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छत्तीसगढ़

क्षत्रिय करणी सेना अध्यक्ष बोले-छत्तीसगढ़ में पुलिसवालों के घर घुसेंगे:वीरेंद्र तोमर के सपोर्ट में कहा-आतंकवादी था क्या, जो जुलूस निकाला, 7 दिसंबर को आंदोलन

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रायपुर,एजेंसी। क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ राज शेखावत ने सूदखोर वीरेंद्र तोमर के जुलूस निकालने का विरोध किया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट में करीब 1 घंटे तक लाइव आकर समाज के लोगों से कहा कि छत्तीसगढ़ में कुछ पुलिस अधिकारियों ने गलत किया है। तोमर कोई आतंकवादी था क्या जिसका जुलूस निकाला गया।

उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा कि क्षत्रिय समाज के लाखों लोग बहुत जल्द रायपुर कूच करेंगे। हम उन पुलिस वालों के घर में भी घुसेंगे जो तोमर के घर के अंदर घुसे थे। इसके अलावा शेखावत ने इस कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देने की बात कही है।

राज शेखावत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है कि छत्तीसगढ़ में 7 दिसंबर को न्याय महापंचायत की जाएगी। वहीं 3 महीने पहले राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने रायपुर में कहा था कि हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर का करणी सेना से कोई संबंध नहीं है।

क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ राज शेखावत ने वीरेंद्र तोमर के जुलूस निकालने का विरोध किया है।

क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ राज शेखावत ने वीरेंद्र तोमर के जुलूस निकालने का विरोध किया है।

शेखावत के बयान की मुख्य बातें-

पुलिस वालों को कहा- डूब मरो

शेखावत ने कहा कि वीरेंद्र तोमर एक व्यापारी था। उसने लोगों को जरूरत पड़ने पर पैसे दिए। उन पैसों को वापस मांगा। वह व्यापारी था इसी तरह लाखों लोग फाइनेंस का काम करते हैं। लेकिन प्रशासन ने नेताओं के दबाव में आकर उस पर निर्दयता से कार्रवाई की।

वीरेंद्र तोमर को तपती धूप में नंगे पैर हथकड़ियों में जकड़कर ले जाया गया। उसकी तबीयत बिगड़ी है वह रोड पर गिर जाता है तो कुछ पुलिसकर्मी उस पर पैर रखकर खड़े करने की कोशिश करते हैं। ऐसे पुलिसवाले डूब मरो।

पुलिस न्याय और अधिकार दिलाने का काम करती है, लेकिन आप लोग एक निहत्थे व्यक्ति पर पिछले कई महीनों से अत्याचार कर रहे हो।

चाय बेचने वाला प्रधानमंत्री बना, अंडे का ठेला वाला व्यापारी नहीं बन सकता

शेखावत ने कहा कि जब देश में चाय बेचने वाला प्रधानमंत्री बन सकता है तो क्या अंडे का ठेला लगाने वाला व्यापारी नहीं बन सकता। इसमें किसी को आपत्ति क्या है।

वीरेंद्र तोमर व्यापारी है व्यापार करता है। लाइसेंस लेकर व्यापार करता है। उसने किसी को भी जोर जबरदस्ती में पैसे नहीं दिए हैं। जिसे जरूरत थी वह खुद चल कर आया था। सभी पेपर पर हस्ताक्षर किए थे। फिर इसमें गलत क्या है।

वीरेंद्र तोमर के सपोर्ट में आए करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष।

वीरेंद्र तोमर के सपोर्ट में आए करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष।

सभी क्षत्रिय तैयार रहे मैं आ रहा हूं, घर में घुसेंगे

शेखावत बोले की मैं छत्तीसगढ़ आ रहा हूं। जितने भी क्षत्रिय है चाहे वह वहां का लोकल हो या बाहर से आया हो या ओबीसी श्रेणी से आता हो। आप सभी तैयार रहिए जो भी अधिकारी, नेता मंत्री इसमें लिप्त होंगे उसके घर में घुसकर जवाब दिया जाएगा।

जिससे यह किसी पर अत्याचार करने से पहले 100 बार सोचे। वीरेंद्र के छोटे भाई के अपराध के लिए केवल उस पर कार्रवाई करनी थी। लेकिन बड़े भाई उसकी पत्नी और मां को जोड़ दिया। घर में घुसकर झूठे केस बनाए गए। उनसे छेड़छाड़ की गई।

शेखावत ने कहा कि वीरेंद्र तोमर व्यापारी है व्यापार करता है। किसी को भी जोर जबरदस्ती में पैसे नहीं दिए हैं।

