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छत्तीसगढ़

रायपुर : पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर चमका छत्तीसगढ़ की संस्कृति

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इंडिया टुडे टूरिज्म समिट एंड अवॉर्ड्स 2026 में मिला ‘कल्चरल टूरिज्म विनर’ अवार्ड

गोवा में केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने किया सम्मानित, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने ग्रहण किया अवॉर्ड

लोक संस्कृति, जनजातीय विरासत और पर्यटन नवाचारों को मिली राष्ट्रीय पहचान

पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर चमका छत्तीसगढ़ की संस्कृति

रायपुर। छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन क्षमता का परचम लहराया है। गोवा में आयोजित प्रतिष्ठित ’‘इंडिया टुडे टूरिज्म समिट एंड अवॉर्ड्स-2026’’ में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड को ’‘कल्चरल टूरिज्म विनर’’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, अद्वितीय जनजातीय परंपराओं, स्थानीय लोककला और पर्यटन विकास के क्षेत्र में किए गए नवाचारों को मिली राष्ट्रीय मान्यता है। केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने यह सम्मान प्रदान किया, जिसे राज्य की ओर से पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने ग्रहण किया। इस अवसर पर गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत सहित बिहार, तेलंगाना, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और गोवा के पर्यटन मंत्री तथा देशभर के पर्यटन विशेषज्ञ और उद्योग प्रतिनिधि मौजूद रहे।

जीवंत संस्कृति और जनजातीय विरासत से बनी छत्तीसगढ़ की पहचान

         यह सम्मान छत्तीसगढ़ द्वारा अपनी समृद्ध लोक संस्कृति, जनजातीय परंपराओं, कला, हस्तशिल्प, लोक उत्सवों और सांस्कृतिक धरोहरों को पर्यटन विकास से जोड़ने के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण सफलता है। पिछले कुछ वर्षों में छत्तीसगढ़ ने सांस्कृतिक पर्यटन को राज्य की पर्यटन नीति के केंद्र में रखकर जिस तरह योजनाबद्ध ढंग से कार्य किया है, उसने देशभर का ध्यान आकर्षित किया है। यही कारण है कि आज छत्तीसगढ़ केवल प्राकृतिक सौंदर्य और जलप्रपातों के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी जीवंत संस्कृति और जनजातीय विरासत के लिए भी तेजी से पहचान बना रहा है।

छत्तीसगढ़ का पर्यटन मॉडल चर्चा का केंद्र रहा

          समिट के दौरान आयोजित विशेष पैनल चर्चा ’‘हिडन इंडिया हाउ इमर्जिंग डेस्टिनेशंस आर ड्राइविंग डोमेस्टिक टूरिज्म ग्रोथ’’ में भी छत्तीसगढ़ का पर्यटन मॉडल चर्चा का केंद्र रहा। इस सत्र में पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा, पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन तथा छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने राज्य की पर्यटन उपलब्धियों, नवाचारों, निवेश संभावनाओं और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तार से विचार रखे। पैनल चर्चा में बताया गया कि किस प्रकार छत्तीसगढ़ ने स्थानीय समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए पर्यटन को सांस्कृतिक संरक्षण और आर्थिक विकास का माध्यम बनाया है।

राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह पहचान प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि

          पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने अवॉर्ड प्राप्त करने के बाद कहा कि यह सम्मान पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और सम्मान का विषय है। उन्होंने कहा कि राज्य की लोक संस्कृति, जनजातीय परंपराओं, कला, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक विरासत को पर्यटन से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह पहचान प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल पर्यटन स्थलों का विकास करना ही नहीं, बल्कि पर्यटन को स्थानीय लोगों की आजीविका, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख सांस्कृतिक पर्यटन गंतव्यों में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत सहित पूरी टीम का योगदान

          श्री अग्रवाल ने कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ के प्रत्येक नागरिक, हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की पूरी टीम, पर्यटन उद्योग से जुड़े हितधारकों, कलाकारों, शिल्पकारों और स्थानीय समुदायों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। मैं इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर सभी प्रदेशवासियों, पर्यटन विभाग तथा छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की पूरी टीम को हार्दिक बधाई देता हूं। यह सम्मान हमें पर्यटन विकास के क्षेत्र में और अधिक उत्साह तथा प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की प्रेरणा देगा।

’‘कल्चरल टूरिज्म विनर’’ अवार्ड राज्य की बढ़ती पर्यटन पहचान का प्रतीक

        ’इंडिया टुडे टूरिज्म समिट एंड अवॉर्ड्स’ देश के सबसे प्रतिष्ठित पर्यटन आयोजनों में से एक है। इस मंच पर पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले राज्यों, संस्थानों और पर्यटन परियोजनाओं को सम्मानित किया जाता है। साथ ही, पर्यटन क्षेत्र से जुड़े नीति-निर्माताओं, विशेषज्ञों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को पर्यटन विकास की चुनौतियों और संभावनाओं पर विचार-विमर्श का अवसर भी मिलता है। ऐसे प्रतिष्ठित मंच पर छत्तीसगढ़ को ’‘कल्चरल टूरिज्म विनर’’ के रूप में सम्मानित किया जाना राज्य की बढ़ती पर्यटन पहचान का प्रतीक है।

