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लोकसभा चुनाव 2024 कांग्रेस ने जारी किया घोषणापत्र,30 लाख नौकरी, आरक्षण में इजाफा और परीक्षा में जीरो आवेदन शुल्क

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नई दिल्ली, एजेंसी। कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के लिए अपना घोषणा-पत्र न्याय पत्र नाम से जारी कर दिया है। न्याय पत्र में तमाम वर्गों और क्षेत्रों के लिए कुल 25 गारंटियों पर जोर दिया गया है। लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने शुक्रवार को अपना घोषणा-पत्र जारी कर दिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, घोषणा पत्र समिति के अध्यक्ष पी. चिदंबरम और कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा चुनाव, 2024 के लिए कांग्रेस का घोषणा पत्र जारी किया। इस घोषणा पत्र को न्याय पत्र नाम दिया गया है। इसमें तमाम वर्गों के लिए न्याय पर जोर दिया गया है जिसमें महिला, युवा, किसान, गरीब आदि शामिल हैं। पार्टी ने घोषणा पत्र जारी करते हुए कहा कि देश में बेरोजगारी बड़ी समस्या है और यह सरकार अमीरों के लिए है।

इस बार के घोषणा-पत्र में क्या है?

48 पन्ने के न्याय पत्र में तमाम वर्गों और क्षेत्रों के लिए न्याय के 10 स्तंभों जोर दिया गया है। यह घोषणा पत्र पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम की अध्यक्षता में तैयार किया गया। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने बताया कि 19 मार्च को कांग्रेस कार्य समिति ने इसे मंजूरी दी थी। न्याय पत्र जारी करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान न्याय के पांच स्तंभों पर ध्यान केंद्रित किया गया था। इनमें युवा न्याय, किसान न्याय, नारी न्याय, श्रमिक न्याय और हिस्सेदारी न्याय की घोषणा की गईं थीं। इनमें 25 गारंटियां निकलती हैं। इन सभी को भी घोषणा पत्र में शामिल किया गया है।

किस वर्ग के लिए क्या

1. राष्ट्रव्यापी आर्थिक-सामाजिक जाति जनगणना। 2. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं गरीब सामान्य वर्ग को मिलने वाले आरक्षण पर 50 प्रतिशत का कैप हटाया जाएगा। 3. शिक्षा एवं नौकरियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग ( ईडब्ल्युएस ) को मिलने वाले 10प्रतिशत आरक्षण को बिना किसी भेदभाव के सभी जाति और समुदाय के लोगों के लिए लागू किया जाएगा।4. अनुसुचित जाति, अनुसुचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित सभी रिक्त पदों को 1 साल के भीतर भरा जाएगा। 5. सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों में संविदा भर्तियों की जगह नियमित भर्तियां और अभी जो संविदा कर्मी हैं उनका नियमतीकरण किया जाएगा। 6. भूमिहीनों को जमीन दी जाएगी। 7. व्यापक परामर्श के बाद पार्टी रुत्रक्चञ्जक्तढ्ढ्र+ समुदाय से संबंधित जोड़ों के बीच सिविल यूनियनों को मान्यता देने के लिए एक कानून लाया जाएगा।

युवाओं के लिए

1. पहली नौकरी पक्की गारंटी देने के लिए शिक्षु (अप्रेंटिस) एक्ट, 1961 को हटाकर प्रशिक्षुता (अप्रेंटिसशिप) अधिकार अधिनियम लाया जाएगा। यह कानून 25 वर्ष से कम उम्र के प्रत्येक डिप्लोमा धारक या कॉलेज स्नातक के लिए, निजी एवं सरकारी क्षेत्र की कंपनी में एक साल का प्रशिक्षुता कार्यक्रम प्रदान करेगा। इस कानून के तहत, हर प्रशिक्षु को एक लाख रुपए प्रति वर्ष का मानदेय दिया जाएगा। 2. नौकरी परीक्षाओं के लिए पेपर लीक (प्रश्न पत्र लीक) होने के मामलों का निपटारा करने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों का गठन और पीडि़तों को आर्थिक मुआवजा। 3. केंद्र सरकार में विभिन्न स्तरों पर स्वीकृत लगभग 30 लाख रिक्त पदों को भरा जाएगा। 4. स्टार्ट-अप के लिए फंड ऑफ फंड्स योजना का पुनर्गठन किया जाएगा और उपलब्ध फंड का 50 प्रतिशत, 5,000 करोड़ रुपए देश के सभी जिलों में समान रूप से आवंटित किया जाएगा। 5. उन आवेदकों को एक बार कि राहत मिलेगी, जो महामारी के समय 1 अप्रैल 2020 से 30 जून 2021 के दौरान सरकारी परीक्षा नहीं दे सके। 6. सरकारी परीक्षाओं और सरकारी पदों के लिए आवेदन शुल्क समाप्त किया जाएगा। 7. सभी छात्र शैक्षिक ऋणों के संबंध में 15 मार्च 2024 तक ब्याज सहित ऋण की देय राशि को माफ किया जाएगा और बैंकों को सरकार द्वारा प्रतिपूर्ति की जाएगी। 8. 21 वर्ष से कम आयु के प्रतिभाशाली और उभरते खिलाडिय़ों को प्रति माह 10,000 रुपये की खेल छात्रवृत्ति प्रदान किया जाएगा।

