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कोरबा

कार्यस्थल पर यौन उत्पीडऩ अधिनियम के रोकथाम हेतु विधिक कार्यक्रम: पीडि़त महिलाएं संकोच न करें, आवाज उठाएं

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कोरबा। छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के प्लान आफ एक्शन अनुसार 03 अगस्त 2024 को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा के एडीआर भवन जिला न्यायालय परिसर कोरबा में कार्यस्थल में कार्य करने वाली महिलाओं के यौन उत्पीडऩ के रोकथाम हेतु जागरूक किये जाने हेतु विधिक जागरूकता शिविर सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। उक्त अवसर पर सत्येन्द्र कुमार साहू, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा के द्वारा सभी उपस्थित महिलाओं का अभिनंदन व स्वागत करते हुए कहा कि भारतीय सभ्यता का यह इतिहास रहा है कि महिलाओं को सबसे पहले बड़े सम्मानपूर्ण देखा जाता रहा है। उसके पश्चात् युग बदलता गया। महिलाओं को कई बार प्रताडि़त होना पड़ा, अपमान सहना पड़ा। उसके बाद नियम बनाये गये तथा सतीप्रथा का विरोध कर रोक लगाई गई और अब नया अधिनियम लागू किया गया कि यौन उत्पीडऩ के रोकथाम अधिनियम 2013 लागू किया गया। यौन उत्पीड़ऩ की घटना के रोकथाम करने तथा अधिनियम का प्रचार-प्रसार करने के लिये कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। महिला जो हमारे घर को संवारती है संभालती है, व्यवस्था को वही कायम रखती है। अब महिलाएं भी कार्य करने के लिये बाहर जाते हैं, तो सजग रहने की आवश्यकता है। कार्यस्थल पर किसी के साथ महिला प्रताडऩा जैसी घटना सामने आती हैं तो तुरंत कार्यवाही करवाएं। पहले महिलाएं घर से निकलती नहीं थी अब शाम रात में भी महिलाएं स्वतत्रंता से आवागमन कर रही हंै। जहां महिलाएं प्रताडि़त हो रही हैं, वहां हम सबको जागरूक होने की आवश्यकता है। इस अधिनियम के तहत और विधिक गतिविधियों का आयोजन होना चाहिए, जिसके लिये आप सभी अपना अपना प्रस्ताव रख सकते हैं।
जयदीप गर्ग, विशेष न्यायाधीश एस्ट्रोसिजिट एक्ट, कोरबा ने कहा -कार्यस्थल पर यौन उत्पीडऩ अधिनियम के अंतर्गत हमें सतर्क और सावधान रहने की आवश्यकता है। महिलाओं को यह आवश्यक है कि जब उसके साथ कोई यौन उत्पीडऩ या अन्य किसी प्रकार के व्यवहार करता है जो अभद्रता पूर्ण हो तो महिला को शिकायत किसी अधिकारी के समक्ष रखता तो है, लेकिन जब कार्यस्थल पर यह घटना हो रही है तो महिला जोर से चिल्ला कर उसके व्यवहार का विरोध करें, जिससे पीडि़त महिला को हिम्मत भी मिलेगा और अपराधी दुबारा हरकत करने से हिचकिचायेगा।
