कोरबा
रोजगार सह आवास दिवस में मोर गांव मोर पानी अभियान के तहत नवा तरिया के बताए लाभ
पंचायतों में मनाया गया आवास सह रोजगार दिवस
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम के प्रावधानों को बताया गया
जागरूकता गतिविधियों का हुआ आयोजन
क्यूआर कोड स्कैन प्रणाली, जल संरक्षण एवं जल संवर्धन गतिविधियों पर दिया गया जोर
कोरबा। जिले की ग्राम पंचायतों में 08 जून को रोजगार सह आवास दिवस का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। इस दौरान ग्राम विकास, आजीविका संवर्धन, जल संरक्षण तथा शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़ी विभिन्न जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं।

कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन में तथा सीईओ जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग के मार्गदर्शन में जिले की ग्राम पंचायतों में रोजगार दिवस सह आवास दिवस कार्यक्रम को व्यापक जनभागीदारी एवं प्रभावी समन्वय के साथ संपन्न कराया गया।
रोजगार सह आवास दिवस में जल सरंक्षण एवं जल संवर्धन हेतु जिले में संचालित मोर गांव मोर पानी अभियान के तहत बनाए जा रहे नवा तरिया के लाभ ग्रामीणों को बताए गए। इसके साथ ही जल संरचनाओं को शीघ्र पूर्ण करने की चर्चा की गई।
कार्यक्रम के दौरान मनरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित लंबित प्रकरणों के त्वरित एवं शत-प्रतिशत निराकरण पर विशेष जोर दिया गया।

रोजगार सह आवास दिवस में स्वीकृत प्रधानमंत्री आवासों को अधिकतम 90 दिनों के भीतर पूर्ण कराने हेतु विशेष कार्ययोजना तैयार की गई। हितग्राहियों को उनके खातों में हस्तांतरित राशि की जानकारी उपलब्ध कराई गई, जिससे योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। साथ ही स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को निर्माण सामग्री आपूर्ति एवं अन्य आयमूलक गतिविधियों से जोड़ने के लिए भी विशेष पहल की गई।

ग्राम पंचायतों में ‘नवा तरिया-आय के जरिया’ अभियान के अंतर्गत नए तालाब निर्माण को शीघ्र पूर्ण करने तथा इसके लाभ ग्रामीणो को बताये गए। मनरेगा अंतर्गत संचालित कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए विस्तार से चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त ‘आजीविका डबरी’ योजना के माध्यम से ग्रामीणों के लिए स्वरोजगार के अवसर विकसित करने पर बल दिया गया।
कार्यक्रम में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देने, लंबित जियो टैगिंग कार्यों को पूर्ण करने तथा आवासों एवं सूचना पटल पर परिवार की महिला सदस्य का नाम अंकित कराने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया गया, जिससे महिलाओं की सहभागिता एवं सम्मान को बढ़ावा मिल सके।
इस अवसर पर ग्राम पंचायतों में मनरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित जानकारी क्यूआर कोड स्कैन प्रणाली के माध्यम से सार्वजनिक स्थलों पर प्रदर्शित की गई, ताकि ग्रामीणजन योजनाओं की जानकारी सरलता से प्राप्त कर सकें और पारदर्शिता को प्रोत्साहन मिले।
रोजगार सह आवास दिवस में स्थानीय जनप्रतिनिधि, मनरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कोरबा
कोरबा निगम सभापति जमीन पर बैठे:मूर्तिकला लोकार्पण कार्यक्रम में अव्यवस्था पर प्रभारी सचिव को नोटिस
कोरबा। कोरबा नगर पालिक निगम में विकास कार्यों के लोकार्पण के बीच निगम के भीतर अव्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की नाराजगी खुलकर सामने आ गई। विरोध स्वरूप निगम सभापति ने अपने सभा कक्ष में कुर्सी छोड़कर जमीन पर बैठकर काम किया। मामले के बाद निगम आयुक्त ने प्रभारी सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है।

पूरा मामला बिहारी लाल बहादुर शास्त्री चौक स्थित मूर्तिकला के लोकार्पण कार्यक्रम से जुड़ा है। कार्यक्रम में प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आवास-सार्वजनिक उपक्रम मंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। आयोजन के दौरान कई जनप्रतिनिधियों को सूचना और आमंत्रण नहीं मिलने की शिकायतें सामने आईं।
महापौर, सभापति समेत कई वरिष्ठ पार्षदों को भी कथित तौर पर उचित तवज्जो नहीं मिलने से निगम के भीतर असंतोष बढ़ गया। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम की व्यवस्थाओं और प्रशासनिक समन्वय को लेकर लंबे समय से नाराजगी थी। आयोजन में प्रोटोकॉल का पालन नहीं होने और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से सभापति खासे नाराज थे।