महिलाओं के लिए

1. प्रत्येक गरीब भारतीय परिवार को बिना शर्त नकद हस्तांतरण के रूप में एक लाख रुपए प्रति वर्ष प्रदान करने के लिए एक महालक्ष्मी योजना शुरू करने का संकल्प लिया है। हितग्राहियों की पहचान सबसे जरूरतमंद परिवारों में से की जाएगी। 2. यह राशि सीधे घर की सबसे बुजुर्ग महिला के बैंक खाते में स्थानांतरित की जाएगी। बुजुर्ग महिला के नहीं रहने पर इसे परिवार के सबसे बुजुर्ग सदस्य के खाते में स्थानांतरित किया जाएगा। 3. कांग्रेस ने कहा कि संविधान का (106वां) संशोधन अधिनियम महिलाओं के प्रति भाजपा के विश्वासघात का प्रतीक है। संशोधन अधिनियम में कुटिल प्रावधान हैं जी लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में सीटों के आरक्षण को 2029 के बाद ही लागू करने की अनुमति देंगे। कांग्रेस इन कुटिल प्रावधानों को हटा देगी और संशोधन अधिनियम को तुरंत लागू किया जाएगा। महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण उन राज्य विधानसभाओं में लागू हो जाएगा, जो 2025 के विधानसभा चुनावों में चुनी जाएंगी। 4. 2025 से महिलाओं के लिए केंद्र सरकार की आधी (50 प्रतिशत) नौकरियां आरक्षित किया जाएगा। 5. महिलाओं के वेतन में भेदभाव को रोकने के लिए समान काम, समान वेतन का सिद्धांत लागू किया जाएगा। 6. कांग्रेस महिलाओं को दिए जाने वाले संस्थागत ऋण की मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि किया जाएगा। 7. विवाह, उत्तराधिकार, विरासत, गौद-लेना, संरक्षकता आदि के मामलों में महिलाओं और पुरुषों का समान अधिकार होना चाहिए। सभी कानूनों की समीक्षा किया जाएगी। किसानों के लिए 1. स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी गारंटी दी जाएगी। 2. कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) को एक वैधानिक निकाय बनाया जाएगा। 3. खरीद केंद्रों और एपीएमसी पर किसान-विक्रेता को देय न्यूनतन समर्थन मूल्य (एम.एस.पी.) सीधे किसान के बैंक खाते में डिजिटल रूप से जमा किया जाएगा। 4. फसल बीमा को खेत और किसान के अनुरूप बनाया जाएगा। किसान से बीमा राशि के अनुसार प्रीमियम लिया जाएगा और सभी वावीं का निपटान 30 दिनों के भीतर किया जाएगा। 5. बड़े गांवी और छोटे शहरों में किसानों के लिए खुदरा बाजार स्थापित किया जाएगा, ताकि किसान अपनी उपज ला सकें और उपभोक्ताओं को बेच सकें।

शिक्षा के लिए

1. सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से कक्षा 12 तक की शिक्षा को नि:शुल्क एवं अनिवार्य बनाने के लिए शिक्षा का अधिकार (आर.टी.ई.) अधिनियम में में संशोधन। 2. सरकारी स्कूलों में विभिन्न प्रयोजनों के लिए विशेष शुल्क लेने की प्रथा को समाप्त किया जाएगा। 3. राज्य सरकारों के परामर्श से केंद्रीय विद्यालयों, नवोदय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की संख्या बढ़ाया जाएगा।