श्रीमती गरिमा शर्मा, प्रथम जिला अपर सत्र न्यायाधीश, कोरबा के द्वारा कहा गया कि यौन उत्पीडऩ में सामने वाले का इंटेनशन देखना जरूरी हो जाता है। जब यौन उत्पीडऩ में विभिन्न तरह की धाराएं और उसमें इन्टेशन को देखना जरूरी होता है। कोई भी व्यक्ति यदि दुव्र्यव्हार करता है, तो संकोच किये बिना उसके खिलाफ एक्शन होना चाहिये तथा संबंधित अधिकारी के समक्ष निष्पक्ष रूप से रखना उचित होगा। हमारे विधिक साक्षरता शिविर लगाने का उद्देश्य ही यही है कि लोगों को यौन उत्पीडऩ से संबंधित जानकारी दे सकंे और संकोच को खत्म होना जरूरी है। कार्यस्थल पर महिलाओं को सिफ दो चीजों को ध्यान केन्द्रित करना आवश्यक है। एक एैसा माहौल जिसमें स्वतंत्रता महसूस हो। स्वतंत्रता से कार्य कर सकें। कार्यस्थल पर हमें बाधाएं पहुंचायी जाती हैं, तो हमें अधिकारी से शिकायत और अपना बचाव सुरक्षित करना आवश्यक हो जाता है। यदि एक बार कोई ऐसा व्यवहार करता है तो हम उसे अनदेखा कर सकते हैं, लेकिन बार-बार करने पर संज्ञानता में आना उचित होगा।
श्रीमती नेहा वर्मा, डी.एस.पी. कार्यस्थल पर यौन उत्पीडऩ अधिनियम 2013 के तहत् कोई व्यक्ति कार्यकारिणी महिला को यौन उत्पीडऩ के अंतर्गत प्रताडि़त करता है तो उसे अपने उपर हावी नहीं होने देना चाहिये बल्कि उसकी इस हरकत को सक्षम अधिकारी के समक्ष रखना उचित होगा। इस प्रकार प्रीवेशन आफ सेक्युअल वाईलेंस भारत मेंं 2013 में कामकाजी महिलाओं के साथ होने वाले यौन उत्पीडऩ को रोकने के लिये अधिनियम बनाया गया है। जिसे पोश (प्रीवेशन आफ सेक्युअल हैरेसमेंट एट वर्कप्लेस) इसके तहत् शिकायत की जा सकती है। शारीरिक उत्पीडऩ जैसे हमारे बाल, कंधे, कपड़े या ऐसे जगह में छूना हम पसंद नहीं करते है या छूने को कोशिश बार-बार करता है। यौन उत्पीडऩ के अंतर्गत आता है। जिसकी शिकायत सक्षम अधिकारी के समक्ष होना चाहिये।
श्रीमती रजनी मारिया, जिला महिला संरक्षण अधिकारी के द्वारा कार्यस्थल पर कामकाजी महिलाओं के विरूद्ध होने वाले यौन उत्पीडऩ का अधिनियम क्योंं बनाया गया कि विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी।
कु. डिम्पल, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा के द्वारा कार्यस्थल पर कामकाजी महिलाओं के यौन उत्पीडऩ अधिनियम बनाने का उद्देश्य क्या था, यौन उत्पीडऩ के इतिहास एवं होने वाले प्रभाव से संबंधित जानकारी प्रदान की। उपस्थित न्यायाधीश ओंकार प्रसाद गुप्ता, प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय कोरबा, जिला अपर सत्र न्यायाधीश, श्रीमती ममता भोजवानी, ज्योति अग्रवाल, अश्वनी चतुर्वेदी, कृष्ण कुमार सूर्यवंशी, मुख्य न्यायिक मजि. सीमा प्रताप चन्द्रा, व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी श्रीमती प्रतिक्षा अग्रवाल, मंजीत जांगड़े, नवनियुक्त व्यवहार न्यायाधीश लवकुमार एवं कार्यक्रम में उपस्थित पुलिस, महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मितानीन एवं जिला न्यायालय कोरबा के महिला कर्मचारी, महिला पैरालीगल वॉलीण्टियर्स एवं इस कार्यक्रम को सफल बनाने में आवश्यक रूप से सहयोग प्रदान करने वाले कर्मचारी का आभार प्रकट किया गया।

