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छत्तीसगढ़

बिलासपुर के 4 स्कूलों में ताला लगा मिला:BEO ने किया निरीक्षण; देर से पहुंचे शिक्षकों की कटेगी एक दिन की सैलरी

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बिलासपुर,एजेंसी। बिलासपुर में शिक्षा विभाग के अधिकारी जब स्कूलों का निरीक्षण करने निकले, तब उन्हें 4 स्कूलों में ताला लगा मिला। इस दौरान बिल्हा के विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने 7 स्कूलों का जायजा लिया। जहां एक स्कूल में टीचर देरी से पहुंचे। उन्होंने सभी लापरवाह शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही उनके एक दिन की सैलरी काटने का निर्देश दिया है।

16 जून से स्कूल शुरू होने के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिला शिक्षा अधिकारी को स्कूलों का निरीक्षण कर व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने पढ़ाई व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित करने के लिए शिक्षकों की गतिविधियों की निगरानी करने कहा है। जिसके बाद से शिक्षा विभाग के अधिकारी लगातार स्कूलों का दौरा कर रहे हैं।

BEO ने स्कूलों का किया औचक निरीक्षण।

BEO ने स्कूलों का किया औचक निरीक्षण।

DEO के निरीक्षण में गायब मिले थे टीचर

16 जून से नया शिक्षा सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन शिक्षकों की मनमानी अब भी जारी है। बुधवार को DEO डॉ. अनिल तिवारी ने कई स्कूलों का निरीक्षण किया था, तब भी कई स्कूलों में ताला बंद मिला और शिक्षक समय पर स्कूल नहीं पहुंचे थे।

BEO ने 7 स्कूलों का किया निरीक्षण, 3 में ताला बंद मिला

गुरुवार को बिल्हा BEO सुनीता ध्रुव ने सुबह 7 बजकर 5 मिनट पर प्राथमिक शाला उमरिया का निरीक्षण किया, जहां स्कूल में ताला बंद था। इसके बाद उन्होंने 7:10 पर शासकीय प्राथमिक शाला घूमा, 7:15 पर शासकीय प्राथमिक शाला बिटकुली, और 7:22 पर शासकीय प्राथमिक शाला बरतोरी का भी निरीक्षण किया। इन सभी स्कूलों में ताला बंद मिला। BEO सुनीता ध्रुव ने बताया कि सभी संबंधित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा।

देर से आने वाले शिक्षकों पर फटकार

BEO के निरीक्षण के दौरान शासकीय प्राथमिक शाला बेलटुकरी में सुबह 8:30 बजे शिक्षक गायब मिले। यहां BEO के पहुंचने के बाद टीचर स्कूल पहुंचे। जिस पर BEO ने उन्हें कड़ी फटकार लगाते हुए समय पर स्कूल पहुंचने का निर्देश दिया।

वहीं, देर से आने वाले शिक्षक बहानेबाजी करते रहे। निरीक्षण में अमलीडीह और मंगला के स्कूलों में सभी शिक्षक उपस्थित पाए गए। BEO ने वहां के शिक्षकों को नियमित कक्षाएं लगाने, पालकों से संपर्क कर स्कूलों में बच्चों की दर्ज संख्या बढ़ाने और ‘माँ के नाम पेड़ लगाने’ का निर्देश दिया।

एक दिन की कटेगी सैलरी

BEO सुनीता ध्रुव ने बताया कि DEO के आदेश पर सुबह स्कूलों का निरीक्षण किया गया। कई स्कूलों में ताला बंद मिला तो कुछ स्कूल में शिक्षक देरी से पहुंचे। सभी को नोटिस जारी करने के साथ ही, एक दिन का वेतन काटने का निर्देश खंड प्रभारी को दिया गया है। साथ ही इसकी जानकारी DEO को भी दी गई है।

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कोरबा

रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए सहायक ग्रेड-02 प्रदीप मिश्रा निलंबित

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कोरबा। कार्यालय उप पुलिस अधीक्षक, एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी), बिलासपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार एसीबी/ईओडब्ल्यू इकाई बिलासपुर द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) के अंतर्गत दर्ज अपराध क्रमांक 0/2026 की कार्रवाई में कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, पोड़ी उपरोड़ा में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 प्रदीप मिश्रा को 29 मई 2026 को प्रार्थी अमृत बघेल से 40,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।

एसीबी की कार्रवाई के बाद आरोपी मिश्रा को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा द्वारा यह माना गया कि उनका यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के प्रावधानों के विपरीत है।
फलस्वरूप, प्रदीप मिश्रा, सहायक ग्रेड-02, कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, पोड़ी उपरोड़ा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, कटघोरा निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जा रही है तथा ऐसे मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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कोरबा

