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ममता का ऐलान- SC-ST महिलाओं को हर महीने ₹1700 देंगे:बाकी को ₹1500 मिलेंगे, TMC घोषणापत्र में पक्के घर, बेरोजगारों को सालाना ₹18 हजार का वादा

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नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम/गुवाहाटी/कोलकाता/चेन्नई,एजेंसी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी ने शुक्रवार को विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का घोषणा पत्र जारी किया। ममता ने लक्ष्मी भंडार योजना के तहत महिलाओं को हर महीने मिलने वाली सहायता राशि 500-500 रुपए बढ़ाने का वादा किया है।

मेनिफेस्टो को मुताबिक, अगर ममता की सरकार बनी तो बंगाल में जनरल कैटेगरी की महिलाओं को हर महीने रू1500 मिलेंगे। अभी बंगाल सरकार जनरल कैटेगरी की महिलाओं को रू1000 हर महीने देती है।

वहीं SC/ST महिलाओं को ₹1700 प्रति माह दिया जाएगा। अभी SC/ST महिलाओं को ₹1200 रुपए मिलते हैं। इसके अलावा ममता ने बेरोजगार युवाओं को ₹1500 प्रति माह देने का ऐलान किया है। हर परिवार को पक्का घर और हर घर में नल से पीने का साफ पानी पहुंचाने का वादा किया है।

पुडुचेरी में AINRC 16, भाजपा 10 सीटों पर लड़ेगी, AIADMK-LJK को 2-2 सीटें

पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के लिए NDA में सीट शेयरिंग तय हो गई है। भाजपा 10, ऑल इंडिया एन आर कॉन्ग्रेस (AINRC) 16, AIADMK और LJK 2-2 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। राज्य में सिंगल फेज में 9 अप्रैल को वोटिंग होगी। 4 मई को रिजल्ट आएगा। भाजपा ने कहा कि इस फॉर्मूले के साथ पुदुचेरी में एनडीए सरकार की वापसी तय है। विपक्ष में पुडुचेरी प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने डीएमके के साथ गठबंधन और सीट शेयरिंग के लिए 7 सदस्यीय कमेटी बनाई है।

पिछला चुनाव: AINRC सबसे बड़ी पार्टी बनी थी

2021 के चुनाव में AINRC को 10 सीटें मिली थीं। DMK को 6 सीटें मिलीं। BJP और कांग्रेस को 6-6 सीटें मिली थीं। मतदान 84.8% रहा था।

TMC ने 18 स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी की, इनमें ममता, अभिषेक शामिल

तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के समर्थन में 18 स्टार प्रचारकों की सूची भी जारी की है। इस लिस्ट में ममता और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी शामिल हैं।

ममता ने कहा- हर बूथ स्तर पर कैंप लगाकर मेडिकल सुविधाएं दी जाएंगी

ममता ने कहा कि राज्य में ‘दुआरे चिकित्सा’ (घर-घर स्वास्थ्य सेवा) शुरू की जाएगी। इसके तहत हर बूथ स्तर पर कैंप लगाकर लोगों को मेडिकल सुविधाएं दी जाएंगी।

उन्होंने कहा कि हजारों स्कूलों को ई-लर्निंग सुविधाओं से आधुनिक बनाया जाएगा। साथ ही आने वाले समय में 7-8 नए जिले, ब्लॉक और नगरपालिकाएं बनाने की योजना भी है।

ममता बोलीं- राज्य में अघोषित राष्ट्रपति शासन शासन

CM ममता बनर्जी ने कहा, ‘जो लोग यहां चुनाव पर्यवेक्षक (ऑब्जर्वर) के तौर पर तैनात किए गए हैं, वे इस क्षेत्र या राज्य को नहीं जानते। उन्हें राज्य के बारे में कुछ भी पता नहीं है। ऐसे में वे अपने कर्तव्य कैसे निभा सकते हैं। राष्ट्रपति शासन को अघोषित राष्ट्रपति शासन से बदल दिया गया है। मोदीजी, आप यहां अघोषित राष्ट्रपति शासन के तहत चुनाव लड़ रहे हैं क्योंकि वे बंगाल से जलते हैं। उन्होंने पूरे सिस्टम को पटरी से उतार दिया है।”

