छत्तीसगढ़
रायपुर रेलवे-स्टेशन पर टिकट लेने अब नहीं लगानी पड़ेगी लाइन:मोबाइल यूटीएस टिकटिंग सेवा की शुरुआत, TTE से अब प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन ले सकेंगे टिकट
रायपुर,एजेंसी। रायपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को अब टिकट काउंटर पर लाइन में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। यात्रियों को राहत देने, यात्रियों की सुविधा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने टिकटिंग प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। अब लंबी लाइनों में लगकर टिकट लेने की झंझट खत्म होगी।
रायपुर रेलवे स्टेशन पर बुधवार को मोबाइल यू.टी.एस. टिकटिंग सेवा का शुभारंभ किया गया। इस सेवा से टीटीई यात्रियों को ऑन-द-गो टिकट उपलब्ध कराएंगे। यानी सफर होगा और भी तेज़, स्मार्ट और सुविधाजनक।

इन मशीनों के माध्यम से टीटीई यात्रियों को देंगे टिकट।
डिजिटल सेवा की हुई शुरुआत
दरअसल, 27 अगस्त को मंडल रेल प्रबंधक दयानंद ने इस डिजिटल सेवा की शुरुआत की। इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी और सहायक वाणिज्य प्रबंधक अविनाश कुमार आनंद भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि, यह पहल रेलवे की टिकटिंग प्रणाली को और पारदर्शी व आधुनिक बनाने की दिशा में अहम कदम है।

यू.टी.एस. टिकटिंग सेवा उद्धाटन कार्यक्रम में ये रहे मौजूद।
यात्रियों को मिलेगी ये सुविधा
मोबाइल यू.टी.एस. टिकटिंग सेवा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब यात्रियों को लंबी कतारों में खड़े होकर टिकट लेने की जरूरत नहीं होगी। स्टेशन पर तैनात टीटीई मोबाइल डिवाइस से तीन मिनट के भीतर टिकट बना देंगे। इससे अचानक सफर करने वाले यात्रियों को भी बड़ी राहत मिलेगी।

रेल अधिकारी उद्घाटन करते हुए।
डिजिटल भुगतान का लाभ उठाए यात्री
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी ने यात्रियों से अपील की कि वे डिजिटल भुगतान को अपनाएं और रेलवे की इस नई पहल का अधिकतम लाभ उठाएं। उन्होंने कहा, “अब यात्रियों को न टिकट काउंटर पर लाइन लगाने की जरूरत है, न इंतजार करने की।
सीधे मोबाइल यू.टी.एस. सेवा से टिकट मिल सकेगा। इससे समय भी बचेगा और सफर और सुगम होगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह पहल न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधा देगी, बल्कि टिकटिंग व्यवस्था में पारदर्शिता भी बढ़ाएगी। इससे नकद लेन-देन में कमी आएगी और डिजिटल इंडिया के अभियान को भी मजबूती मिलेगी।

कोरबा
भव्यता और सम्मान का संगम: रीजन 01 की कॉन्फ्रेंस “काव्या” में 150 से अधिक पदाधिकारी हुए सम्मानित
कोरबा/रायपुर। रीजन 01 के अंतर्गत एक भव्य एवं गरिमामय रीजन कॉन्फ्रेंस “काव्या” का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व रीजन चेयरपर्सन PMJF लायन कैलाश नाथ गुप्ता ने किया। उन्होंने इस कॉन्फ्रेंस का नाम अपनी सुपुत्री काव्या के नाम पर रखकर आयोजन को भावनात्मक और प्रेरणादायक स्वरूप दिया।
कार्यक्रम में पूर्व डिस्ट्रिक्ट MJF LION मुरलीधर मखीजा, पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर PMJF लायन राजकुमार अग्रवाल, लायन राजेंद्र तिवारी, PMJF लायन शैलेश अग्रवाल एवं वर्तमान डिस्ट्रिक्ट गवर्नर PMJF लायन विजय अग्रवाल (डिस्ट्रिक्ट 3233-C) जोन चेयरपर्सन 02 से पुरंजन पटेल विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनकी मौजूदगी ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया।

