देश
थरूर पर खड़गे बोले- कुछ लोगों के लिए मोदी फर्स्ट:शशि का जवाब- पंख आपके, आसमान किसी का नहीं, 2 दिन पहले मोदी की तारीफ की थी
नई दिल्ली/मॉस्को,एजेंसी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिल्ली में बुधवार को शशि थरूर को लेकर कहा- मैं अंग्रेजी नहीं पढ़ सकता, लेकिन उनकी (थरूर की) लैंग्वेज बहुत अच्छी है। इसलिए हमने उन्हें पार्टी की वर्किंग कमेटी का मेंबर बनाया है। मैं यह कहना चाहता हूं कि पूरे विपक्ष ने मिलकर कहा कि हम आर्मी के साथ हैं। हमारे लिए देश पहले है, लेकिन कुछ लोगों के लिए मोदी फर्स्ट हैं।
खड़गे के बयान के कुछ ही मिनट बात शशि थरूर ने ‘X’ पर लिखा- उड़ने की इजाजत मत मांगो। पंख तुम्हारे अपने हैं, और आसमान किसी एक का नहीं है।

शशि थरूर का X पोस्ट।
दरअसल, सोमवार को द हिंदू में पब्लिश एक आर्टिकल में थरूर ने लिखा था कि मोदी की ऊर्जा, गतिशीलता और जुड़ने की इच्छा वैश्विक मंच पर भारत के लिए प्रमुख संपत्ति बनी हुई है, लेकिन उन्हें और ज्यादा सपोर्ट मिलना चाहिए।
इस आर्टिकल को थरूर का कांग्रेस पार्टी को नाराज करने और उसकी लीडरशिप के साथ उनके संबंधों में बढ़ती दरार के रूप में देखा गया। हालांकि, कांग्रेस ने थरूर के बयान से यह कहकर किनारा कर लिया कि यह उनकी निजी राय सकती है, पूरी पार्टी की नहीं।
शशि थरूर ने कहा था-

ऑपरेशन सिंदूर के बारे में उनका आर्टिकल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पार्टी BJP में शामिल होने का संकेत नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय एकता, हित और भारत के लिए खड़े होने का बयान है।
मॉस्को में मीडिया से चर्चा करते हुए सांसद शशि थरूर ने ऑपरेशन सिंदूर और पीएम मोदी की तारीफ पर कहा, “मैंने यह इसलिए कहा क्योंकि प्रधानमंत्री ने खुद दूसरे देशों के साथ बातचीत में गतिशीलता और ऊर्जा दिखाई है। उन्होंने किसी भी प्रधानमंत्री की तुलना में ज्यादा देशों की यात्रा की है और ऐसा उन्होंने भारत के संदेश को दुनिया भर में ले जाने के लिए किया है।”
थरूर के बयान की बड़ी बातें…
- मैं संयुक्त राष्ट्र में 25 साल की सेवा के बाद भारत वापस आया। मैंने भारत की सेवा करने के लिए ऐसा किया और मुझे ऐसा करने का अवसर पाकर बहुत गर्व है।
- मैं भी लंबे समय से मानता रहा हूं कि हमारे लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद सीमाओं पर ही रुक जाना चाहिए। हमारे लिए वास्तव में भाजपा की विदेश नीति या कांग्रेस की विदेश नीति जैसी कोई चीज नहीं है, केवल भारतीय विदेश नीति और भारतीय राष्ट्रीय हित है।
- मैं कुछ नया नहीं कह रहा हूं, मैंने यह बहुत साल पहले कहा था। और मैंने यह सार्वजनिक रूप से रिकॉर्ड पर पहली बार तब कहा था जब मैं 2014 में विदेश मामलों की समिति का अध्यक्ष बना था।
कांग्रेस का दावा- मोदी सरकार की विदेश नीति पूरी तरह असफल
थरूर ने प्रधानमंत्री की प्रशंसा ऐसे समय में की है जब कांग्रेस लगातार मोदी सरकार पर उसकी विदेश नीति को लेकर हमला कर रही है। कांग्रेस का आरोप है कि भारतीय कूटनीति बिखर रही है और देश वैश्विक स्तर पर अलग-थलग पड़ गया है।
वहीं, पहलगाम हमले के बाद से थरूर भारत-पाकिस्तान संघर्ष और कूटनीतिक पहुंच पर ऐसी टिप्पणियां कर रहे हैं जो कांग्रेस के रुख से अलग हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने दावा किया कि अमेरिका का भारत की यात्रा करने वाले उसके नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी करना देश को बदनाम करता है।
कांग्रेस ने मांग की कि सरकार को अपना विरोध दर्ज कराना चाहिए और साथ ही सख्त रुख अपनाना चाहिए। उसने यह भी दावा किया कि मोदी सरकार की विदेश नीति पूरी तरह से असफल हो गई है।
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Citroen Cars Discount : कार खरीदने का शानदार मौका! Citroen ने इन गाड़ियों पर किया डिस्काउंट का ऐलान
मुंबई, एजेंसी। Citroen ने अपने ग्राहकों के लिए चुनिंगा गाड़ियों पर डिस्काउंट का ऐलान किया है। ये डिस्काउंट मॉडल के आधार पर दिए जाएंगे और ग्राहक इसका फायदा 30 जून तक उठा सकते हैं। डिटेल में जानते हैं इन डिस्काउंट के बारे में-

