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विदेश

जंग के बीच ईरान का Shocking ऐलानः सारी दुनिया को मारी ठोकर ! बोला-सिर्फ चीन के लिए खोलेंगे खास रास्ते

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तेहरान, एजेंसी। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच ईरान ने वैश्विक समुद्री व्यापार के सबसे अहम मार्गों में से एक Strait of Hormuz को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सूत्रों के मुताबिक, अब इस रास्ते से केवल चीनी जहाज़ों को गुजरने की अनुमति दी जाएगी, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में भूचाल आ सकता है। सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला चीन के उस रुख के प्रति “आभार” के तौर पर लिया गया है, जिसमें बीजिंग ने अमेरिका और इजरायल के हमलों को अस्वीकार्य बताया था। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अपने रूसी समकक्ष से बातचीत में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की हत्या को “संप्रभु नेता की खुली हत्या” बताया था। चीन पहले ही तत्काल युद्धविराम और समुद्री मार्गों की सुरक्षा की अपील कर चुका है।

क्यों अहम है हॉर्मुज़?

  • यह फारस की खाड़ी को खुले समुद्र से जोड़ता है
  • संयुक्त अरब अमीरात और कतर जैसे देशों की तेल-गैस निर्यात जीवनरेखा
  • दुनिया की लगभग 20% तेल आपूर्ति इसी मार्ग से गुजरती है
  • एशियाई बाजारों, खासकर चीन और भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण
  • ईरान द्वारा इस मार्ग को अवरुद्ध करने से वैश्विक सप्लाई चेन में भारी बाधा की आशंका है।

ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने कहा है कि उसका स्ट्रेट पर “पूर्ण नियंत्रण” है और बिना अनुमति गुजरने वाले जहाज़ों को मिसाइल या ड्रोन हमले का खतरा होगा।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रतिबंध लंबा चला, तो दुनिया एक बड़े ऊर्जा संकट की ओर बढ़ सकती है।

वैश्विक असर

  • तेल कीमतों में तेज उछाल संभव
  • एशिया और यूरोप की ऊर्जा सुरक्षा पर खतरा
  • वैश्विक बाजारों में अस्थिरता
  • समुद्री बीमा और शिपिंग लागत में भारी वृद्धि
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विदेश

इजराइल के ईरान पर नए ताबड़तोड़ हमलेः Iran एयरफोर्स का फाइटर जेट मार गिराया, काट्ज बोले- अगला ईरानी सुप्रीमो हमारा ‘टारगेट’

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यरूशलम, एजेंसी। इजरायल ने तेहरान समेत कई ईरानी शहरों पर बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक का दावा किया और एक फाइटर जेट गिराने की बात कही। रक्षा मंत्री Israel Katz ने अगले संभावित सर्वोच्च नेता को भी निशाना बनाने की चेतावनी दी। लेबनान, इराक और खाड़ी देशों तक संघर्ष फैल गया है। इजरायली सेना (Israel Defense Forces) ने दावा किया है कि उसने तेहरान सहित कई शहरों में एक साथ एयरस्ट्राइक की। इजरायल का कहना है कि इन हमलों में ईरान एयरफोर्स का एक फाइटर जेट गिराया गया। ईरान के सरकारी टीवी के मुताबिक, बुधवार सुबह तेहरान के आसपास कई धमाके सुने गए। इजरायल ने यह भी कहा कि ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों के बाद उसकी एयर डिफेंस प्रणाली सक्रिय की गई।

  इजराइल काट्ज की खुली चेतावनी
इजराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि “ईरानी आतंकी शासन द्वारा जिसे भी अगला सर्वोच्च नेता नियुक्त किया जाएगा, उसका खात्मा हमारा लक्ष्य होगा।”  यह बयान उस समय आया जब जंग पांचवें दिन में प्रवेश कर चुकी है। इजरायली सेना ने कहा कि उसने ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps और उससे जुड़ी ‘बासिज’ इकाइयों की इमारतों को निशाना बनाया। इसके अलावा आंतरिक सुरक्षा कमान से संबंधित ठिकानों पर भी हमले किए गए।

ट्रंप का संकेत-लंबी जंग के लिए तैयार रहें
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि यह संघर्ष कई हफ्तों या उससे अधिक समय तक चल सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक

  •  ईरान में लगभग 800 लोगों की मौत
  • इजराइल में अब तक 11 मौतें
  • कुवैत में ड्रोन हमले में अमेरिकी सैनिक मारे गए
  •  लेबनान में भीषण हमले
  • इजराइल ने Hezbollah के खिलाफ लेबनान में हमले तेज कर दिए हैं।
  • बालबेक में रिहायशी इमारत पर हमला- 5 मौतें
  • अरामून और सादियात में 6 मौतें, 8 घायल
  • बेरूत के उपनगर हजमी में होटल पर हमला
  • 16 गांव खाली करवाए गए
  • लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने नागरिक हताहतों की पुष्टि की है।

