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छत्तीसगढ़

जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला 2024:मुख्यमंत्री कन्यादान योजनातंर्गत 101 जोड़े बंधे पवित्र शादी के बंधन में

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वित्त मंत्री ओ पी चौधरी सहित अतिथियों ने नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद

जांजगीर-चाम्पा (दिव्य आकाश)। जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला में आज मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 101 जोड़े विवाह संपन्न कराया गया। इस अवसर पर वित्त एवं जांजगीर-चांपा जिले के प्रभारी मंत्री ओ पी चौधरी, जांजगीर चांपा विधायक व्यास कश्यप, पामगढ़ विधायक श्रीमती शेषराज हरवंश, पूर्व विधायक सौरभ सिंह, पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, पूर्व विधायक अबेंश जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यानिता चंद्रा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप सिंह कलेक्टर आकाश छिकारा ने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया। साथ ही सुखी दाम्पत्य की शुभकामना भी दी साथ ही उपहार भेंट किए। मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि निर्धन कन्याओं के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना वरदान है। इस योजना के माध्यम से फिजुल खर्च एवं दहेज प्रथा जैसे कुरीतियों को समाप्त करने का एक अच्छा माध्यम है। अब ऐसे कन्याओं के माता-पिता को आर्थिक समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ रहा। जि़ला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती अनिता अग्रवाल ने बताया कि आज मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से लाभान्वित करते हुए 101 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। इस अवसर पर गुलाब चंदेल, गगन जयपुरिया, श्रीमती विद्या सिदार, अमर सुल्तानिया, सुमित प्रताप सिंह, श्रीमती प्रीति देवी, प्रशांत सिंह, आशुतोष गोस्वामी, शेखर चंदेल, प्रशांत सिंह ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिपिनिधि गण, अधिकारी-कर्मचारी, बड़ी संख्या में नागरिकजन उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत् प्रति जोड़ा 50 हजार रुपए का व्यय निर्धारित है। जिसमें 6 हजार रुपए वस्त्र, श्रृंगार सामग्री, आभूषण पर, 8 हजार रूपए विवाह के आयोजन पर, 15 हजार रुपए प्रोत्साहन सामग्री व 21 हजार बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से वधु को दिया जाता है। नवविवाहित जोड़ों को जीवनोपयोगी विभिन्न सामग्रियां जैसे कुकर, बर्तन, गद्दा, आलमीरा, वैवाहिक वस्त्र, मंगलसूत्र, बिछिया, पायल, श्रृंगार सामग्रियां आदि उपहार स्वरूप प्रदान किए जाते हैं और इसके अतिरिक्त विवाह का आयोजन शासकीय स्तर पर भी किया जाता है।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : मुख्यमंत्री साय ने हाटकेश्वर जयंती पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हाटकेश्वर जयंती के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संदेश में कहा है कि हाटकेश्वर जयंती आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक पर्व है, जो हमें धर्म, संस्कृति और लोक परंपराओं से जोड़ता है। यह दिवस समाज में सद्भाव, समरसता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

उन्होंने भगवान हाटकेश्वर से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि यह पर्व सभी के जीवन में शांति और प्रगति  लेकर आए।

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कोरबा

राज्यपाल रमेन डेका 1 अप्रैल को रहेंगे कोरबा जिले प्रवास पर

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सामूहिक विवाह हनुमंत कथा में होंगे शामिल

कोरबा। राज्यपाल रमेन डेका कल 1 अप्रैल को कोरबा जिले के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार श्री डेका रायपुर लोकभवन से सवेरे 7.30 बजे सड़क मार्ग द्वारा मुंगेली जिले के चंदखुरी विश्राम गृह के लिए प्रस्थान करेंगे। ततपश्चात राज्यपाल सुबह 9 बजे कोरबा जिले के कटघोरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ढपढप बांकीमोंगरा के लिए रवाना होंगे। यहां वे प्रातः 11 बजे आयोजित “दिव्य श्री हनुमंत कथा एवं 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह” कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम के पश्चात राज्यपाल श्री डेका दोपहर 12:30 बजे रतनपुर (बिलासपुर) स्थित विश्राम गृह के लिए प्रस्थान करेंगे।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : नाचा के जनक दाऊ दुलार सिंह मंदराजी की जयंती पर मुख्यमंत्री साय ने किया नमन

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला परंपरा के संवाहक और ‘नाचा’ के जनक माने जाने वाले स्वर्गीय दाऊ दुलार सिंह मंदराजी की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दाऊ मंदराजी ने ‘नाचा’ जैसी लोकविधा को न केवल पुनर्जीवित किया, बल्कि उसे जन-जन तक पहुँचाकर सामाजिक चेतना का सशक्त माध्यम बनाया। उन्होंने गांवों के लोक कलाकारों को संगठित कर ‘नाचा’ को नई पहचान और गरिमा प्रदान की। उनके प्रयासों से यह लोककला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रही, बल्कि समाज में जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का प्रभावी मंच बनी।

उन्होंने कहा कि दाऊ मंदराजी ने अपने समर्पण और साधना से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को जीवंत बनाए रखा और उसके संरक्षण के लिए जीवनपर्यंत कार्य किया। उनका योगदान प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर के रूप में सदैव स्मरणीय रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लोक कला और शिल्प के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को ‘दाऊ दुलार सिंह मंदराजी सम्मान’ प्रदान किया जाता है, जो उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

उन्होंने कहा कि दाऊ मंदराजी का व्यक्तित्व और कृतित्व आज भी नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने और लोकसंस्कृति को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है।

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