Citroen Basalt
Basalt कूप-SUV पर इस महीने 1.4 लाख रुपये तक का डिस्काउंट मिल रहा है। इसमें 82hp, 115Nm वाला 1.2-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड (NA) पेट्रोल इंजन या 110hp, 190Nm वाला 1.2-लीटर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन मिलता है। NA इंजन के साथ 5-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन मिलता है, जबकि टर्बो-पेट्रोल इंजन 6-स्पीड मैनुअल या 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ आता है। ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ, टर्बो-पेट्रोल इंजन 205Nm का ज़्यादा टॉर्क देता है। मार्केट में इसकी कीमत 8.55 लाख रुपये से 13.75 लाख रुपये की के बीच है।

Citroen Aircross
Citroen Aircross पर कंपनी इस महीने 1.4 लाख रुपये तक का डिस्काउंट दे रही है। अपने सेगमेंट में यह एकमात्र 7 सीटर एसयूवी है। इसकी कीमत 8.89 लाख रुपये से 13.99 लाख रुपये तक जाती है।
Citroen C3
Citroen C3 की खरीदी करने पर आप 1.1 लाख रुपए तक की बचत कर सकते हैं। इसकी कीमत 4.99 लाख रुपये से 9.60 लाख रुपये के बीच की है।
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Tata के iPhone प्लांट पर पर्यावरण नियमों के उल्लंघन का आरोप, बंद हो सकती है फैक्ट्री
मुंबई, एजेंसी। भारत में iPhone निर्माण से जुड़े एक प्रमुख संयंत्र को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। तमिलनाडु के होसुर स्थित टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के प्लांट पर आसपास की कृषि भूमि और भूजल को प्रदूषित करने के आरोप लगे हैं। मामले की जांच के बाद राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कंपनी से जवाब मांगा है और संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर फैक्ट्री बंद करने तक की चेतावनी दी है।
यह प्लांट Apple के iPhone के लिए बैक पैनल और अन्य महत्वपूर्ण पुर्जों का निर्माण करता है। पिछले कई महीनों से प्लांट के आसपास के किसानों ने शिकायत की थी कि फैक्ट्री से निकलने वाला अपशिष्ट जल के कारण उनकी खेती और जल स्रोत को प्रभावित कर रहा है। किसानों की शिकायत के बाद राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जांच शुरू की और अब मामला गंभीर रूप ले चुका है।

जांच के दौरान बोर्ड ने नोटिस में कहा कि फैक्ट्री परिसर के एक तालाब से निकला पानी आसपास के कृषि क्षेत्रों तक पहुंचा, जिससे भूजल प्रदूषण की आशंका पैदा हुई। बोर्ड ने यह भी आरोप लगाया कि दिसंबर 2025 में जारी निर्देशों के बावजूद कंपनी ने जरूरी सुधारात्मक कदम नहीं उठाए। इसी वजह से मई में जारी नोटिस में पूछा गया कि आखिर क्यों न यूनिट की बिजली आपूर्ति काट दी जाए और संचालन बंद कर दिया जाए। यह चेतावनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है।
टाटा ने आरोपों को किया खारिज
वहीं, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि उसने एक मान्यता प्राप्त स्वतंत्र प्रयोगशाला द्वारा कराई गई जांच में संयंत्र को सभी पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप पाया गया है। कंपनी ने दावा किया है कि वह पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा प्रदूषण नियंत्रण अधिकारियों को अपना जवाब सौंप चुकी है।
पर्यावरण और उद्योग के बीच संतुलन की चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। एक तरफ भारत वैश्विक कंपनियों के लिए उत्पादन केंद्र बनने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय समुदायों और किसानों की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अब सभी की नजर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के बीच होने वाली आगे की कार्रवाई पर टिकी है।
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स्मार्टफोन की बिक्री में 35% की बड़ी गिरावट, कीमत बढ़ने से मांग पर दबाव
नई दिल्ली, एजेंसी। देश में स्मार्टफोन की बढ़ती कीमतों का असर अब बिक्री पर साफ दिखाई देने लगा है। रिटेलरों का कहना है कि मई में मोबाइल की बिक्री में सालाना आधार पर रिकॉर्ड 30-35 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसकी वजह यह है कि मेमरी चिप की बढ़ती लागत की भरपाई के लिए कंपनियां नवंबर 2025 से लगातार कीमतों में बढ़ोतरी कर रही हैं। अभी कुल बिक्री में से 60 प्रतिशत हिस्सा ऑफलाइन का है, जबकि 40 प्रतिशत बिक्री ऑफलाइन के जरिए होती है। कुल मिलाकर ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की बिक्री में भारी गिरावट आएगी।

काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार मई में शिपमेंट में सालाना आधार पर 15-20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। जून में भी इसी तरह की कमजोरी बने रहने की संभावना जताई गई है। साल 2026 की पहली तिमाही में मोबाइल शिपमेंट में गिरावट 3 प्रतिशत रही थी लेकिन दूसरी तिमाही में यह गिरावट 15 प्रतिशत से ज्यादा रहने का अनुमान है।
रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी और मई के बीच स्मार्टफोन की औसत कीमत में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह बढ़ोतरी पिछले साल हुई कीमतों में वृद्धि के अलावा है। रिटेलरों का कहना है कि कीमतें बढ़ने के बाद से कुछ मामलों में कुल असर 40-45 प्रतिशत तक रहा है।
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