योग को दैनिक जीवन में अपनाकर स्वस्थ, सशक्त एवं विकसित समाज के निर्माण का करें संकल्प – मंत्री गुरु खुशवंत साहेब
स्वस्थ जीवन के लिए योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं – महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत
कोरबा। बारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कोरबा नगरीय क्षेत्र स्थित लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर कन्वेंशन हॉल में जिला स्तरीय सामूहिक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के मंत्री गुरु खुशवंत साहेब मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं नागरिकों के साथ विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का सामूहिक अभ्यास कर योग के महत्व तथा इसके शारीरिक एवं मानसिक लाभों की जानकारी दी। उन्होंने सभी नागरिकों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग भारत की प्राचीन ऋषि परंपरा की अमूल्य देन है, जिसने आज संपूर्ण विश्व को स्वस्थ जीवन, मानसिक संतुलन और आत्मिक शांति का मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव, चिंता और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच योग स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है, जो व्यक्ति के शरीर, मन और बुद्धि के संतुलित विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
मंत्री खुशवंत साहेब ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है और आज विश्व के करोड़ों लोग इससे लाभान्वित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वस्थ, सशक्त एवं आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास और युवाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कौशल विकास के साथ-साथ युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास एवं मानसिक दृढ़ता का विकास भी आवश्यक है, जिसमें योग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि प्रतिदिन योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं तथा परिवार और समाज को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने नशामुक्त, स्वस्थ एवं जागरूक समाज के निर्माण तथा विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय सहभागिता का संकल्प लेने का भी आह्वान किया।
महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने कहा कि स्वस्थ एवं निरोग जीवन के लिए योग अत्यंत आवश्यक है। वर्तमान की भागदौड़ भरी जीवनशैली में विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचाव के लिए योग एक प्रभावी माध्यम है। योग से शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में पूरे देश एवं प्रदेश में योग दिवस का आयोजन किया जा रहा है। सभी नागरिकों को नियमित रूप से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सभी को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में योग का विशेष महत्व है। योग शरीर को स्वस्थ रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है। यह केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि शरीर और मन के बीच संतुलन स्थापित करने की प्रक्रिया है। नियमित योगाभ्यास से शारीरिक एवं मानसिक दक्षता में वृद्धि होती है तथा व्यक्ति अधिक ऊर्जावान एवं सकारात्मक बनता है। उन्होंने सभी नागरिकों से प्रतिदिन योग के लिए समय निकालने तथा योगमय जीवन अपनाकर निरोग रहने की अपील की।
कार्यक्रम में योग शिक्षक रामेश्वर प्रसाद पांडे ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी को नियमित रूप से योग अपनाने के लिए प्रेरित किया। सामूहिक योगाभ्यास के दौरान ताड़ासन, पवनमुक्तासन, हलासन, शवासन, कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी प्राणायाम सहित विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास कराया गया। योगाभ्यास के माध्यम से स्वस्थ जीवन, नियमित योग एवं जन-जागरूकता का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित योगाभ्यास करने तथा नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, कलेक्टर कुणाल दुदावत, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, नगर निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिनेश नाग, अपर कलेक्टर ओंकार यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, अधिकारी-कर्मचारी, स्कूली छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।