शेखावत ने कहा कि वीरेंद्र तोमर व्यापारी है व्यापार करता है। किसी को भी जोर जबरदस्ती में पैसे नहीं दिए हैं।

टीआई ने माता-बहनों को मारा

शेखावत ने कहा कि टीआई योगेश कश्यप ने माता बहनों को मारा। उसे शर्म आनी चाहिए। टीआई को किसने अधिकार दिया मारपीट करने का। संविधान में अधिकार है क्या? संविधान कहता है आप आरोपी को गिरफ्तार करो और कोर्ट को सौंप दो। लेकिन पुलिस अधिकारी ने दादागिरी की।

हम भी उसके घर में घुसकर महसूस कराएंगे कि घर परिवार को तंग करने से क्या होता है। आगे शेखावत ने कहा कि SP साहब ये सरकार चली जाएगी लेकिन आप कहा जाओगे। हम जिस तरह से यह मूवमेंट चला रहे हो यह आपको बहुत भारी पड़ेगा। आक्रामकता से आंदोलन होगा।

सभी क्षत्रिय मजबूत डंडा लेकर आना

शेखावत ने सभी क्षत्रियों को कहा कि मजबूत दंडा और केसरिया झंडा लेकर आना। मुंह तोड़ जवाब देना है। SP डॉ लाल उम्मेद सिंह साहब हम आपके ऑफिस में नहीं आएंगे घर पर आएंगे।

हम आरपार वाले हैं। मैं फौजी आदमी हूं, एक फौजी आपको ललकार रहा है। हो सके तो रोक लेना। लाखों की संख्या में आपके घर आ रहे हैं। जितनी पुलिस फोर्स बुलाना है, बुला लेना हमें रोक नहीं पाओगे।

समीर बिश्नोई रानू साहू का जुलूस क्यों नहीं निकला

शेखावत ने सोशल मीडिया में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स को दिखाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में बड़े-बड़े घोटाले के आरोपी जेल में बंद थे। इनका क्यों जुलूस नहीं निकाला गया।

तोमर कोई आतंकवादी थोड़ी था जो उसका जुलूस निकाला गया। समीर विश्नोई, रानू साहू जैसे लोगों ने गलत किया बड़े-बड़े घोटाले में नाम आए। इनका जुलूस क्यों नहीं निकाला गया। न्याय सबके लिए एक बराबर हैं।

गृहमंत्री को बोले- प्रधानमंत्री से पूछ लेना राज शेखावत कौन है

राज शेखावत में छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा को कहा कि आपको पूरा मामला पता है। उसके बावजूद आपकी पुलिस ने जबरदस्ती कार्रवाई की। जरूरत पड़ी तो हम आपके बंगले में भी घुसेंगे। मैं गुजरात में रहता हूं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से पूछ लेना राज शेखावत कौन है।

मैंने कई आतंकवादियों को गोली मारी है। स्वाभिमानी फौजी हूं। शेखावत में आगे कहा कि यदि फिर सत्ता का दुरुपयोग किया जाता है तो यह ठीक नहीं होगा। सरकार को अपनी गलती सुधारना चाहिए।

रोहित तोमर को बाप की तरह वीरेंद्र ने पाला है

शेखावत ने कहा कि रोहित तोमर ने मारपीट की थी। तो सामने वाली की भी गलती होगी। पुलिस सही तरीके से जांच करती लेकिन वह वीरेंद्र के पीछे पड़ गई। वीरेंद्र ने रोहित तोमर को एक बाप की तरह पाला है।

रोहित तोमर के पीछे जबरन पड़ गया तो उसका बाप उसके लिए खड़ा नहीं होगा क्या? यदि रोहित ने गलत किया तो FIR दर्ज करते उसे कोर्ट में खड़े करते लेकिन खुद न्याय करने लग गए। अब हम इन प्रशासन के अधिकारियों के खिलाफ RTI लगाएंगे इनके कारनामों को दिखाएंगे।

रायपुर पुलिस ने निकाला था हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर का जुलूस।

रायपुर पुलिस ने निकाला था हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर का जुलूस।

वीरेंद्र तोमर का पुलिस ने निकाला था जुलूस

बता दें कि 10 नवंबर को रायपुर पुलिस ने सूदखोरी, रंगदारी और अवैध हथियार रखने के मामले में गिरफ्तार हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने तोमर को 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। कल यानी 14 नवंबर को तोमार की रिमांड खत्म होगी। रायपुर पुलिस ने 5 महीने बाद MP के ग्वालियर से गिरफ्तार किया था।

