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कोरबा

सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के तहत कोरबा पुलिस की बड़ी पहल:CEIR पोर्टल के माध्यम से 150 गुम मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाए गए

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बरामद मोबाइलों की कीमत लगभग रू.2662410 लाख

पिछले 05 माह में 300 से अधिक मोबाइल उनके स्वामियों को लौटाए गए

Apple, Samsung, Oppo, Vivo, Redmi, Realme एवं OnePlus कंपनी के मोबाइल शामिल

मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरों पर लौटी मुस्कान, कोरबा पुलिस को दिया धन्यवाद

कोरबा। कोरबा जिले में आम नागरिकों की सुरक्षा एवं विश्वास को मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के तहत साइबर पुलिस थाना कोरबा द्वारा लगातार प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।

इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोरबा लखन पटले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कटघोरा नीतिश ठाकुर एवं नगर पुलिस अधीक्षक कोरबा प्रतीक चतुर्वेदी के दिशा-निर्देशन तथा साइबर पुलिस थाना प्रभारी निरीक्षक ललित चंद्रा के मार्गदर्शन में साइबर सेल एवं साइबर पुलिस थाना कोरबा की टीम द्वारा CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल के माध्यम से गुम हुए मोबाइल फोनों की खोज कर उन्हें बरामद किया गया।

साइबर पुलिस थाना कोरबा एवं जिले के समस्त थाना/चौकी स्टाफ के संयुक्त प्रयास से विभिन्न जिलों एवं राज्यों से गुम मोबाइलों को ट्रेस कर बरामद किया गया। इस कार्यवाही में उप निरीक्षक अजय सोनवानी एवं साइबर टीम का विशेष योगदान रहा।

बरामद किए गए मोबाइल फोन विभिन्न कंपनियों जैसे Apple, Samsung, Oppo, Vivo, Redmi, Realme एवं OnePlus के हैं, जो अलग-अलग स्थानों पर गुम हो गए थे। तकनीकी सहायता एवं CEIR पोर्टल की मदद से इन्हें खोजकर उनके वास्तविक स्वामियों तक पहुंचाया गया।

आज साइबर पुलिस थाना कोरबा से कुल 150 गुम मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंपे गए। बरामद मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत लगभग रू.2662410/- है। मोबाइल वापस मिलने पर नागरिकों के चेहरों पर खुशी और मुस्कान देखने को मिली। अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर मोबाइल स्वामियों ने कोरबा police की कार्यवाही की सराहना करते हुए पुलिस अधिकारियों एवं साइबर टीम को धन्यवाद ज्ञापित किया। कई लोगों ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका मोबाइल वापस मिल पाएगा, लेकिन कोरबा पुलिस के प्रयासों से उनका विश्वास और मजबूत हुआ है।

उल्लेखनीय है कि साइबर पुलिस थाना कोरबा द्वारा पिछले 05 महीनों में 300 से अधिक गुम मोबाइल फोन ट्रैक कर उनके वास्तविक स्वामियों to वापस दिलाया जा चुका है। पूर्व में भी कोरबा पुलिस द्वारा इस प्रकार के विशेष अभियान चलाकर नागरिकों को उनके गुम मोबाइल लौटाए गए हैं।

कोरबा पुलिस की यह पहल आम जनता में सुरक्षा की भावना को बढ़ाने तथा पुलिस के प्रति विश्वास को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया:
वेबसाइट – https://www.ceir.gov.in⁠� पर जाएं।
“Block Stolen/Lost Mobile” विकल्प चुनें।
मोबाइल संबंधी जानकारी, पुलिस कंप्लेंट की कॉपी, पहचान पत्र एवं मोबाइल बिल अपलोड करें।
आवेदन सबमिट करने के बाद पुलिस एवं टेलीकॉम कंपनियों द्वारा मोबाइल ट्रैक किया जाएगा।
मोबाइल मिलने पर संबंधित थाना/साइबर पुलिस थाना द्वारा सूचना दी जाएगी।

जनता से अपील:
यदि किसी व्यक्ति का मोबाइल फोन गुम हो जाए अथवा चोरी हो जाए, तो तत्काल CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें अथवा नजदीकी थाना/साइबर सेल को सूचना दें, ताकि तकनीकी सहायता से शीघ्र कार्यवाही कर मोबाइल बरामद किया जा सके।

यदि आप साइबर फ्रॉड के शिकार हो जाएं:
तुरंत 1930 डायल करें।
नजदीकी थाना/साइबर पुलिस थाना
अपनी शिकायत www.cybercrime.gov.in पर दर्ज करें।
साइबर सुरक्षा की जानकारी ही आपका बचाव है।

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कोरबा

क्षतिग्रस्त और अधूरी पुलिया-एप्रोच रोड से बारिश में आवाजाही होगी बाधित, ग्रामीणों को घूमकर जाना पड़ेगा

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कोरबा। क्षतिग्रस्त व अधूरी पुलिया-एप्रोच रोड से बारिश में फिर से आवाजाही बाधित होगी। इससे उपनगर बांकीमोंगरा, हरदीबाजार, चैतमा के ग्रामीणों को वैकल्पिक सड़क से घूमकर जाना पड़ेगा। बारिश में संपर्क टूटने पर स्कूली छात्रों, कामकाजी लोगों को सबसे अधिक परेशानी होगी, जो सड़क मार्ग से रोज आवाजाही करनी पड़ती है। हरदीबाजार से नेवसा, उतरदा, सिल्ली, बोईदा, निरतु की ओर आवाजाही के लिए लीलागर नदी पर बनी पुरानी पुलिया की ऊंचाई कम है। 24 घंटे से भी कम बारिश में नदी का जलस्तर बढ़ने पर पुलिया के ऊपर से पानी बहता है। इससे गांवों को संपर्क टूटने पर सबसे अधिक परेशानी नेवसा समेत आसपास गांवों के स्कूली छात्रों को होती है, जो हरदीबाजार व दीपका के स्कूलों में पढ़ाई करते हैं। यह सड़क हरदीबाजार को बलौदा सीपत व मस्तूरी से भी जोड़ती है, इस कारण यात्री बसें भी मार्ग से गुजरती है।