दीपका महाप्रबंधक कार्यालय में तालाबंदी आंदोलन के बाद बिलासपुर में सीएमडी सभागार में हुई मैराथन चर्चा
बसाहट, मुआवजा, मकान नापी, सोलसियम और अविलंब नौकरी जैसी प्रमुख मांगों पर SECL प्रबंधन के साथ बनी सकारात्मक सहमति
बिलासपुर/कोरबा। कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल के कुशल नेतृत्व में हरदीबाजार, रेंकी और सराईसिंगार के भूविस्थापितों की वर्षों पुरानी जायज मांगों को लेकर एसईसीएल (SECL) मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी सभागार में एक महत्वपूर्ण व उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई ।
उल्लेखनीय है कि 19 सितंबर को भूविस्थापितों ने अपनी मांगों के समर्थन में दीपका महाप्रबंधक के मुख्य गेट पर 8 घंटे तक ऐतिहासिक तालाबंदी आंदोलन किया था, तीन दौर की वार्ता के बाद एसडीएम कटघोरा नितिन दुबे और जीएम दीपका की मध्यस्थता से आज 21 सितंबर सोमवार को बिलासपुर मुख्यालय में बैठक आयोजित करने की सहमति बनी थी।
सोमवार को आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में एसईसीएल प्रबंधन की ओर से निदेशक (कार्मिक/डीएचआर) बीरंची दास निदेशक (तकनीकी/पीएंडपी), मोहपात्रा जीएम (एलएंडआर), बिपिन कुमार लाल और दीपका जीएम अशोक कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे ।
बैठक में निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं और भूविस्थापितों की मांगों पर गंभीरता से चर्चा हुई, तथा सहमति बनी:-
पूर्ण विकसित बसाहट:- सुपेतपारा बाईपास के पास उतरदा की जमीन पर सहमति न बनने के पश्चात, जयंती नगर को ही पूर्ण रूप से सर्वसुविधायुक्त विकसित कर भूविस्थापितों को बसाहट देने पर सहमति बनी ।
मकान नापी एवं सोलसियम मुआवजा:- 2004-2010 अधिग्रहण के पश्चात खरीदी-बिक्री के बाद बने मकानों के नापी के आधार पर मकान मालिकों को सोलसियम सहित मुआवजा देने पर गहन विचार हुआ ।
ड्रोन सर्वे के मकानों पर 100% मुआवजा:- ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों को नया मानकर की गई 60% कटौती के निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए, उन्हें पूर्ण सोलसियम के साथ 100% मुआवजा राशि स्वीकृत करने पर सार्थक चर्चा हुई ।
2004 अधिग्रहण नीति के तहत नौकरी:- वर्ष 2004 के अधिग्रहण के समय लागू नीतियों के तहत हर खाते पर नौकरी देने के विषय पर एसईसीएल प्रबंधन ने विचार कर सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन दिया ।
अधिग्रहण एवं बसाहट:- शेष बचे 212 एकड़ भूमि के अधिग्रहण और बसाहट के संदर्भ में भी जल्द रुख स्पष्ट किया जाएगा ।
अन्य गांवों के लंबित मामले:- अमगांव, दर्राखांचा, जोकही, डबरी, मलगांव और सुवाभोड़ा के भूविस्थापितों के बचे हुए रोजगार, मुआवजा व बसाहट से जुड़े प्रकरणों को 15 दिनों के भीतर अविलंब निपटाने पर पूर्ण सहमति बनी ।
मकान न तोड़े जाने का निर्देश:- जब तक मुआवजा राशि का पूर्ण भुगतान नहीं हो जाता, तब तक हरदीबाजार में किसी भी मकान को नहीं तोड़ा जाएगा ।
बैठक के अंत में एसईसीएल निदेशकों की टीम ने आश्वस्त किया कि भूविस्थापितों द्वारा उठाए गए सभी विषयों पर गहराई से विचार कर आगामी 4 से 5 दिनों के भीतर लिखित में आधिकारिक निर्णय सौंप दिया जाएगा ।
बैठक में विधायक प्रेमचंद पटेल के साथ हरदीबाजार सरपंच लोकेश्वर कंवर, उपसरपंच रेखा जायसवाल, श्यामू जायसवाल, रघुराज सिंह उईके, नरेश टंडन, व्यास राठौर, महेंद्र राठौर, राजेश जायसवाल, शिव यादव, फिरोज खान, जगदीश अग्रवाल, अनिल टंडन, मन्नु राठौर, राजाराम राठौर, प्रदीप पांडेय, ममता ओग्ररे, प्रेम डिक्सेना, शशीधर सोनी, सुरेंद्र राठौर, प्रदीप राठौर, इंद्रभूषण ओढ़े, सुधीर कंवर, चंद्रिका प्रजापति, दिलीप राठौर, कमलेश राठौर, पंकज धुर्वा, रमन कुल्हाड़े ,गणेश श्रीवास सहित भारी संख्या में भूविस्थापित ग्रामीण उपस्थित रहे ।
25 सितंबर तक जिले के पांचों जनपद पंचायत क्षेत्रों में लगेंगे विशेष शिविर