संविधान रक्षा का वादा

1. कांग्रेस ने कहा कि एक राष्ट्र एक चुनाव के विचार को अस्वीकार करती है। 2. ईवीएम की दक्षता और मतपत्र की पारदर्शिता को संयोजित करने के लिए चुनाव कानूनों में संशोधन। मतदान ईवीएम के माध्यम से होगा, लेकिन मतदाता मशीन से उत्पन्न मतदान पर्ची को वीवीपैट इकाई में रख और जमा कर सकेंगे। इलेक्ट्रॉनिक वोट मिलान का मिलान वीवीपैट पर्ची मिलान से किया जाएगा। 3. संविधान की दसवीं अनुसूची में संशोधन किया जाएगा और दलबदल करने वाले विधायक वा सांसद को विधानसभा या संसद की सदस्यता से स्वत: अयोग्य घोषित किया जाएगा। 4. भोजन और पहनावे, प्यार और शादी एवं भारत के किसी भी हिस्से में यात्रा और निवास की व्यक्तिगत पसंद में हस्तक्षेप नहीं। सभी कानून और नियम जो अनुचित रूप से हस्तक्षेप करते हैं उन्हें रद्द किया जाएगा। 5. संसद के दोनों सदन साल में 100 दिनों के लिए चलेंगे। सप्ताह में एक दिन प्रत्येक सदन में विपक्षी बेंच द्वारा सुझाए गए एजेंडे पर चर्चा के लिए समर्पित किया जाएगा। दोनों सदनों के पीठासीन अधिकारियों को किसी भी राजनीतिक दल से अपना संबंध तोडऩा होगा, तटस्थ रहना होगा। 6. योजना आयोग को बहाल किया जाएगा। 7. पुलिस, जांच और खुफिया एजेंसियां सख्ती से कानून के अनुसार काम करेंगी। जिन बेलगाम शक्तियों का अभी वो प्रयोग करते हैं, उन्हें कम कर दिया आएगा। जैसा भी मामला ही, उन्हें संसद या राज्य विधानमंडलों की निगरानी में लाया जाएगा। 8. कानून को शस्त्र बनाकर उपयोग करने, मनमानी तलाशी, जब्ती और कुर्की, मनमानी और अंधाधुंध गिरफ्तारियां, थर्ड डिग्री तरीकों, लंबी हिरासत, हिरासत में मौतों और बुलडोजर न्याय को समाप्त करने का वादा।

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए क्या घोषणा-पत्र था?

कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए जन-आवाज नाम से घोषणा-पत्र जारी किया था। घोषणा-पत्र में किसान और रोजगार सबसे बड़े मुद्दे थे।

पिछले घोषणा-पत्र की बड़ी बातें

हर साल 20 फीसदी गरीबों को न्याय योजना के तहत 72 हजार रुपये सालाना आर्थिक मदद। मार्च 2020 तक 22 लाख खाली पड़े पदों पर भर्ती। हिंसक भीड़ पर रोक, लोकसभा में नया कानून। युवाओं को पक्का रोजगार। जीएसटी को आसान। मनरेगा में 100 दिन से बढ़ाकर 150 दिन रोजगार गारंटी। ग्राम पंचायत में 10 लाख नौकरियां। जीडीपी का 6 फीसदी हिस्सा शिक्षा के लिए खर्च। किसान कर्ज न चुका पाएं तो आपराधिक मामला नहीं।

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RBI ने 2000 रुपये के नोटों की वापसी पर जारी की ताजा रिपोर्ट, क्या रद्दी बन गए हैं बाकी बचे नोट?

