कोरबा
कोरबा : सुशासन तिहार का आयोजन, जनसमस्याओं के प्रति राज्य सरकार की संवेदनशीलता – उद्योग मंत्री
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में हुआ सुशासन तिहार जनसमस्या निवारण शिविर


कोरबा। प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, आबकारी व श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने आज कहा कि तपती गर्मी में राज्य के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में एक साथ सुशासन तिहार शिविरों का यह आयोजन आमजनता की समस्याओं के प्रति राज्य सरकार की गहरी संवेदनशीलता का परिचायक है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में शासन प्रशासन आमनागरिकों की समस्याओं के त्वरित व संतुष्टिपूर्ण निराकरण के लिये पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है, समस्याएं दूर हो रही हैं तथा लोगों केा त्वरित राहत मिल रही है।

इस आशय के उद्गार उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा आयोजित सुशासन तिहार शिविर के आयोजन के दौरान कही। यहॉं उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के दिशा निर्देशों के अनुरूप सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ कोरबा जिले एवं नगर पालिक निगम केारबा क्षेत्र में भी सुशासन तिहार मनाया जा रहा है तथा इसके अंतर्गत शिविर आयोजित किये जा रहे हैं। कोरबा निगम क्षेत्र में पहला शिविर विगत 07 मई को कोरबा जोन कार्यालय में आयोजित हुआ था तथा इस कड़ी में आज निगम के टी.पी.नगर जोन कार्यालय परिसर में सुशासन तिहार शिविर का आयोजन किया गया। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने मुख्य अतिथि के रूप में अपनी गरिमामयी उपस्थिति कार्यक्रम को प्रदान की, वहीं कार्यकम की अध्यक्षता महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत के द्वारा की गई।