 साइप्रस और खाड़ी में हाई अलर्ट
तनाव के बीच Larnaca International Airport का एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद किया गया।  इराक में ईरान समर्थित समूह “सराया अवलिया अल-दम” ने जॉर्डन की ओर ड्रोन दागने का दावा किया। जॉर्डन में सायरन बजने लगे। सऊदी अरब और यूएई में अमेरिकी दूतावासों को भी निशाना बनाया गया।फ्रांस ने संयुक्त अरब अमीरात में Dassault Rafale फाइटर जेट तैनात किए हैं। यह तैनाती French Air and Space Force के जरिए की गई है।

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ईरान जंग का असर: ट्रंप का पाकिस्तान से उठा भरोसा ! कहा-अमेरिकी दूतावास कर्मचारी तुरंत छोड़ें देश

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Washington,एजेंसी। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य टकराव का असर अब दक्षिण एशिया तक पहुंच गया है। ईरान युद्ध की आग अब कूटनीतिक रिश्तों को भी झुलसाने लगी है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के निर्देश पर कराची और लाहौर स्थित अमेरिकी दूतावास  कर्मचारियों को तुरंत पाकिस्तान छोड़ने का आदेश दिया गया है। इसे वॉशिंगटन का इस्लामाबाद की सुरक्षा व्यवस्था पर घटते भरोसे और क्षेत्रीय अस्थिरता को लेकर बढ़ती चिंता के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

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पाकिस्तान में अमेरिकी मिशन  ने बयान जारी कर कहा कि  “सुरक्षा जोखिमों के कारण लाहौर और कराची स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों से गैर-आपातकालीन कर्मचारी और उनके परिवार तुरंत पाकिस्तान छोड़ दें ।” हालांकि, United States Embassy Islamabad की स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हाल ही में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद 1 मार्च को पाकिस्तान में  प्रदर्शनकारियों ने कराची में अमेरिकी  दूतावास में तोड़फोड़ के बाद आग लगा दी। इश हिंसा में कम से कम 10 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई थी।
 

अन्य देशों में भी अलर्ट
अमेरिकी विदेश विभाग ने इसी तरह के निर्देश जॉर्डन, बहरीन, इराक, कुवैत, कतर, यूएई, सऊदी अरब, ओमान और साइप्रस में भी जारी किए हैं। यह कदम ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की कथित मौत के बाद भड़के तनाव के बीच उठाया गया है, जिसके बाद कई देशों में विरोध प्रदर्शन तेज़ हो गए। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय संकेत देता है कि अमेरिका संभावित क्षेत्रीय अस्थिरता को गंभीरता से ले रहा है। इससे पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था और कूटनीतिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।

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ईरान ने तुर्किये पर दागी मिसाइल, NATO ने हवा में किया ध्वस्त, Turkey बोला-उकसाओ मत.. देंगे करारा जवाब

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तेहरान, एजेंसी। पश्चिम एशिया में भड़की जंग अब और फैलती नजर आ रही है। ईरान से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल तुर्किये के हवाई क्षेत्र की ओर बढ़ी, जिसे नाटो की रक्षा प्रणाली ने समय रहते नष्ट कर दिया। घटना के बाद क्षेत्रीय तनाव और गहरा गया है। तुर्किये के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक मिसाइल ईरान से दागी गई थी औरव तुर्किये के हवाई क्षेत्र की ओर बढ़ रही थी लेकिन नाटो की एयर एंड मिसाइल डिफेंस प्रणाली ने पूर्वी भूमध्य सागर में इंटरसेप्ट किया।  हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं। तुर्किये, जो NATO का सदस्य है, ने कहा कि वह अपने खिलाफ किसी भी शत्रुतापूर्ण कदम का जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखता है और अगर ईरान ने उकसाया तो  करारा जवाब  देंगे। 

तुर्किये, जो ईरान का पड़ोसी भी है, पिछले कई हफ्तों से वॉशिंगटन और तेहरान के बीच परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल क्षमताओं को लेकर बातचीत की अपील करता रहा है।  अंकारा ने पहले ही चेतावनी दी थी कि क्षेत्र और अधिक अस्थिरता झेलने की स्थिति में नहीं है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि ऐसी घटनाएं जारी रहीं तो नाटो सदस्य देश सीधे इस संघर्ष में खिंच सकते हैं, जिससे पश्चिम एशिया का संकट वैश्विक स्तर का टकराव बन सकता है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत के बाद संघर्ष तेज हो गया है। इसके बाद  तेहरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए। इजरायल ने लेबनान में हिज़्बुल्लाह से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया। 

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