कॉन्फ्रेंस में रीजन के अंतर्गत आने वाले सभी क्लबों के अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं सदस्य शामिल हुए। क्षेत्र के सभी लायन क्लबों में से प्रमुख रूप से
Korba: 1.लायंस क्लब कटघोरा छुरी, Lions club Korba Everest ,लायंस क्लब बालको, लायंस क्लब कोरबा गुरुकुल (मड़वारानी कोरबा), लायंस क्लब कोरबा पावर सिटी जोन चेयरपर्सन जोन 01 MJF पवन अग्रवाल
लायंस क्लब कटघोरा छुरी Lions club Korba Everest, लायंस क्लब बालको, लायंस क्लब कोरबा गुरुकुल (मड़वारानी कोरबा), लायंस क्लब कोरबा पावर सिटी।
रायगढ़ से लायंस क्लब रायगढ़ सिटी , लायंस क्लब रायगढ़, मिटाउन लायंस क्लब,, रायगढ़ दिव्य ऊर्जा ,
लायंस क्लब रायगढ़ ,प्राइड लायंस क्लब रायगढ़, कैटलिस्ट मुकेश अंबानी सदस्य उपस्थित रहे और इन सभी क्लबों के पदाधिकारी को विशेष कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान
लायंस क्लब सारागांव का शपथ ग्रहण समारोह भी इसी कार्यक्रम में संपन्न हुआ, सभी क्लबों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद वर्ष भर किए गए सेवा कार्यों की समीक्षा की गई, जिसमें विभिन्न क्लबों एवं पदाधिकारियों के उत्कृष्ट योगदान की सराहना की गई। इस अवसर पर रीजन चेयरपर्सन कैलाश नाथ गुप्ता द्वारा करीब 150 से अधिक अवार्ड एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में बेस्ट क्लब, मोस्ट एक्टिव क्लब, बेस्ट प्रेसिडेंट, ह्यूमैनिटेरियन अवार्ड, लाइफ टाइम अचीवमेंट सहित विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार दिए गए। साथ ही पर्यावरण, रक्तदान, स्वास्थ्य एवं भूख राहत जैसे प्रोजेक्ट्स में उत्कृष्ट कार्य करने वाले क्लबों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
यह आयोजन सेवा कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ लायंस परिवार की एकता, समर्पण और सेवा भावना का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा।
अंत में रीजन चेयरपर्सन ने सभी उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी ऊर्जा और समर्पण के साथ सेवा कार्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ को जल्द मिलेगा स्थायी DGP:सुप्रीम कोर्ट और UPSC से नोटिस की समय-सीमा खत्म, प्रभारी अरुणदेव गौतम रेस में सबसे आगे
रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में जल्द ही पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति हो सकती है। रेस में प्रभारी DGP IPS अरुणदेव गौतम और IPS हिमांशु गुप्ता के नाम शामिल है। हालांकि, अरुण देव गौतम का पलड़ा भारी है।

सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के नोटिस की समय-सीमा खत्म हो चुकी है। दरअसल, UPSC ने राज्य सरकार से पूछा था कि अब तक पूर्णकालिक DGP की नियुक्ति क्यों नहीं की गई। ऐसे में सरकार अब जल्द फैसला ले सकती है।