इस मौके पर उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने अपने उद्बोधन में आगे कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में राज्य सरकार राज्य के सर्वांगीण विकास, नागरिक सेवाओं व सुविधाओं की बेहतरी के साथ-साथ आमजनता की छोटी-बड़ी समस्याओं को दूर करने के लिय पूर्ण रूप से कटिबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री साय स्वयं इस तपती गर्मी में शिविरों में अचानक पहुंच रहे हैं तथा आमजनता की समस्याओं से प्रत्यक्ष रूबरू हो रहे हैं। उन्होने कहा कि प्रदेश के मंत्रीगण, जनप्रतिनिधिगण तथा प्रशासनिक अधिकारी आमजनता के बीच पहुंच रहे हैैं, उनकी समस्याओं को दूर कर रहे हैं। उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने आगे कहा कि डॉ.रमन सिंह के कार्यकाल में भी ऐसे ही शिविर पूरे प्रदेश में लगते थे, अब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में पुनःसुशासन तिहार शिविर पूरे प्रदेश में लगाये जा रहे हैं। मंत्री श्री देवांगन ने आगे कहा कि मुझे खुशी है कि नगर निगम कोरबा की महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत लगातार सक्रिय हैं, आमजनता से सीधे संपर्क करती हैं, उनकी समस्याओ केा जानती समझती है तथा उनका निराकरण कराती है, उन्हीं के मार्गदर्शन में कोरबा नगर निगम ने अनेक उपलब्धियॉं अर्जित की हैं, जिससे हम सभी परिचित हैं। मंत्री श्री देवांगन ने आगे कहा कि जिले के सभी विभाग निगम के साथ कदम से कदम साथ मिलाकर जनसमस्याओं का निराकरण पूरी निष्ठा के साथ करा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में पुनःस्थापित हुआ सुशासन
इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि विगत सवा दो वर्षाे से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ने प्रदेश की कमान अपने हाथ में संभाली हैं, उनकी नीतियों एवं कार्याे की बदौलत छत्तीसगढ़ में अब पुनः सुशासन स्थापित हुआ है। उन्होने कहा कि आमजनता की समस्याएं शीघ्रता से दूर हों, सुशासन तिहार शिविरों का यह प्रमुख उद्देश्य है, मुझे खुशी है कि जिन उद्देश्यों को लेकर यह शिविर लगाये जा रहे हैं, वह उद्देश्य पूरे हो रहे हैं। महापौर श्रीमती राजपूत ने जिला प्रशासन व निगम प्रशासन के अधिकारी कर्मचारियों की सराहना करते हुये कहा कि जिला प्रशासन की पूरी टीम एवं आयुक्त आशुतोष पाण्डेय के देखरेख में निगम के अधिकारी कर्मचारियों की टीम कोरबा के विकास व नागरिकों की समस्याओ को दूर करने की दिशा में बहुत अच्छा कार्य कर रही हैं, जिसके लिये मैं अधिकारी कर्मचारियों को साधुवाद देती हॅू, इन्हीं की बदौलत नगर निगम कोरबा ने अनेक उपलब्धियॉं अर्जित की हैं। उन्होने कहा कि उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन लगातार कोरबा के विकास एवं यहॉं के नागरिकों की समस्याओं को दूर करने के लिये कार्य कर रहे हैं, परिणाम स्वरूप कोरबा विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
आयुक्त ने रखा प्रतिवेदन
इस अवसर निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने टी.पी.नगर जोन के विकास व निर्माण कार्याे, वहॉं की समस्याओं तथा उनके निराकरण की दिशा में उठाये जा रहे कदमों व जोन द्वारा प्राप्त उपलब्धियों के संबंध में विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। आयुक्त श्री पाण्डेय ने बताया कि निगम के टी.पी.नगर जोनांतर्गत कुल 06 वार्ड आते हैं, इन 06 वार्डाे में वर्ष 2023 से अब तक 58 करोड़ 52 लाख रूपये की लागत वाले 120 विकास कार्य स्वीकृत किये गये थे, जिनमें से 68 कार्य पूर्ण हो गये हैं, वहीं 33 कार्य प्रगतिरत हैं, शेष 19 निविदा प्रक्रिया में है। उन्होने प्रधानमंत्री आवास योजना में जोनांतर्गत प्राप्त लक्ष्यों की जानकारी भी शिविर में दी, साथ ही बताया कि कोरबा शहर को स्पोर्ट्स हब बनाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, जिसके तहत स्टेडियम का रेनोवेशन, हाकी स्टेडियम, इंडोर स्टेडियम, एथेलेटिक ट्रेक, नालंदा परिसर एवं 100 सीटर बालक-बालिका छात्रावास का निर्माण कार्य प्रस्तावित है। आयुक्त श्री पाण्डेय ने राजस्व वसूली, राशन कार्ड, श्रद्धांजलि योजना सहित शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किये गये हितग्राहियों की संख्यात्मक जानकारी भी शिविर में प्रस्तुत करते हुये विगत 01 वर्ष के दौरान निगम द्वारा अर्जित प्रमुख उपलब्धियांे व भावी योजनाओं पर भी प्रकाश डाला।
हितग्राहियों को प्रदान किये गये योजनाओं के लाभ
सुशासन तिहार शिविर के आयोजन के दौरान उद्योग मंत्री श्री देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों केा योजनाओं के लाभों से लाभान्वित कराया। इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही पुष्पादेवी चौधरी, विमला श्रीवास व खुशबू बेगम को आवासगृहों की चाबी प्रदान की गई, वहीं हितग्राही भगवती कश्यप, कुंतीबाई केंवट, लक्ष्मीन केंवट, मीना देवी साहू, निर्मला पटेल, रंजनी टेटे, उषा चंद्रा, बलदेव कुमार चौहान, मोहम्मद हसन खान को आवासगृहों के स्वीकृति पत्र प्रदान किये गये। इसी प्रकार पिनबाई चन्द्रा, चन्द्रिका सिदार, तिर्की चौहान, मंगलीन बाई, गंगा साव, शिवकुमारी, रितुदेवी, साजिया सिद्दीकी को विभिन्न राशन कार्ड प्रदान किये गये, तो वहीं अनिता गुप्ता को विधवा पेंशन व झूलराम गोंड़ को वृद्धावस्था पेंशन से लाभान्वित कराया गया। इस मौके पर उद्योग मंत्री श्री देवंागन व महापौर श्रीमती राजपूत ने श्रीमती झमोल बाई को व्हीलचेयर, चमरादास महंत को ट्रायसिकल, राधे साहू को इलेक्ट्रानिक ट्रायसिकल तथा राजेन्द्र दास चतुर्वेदी को श्रवण यंत्र प्रदान किया। निगम के श्रद्धांजलि योजना अंतर्गत हितग्राही मीनाक्षी कोसले, जनकराम निर्मलकर, जमुना दास, लोकेश कुमार, गुलाबा बाई, नरेश कुमार भिमटे, सुखमति चौहान को सहायता राशि के चेक प्रदान किये गये।
13 मई को कोसाबाड़ी जोन में शिविर
सुशासन तिहार 2026 के तहत नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा आयोजित किये जा रहे शिविरों की अगली कड़ी में कोसाबाड़ी जोन में 13 मई को शिविर आयोजित किया जायेगा। इसी प्रकार 15 मई को पं.रविशंकर शुक्ल नगर जोन, 20 मई को बालको जोन, 22 मई को दर्री जोन तथा 25 मई को सर्वमंगलानगर जोन में सुशासन तिहार शिविर आयोजित किये जायेगे।
शिविर के दौरान पार्षद नरेन्द्र देवांगन, रामकुमार साहू, लक्ष्मण श्रीवास, रवि चंदेल, अजय गांेड़, फिरतराम साहू, चेतन सिंह मैत्री, मथुराबाई चन्द्रा, प्रेमलता बंजारे, कोरबा मण्डल अध्यक्ष योगेश मिश्रा, नरेन्द्र पाटनवार, धनसाय साहू, पुनीराम साहू, अपर आयुक्त विनय मिश्रा, अधीक्षण अभियंता सुरेश बरूआ, उपायुक्त पवन वर्मा, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.संजय तिवारी, जोन कमिश्नर अखिलेश शुक्ला, एन.के.नाथ, राकेश मसीह, निगम सचिव रामेश्वर सिंह कंवर, आनंद सिंह राठौर, सचिन तिवारी, भुनेश्वर सिंह, विजय गुप्ता, सुरेश राजवाडे़ आदि के साथ काफी संख्या में अधिकारी कर्मचारीगण व आमनागरिकगण उपस्थित थे।
कुसमुंडा
12 वर्षों का अन्याय और प्रशासन की वादाखिलाफी, गेवरा बस्ती के ग्रामीण 21 मई से करेंगे अनिश्चितकालीन खदान बंदी
कोरबा/कुसमुंडा। एसईसीएल (SECL) कुसमुंडा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम गेवरा बस्ती के ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब दे चुका है। पिछले 12 वर्षों से अपनी जमीन रोजगार और उचित बसाहट के लिए संघर्ष कर रहे ग्रामीणों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। प्रशासन और प्रबंधन को सौंपे गए अल्टीमेटम के अनुसार यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांगों का निराकरण नहीं हुआ, तो 21 मई 2026 से कुसमुंडा खदान का चक्का पूरी तरह जाम कर दिया जाएगा ।