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मुंबई, एजेंसी। कभी भारतीय बटुए की शान कहे जाने वाले गुलाबी नोट अब इतिहास के पन्नों में सिमटने के बेहद करीब पहुंच गए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 3 मार्च 2026 को अपनी नवीनतम रिपोर्ट जारी करते हुए यह साफ कर दिया है कि 2000 रुपये के नोटों को वापस लाने का महाभियान अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। जहां अधिकांश लोगों को लगा था कि अब तक सारे नोट खजाने में लौट चुके होंगे, वहीं ताजा आंकड़े बताते हैं कि अभी भी कुछ ‘गुलाबी जादुई नोट’ जनता की जेबों या पुराने संदूक में छिपे हुए हैं।

98 प्रतिशत से ज्यादा की हुई घर वापसी
RBI की रिपोर्ट के अनुसार, 19 मई 2023 को जब इन नोटों को चलन से बाहर करने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया था, तब बाजार में कुल 3.56 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 2000 के नोट मौजूद थे। ताजा अपडेट के मुताबिक, इनमें से 98.44 प्रतिशत नोट बैंकिंग प्रणाली में सफलतापूर्वक लौट आए हैं। गणितीय आधार पर देखें तो अब केवल 1.56 प्रतिशत नोट ही बाजार या आम लोगों के पास बचे हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि देश की जनता ने इस बदलाव को पूरी तरह स्वीकार कर लिया है और भारी मात्रा में मुद्रा वापस सिस्टम का हिस्सा बन चुकी है।

क्या रद्दी बन गए हैं बाकी बचे नोट?
बचे हुए नोटों को लेकर मन में डर होना स्वाभाविक है, लेकिन RBI ने राहत भरी बात कही है। बैंक ने स्पष्ट किया है कि ये नोट आज भी ‘लीगल टेंडर’ हैं, यानी इनकी कागजी कीमत शून्य नहीं हुई है। हालांकि, अब आप इन्हें पास के किसी भी सामान्य बैंक या ATM में जाकर जमा नहीं कर सकते। इन बचे हुए नोटों को बदलने या जमा करने के लिए अब केवल दो ही रास्ते बचे हैं। पहला यह कि आपको RBI के देश भर में स्थित 19 क्षेत्रीय कार्यालयों (Regional Offices) पर व्यक्तिगत रूप से जाना होगा। दूसरा विकल्प भारतीय डाक (Post Office) का है, जिसके जरिए आप सुरक्षित तरीके से अपने नोटों को RBI तक भेज सकते हैं।

आखिर कहां अटक गए करोड़ों के नोट?
विशेषज्ञों और रिपोर्ट के विश्लेषण से यह बात सामने आई है कि जो नोट अब तक वापस नहीं आए, उनके पीछे कई रोचक कारण हो सकते हैं। कई लोग शायद अपने Locker, पुराने कपड़ों या घर के गुप्त कोनों में रखे इन नोटों को भूल गए हैं। इसके अलावा, विदेश में रह रहे भारतीयों (NRIs) के पास मौजूद मुद्रा को वापस आने में लंबी प्रक्रिया का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, देश के कई धार्मिक स्थलों के दान पात्रों और पुराने गुल्लकों में भी ये नोट अभी भी मिल रहे हैं।

 घबराएं नहीं, पर सक्रिय रहें
यदि आपको भी अपने किसी पुराने पर्स या डायरी के बीच दबा हुआ 2000 का नोट मिल जाता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आपका पैसा सुरक्षित है, बस उसे बदलने की प्रक्रिया थोड़ी मशक्कत भरी हो गई है। RBI का यह मिशन अब अपने समापन की ओर है और 98.44 प्रतिशत की रिकवरी एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। अब बस यह देखना बाकी है कि शेष बचे Note System में लौटते हैं या फिर वे भविष्य के लिए केवल एक यादगार बनकर रह जाएंगे।

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ईरान की जंग… सोने के दामों में महा-विस्फोट! क्या चांदी तोड़ेगी ₹3 लाख का रिकॉर्ड?

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 मुंबई, एजेंसी। मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक बाजारों में हलचल तेज कर दी है। अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और ईरान के साथ बढ़ते तनाव ने बुलियन मार्केट (Gold-Silver Market) को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। भारतीय वायदा बाजार में जहां सोने की कीमतों में करीब 1.5% का उछाल आया है, वहीं चांदी ने 3% की लंबी छलांग लगाई है। जानकारों का दावा है कि यदि तनाव और बढ़ा, तो चांदी जल्द ही 3 लाख रुपये प्रति किलो का ऐतिहासिक स्तर पार कर सकती है।

