जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में, विशेष रूप से जगदलपुर के महारानी अस्पताल में, मुख्यधारा में लौटे (पुनर्वासित) माओवादियों के लिए मुफ्त रिवर्स वासेक्टॉमी (रिवर्स नसबंदी) शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन जटिल सर्जिकल शिविरों का उद्देश्य उन पूर्व नक्सलियों को माता-पिता बनने का अवसर प्रदान करना है, जिन्हें प्रतिबंधित संगठनों द्वारा जबरन नसबंदी (नसबंदी शिविरों) के लिए मजबूर किया गया था।
बस्तर संभाग में मुख्यधारा में लौट रहे पुनर्वासित नक्सलियों को सामान्य और खुशहाल पारिवारिक जीवन प्रदान करने की दिशा में जिला प्रशासन और बस्तर पुलिस ने एक ऐतिहासिक एवं मानवीय पहल की है। जगदलपुर के ऐतिहासिक महारानी अस्पताल में पुनर्वासित लाभार्थियों के लिए विशेष निःशुल्क रिवर्स वासेक्टॉमी (रीकैनालाइजेशन) सर्जिकल कैंप का सफल आयोजन किया गया। यह शिविर बस्तर जिला प्रशासन, बस्तर पुलिस और यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (वेस्ट जोन) के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया गया, जिसमें देश के प्रतिष्ठित यूरोलॉजिस्ट एवं माइक्रोसर्जरी विशेषज्ञों ने अपनी सेवाएं दीं।
73 सफल सर्जरी, पुनर्वास को मिली नई दिशा
यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. राजेश कुकरेजा ने बताया कि इस मानवीय अभियान के प्रथम चरण में 33 तथा द्वितीय चरण में 40 सफल सर्जरी की गईं। इस प्रकार दो चरणों में कुल 73 सफल रिवर्स वासेक्टॉमी ऑपरेशन संपन्न हुए हैं। उन्होंने बताया कि यह अत्यंत जटिल माइक्रोसर्जरी है, जिसकी सफलता दर सामान्यतः सीमित होती है। ऐसे में बस्तर जैसे सुदूर क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर सफल ऑपरेशन चिकित्सा सेवा और मानवीय संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
देशभर के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दी सेवाएं
शिविर में इंदौर से डॉ. राजेश कुकरेजा, मुंबई से डॉ. निनाद तांबोली एवं डॉ. पार्थ मानेक, पुणे से डॉ. सागर भालेराव एवं डॉ. राहुल पाटिल, नांदेड़ से डॉ. अभिषेक भालेराव और रायपुर से डॉ. राहुल कपूर और डॉ. घनश्याम हटवार सहित कई विशेषज्ञ चिकित्सकों ने स्वैच्छिक सेवाएं प्रदान कीं।
पहले भी मिली सफलता, गूंजी हैं किलकारियां
बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी. ने कहा कि इस प्रकार के प्रयासों से पहले भी सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और कई आत्मसमर्पित परिवारों के घरों में बच्चों की किलकारियां गूंज चुकी हैं। उन्होंने इसे पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
दो माह की बच्ची का पिता बना पूर्व नक्सली
बस्तर के पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने एक प्रेरणादायक उदाहरण साझा करते हुए बताया कि हाल ही में एक पुनर्वासित नक्सली, जिसकी पहले रिवर्स वासेक्टॉमी की गई थी, वह वर्तमान में दो माह की बच्ची का पिता बना है। उन्होंने कहा कि यह इस पूरी मुहिम की सबसे बड़ी सफलता और मानवीय पुनर्वास का जीवंत प्रमाण है। पहले ऐसी जटिल सर्जरी के लिए मरीजों को महानगरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब बस्तर के महारानी अस्पताल में ही यह सुविधा उपलब्ध होना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
विशेषज्ञों और कर्मचारियों का हुआ सम्मान
कैंप के सफल आयोजन पर महारानी अस्पताल प्रबंधन एवं बस्तर पुलिस द्वारा सभी विशेषज्ञ चिकित्सकों को बस्तर की कला एवं संस्कृति से जुड़े स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। वहीं शिविर में योगदान देने वाले अस्पताल कर्मियों और जमीनी कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सीएमएचओ डॉ. संजय बसाक तथा सिविल सर्जन डॉ. संजय प्रसाद ने सभी विशेषज्ञ चिकित्सकों, प्रशासनिक अधिकारियों, पैरामेडिकल स्टाफ और पुलिस विभाग का आभार व्यक्त किया। यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया ने भी बस्तर पुलिस और जिला प्रशासन की इस संवेदनशील पुनर्वास पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे अभियानों में सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। यह पहल केवल चिकित्सा सेवा नहीं, बल्कि हिंसा से प्रभावित जीवन में नई उम्मीद, परिवार जीवन और भविष्य लौटाने का एक संवेदनशील प्रयास बनकर उभरी है।
कोरबा। कोरबा जिले में एक जून से आज तक कुल 600.1 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। अधीक्षक भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार उक्त अवधि में जिले की तहसील कोरबा में 659.1 मिलीमीटर, अजगरबहार 428, भैंसमा, 566.2, करतला 570.9, बरपाली 630.7, कटघोरा 610.2 दीपका 649, दर्री 727.4, पाली 629, हरदीबाजार 487.4, पोंड़ी-उपरोड़ा 645.2, और पसान तहसील में 597.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसी तरह पिछले 24 घंटे में जिले में 11.2 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है।