आश्वासनों का जाल और 12 साल का वनवास
ग्रामीणों का आरोप है कि 13 मई 2014 से उनकी जमीनों पर स्टे लगाया गया और 18 जुलाई 2018 को अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन आज तक न तो मुआवजा मिला, न ही नौकरी और बसाहट। ग्रामीणों ने भावुक होते हुए कहा- हम अपने ही घरों में कैदी बन गए हैं। जमीन पर स्टे होने के कारण हम न उसे बेच पा रहे हैं और न ही बच्चों की शादी या अन्य सामाजिक कार्यों के लिए आर्थिक व्यवस्था कर पा रहे हैं ।
जल संकट और खेती की तबाही
विज्ञप्ति के माध्यम से ग्रामीणों ने बताया कि खदान के विस्तार के कारण क्षेत्र का जलस्तर गिर चुका है, खेती पूरी तरह चौपट हो गई है और पीने के पानी की भारी किल्लत है। एसईसीएल प्रबंधन न तो पानी की व्यवस्था कर रहा है और न ही फसल के नुकसान की क्षतिपूर्ति दे रहा है ।
प्रमुख मांगें:-
12 वर्षों से लंबित मुआवजे का तत्काल भुगतान ।
प्रभावित युवाओं को नियमानुसार स्थायी रोजगार ।
बुनियादी सुविधाओं से युक्त बसाहट स्थल का चयन और पुनर्वास ।
खेती और पानी के नुकसान की उचित क्षतिपूर्ति ।
प्रबंधन को अंतिम चेतावनी