ममता ने कहा- मोदी सरकार दोबार सत्ता में नहीं आएगी

मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा- हम चुनाव के दौरान कई तरह की साजिशें देखते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने सारी हदें पार कर दी हैं। इस चुनाव के बाद परिसीमन (डिलिमिटेशन) होगा, लेकिन मोदी सरकार दोबारा सत्ता में नहीं आएगी, क्योंकि लोगों को बीजेपी सरकार पसंद नहीं है। इसके कारण हैं एनआरसी और परिसीमन है।

ममता बोलीं- बंगाल के लोग राज्य को बचाने के लिए भाजपा के खिलाफ लड़ें

ममता ने कहा- बंगाल इंडस्ट्री के लिए एक प्रमुख केंद्र है। हम MSME में नंबर एक हैं। 1.5 करोड़ कर्मचारी MSME के तहत काम करते हैं। चमड़ा इंडस्ट्री बंगाल में सबसे बड़ा है। मैं बंगाल के लोगों से अपील करती हूं कि वे एकजुट हों और बंगाल को बचाने के लिए भाजपा के खिलाफ लड़ें।

ममता ने कहा- अगर केंद्रीय एजेंसियां आपको डराने की कोशिश कर रही हैं, तो डरें नहीं। अगर वे आपको पैसे देने की कोशिश कर रहे हैं, तो उसे न लें। वे पैसे और हथियार लाते हैं, सीमा क्षेत्रों से माफिया लाते हैं और यहां अशांति और दंगे फैलाने की कोशिश करते हैं। मैं विभाजनकारी राजनीति नहीं कर रही हूं। हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई—सभी एक समान हैं।

ममता ने कहा- सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,500 मिलेंगे

ममता बनजी ने मेनिफेस्टो जारी करते हुए कहा कि लक्ष्मी भंडार योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपए और एससी/एसटी वर्ग की महिलाओं को 1,700 रुपए प्रति माह मिलेंगे। बेरोजगार युवाओं को पॉकेट मनी के रूप में प्रति माह 1,500 रुपए दिए जाएंगे।

बंगाल में IAS-IPS के ट्रांसफर पर TMC सांसद हाईकोर्ट पहुंचे

इधर, पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग की ओर से IAS-IPS के ट्रांसफर के खिलाफ TMC सांसद ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पक्षकार बनाया गया है।

केरल विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार को 37 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी कर दी है। इससे पहले 17 मार्च को पार्टी ने 55 उम्मदीवारों के नाम की घोषणा की थी। 9 अप्रैल को होने वाले चुनावों में पार्टी ने अपने किसी भी सांसद को चुनाव मैदान में न उतारने का फैसला किया है।

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राष्ट्रपति संत प्रेमानंद से मिलीं, हाथ जोड़कर प्रणाम किया:संत ने राधे-राधे कहा; परिवार के साथ मुर्मू वृंदावन पहुंचीं, 25 मिनट चर्चा की

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मथुरा,एजेंसी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मथुरा में संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की। उन्होंने 25 मिनट तक आध्यात्मिक चर्चा की। राष्ट्रपति शुक्रवार सुबह 7 बजे बारिश के बीच परिवार के साथ प्रेमानंदजी के वृंदावन आश्रम पहुंचीं। उन्होंने हाथ जोड़कर संत को प्रणाम किया।

संत प्रेमानंद ने राधे-राधे कहकर उनका अभिवादन स्वीकार किया। आश्रम में राष्ट्रपति का संतों ने माला-चुनरी ओढ़ाकर स्वागत किया। राष्ट्रपति ने प्रेमानंदजी को जन्मदिन की भी बधाई दी। गुरुवार यानी 19 मार्च को उनका 56वां जन्मदिन था।

दरअसल, राष्ट्रपति मुर्मू, यूपी के 3 दिन के दौरे पर हैं। गुरुवार को उन्होंने अयोध्या में रामलला के दर्शन किए थे। फिर शाम को मथुरा पहुंचीं। प्रेमानंदजी से मुलाकात के बाद बाबा नीम करौरी महाराज के आश्रम पहुंचेंगी।