हरदीबाजार से नेवसा की दूरी लीलागर नदी का पुलिया पारकर 2 किलोमीटर है। वहीं रतिजा की ओर से बायपास सड़क से आवाजाही पर 5 किलोमीटर दूरी पड़ेगी। पुलिया की कम ऊंचाई के मद्देनजर नया पुल का निर्माण कराया है, जो बनकर तैयार हो गया है, लेकिन पुल के दोनों ओर की एप्रोच रोड अब तक नहीं बनाया है। सड़क पर मिट्‌टी पड़ी है। नौतपा की विदाई से मानसून भी अब करीब है। आने वाले दिनों प्री-मानसून बारिश की संभावना है। एप्रोच रोड को पुल के लेवल के हिसाब से निर्माण नहीं कराने पर वाहनों से आवाजाही मुश्किल होगी। पिछले साल बारिश में पश्चिम क्षेत्र बांकीमोंगरा के + लीलागर नदी पर निर्मित पुल का अधूरा एप्रोच रोड।

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कोरबा

लो वोल्टेज और कटौती पर ग्रामीणों का हल्लाबोल

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कोरबा/पाली। 5 ग्राम पंचायतों में बिजली आपूर्ति की लचर व्यवस्था पर ग्रामीणों ने पाली सब स्टेशन कार्यालय में जमकर नारेबाजी की। लगभग 2 घंटे धरना देने के बाद पुलिस शासन की मौजूदगी में सब स्टेशन के बिजली अफसरों के साथ परिसर में ही वार्ता हुई। इसके बाद ग्रामीणों का आंदोलन समाप्त हुआ। सब स्टेशन कार्यालय के निकट से ग्रामीणों ने रैली की शक्ल में बिजली दफ्तर पहुंचे। इस दौरान गांवों में बिजली कटौती व लो वोल्टेज का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने कहा कि अनाफ-शनाफ बिजली बिल भेजा रहा है। खराब पड़े ट्रांसफार्मर को बदलने में ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

सिल्ली, परसदा, शिवपुर, निरधी, पोलमी पंचायत के गांवों के हजारों उपभोक्ता लो वोल्टेज व बिजली कटौती से परेशान हैं। कई बार मौखिक व लिखित शिकायत के बाद भी अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। दफ्तर परिसर में ग्रामीणों के साथ बिजली अधिकारियों की वार्ता हुई। उनकी बिजली संबंधी समस्याओं के निराकरण का भरोसा दिलाया। इसके बाद ग्रामीणों ने आंदोलन स्थगित कर दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर यदि 10 दिनों के भीतर समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो चक्काजाम आंदोलन करने मजबूर होंगे।

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कोरबा निगम सभापति जमीन पर बैठे:मूर्तिकला लोकार्पण कार्यक्रम में अव्यवस्था पर प्रभारी सचिव को नोटिस

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कोरबा। कोरबा नगर पालिक निगम में विकास कार्यों के लोकार्पण के बीच निगम के भीतर अव्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की नाराजगी खुलकर सामने आ गई। विरोध स्वरूप निगम सभापति ने अपने सभा कक्ष में कुर्सी छोड़कर जमीन पर बैठकर काम किया। मामले के बाद निगम आयुक्त ने प्रभारी सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है।

पूरा मामला बिहारी लाल बहादुर शास्त्री चौक स्थित मूर्तिकला के लोकार्पण कार्यक्रम से जुड़ा है। कार्यक्रम में प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आवास-सार्वजनिक उपक्रम मंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। आयोजन के दौरान कई जनप्रतिनिधियों को सूचना और आमंत्रण नहीं मिलने की शिकायतें सामने आईं।

महापौर, सभापति समेत कई वरिष्ठ पार्षदों को भी कथित तौर पर उचित तवज्जो नहीं मिलने से निगम के भीतर असंतोष बढ़ गया। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम की व्यवस्थाओं और प्रशासनिक समन्वय को लेकर लंबे समय से नाराजगी थी। आयोजन में प्रोटोकॉल का पालन नहीं होने और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से सभापति खासे नाराज थे।

विरोध के लिए अपनाया अनोखा तरीका

इसी नाराजगी के चलते सोमवार को सभापति ने अपने सभा कक्ष में कुर्सी पर बैठने से इनकार कर दिया। उन्होंने जमीन पर बैठकर ही निगम का कामकाज निपटाया। इसकी तस्वीर सामने आने के बाद निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे।

प्रभारी सचिव को जारी हुआ कारण बताओ नोटिस

मामले ने तूल पकड़ा तो निगम प्रशासन हरकत में आया। निगम आयुक्त ने प्रभारी सचिव गणेश्वर सिंह कंवर को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस में कार्यक्रम के दौरान लापरवाही और जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किए जाने को गंभीर माना गया है।

तीन दिन में मांगा जवाब, कार्रवाई की चेतावनी

प्रभारी सचिव से तीन दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

निगम में चर्चाओं का दौर तेज

घटनाक्रम के बाद निगम के गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सभापति ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का सम्मान आवश्यक है और प्रोटोकॉल का पालन नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है।

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