 सोने में जोरदार उछाल

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के दाम में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। सुबह करीब 10:15 बजे सोना 2,200 रुपये से अधिक की बढ़त के साथ 1.63 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार कारोबार करता दिखा। कारोबार के दौरान कीमतें 1.63 लाख रुपये से ऊपर के स्तर तक पहुंच गईं। हालांकि इससे पहले के सत्र में सोने में तेज गिरावट आई थी और भाव 1.61 लाख रुपये के आसपास फिसल गए थे। लेकिन ताजा वैश्विक घटनाक्रम ने बाजार का रुख बदल दिया है।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बना रहता है तो घरेलू बाजार में सोना 1.80 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर की ओर बढ़ सकता है।

चांदी पहुंच सकती 3 लाख रुपए के पार

सोने के साथ-साथ चांदी में भी जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया। एमसीएक्स पर सुबह के कारोबार में चांदी 6,000 रुपये से अधिक की बढ़त के साथ 2.71 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के करीब पहुंच गई। सत्र के दौरान कीमतें 2.73 लाख रुपये के स्तर तक भी पहुंचीं। गौरतलब है कि पिछले दो कारोबारी दिनों में चांदी में भारी गिरावट आई थी, लेकिन अब बाजार में तेज रिकवरी देखने को मिल रही है। जानकारों का कहना है कि मजबूत वैश्विक संकेतों के चलते चांदी 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर भी छू सकती है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल

वैश्विक बाजार में भी सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। स्पॉट गोल्ड में करीब 1 फीसदी की बढ़त देखी गई और यह 5,100 डॉलर प्रति औंस के ऊपर कारोबार करता नजर आया। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी मजबूती रही। इस वर्ष अब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में मजबूत रिटर्न देखने को मिला है। वहीं, चांदी में भी गिरावट के बाद रिकवरी दर्ज की गई और कीमतें फिर से ऊपर की ओर बढ़ीं। दूसरी ओर प्लैटिनम और पैलेडियम में भी सीमित बढ़त दर्ज की गई। वहीं प्लेटिनम 1% की बढ़त के साथ 2,104 डॉलर और पैलेडियम 1,653 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है।

क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?

मध्य पूर्व में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक निवेशकों को जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बनाने पर मजबूर कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान के सैन्य और नौसैनिक ठिकानों पर हमले की रिपोर्ट के बाद डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ है। युद्ध की इस स्थिति में शेयर बाजार (Stock Market) धड़ाम हो गया है, जिससे निवेशकों का भरोसा केवल कीमती धातुओं और कच्चे तेल पर टिका है।

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इजराइल-ईरान जंग,भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पेशल कंट्रोल रूम बनाया:जेद्दा से अहमदाबाद 200 यात्री आए, 4 दिन में भारतीय एयरलाइंस की 1117 इंटरनेशनल फ्लाइट्स रद्द

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नई दिल्ली,एजेंसी। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग के बीच भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पेशल कंट्रोल रूम बनाया है। इसमें भारतीय नागरिकों के लिए कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने X पोस्ट में इसकी जानकार दी।

इधर, जंग से बने विपरीत हालातों के चलते मिडिल ईस्ट के देशों से भारतीयों का लौटना जारी है। मंगलवार देर रात जेद्दा, दुबई से कई भारतीय दिल्ली, अहमदाबाद, हैदराबाद के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड हुए। भारत आने पर लोगों ने कहा कि अपने देश वापस आकर अच्छा लग रहा है।

ईरान ने जंग के कारण दुनिया का सबसे अहम होर्मुज रूट (समुद्र का रास्ता) बंद कर दिया है। इसके चलते भारतीय झंडे वाले 37 जहाज और उनमें सवार 1,109 भारतीय नाविक वर्तमान में फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में फंसे हुए हैं।

युद्ध के चलते पश्चिम एशिया के 8 देशों ने एयरस्पेस पूरी तरह बंद कर ​दिए हैं। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक भारतीय एयरलाइंस ने 1,117 इंटरनेशनल फ्लाइट्स रद्द की हैं। इससे हजारों यात्री एयरपोर्ट पर फंस गए हैं।

खामेनेई की मौत के कुछ ही घंटों के अंदर, पाकिस्तान में हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। उन्होंने कराची में US कॉन्सुलेट पर धावा बोलने की कोशिश की और इस्लामाबाद में डिप्लोमैटिक इलाके के बाहर पुलिस से भिड़ गए। सिक्योरिटी फोर्स के साथ झड़प में कम से कम 34 लोग मारे गए। 120 से ज्यादा घायल हुए हैं।

इजराइल-ईरान जंग और खामेनेई की मौत का विरोध

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