विरोध के लिए अपनाया अनोखा तरीका
इसी नाराजगी के चलते सोमवार को सभापति ने अपने सभा कक्ष में कुर्सी पर बैठने से इनकार कर दिया। उन्होंने जमीन पर बैठकर ही निगम का कामकाज निपटाया। इसकी तस्वीर सामने आने के बाद निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे।
प्रभारी सचिव को जारी हुआ कारण बताओ नोटिस
मामले ने तूल पकड़ा तो निगम प्रशासन हरकत में आया। निगम आयुक्त ने प्रभारी सचिव गणेश्वर सिंह कंवर को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस में कार्यक्रम के दौरान लापरवाही और जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किए जाने को गंभीर माना गया है।
तीन दिन में मांगा जवाब, कार्रवाई की चेतावनी
प्रभारी सचिव से तीन दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
निगम में चर्चाओं का दौर तेज
घटनाक्रम के बाद निगम के गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सभापति ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का सम्मान आवश्यक है और प्रोटोकॉल का पालन नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है।

कोरबा
जय सिंघाड़ा सती मछुआ सहकारी समिति उमरेली के संचालक मंडल सदस्यों के निर्वाचन हेतु कार्यक्रम जारी
कोरबा। जय सिंघाड़ा सती मछुआ सहकारी समिति मर्यादित उमरेली पंजीयन क्रमांक 121 जिला कोरबा के संचालक मंडल सदस्यों के निर्वाचन हेतु चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया गया है।
रिटर्निंग अधिकारी भूपेन्द्र कुमार साहू द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार नामांकन पत्र 16 जून 2026 को सुबह 11.30 बजे से अपरांह 03.30 बजे तक समिति कार्यालय में लिया जायेगा। विषेष साधारण सम्मिलन में मतदान 23 जून को सुबह 10 बजे से अपरांह 03 बजे तक सोसायटी कार्यालय में कराया जायेगा। मतदान समाप्ति के एक घंटे के बाद समिति कार्यालय में मतगणना की जायेगी। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं अन्य प्रतिनिधियों के निर्वाचन की प्रक्रिया 27 जून 2026 को प्रातः 11.30 बजे से अपरान्ह
03.30 बजे तक समिति कार्यालय में संपन्न होगी। निर्वाचन कार्यक्रम से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए समिति के सूचना पटल का अवलोकन किया जा सकता है।
कोरबा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया ‘‘सीएम हेल्पलाइन – 1076‘‘ का शुभारंभ
जनसमस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं समयबद्ध निराकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
जिले में प्रथम दिन 32 आवेदन हुए प्राप्त
कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर से प्रदेशवासियों की सरकार तक पहुंच को और अधिक सरल, सुलभ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से ‘‘सीएम हेल्पलाइन 1076‘‘ का शुभारंभ किया। यह पहल नागरिकों की शिकायतों, सुझावों एवं समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से अब प्रदेश के नागरिक अपनी शिकायतें, सुझाव एवं समस्याएं टोल फ्री नंबर 1076, मोबाइल ऐप तथा ऑनलाइन पोर्टल के जरिए सीधे दर्ज करा सकेंगे। प्रत्येक शिकायत को एक यूनिक आईडी प्रदान की जाएगी, जिससे उसकी ट्रैकिंग, सतत मॉनिटरिंग एवं निर्धारित समय सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
इस व्यवस्था में शिकायतकर्ता को प्राप्त समाधान से असंतुष्ट होने की स्थिति में शिकायत की पुनः समीक्षा का भी प्रावधान किया गया है। साथ ही, प्रदेश के विकास एवं जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव भी नागरिक सीधे सरकार तक पहुंचा सकेंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन का मूल उद्देश्य जनसमस्याओं का संवेदनशील, पारदर्शी एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। ‘‘सीएम हेल्पलाइन 1076‘‘ शासन और जनता के बीच संवाद को और अधिक मजबूत बनाते हुए जनसेवा को सुलभ, जवाबदेह एवं प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के शुभारंभ के साथ ही कोरबा जिले में भी आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक अपनी समस्याएं एवं मांगें हेल्पलाइन के माध्यम से दर्ज कराईं। जिले में पेयजल, नाली, भूमि संबंधी प्रकरण, सड़क, विद्युत व्यवस्था तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से संबंधित कुल 32 आवेदन प्राप्त हुए। प्राप्त सभी आवेदनों का निर्धारित प्रक्रिया एवं नियमावली के अनुसार परीक्षण कर उनका समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
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