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कोरबा

डीएमएफ परियोजनाओं में परिणाम आधारित कार्य करें सुनिश्चितः- कलेक्टर कुणाल दुदावत

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जिले में कृषि विकास को गति व कृषक हितों को सशक्त बनाने कलेक्टर ने कृषि एवं संबद्ध विभागो की ली बैठक

विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी गंभीरता व जवाबदेही के साथ काम करने हेतु किया निर्देशित

सभी शासकीय फार्म्स में धागाकरण यूनिट प्रारम्भ करने प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के दिए निर्देश

लाख पालन विकास हेतु ठोस रूपरेखा के साथ प्रस्ताव बनाने के निर्देश

पपीता व ऑयल पाम प्लांटेशन के लिए स्थान सुनिश्चित करने हेतु किया निर्देशित
जिले में द्विफसली क्षेत्र विस्तार, मिलेट, दलहन तिलहन के उत्पादन बढ़ाने हेतु किया निर्देशित

कोरबा। जिले में कृषि विकास को गति देने व कृषक हितों को सशक्त बनाने हेतु कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कृषि एवं संबद्ध विभागों के अधिकारियों की  बैठक ली। उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति, आगामी वर्ष की रणनीति और डीएमएफ से स्वीकृत कार्यों की वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा की।  कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ काम करने हेतु निर्देशित किया, जिससे योजनाओं का प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित हो और निर्धारित लक्ष्यों में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल की जा सके और किसानों को वास्तविक लाभ प्राप्त हो।

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए कृषि अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से किसानों के उत्पादन में सुधार सुनिश्चित करने  एवं उनकी  आय में बढ़ोत्तरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को जिले में द्विफसली क्षेत्र के विस्तार को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।  किसानों को खरीफ मौसम में फसल विविधीकरण और रबी के फसलों का क्षेत्र विस्तार सुनिश्चित करने निर्देशित किया। जिले में मक्का, रागी, कोदो जैसे मिलेट एवं दलहन- तिलहन फसलों के उत्पादन को भी बढ़ावा देने की बात कही।
कलेक्टर ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत शत-प्रतिशत किसानों को लाभान्वित करने एवं ई-केवाईसी, आधार सीडिंग, लैंड सीडिंग एवं एग्रीस्टेक पंजीकरण के निर्धारित लक्ष्यों को पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति हेतु जमीनी स्तर पर एसएडीओ और आरईओ की जवाबदेही तय करने एवं आने वाले दिनों में कैम्प लगाकर लक्ष्य हासिल करने निर्देश दिए। उन्होंने नए एफपीओ गठन में वृद्धि लाने की बात कही। उन्होंने खरीफ सीजन के लिए अग्रिम खाद एवं बीज के उठाव में तेजी लाने के निर्देश दिए।

उद्यानिकी विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी शासकीय रोपणियों की स्थिति और रोपित पौधों की अद्यतन जानकारी ली तथा उनसे होने वाली आय में वृद्धि के उपायों पर जोर दिया। उन्होंने ऑयल पाम के पौधारोपण के लिए प्रस्ताव तैयार कर स्थान चिन्हांकन करने, जिले के एक ब्लॉक में वृहद स्तर पर पपीता प्लांटेशन विकसित करने, मधुमक्खी पालन के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने तथा मसाला फसलों के क्षेत्र विस्तार को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कृत्रिम गर्भाधान के निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को पशु नस्ल सुधार के लिए पशुपालकों को जागरूक एवं प्रेरित करने की बात कही।  कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं के तहत बैकयार्ड कुक्कुट, नर बकरा एवं सुकरत्रयी वितरण की प्रगति की जानकारी लेते हुए पशु टीकाकरण में प्रगति लाने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पशु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल यूनिट के माध्यम से सेवाओं का विस्तार और प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के लिए कहा। मत्स्य संपदा विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जिले में संचालित हैचरी की स्थिति, स्पान उत्पादन एवं निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्पान उत्पादन में वृद्धि कर लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर ने  मत्स्य पालकों को अधिक से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड  से जोड़ने हेतु निर्देशित किया। इससे उन्हें आर्थिक सशक्तिकरण में मदद मिलेगी। साथ ही विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के लोगों को मछली पालन के लिए प्रेरित कर उनकी आय वृद्धि के अवसर सृजित करने के निर्देश भी दिए।
रेशम विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने नर्सरियों की स्थिति एवं संचालित कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने टसर एवं मलबरी रेशम उत्पादन की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसके क्षेत्र विस्तार के लिए सर्वे कर उपयुक्त स्थानों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने सभी शासकीय फार्म्स में धागाकरण यूनिट प्रारंभ करने हेतु प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया, साथ ही कार्यरत स्व-सहायता समूहों की आय बढ़ाने के लिए ठोस पहल करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने जिले में लाख उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस पहल करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके लिए सुव्यवस्थित कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए, ताकि इस क्षेत्र में आय सृजन के नए अवसर विकसित किए जा सकें।
कलेक्टर ने कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों को जिले में कृषि विकास की संभावनाओं पर गंभीरता व व्यक्तिगत रुचि के साथ कार्य करने तथा नवाचारों और वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से किसानों को लाभान्वित करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएं हेतु निर्देशित किया।
कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे विभागीय योजनाओं की लक्ष्यपूर्ति के लिए पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उन्होंने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए ठोस और परिणाममुखी कार्ययोजना तैयार करने तथा परंपरागत योजनाओं के लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति हेतु अभी से तैयारी शुरू कर आवश्यक प्रकरण तैयार करने को कहा।