रायपुर पुलिस ने कोर्ट में पेश करने से पहले 9 नवंबर को वीरेंद्र तोमर का जुलूस निकाला। इस दौरान वीरेंद्र तोमर लंगड़ाते हुए चल रहा था। बनियान फटी हुई थी। कुछ देर बाद वह चलते-चलते रोड पर बेहोश हो गया था। इस दौरान तोमर की पत्नी ने गुस्से में पुलिस से कहा था कि मेरे पति को मार डालो।

वहीं इससे पहले ACCU कार्यालय में वीरेंद्र तोमर से पूछताछ की गई। वीरेंद्र का भाई रोहित तोमर अभी भी फरार है। एक टीम रोहित तोमर की तलाश में जुटी है। दोनों भाइयों पर रायपुर के कई थानों में 16 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। इनमें चाकूबाजी, मारपीट, हत्या का प्रयास, धमकी, धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग जैसे मामले शामिल हैं।

3 महीने पहले मकराना ने कहा था- तोमर भाइयों से संबंध नहीं

राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने रायपुर में कहा था कि हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर का करणी सेना से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा था कि कुछ जगहों पर वीरेंद्र सिंह तोमर द्वारा करणी सेना के नाम का दुरुपयोग किया जा रहा है।

इसको लेकर संगठन में कार्यकर्ताओं की बैठक भी की गई, जिसमें तय किया गया कि करणी सेना का नाम किसी भी प्रकार से निजी स्वार्थ के लिए इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि करणी सेना एक सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन है। इसका किसी प्रकार की अवैध गतिविधियों से कोई लेना-देना नहीं है।

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छत्तीसगढ़

महासमुन्द : बारनावापारा अभयाण्य में “बर्ड सर्वे 2026” का आयोजन,200 से अधिक पक्षी प्रजातियों का रिकॉर्ड दर्ज

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देश के 11 राज्यों के प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा,अभयारण्य क्षेत्र में जैव विविधता का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण, बर्डिंग कल्चर एवं इको पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

महासमुन्द। बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में 16 से 18 जनवरी 2026 तक “बर्ड सर्वे 2026” का आयोजन किया गया। सर्वे के दौरान पक्षियों की अच्छी विविधता देखने को मिली। अब तक प्राप्त डेटा के अनुसार इस सर्वे में लगभग 202 पक्षी प्रजातियों का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है।

इस सर्वे में देश के 11 राज्यों महाराष्ट्र, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, बिहार, राजस्थान, केरल एवं कर्नाटक से आए 70 प्रतिभागियों, 12 वॉलंटियर्स, विशेषज्ञों एवं फोटोग्राफर्स सहित लगभग 100 लोगों की सहभागिता रही।यह बर्ड सर्वे केवल बारनवापारा अभ्यारण्य तक सीमित न होकर उसके आसपास से जुड़े कोठारी, सोनाखान एवं देवपुर परिक्षेत्रों में भी किया जा रहा है। सर्वे के दौरान प्रतिभागियों द्वारा संग्रहित पक्षी आंकड़े वैश्विक डाटाबेस का हिस्सा बनेंगे।अभयारण्य क्षेत्र में जैव विविधता का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण, बर्डिंग कल्चर एवं इको पर्यटन को बढ़ावा देने में सहायक होग़ा। सर्वे में प्रमुख विशेषज्ञों  में डॉ. हकीमुद्दीन एफ. सैफी, डॉ. जागेश्वर वर्मा,  मोहित साहू एवं सोनू अरोरा की सहभागिता रही।

सर्वे के आकर्षण बने प्रमुख प्रजातियां-इस सर्वे में विशेष रूप से कुछ प्रजातियाँ प्रतिभागियों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहीं, जिनमें बार-हेडेड गूज उल्लेखनीय रही, जो प्रायः मध्य एशिया के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में प्रजनन करती है तथा सर्दियों में भारत सहित दक्षिण एशिया के जलाशयों और खेतों में देखी जाती है। इसी प्रकार आर्द्र घासभूमि, धान के खेतों, दलदली क्षेत्रों एवं नदी किनारे पाए जाने वाले ग्रे-हेडेड लैपविंग, शिकारी पक्षी प्रजाति पेरेग्रिन फाल्कन, ब्लू-कैप्ड रॉक थ्रश, यूरेशियन स्पैरोहॉक,वन पारिस्थितिकी में बीज प्रसार के लिए महत्वपूर्ण माना जाने वाला ऑरेंज-ब्रेस्टेड ग्रीन पिजन का अवलोकन भी आकर्षण का केंद्र बना।

