्री राम, एमिटी और एचडीएफसी स्कूल समेत कम से कम 10 स्कूलों को सुबह आठ बजकर 33 मिनट पर धमकी भरे ईमेल मिले। उस समय तक कक्षाएं शुरू हो चुकी थीं जोकि बीच में ही बंद कर दी गई।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्कूल प्रशासन को सुबह करीब नौ बजे धमकियों के बारे में पता चला और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। अधिकारी ने बताया कि स्कूलों ने तुरंत आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू किए कई स्कूलों ने छुट्टी घोषित कर दी और अभिभावकों से अपने बच्चों को सुरक्षित घर ले जाने को कहा। 

बड़ी संख्या में चिंतित अभिभावक स्कूलों के बाहर जमा हो गए और पुलिस व बम निरोधक दल मौके पर पहुंचकर तलाशी में जुट गए। अधिकारी ने कहा, सुबह से अब तक करीब 10 स्कूलों ने बम से उड़ाने की धमकी के संबंध में पुलिस से संपर्क किया है। पुलिस टीम सतर्क हैं और सभी परिसरों की तलाशी जारी है।

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