कलेक्टर श्री दुदावत ने डीएमएफ अंतर्गत आउटपुट एवं आउटकम आधारित कार्यों के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने, फील्ड स्तर पर वास्तविक आवश्यकताओं का आकलन करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे। साथ ही उन्होंने डीएमएफ से स्वीकृत एवं अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा पूर्ण हो चुके कार्यों का तत्काल पूर्णता प्रमाण पत्र प्रेषित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी विभाग, रेशम, नोडल कोआपरेटिव बैंक, कृषि विज्ञान केंद्र सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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कोरबा

केंद्रीय विद्यालय संगठन शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश की प्रक्रिया 20 मार्च से

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 कोरबा। केंद्रीय विद्यालय संगठन (मुख्यालय), नई दिल्ली द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा-1, बालवाटिका और अन्य उच्च कक्षाओं में प्रवेश हेतु आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। कक्षा-1 और बालवाटिका-1, 2 एवं 3 (चयनित विद्यालयों में) के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया 20 मार्च 2026 को प्रातः 10ः00 बजे से प्रारंभ होगी और 02 अप्रैल 2026 तक जारी रहेगी। इच्छुक अभिभावक आधिकारिक पोर्टल https://admission.kvs.gov.in  के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश से संबंधित विस्तृत जानकारी संगठन की वेबसाइट https://kvsangathan.nic.in पर उपलब्ध है।
  केंद्रीय विद्यालय क्रमांक दो एनटीपीसी के प्राचार्य सुनील कुमार साहू से प्राप्त जानकारी के अनुसार केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा-1, बालवाटिका और अन्य उच्च कक्षाओं में प्रवेश हेतु आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है।  प्रवेष के लिए आयु की गणना 31 मार्च 2026 के आधार पर की जाएगी। कक्षा-1 में प्रवेश के लिए बच्चे की न्यूनतम आयु 06 वर्ष होनी अनिवार्य है। इसी प्रकार, बालवाटिका-1 के लिए आयु 3 से 4 वर्ष, बालवाटिका-2 के लिए 4 से 5 वर्ष और बालवाटिका-3 के लिए 5 से 6 वर्ष के बीच होनी चाहिए। सीटों का आरक्षण केवीएस के प्रवेश दिशा-निर्देशों 2026-27 के अनुसार सुनिश्चित किया जाएगा।
कक्षा-2 और उससे ऊपर की कक्षाओं (कक्षा-XI को छोड़कर) तथा बालवाटिका-2 व 3 (जहाँ ऑनलाइन माध्यम उपलब्ध नहीं है) के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया रिक्तियां होने की स्थिति में ही संचालित की जाएगी। इसके लिए ऑफलाइन मोड में आवेदन 02 अप्रैल 2026 प्रातः 10ः00 बजे से 08 अप्रैल 2026 सायं 4ः00 बजे तक किया जा सकेगा। विधिवत भरे हुए फॉर्म संबंधित केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य कार्यालय में जमा करने होंगे। इन कक्षाओं के लिए पंजीकरण प्रपत्रों और अन्य विवरणों की जानकारी संबंधित विद्यालयों की वेबसाइटों पर भी उपलब्ध कराई जाएगी।
संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि आवेदन पत्र में कोई भी गलत या भ्रामक जानकारी पाई जाती है, तो प्रवेश प्रक्रिया के दौरान या उसके पश्चात भी प्रवेश निरस्त कर दिया जाएगा। अभिभावकों को निर्देशित किया गया है कि वे प्राचार्य या प्रवेश प्रभारी से केवल विद्यालय द्वारा बुलाए जाने पर ही निर्धारित समय अंतराल में संपर्क करें।

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कोरबा

सामान्य सभा की बैठक 20 मार्च को

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कोरबा। जिला पंचायत कोरबा की सामान्य सभा की बैठक 20 मार्च को प्रातः 11 बजे जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित किया गया है।
बैठक में वनमंडल, लोक निर्माण, महिला एवं बाल विकास, कृषि विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तथा जिला पंचायत के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट का अनुमोदन सहित अन्य विषयों पर चर्चा/समीक्षा होगी।

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