बर्ड सर्वे के सबंध में वनमण्डलाधिकारी गणवीर धम्मशील  ने बताया कि बारनवापारा सेंट्रल छत्तीसगढ़ की जैव विविधता का प्रतिनिधित्व करता है, जहाँ मिश्रित एवं साल वनों के साथ विभिन्न प्रकार के पारिस्थितिक परिदृश्य मौजूद हैं। इस सर्वे से प्राप्त डेटा आगे चलकर अभयारण्य में आवश्यक प्रबंधन कार्ययोजनाओं की पहचान में सहायक होगा, खासतौर पर उन पक्षी प्रजातियों के संरक्षण कार्य में जिनकी संख्या में गिरावट देखी जा रही है।

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छत्तीसगढ़

वीबी-जी राम जी योजना से करमरी में आत्मनिर्भरता को मिली नई दिशा

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डबरियों से मछली पालन, सिंचाई सुविधा, दलहन-तिलहन की खेती तथा उद्यानिकी गतिविधियों को मिल रहा बढ़ावा

मोहला-मानपुर-अम्बागढ़। आदिवासी बहुल एवं कृषि आधारित आजीविका वाले मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले की ग्राम पंचायत करमरी में वीबी-जी राम जी (विकसित भारत ग्राम गारंटी) योजना के अंतर्गत आज जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और विकासोन्मुख नारों के साथ योजना का स्वागत किया। ग्रामीणों द्वारा मानव श्रृंखला बनाकर “आत्मनिर्भर गांव-विकसित भारत” का संदेश भी दिया गया। 

कार्यक्रम के अंतर्गत कन्वर्जेंस आधारित आजीविका डबरी जैसे कृषि, मछली तालाब निर्माण कार्यों का अवलोकन किया गया। ये कार्य कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, सीआरईडीए एवं वन विभाग के आपसी समन्वय से तैयार कार्य योजना के अनुसार संचालित किए जा रहे हैं। इन आजीविका डबरियों से मछली पालन, सिंचाई सुविधा, दलहन-तिलहन की खेती तथा उद्यानिकी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे आदिवासी एवं सीमांत किसानों को स्थायी आजीविका, खाद्य सुरक्षा और अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध होंगे।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह ने ग्रामीणों को संबोधित किया। उन्होंने वीबी-जी राम जी योजना के उद्देश्यों, स्थानीय रोजगार सृजन और कन्वर्जेंस मॉडल की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर सक्रिय सहभागिता, पारदर्शिता और सामुदायिक स्वामित्व के बिना किसी भी योजना की सफलता संभव नहीं है, और  वीबी-जीराम जी इन मूल सिद्धांतों पर आधारित है।

कार्यक्रम के दौरान हितग्राही विनोद कुमार एवं दलपत साई मेहरू राम को मछली जाल का वितरण किया गया। इससे मछली पालन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा और ग्रामीणों में स्वरोजगार के प्रति उत्साह बढ़ेगा। हितग्राहियों ने बताया कि योजना से प्राप्त सहयोग के माध्यम से वे मछली पालन के साथ-साथ दलहन-तिलहन की खेती भी करेंगे, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि होगी और परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ बनेगी।ग्रामीणों ने वीबी-जीराम जी योजना को आदिवासी बहुल, कृषि-आधारित जिले के लिए सर्वांगीण विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। गांव आत्मनिर्भर होंगे, तभी भारत विकसित बनेगा के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

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खेल

केंद्रीय खेल मंत्री से मिले ओलिंपिक संघ के सचिव सिसोदिया:40वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन छत्तीसगढ़ में किए जाने का किया आग्रह

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रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ ओलिंपिक एसोसिएशन के महासचिव डॉ. विक्रम सिंह सिसोदिया ने नई दिल्ली में केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के आयोजन के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया।

बैठक में डॉ. सिसोदिया ने छत्तीसगढ़ में चल रही खेल गतिविधियों की विस्तृत जानकारी साझा की। सिसोदिया ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, जो छत्तीसगढ़ ओलिंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं, लगातार खेल अधोसंरचना और खिलाड़ियों के विकास के लिए प्रयासरत हैं।

महासचिव ने केंद्रीय खेल मंत्री से आग्रह किया कि मेघालय में प्रस्तावित 39वें राष्ट्रीय खेलों के बाद 40वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन फरवरी 2028 में छत्तीसगढ़ को सौंपा जाए। इससे राज्य के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलने के साथ-साथ खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर मंच मिलेगा।

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