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि वे पिछले सात महीनों से लगातार धरना-प्रदर्शन और पत्राचार कर रहे हैं। अधिकारी बार-बार आश्वासन देते हैं, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं होता। अब दफ्तरों के चक्कर लगाते-लगाते थक चुके ग्रामीण मानसिक और आर्थिक रूप से टूट चुके हैं ।
गेवरा बस्ती के ग्रामीणों ने कहा कि अब और आश्वासन नहीं समाधान चाहिए। अगर 15 दिन में हमारी समस्याएँ हल नहीं हुईं तो होने वाले उग्र आंदोलन और खदान बंदी की पूरी जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन की होगी ।

कोरबा
कोरबा में गलत सीमांकन का आरोप, RI-पटवारी को बनाया बंधक:परिवार ने सुसाइड की दी धमकी, 4 पर FIR दर्ज, कलेक्टर से कार्रवाई की मांग
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में जमीन के सीमांकन के दौरान विवाद हो गया। परिवार के लोगों ने गलत नापी का आरोप लगाते हुए राजस्व निरीक्षक (RI) और हल्का पटवारी की कार के आगे बाइक खड़ी कर रास्ता रोक लिया और 2 घंटे तक बंधक बना लिया। इस दौरान पटवारी और ग्रामीण हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। वहीं परिवार के सदस्य ने रस्सी लाकर “सुसाइड कर लूंगा” की धमकी दी।
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी वायरल हो रहा है। इस मामले में पटवारी ने परिवार के शिकायत की है। रिपोर्ट पर पुलिस ने चार ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

इधर, ग्रामीणों ने राजस्व निरीक्षक और पटवारी पर गलत सीमांकन और झूठा मामला दर्ज करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। यह मामला करतला थाना क्षेत्र के नोनबिर्रा गांव का है।

पटवा


दरअसल, यह घटना 8 मई को हुई। पटवारी भरत चौहान ने बताया कि वे राजस्व निरीक्षक जयपाल सिंह के साथ नायब तहसीलदार करतला के आदेश पर नोनबिर्रा के बनियापारा पहुंचे थे। यहां आवेदक संतराम की जमीन (खसरा नंबर 643/1, रकबा 0.085 हेक्टेयर) का सीमांकन किया जाना था।
सूचना देने के बाद मौके पर खसरा नंबर 643 की सभी जमीन की नाप-जोख की गई और इसकी जानकारी आवेदक को दे दी गई।
बाइक खड़ी कर कार का रास्ता रोका
दोपहर करीब 1 बजे आवेदक संतराम, उनके बेटे लीलाधर पटेल, हुकूम चंद और हरिराम ने सीमांकन पर आपत्ति जताई और विवाद करने लगे। इस दौरान उन्होंने राजस्व निरीक्षक (RI) और पटवारी की कार के पीछे मोटरसाइकिल खड़ी कर रास्ता रोक दिया। लीलाधर ने रस्सी लाकर “सुसाइड कर लूंगा” की धमकी दी।
अधिकारियों पर पैसे लेकर गलत सीमांकन का लगाया आरोप
पटवारी ने आरोप लगाया कि परिवार के लोगों ने अधिकारियों से गाली-गलौज की और कहा कि “गलत तरीके से नाप-जोख कर रहे हो, पैसे लेकर सीमांकन कर रहे हो।”
उन्होंने यह भी धमकी दी कि जब तक नायब तहसीलदार, कलेक्टर या थाना प्रभारी (TI) मौके पर नहीं आते, तब तक उन्हें जाने नहीं दिया जाएगा। करीब दो घंटे तक दोनों अधिकारियों को रोके रखा गया, जिससे सरकारी काम में बाधा आई। साथ ही उन्हें जान से मारने और झूठे मामले में फंसाने की धमकी भी दी गई।
चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
करतला थाना पुलिस ने पटवारी भरत चौहान की रिपोर्ट पर संतराम, लीलाधर पटेल, हरिराम और हुकूमचंद पटेल के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ये सभी नोनबिर्रा के बनियापारा के रहने वाले हैं।
इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2), 221, 296, 3(5) और 351(3) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
वहीं, परिवार का आरोप है कि वर्षों से सीमांकन की समस्या बनी हुई है। उनका कहना है कि जिस जमीन की नाप होनी चाहिए, उसे छोड़कर दूसरी जमीन की नापी की जा रही है।