गुणवत्तायुक्त निर्माण कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के दिए निर्देश
महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित राखियों के विक्रय हेतु विशेष स्टॉल लगाने के निर्देश
कोरबा। जिला पंचायत कोरबा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन ने गुरुवार को विकासखण्ड करतला में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं विकास कार्यों का व्यापक निरीक्षण किया। प्रातः 8 बजे से प्रारंभ हुए निरीक्षण के दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत नोनबिर्रा, कोटमेर, करतला, रामपुर, चैनपुर, सेन्द्रिपाली, सलियाभांठा, तुमान, बरपाली एवं सोहागपुर का भ्रमण कर निर्माणाधीन कार्यों, आजीविका गतिविधियों तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सभी निर्माण कार्य प्राक्कलन के अनुरूप निर्धारित गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सीईओ श्री जैन ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण आजीविका के स्थायी अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों एवं मैदानी अमले को आपसी समन्वय के साथ योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भ्रमण के दौरान आंगनबाड़ी भवन, पंचायत भवन, विद्यालय भवन, महतारी सदन, अटल डिजिटल सुविधा केंद्र, सामुदायिक शौचालय तथा विभिन्न निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण किया गया। सीईओ ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, आंगनबाड़ी एवं प्राथमिक शाला भवनों में पाए गए सीपेज का शीघ्र निराकरण करने तथा सभी लंबित निर्माण कार्य आगामी दो से तीन माह के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने महतारी सदन में ग्लो बोर्ड स्थापित करने तथा निर्माण कार्यों में पाई गई कमियों का तत्काल सुधार सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
ग्राम पंचायत कोटमेर में संचालित रीपा का निरीक्षण करते हुए उन्होंने स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित गतिविधियों का अवलोकन किया। समूह की महिलाओं को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अनुरूप मास्क एवं एप्रन का अनिवार्य उपयोग करने, अग्निशमन उपकरण स्थापित करने एवं उनका नियमित उपयोग सुनिश्चित करने तथा बंद मशीनों को पुनः संचालित करने के निर्देश दिए।
ग्राम पंचायत सेन्द्रिपाली स्थित अटल डिजिटल सुविधा केंद्र के संचालन एवं सेवा शुल्क व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। ग्राम पंचायत चैनपुर में सचिव को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान कराने, विद्यालय पहुंच मार्ग का सुधार कराने तथा भवन निर्माण में छत एवं छज्जों पर उचित ढाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही औराई क्षेत्र में विकसित भारत-जी राम जी योजना अंतर्गत स्व-सहायता समूहों के लिए वर्कशेड निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने तथा तुमान-बरपाली मार्ग के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
ग्राम पंचायत बरपाली में मल्टीग्रेन यूनिट स्थापित करने, पंचायत परिसर में कॉम्प्लेक्स निर्माण की कार्यवाही प्रारंभ करने तथा विभिन्न आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। वहीं ग्राम पंचायत सोहागपुर में विकसित भारत -जी राम जी से शेड निर्माण, स्व-सहायता समूहों के लिए वर्कशेड एवं शौचालय निर्माण के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। आगामी रक्षाबंधन पर्व को ध्यान में रखते हुए उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित आकर्षक राखियों के विक्रय हेतु जनपद पंचायत कार्यालय में विशेष स्टॉल स्थापित करने के निर्देश भी दिए, ताकि स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध हो सके और समूहों की आय में वृद्धि हो।
निरीक्षण के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत संचालित विभिन्न आजीविका गतिविधियों का भी अवलोकन किया गया। ग्राम पंचायत कोटमेर में दुर्गा स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित रेडी-टू-ईट इकाई की स्वच्छता एवं गुणवत्ता का निरीक्षण किया गया। ग्राम पंचायत बरपाली में जय मां सरस्वती स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित कपड़ा दुकान एवं लखपति दीदी महिला उद्यमियों से चर्चा कर उन्हें प्रोत्साहित किया गया। साथ ही जय मां राधा महिला स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित रेडी-टू-ईट इकाई तथा हसदेव रूरल मार्ट का निरीक्षण किया गया। ग्राम पंचायत सोहागपुर में संगम महिला क्लस्टर संगठन की महिलाओं द्वारा तैयार की जा रही पारंपरिक एवं आकर्षक राखियों का अवलोकन करते हुए सीईओ श्री जैन ने उनके प्रयासों की सराहना की तथा उत्पादों के बेहतर विपणन एवं आयवृद्धि के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
निरीक्षण के दौरान जनपद पंचायत करतला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वैभव कौशिक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं मैदानी अमला उपस्थित रहा।