जल्द ही पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति हो सकती है।
UPSC ने नोटिस देकर पूछा था जवाब
UPSC ने 3 जुलाई 2018 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए राज्य सरकार को नोटिस देकर जवाब मांगा था, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि किसी भी राज्य में ‘प्रभारी’ DGP की नियुक्ति नहीं होनी चाहिए। इसके बावजूद राज्य में अब तक स्थायी नियुक्ति नहीं हो सकी थी।
गौरतलब है कि 13 मई 2025 को UPSC ने 2 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों अरुण देव गौतम (1992 बैच) और हिमांशु गुप्ता (1994 बैच) का पैनल राज्य सरकार को भेजा था। सामान्यतः 3 नामों का पैनल भेजा जाता है, लेकिन इस बार विकल्प सीमित होने के कारण 2 ही नाम शामिल किए गए।
जनवरी 2025 में IPS गौतम को मिला था DGP का प्रभार
छत्तीसगढ़ के पूर्व DGP अशोक जुनेजा के 4 फरवरी 2025 को रिटायर होने के बाद सरकार ने अरुण देव गौतम को प्रभारी DGP बनाया था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के ‘प्रकाश सिंह बनाम भारत सरकार’ मामले में स्पष्ट निर्देश हैं कि DGP की नियुक्ति नियमित और तय प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए।
5 फरवरी 2026 को ‘टी. धंगोपल राव बनाम UPSC’ मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा था कि, नियुक्ति में देरी होने पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
अरुण देव गौतम का प्रोफेशनल करियर
अरुण देव गौतम मूलतः उत्तरप्रदेश के कानपुर के रहने वाले हैं। एमए, एमफिल की डिग्री लेने के बाद यूपीएससी क्रैक कर आईपीएस बने। उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक, भारतीय पुलिस पदक और संयुक्त राष्ट्र पुलिस पदक भी मिल चुका है।
उनका जन्म 2 जुलाई 1967 को कानपुर के पास स्थित उनके गांव अभयपुर में हुआ है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक स्कूली शिक्षा अपने गांव के ही सरकारी स्कूल से की। फिर दसवीं और बारहवीं उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज इलाहाबाद से पूरी की।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से आर्ट लेकर बीए किया। राजनीति शास्त्र में एमए किया। जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी नई दिल्ली से अंतरराष्ट्रीय कानून में एमफिल की डिग्री हासिल की।
अरुण देव गौतम यूपीएससी पास कर 1992 बैच के आईपीएस बने। 12 अक्टूबर 1992 को उन्होंने आईपीएस की सर्विस जॉइन की। उन्हें पहले मध्यप्रदेश कैडर एलॉट हुआ था। प्रशिक्षु आईपीएस के तौर पर उनकी जबलपुर में पोस्टिंग हुई। फिर वे बिलासपुर जिले में सीएसपी बने।
6 जिलों के रह चुके हैं एसपी
बिलासपुर के बाद एसडीओपी कवर्धा बने। कवर्धा के बाद एडिशनल एसपी भोपाल बने। मध्य प्रदेश पुलिस की 23वीं बटालियन के कमांडेंट भी रहे। एसपी के रूप में पहला जिला उन्हें भोपाल का मिला।
साल 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य बनने पर अरुण देव गौतम ने छत्तीसगढ़ कैडर चुन लिया। छत्तीसगढ़ में वे कोरिया, रायगढ़, जशपुर,राजनंदगांव, सरगुजा और बिलासपुर जिले के एसपी रहे।
डीआईजी बनने के बाद वे पुलिस हेडक्वाटर, सीआईडी, वित्त और योजना, प्रशासन और मुख्यमंत्री सुरक्षा के महत्वपूर्ण विभागों में पदस्थ रहे। चुनौती पूर्ण जिलों में अरुण देव गौतम को भेजा जाता था।
साल 2009 में राजनांदगांव में नक्सली हमले में 29 पुलिसकर्मियों और पुलिस अधीक्षक के शहीद होने के बाद अरुण देव गौतम को वहां का एसपी बनकर भेजा गया।
झीरम कांड के बाद बस्तर IG बनाए गए थे
आईजी के पद पर प्रमोशन होने के बाद छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स के प्रभार में रहे। फिर बिलासपुर रेंज के आईजी बने। अरुण देव बिलासपुर जिले के एसपी भी रह चुके थे। झीरम नक्सली हमले में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौत के बाद अरुण देव गौतम को बस्तर आईजी बना कर भेजा गया।
25 मई 2013 को झीरम कांड हुआ था। इसके कुछ ही माह बाद नवंबर-दिसंबर को विधानसभा चुनाव हुए। तब सफलतापूर्वक चुनाव करवाने में अरुण देव गौतम की भूमिका रही और वोटिंग प्रतिशत में भी काफी इजाफा हुआ।
DGP नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट का यह है निर्देश
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट का 2006 का फैसला राज्य डीजीपी नियुक्तियों के लिए मार्गदर्शक ढांचे के रूप में काम करना जारी रखता है। न्यायालय ने आदेश दिया कि राज्य सरकारें संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) सूचीबद्ध 3 सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में से अपने DGP का चयन करें।
चयनित अधिकारी को अपनी सेवानिवृत्ति तिथि की परवाह किए बिना कम से कम दो साल का कार्यकाल पूरा करना होगा।
DGP पद के लिए योग्यता
डीजीपी बनने के लिए 30 साल की सेवा जरूरी है। इससे पहले स्पेशल केस में भारत सरकार डीजीपी बनाने की अनुमति दे सकती है। छोटे राज्यों में आईपीएस का कैडर छोटा होता है, इसको देखते हुए भारत सरकार ने डीजीपी के लिए 30 साल की सर्विस की जगह 25 साल कर दिया है। मगर बड़े राज्यों के लिए नहीं।
छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में अलग-अलग सड़क हादसों में 10 मौतें:अंबिकापुर में ट्रक-कार की भिड़ंत में पति-पत्नी, बेटे की मौत, स्कॉर्पियो ने 3 महिलाओं को कुचला
अंबिकापुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटे के दौरान अंबिकापुर और जांजगीर-चांपा समेत अलग-अलग जगहों पर हुए 4 सड़क हादसों में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए।
पहली घटना अंबिकापुर-प्रतापपुर रोड पर सोमवार सुबह हुई, जहां तेज रफ्तार कार और ट्रक की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में पति-पत्नी और उनके बेटे की मौके पर ही मौत हो गई।