कलेक्टर से की निष्पक्ष जांच की मांग
इधर, परिवार के लोगों ने प्रशासन पर गलत सीमांकन और झूठा मामला दर्ज करने का आरोप लगाया है। परिवार ने सोमवार की सुबह जनदर्शन में कलेक्टर को आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
परिवार का आरोप है कि उनकी जमीन पर दूसरे पक्ष के लोग अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य कर रहे हैं। इसकी शिकायत कई बार पटवारी, आरआई और अन्य अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
परिवार के अनुसार, 8 मई 2026 को जमीन का सीमांकन किया गया, लेकिन यह सीमांकन गलत और पक्षपातपूर्ण था।
उन्होंने आरोप लगाया कि सीमांकन विपक्षी पक्ष से मिलीभगत और रिश्वत लेकर किया गया। उनका कहना है कि सीमांकन के दौरान विरोध करने पर विवाद की स्थिति बन गई। बाद में तहसीलदार मौके पर पहुंचे और सोमवार को दोबारा आवेदन देने पर अवैध निर्माण पर रोक लगाने का आश्वासन दिया गया।
आरोप है कि इसके बाद संबंधित पटवारी ने खुद को बचाने और मामले को दबाने के लिए किसानों के खिलाफ ही झूठा मामला दर्ज करा दिया। किसानों ने इसे दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
कोरबा
सुशासन तिहार कैंप में बुजुर्ग दादा की गुहार: “नाती-नातिन को मिल जाए निशुल्क शिक्षा”
कोरबा। चिलचिलाती धूप और तेज गर्मी के बीच सोमवार को इंदिरा स्टेडियम, परिवहन नगर में आयोजित सुशासन तिहार 2026 शिविर में एक मार्मिक तस्वीर देखने को मिली। वार्ड क्रमांक 19 पथरीपारा निवासी जीवराखन विश्वकर्मा (60 वर्ष) अपने 8 वर्षीय नाती उमाशंकर विश्वकर्मा और 7 वर्षीय नातिन सृष्टि विश्वकर्मा को साथ लेकर शिविर पहुंचे और शासन से दोनों बच्चों की निशुल्क शिक्षा की गुहार लगाई।बुजुर्ग जीवराखन विश्वकर्मा ने शिविर में मौजूद अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि करीब पांच वर्ष पहले उनके पुत्र का निधन हो गया था। पुत्र की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी मजदूरी कर किसी तरह परिवार का पालन-पोषण कर रही थीं, लेकिन एक सप्ताह पूर्व उनकी भी मौत हो गई। लगातार हुए इन पारिवारिक हादसों के बाद अब दोनों मासूम बच्चों की जिम्मेदारी पूरी तरह उन पर आ गई है।

उन्होंने बताया कि बढ़ती उम्र और आर्थिक तंगी के कारण बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठा पाना उनके लिए संभव नहीं है। इसी उम्मीद के साथ वे सुशासन तिहार शिविर पहुंचे हैं कि शासन उनकी मदद करेगा और दोनों बच्चों को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।

शिविर में मौजूद लोगों ने भी बुजुर्ग की व्यथा सुनकर संवेदना व्यक्त की। कई लोगों की आंखें नम हो गईं। जीवराखन विश्वकर्मा बार-बार यही कहते नजर आए कि वे चाहते हैं कि उनके नाती-नातिन पढ़-लिखकर आगे बढ़ें और जीवन में कुछ अच्छा करें।
इस दौरान छत्तीसगढ़ शासन के श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने बुजुर्ग से आवेदन प्राप्त कर अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। मंत्री देवांगन ने कहा कि राज्य सरकार जरूरतमंद और गरीब परिवारों के बच्चों की शिक्षा को लेकर गंभीर है। उन्होंने कहा, “सुशासन तिहार का उद्देश्य ही आम लोगों की समस्याओं का समाधान करना है। जीवराखन विश्वकर्मा की स्थिति बेहद संवेदनशील है। बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो, इसके लिए संबंधित विभाग को उचित पहल करने के निर्देश दिए गए हैं। शासन स्तर पर जो भी संभव सहायता होगी, वह प्रदान की जाएगी।”अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि सुशासन तिहार शिविर में दिए गए आवेदन पर शासन-प्रशासन कितनी तत्परता से कार्रवाई करता है और दोनों बच्चों को शिक्षा का अधिकार दिलाने की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं।
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