अगले तीन घंटे में तूफानी बारिश के आसार

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कोरबा। मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अगले तीन घंटों में कोरबा सहित छत्तीसगढ़ के रायगढ़, सक्ती और सरगुजा के कुछ इलाकों में तूफानी बारिश के आसार हैं। तेज हवाओं के साथ भारी बारिश एवं बिजली गिरने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है।

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कोरबा

संस्कृत विषय बचाओ अभियान: घोषणा को अमल में लाने संस्कृत शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन

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कोरबा। प्रदेश अध्यक्ष दौलत राम साहू के नेतृत्व में संघ के पदाधिकारी नोयन कुमार बुडेक, मनोज कुमार वर्मा, डॉ नारायण प्रसाद, गंगाराम साहू, हेमंत कुमार हिरवानी, दुर्गेश कुमार साहू, कुलेश्वर प्रसाद, दिनेश मंडावी, सुनील महार, ईश्वरी यदु कामिनी पिल्लई, रेणुका लदेर, शारदा साहू, सुरेखा सेन, सोमप्रभा साहू सहित प्रदेश के पांच शिक्षा संभाग के शिक्षक एवं शिक्षिकाएं भारतीय संविधान में आठवीं अनुसूची की भाषा एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप संस्कृत विषय के संवर्धन एवं संरक्षण हेतु उल्लेख किया गया है को ध्यान में रखते हुए गजेंद्र यादव शिक्षा मंत्री द्वारा 30 अप्रैल को विधानसभा से घोषणा किया गया कि संस्कृत भाषा को अनिवार्य कर रहे हैं, जिनका लघु चलचित्र सोशल मीडिया पर बहुत प्रसारित हैं।

इसे देख सुनकर प्रदेश भर के संस्कृत शिक्षकों में शासन की सौहार्द्रपूर्ण निर्णय से हर्ष की लहर है। संस्कृत भारतीय ज्ञान परंपरा, सभ्यता और संस्कार परक एक राष्ट्रभाषा है, जिनमें सनातन संस्कृति पूर्ण रूप से समाहित है। संघ के पदाधिकारियों द्वारा 10 मई एवं 26 मई 2026 को नवा रायपुर स्थित एम -14 आवास में शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर घोषणा के धरातल पर क्रियान्वयन के लिए शीघ्र अति शीघ्र शासकीय आदेश जारी करवाने हेतु मांग पत्र सौपा, जिससे शिक्षक आश्वस्त हो जावे तथा मंत्री द्वारा संस्कृत विषय को अनिवार्य करने विभागीय अधिकारी को निर्देश दिए यह शिक्षकों के लिए बहुत बड़ा पुरस्कार है, किन्तु आज पर्यन्त कोई कार्यवाही नहीं हुई है। पदाधिकारियों ने आगे बताया कि इस पावन कार्य के लिए निरंतर प्रदेश के जिला शिक्षा अधिकारी, जिला कलेक्टर, विधायकगण, वित्त मंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री अरूण साव, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय , राज्यपाल रमेन डेका , संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन, सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, संचालक राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, सचिव छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, सचिव सहायक संचालक छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मण्डलम्, प्रदेश संयोजक व अध्यक्ष अधिकारी कर्मचारी फेड़रेशन कमल वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, डॉ अतुल कोठारी राष्ट्रीय सचिव शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली, आयुक्त राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा सहित 50 से भी अधिक आवेदन बारंबार संस्कृत विषय को पूर्व की भांति अनिवार्य करने तथा नवीन व्यावसायिक शिक्षा को सातवें विषय के रूप में रखने के लिए मांग पत्र ज्ञापन सौपा गया था। 25 अगस्त 2025 को शिक्षा मंत्री की समीक्षा बैठक में एससीईआरटी रायपुर को कक्षा छठवीं से लेकर कक्षा दसवीं का संस्कृत विषय को अनिवार्य करने निर्देशित भी किया गया था। इसी क्रम में 07 सितंबर 2025 को सरयू पारिण भवन मठपुरेना में आयोजित विराट संस्कृत विद्वत सम्मेलन में उपस्थित मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह को भी मांग पत्र सौपा गया था। वहां पर अध्यक्ष ने अपने उद्बोधन में कहा कि संस्कृत संकल्प का विषय है विकल्प का नहीं। संस्कृत भाषा के साथ अन्याय नहीं होगा। एक तरफ पूरा विश्व संस्कृत भाषा के महत्व को अपना रहा है। अपने देश के विद्यालय, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालयों में संस्कृत भाषा को अनिवार्य शिक्षा कर रहे हैं तथा अनुच्छेद 351 आठवीं अनुसूची की भाषाओं के सम्मान के लिए बनाया गया है।

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