दूसरी घटना अंबिकापुर के NH-130 स्थित भिट्ठीकला में हुई। यहां तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने सड़क किनारे पैदल चल रहीं 4 महिलाओं को कुचल दिया, जिसमें 3 महिलाओं की मौत हो गई। महिलाएं सब्जी खरीदकर बाजार से लौट रही थीं।
तीसरी घटना अंबिकापुर के मणिपुर थाना क्षेत्र में सोमवार रात करीब 8:30 बजे हुई। यहां पिकअप और ऑटो में टक्कर हो गई। हादसे में ऑटो सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई।
चौथी घटना जांजगीर-चांपा जिले में हुई, जहां बोलेरो और वैगनआर कार की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में कार सवार पिता-बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पत्नी और भांजा गंभीर रूप से घायल हो गए। बोलेरो में सवार 9 लोग भी हल्के घायल हुए और वाहन सड़क पर पलट गया।

अंबिकापुर में ट्रक की टक्कर से कार पूरी तरह डैमेज हो गया। मौके पर राहगीर मौजूद।

स्कॉर्पियो के कुचलने से 3 महिलाओं की मौत हो गई। हादसे के बाद अपनी मां का शव देखकर रोती रही बेटी।

इस दौरान डेढ़ घंटे तक 3-4 किलोमीटर तक लंबा जाम लग गया था।
पहली घटना
कार-ट्रक की भिड़ंत में पति-पत्नी, बेटे की मौत
गांधीनगर थाना क्षेत्र में सकालो के पास जंगल में तेज रफ्तार कार और ट्रक की भिड़ंत में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि चालक गंभीर रूप से घायल हो गया।
अंबिकापुर की ओर जा रही कार घाघीटिकरा मोड़ के पास रॉन्ग साइड में जाकर ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एयरबैग खुल गए, लेकिन तीनों सवारों को नहीं बचाया जा सका।
मृतकों में कईलाराम (52), मानीमती (50) और राहुल टोप्पो (25) शामिल हैं। घायलों को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां तीन को मृत घोषित किया गया।

टक्कर के बाद एयरबैग खुली फिर भी नहीं बच सकी जान।
दूसरी घटना
स्कॉर्पियो ने 4 महिलाओं को कुचला
महिलाएं सब्जी खरीदकर बाजार से लौट रही थी, तभी अचानक सामने से आई बेकाबू स्कॉर्पियो उन्हें रौंदते हुए आगे निकल गई। हादसे के बाद सड़क पर पड़ी अपनी मां की लाश देखकर मासूम बेटी बिलखती रही।
मामला मणिपुर थाना क्षेत्र का है। घायल महिला का अस्पताल में इलाज जारी है। घटना के बाद गुस्साई भीड़ ने गाड़ी के ड्राइवर को पीटा और हाईवे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान डेढ़ घंटे तक 3 से 4 किलोमीटर तक लंबा जाम लगा रहा। पुलिस की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ। पुलिस ने आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है।

स्कॉर्पियो के सामने का हिस्सा डैमेज हो गया था।
महिलाओं को कुचलते हुए ट्रेलर से टकराई
जानकारी के मुताबिक, रविवार शाम तेज रफ्तार स्कॉर्पियो (क्रमांक सीजी 15 ईएच 8874) अंबिकापुर से लखनपुर जा रही थी, तभी ग्राम भिट्ठीकला में 3 महिलाओं को कुचलते हुए गाड़ी आगे बढ़ी और चौथी महिला को रौंद दिया। गाड़ी फिर भी नहीं रुकी और आगे जाकर सामने से आ रहे ट्रेलर से टकरा गई।

पिटाई में घायल ड्राइवर का इलाज जारी है।

ऑटो सवार दो लोगों की मौत हो गई।
तीसरी घटना
आटो-पिकअप में भिड़ंत, दो की मौत
अंबिकापुर के मणिपुर थाने के सामने बीती रात करीब 8.30 बजे पिकअप और आटो में भिड़ंत हो गई। आटो सवार दोनों युवक हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को मणिपुर पुलिस ने तत्काल मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान दोनों युवकों की मौत हो गई। मणिपुर थाना प्रभारी सीपी तिवारी ने बताया कि आटो चालक और सवार युवक नशे की हालत में थे। हादसे में दोनों को गंभीर चोटें आईं थी।

बोलेरो की टक्कर के अबिबाद कार पलट गई और शव अंदर फंसा रहा।
चौथी घटना
बोलेरो-कार की टक्कर, पिता-बेटे की मौत
बलौदा थाना क्षेत्र के बुचीहरदी गांव में वैगनआर और बोलेरो की आमने-सामने टक्कर में पिता-पुत्र की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। रूपेश निर्मलकर अपने परिवार के साथ शादी से लौट रहे थे, तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार बोलेरो से भिड़ंत हो गई।
टक्कर के बाद कार सड़क से नीचे उतरकर पलट गई। हादसे में पत्नी और भांजा घायल हैं, जबकि बोलेरो सवारों को हल्की चोटें आई हैं।
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