छत्तीसगढ़ ने सांस्कृतिक पर्यटन का विकसित किया विशिष्ट मॉडल 

         छत्तीसगढ़ ने सांस्कृतिक पर्यटन के क्षेत्र में जो विशिष्ट मॉडल विकसित किया है, वह देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है। बस्तर की जनजातीय संस्कृति, सिरपुर की ऐतिहासिक धरोहर, भोरमदेव मंदिर समूह, चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे विश्वस्तरीय प्राकृतिक पर्यटन स्थल, पारंपरिक हस्तशिल्प, लोक संगीत और लोक नृत्य राज्य की पर्यटन पहचान को विशिष्ट बनाते हैं। इन सभी को योजनाबद्ध तरीके से पर्यटन परिपथों से जोड़कर राज्य ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने कलाकारों, शिल्पकारों और जनजातीय समुदायों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने का कार्य

          छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और जनजातीय समुदायों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में भी लगातार कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार पर्यटन स्थलों पर बेहतर सुविधाओं के विकास, डिजिटल प्रचार-प्रसार, सामुदायिक पर्यटन और सांस्कृतिक आयोजनों के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। इसका सकारात्मक परिणाम अब राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई देने लगा है।

छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की महत्वपूर्ण भूमिका

         इस उपलब्धि पर पर्यटन विभाग, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, पर्यटन उद्योग से जुड़े हितधारकों तथा प्रदेशवासियों में हर्ष का वातावरण है। यह सम्मान राज्य में पर्यटन निवेश, पर्यटकों की संख्या और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देगा। साथ ही, छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

अग्रणी सांस्कृतिक पर्यटन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी

        राष्ट्रीय मंच पर मिला यह सम्मान केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि, पर्यटन संभावनाओं और दूरदर्शी पर्यटन नीति की बड़ी स्वीकृति है। यह उपलब्धि आने वाले वर्षों में राज्य को भारत के अग्रणी सांस्कृतिक पर्यटन गंतव्यों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन से की सौजन्य भेंट

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रायपुर, 21 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने ओडिशा प्रवास के दौरान आज भुवनेश्वर में छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल एवं वरिष्ठ राजनेता विश्वभूषण हरिचंदन से उनके निवास पर सौजन्य भेंट की।

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रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति से की शिष्टाचार भेंट

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति से की शिष्टाचार भेंट
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति से की शिष्टाचार भेंट

रायपुर, 21 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज भुवनेश्वर स्थित लोक भवन में ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई।

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अवैध रेत खनन रोकने गई वन टीम पर हमला:महिला रेंजर से बदसलूकी कर कर्मचारियों को ट्रैक्टर से नीचे खींचा,2 ट्रैक्टर छुड़ाकर भागे लोग

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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, एजेंसी। मरवाही वनमंडल में अवैध रेत खनन रोकने गई वन विभाग की टीम के साथ विवाद और मारपीट का मामला सामने आया है। गौरेला परिक्षेत्र के अंधियारखोह परिसर स्थित हर्री नाले में कार्रवाई करने पहुंची टीम ने अवैध रेत और बांस करील से भरे दो ट्रैक्टर पकड़े थे।

आरोप है कि रास्ते में 15 से 20 लोगों की भीड़ ने टीम को घेर लिया, महिला रेंजर से बदसलूकी की और जब्त दोनों ट्रैक्टर छुड़ाकर ले गए।

जान से मारने की धमकी देने का आरोप

जान से मारने की धमकी देने का आरोप

अवैध खनन की सूचना पर पहुंची थी टीम

जानकारी के अनुसार, हर्री नाले में अवैध रेत खनन की सूचना मिलने पर रेंजर ज्योत्स्ना पांडे के साथ वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। टीम ने कार्रवाई करते हुए अवैध रेत और बांस करील से भरे दो ट्रैक्टरों को जब्त किया। पंचनामा तैयार करने के बाद दोनों वाहनों को डिपो ले जाया जा रहा था।

हर्री स्टेशन के पास रास्ता रोककर किया हंगामा

आरोप है कि हर्री स्टेशन के पास 15 से 20 लोगों की भीड़ ने वन विभाग की टीम का रास्ता रोक लिया। भीड़ ने वन कर्मचारियों को ट्रैक्टर से नीचे खींच लिया और जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान महिला रेंजर ज्योत्स्ना पांडे से बदसलूकी और झूमा-झटकी किए जाने का भी आरोप है। इसके बाद भीड़ ने सरकारी कब्जे में लिए गए दोनों ट्रैक्टर जबरन छुड़ा लिए और मौके से भाग गए।

लालपुर अंडरब्रिज पर फिर रोकी वन विभाग की गाड़ी

घटना यहीं नहीं रुकी। लौटते समय लालपुर अंडरब्रिज के पास ट्रैक्टर मालिक और उसके साथियों ने वन विभाग की गाड़ी को दोबारा रोक लिया। आरोप है कि यहां भी गाली-गलौज की गई और हंगामा किया गया। घटना के बाद वन विभाग की टीम ने पुलिस के साथ इलाके में खोजबीन की, लेकिन आरोपी अपने वाहनों को छिपा चुके थे।

डीएफओ को सौंपी रिपोर्ट, FIR की मांग

वन परिक्षेत्र अधिकारी ने घटना की रिपोर्ट, पंचनामा और उपलब्ध साक्ष्यों के साथ डीएफओ को सौंप दी है। रिपोर्ट में सरकारी काम में बाधा डालने, महिला कर्मचारी से बदसलूकी करने और सरकारी कब्जे से ट्रैक्टर छुड़ाकर ले जाने के आरोपों का उल्लेख करते हुए FIR दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।

फिलहाल मामले में आरोपियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और ट्रैक्टरों की बरामदगी को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

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