कोरबा, 21 सितंबर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशानुसार जिले के दिव्यांगजनों को आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने तथा दिव्यांगता प्रमाण पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड बनाने के लिए जनपद पंचायतवार विशेष मूल्यांकन एवं परीक्षण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से दिव्यांगजनों को स्वास्थ्य परीक्षण, आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया तथा पात्रतानुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की सुविधा एक ही स्थान पर प्रदान की जाएगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जनपद पंचायत कटघोरा में 23 सितंबर, जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा में 24 सितंबर तथा जनपद पंचायत कोरबा में 25 सितंबर 2026 को शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविर संबंधित मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत द्वारा चयनित स्थान पर आयोजित होंगे। शिविर में दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण हेतु उपस्थित कराने, दिव्यांगता प्रमाण पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड के लिए पंजीयन कराने, शिविर स्थल तक दिव्यांगजनों को लाने-ले जाने की व्यवस्था करने तथा आवश्यक प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी संबंधित जनपद पंचायतों को सौंपी गई है। नगर पालिका, नगर पंचायत एवं नगर पंचायत क्षेत्रों के अधिकारियों को भी अपने क्षेत्र के दिव्यांगजनों की शिविर में उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर स्थल पर चिकित्सकीय दल एवं विशेषज्ञों की ड्यूटी लगाकर चलित चिकित्सा इकाई के माध्यम से आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों के लिए आवश्यक प्रपत्रों की व्यवस्था तथा सहायक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा द्वारा शिविर में पंजीयन एवं आवश्यक समन्वय की व्यवस्था की जाएगी। जनसंपर्क विभाग द्वारा शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। शिविर में आने वाले दिव्यांगजनों को दो रंगीन पासपोर्ट आकार के फोटो, आधार कार्ड एवं पेन कार्ड की छायाप्रति तथा दिव्यांगता प्रमाण पत्र की छायाप्रति साथ लाना होगा। दिव्यांगजनों से अपील की गई है कि वे निर्धारित तिथि को संबंधित शिविर में उपस्थित होकर शासन की सुविधाओं का लाभ उठाएं। दिव्यांगजनों के लिए यह शिविर प्रमाण पत्र से लेकर आवश्यक सहायक उपकरण तक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
सुश्री ज्योति कंवर को मिली उच्च शिक्षा के लिए रूपये 53 हजार 500 की आर्थिक सहायता कलेक्टरकुणाल दुदावत ने बढ़ाया मेधावी छात्रा का हौसला
कोरबा, 21 सितंबर 2026। कोरबा जिले के खनन प्रभावित क्षेत्रों के मेधावी विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा के सपनों को साकार करने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार जिले में खनन प्रभावित क्षेत्रों के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है, ताकि आर्थिक परिस्थितियां उनकी प्रतिभा और लक्ष्य के मार्ग में बाधा न बनें। कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन एवं कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में डीएमएफटी कोरबा अंतर्गत स्वामी विवेकानंद जिला खनिज न्यास शिक्षा प्रोत्साहन योजना के माध्यम से जिले के अनेक मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी प्रतिभा के अनुरूप बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें अपने निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करना है। इसी क्रम में आज विकासखंड पाली अंतर्गत ग्राम मुड़कछार निवासी सुश्री ज्योति कंवर को उच्च शिक्षा के लिए रूपये 53 हजार 500 की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने ज्योति कंवर को सहायता राशि का चेक प्रदान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी और उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर मेहनत एवं समर्पण के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। सुश्री ज्योति कंवर ने कक्षा 12वीं की शिक्षा प्रयास आवासीय विद्यालय से पूर्ण करने के बाद राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल की। उनकी मेहनत और प्रतिभा के परिणामस्वरूप उनका चयन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, महासमुंद में हुआ है। चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के उनके इस सपने को पूरा करने में डीएमएफटी की शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता महत्वपूर्ण साबित होगी। आर्थिक सहयोग प्राप्त होने पर सुश्री ज्योति कंवर ने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहायता उन्हें अपनी उच्च शिक्षा जारी रखने और अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करेगी।