राष्ट्रपति मुर्मू का मथुरा का यह दूसरा दौरा है। इससे पहले वह पिछले साल 25 सितंबर को आई थीं। तब बांके बिहारी के दर्शन किए थे।

राष्ट्रपति ने हाथ जोड़कर प्रणाम किया तो प्रेमानंद जी ने राधे-राधे कहकर अभिवादन स्वीकार किया।

राष्ट्रपति ने हाथ जोड़कर प्रणाम किया तो प्रेमानंद जी ने राधे-राधे कहकर अभिवादन स्वीकार किया।

आश्रम ने संतों ने राष्ट्रपति को माला और चुनरी ओढ़ाकर स्वागत किया।

आश्रम ने संतों ने राष्ट्रपति को माला और चुनरी ओढ़ाकर स्वागत किया।

आश्रम में राष्ट्रपति और उनके परिवार के लिए कुर्सियां लगाई गई थीं।

आश्रम में राष्ट्रपति और उनके परिवार के लिए कुर्सियां लगाई गई थीं।

प्रेमानंद महाराज के दरबार में पूरे परिवार के साथ पहुंची थीं राष्ट्रपति

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ उनकी बेटी इतिश्री मुर्मू, दामाद गणेश हेम्ब्रम और दोनों नातिनें आद्याश्री और नित्याश्री मौजूद थीं। केलीकुंज आश्रम में राष्ट्रपति और उनके परिवार के लिए कुर्सियां लगाई गई थीं।

राष्ट्रपति के साथ उनकी बेटी इतिश्री मुर्मू, दामाद गणेश हेम्ब्रम और दोनों नातिनें आद्याश्री और नित्याश्री भी थीं।

राष्ट्रपति के साथ उनकी बेटी इतिश्री मुर्मू, दामाद गणेश हेम्ब्रम और दोनों नातिनें आद्याश्री और नित्याश्री भी थीं।

आध्यात्मिक चर्चा के दौरान भाव-विभोर नजर आईं

बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति संत प्रेमानंद महाराज के साथ आध्यात्मिक चर्चा के दौरान भाव-विभोर दिखीं। इस दौरान कुटिया में सिर्फ राष्ट्रपति, उनके परिजन और संत के करीबी शिष्य ही मौजूद रहे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संत प्रेमानंद महाराज के साथ 25 मिनट तक आध्यात्मिक चर्चा की।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संत प्रेमानंद महाराज के साथ 25 मिनट तक आध्यात्मिक चर्चा की।

रामकृष्ण मिशन हॉस्पिटल में अत्याधुनिक कैंसर यूनिट का उद्घाटन किया

संत प्रेमानंद से मुलाकात के बाद राष्ट्रपति, रामकृष्ण मिशन हॉस्पिटल पहुंची। वहां पश्चिमी यूपी की सबसे आधुनिक कैंसर यूनिट ‘नंदकिशोर सोमानी ऑन्कोलॉजी ब्लॉक’ का उद्घाटन किया। इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, यूपी के मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण भी मौजूद रहे।

राष्ट्रपति मुर्मू ने रामकृष्ण मिशन हॉस्पिटल में अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल का उद्घाटन किया।

राष्ट्रपति मुर्मू ने रामकृष्ण मिशन हॉस्पिटल में अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल का उद्घाटन किया।

राष्ट्रपति ने अयोध्या राम मंदिर में रामयंत्र की स्थापना की थी

यूपी पहुंचीं राष्ट्रपति ने अपने दौरे के पहले दिन गुरुवार को अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन किए। मंदिर में रामदरबार में राम यंत्र की स्थापना की। उन्होंने राम मंदिर परिसर का भी भ्रमण किया। योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति को मंदिर निर्माण से जुड़े कार्यों की जानकारी दी थी।

इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा था- अयोध्या में प्रभु श्रीराम ने जन्म लिया था। इस पवित्र भूमि पर कदम रखना ही मेरे लिए सौभाग्य की बात है। गुरुवार शाम को वह अयोध्या से मथुरा पहुंचीं। वहां वृंदावन में इस्कॉन मंदिर गईं, जहां राधा-श्याम सुंदर का पूजन-अर्चन किया।

उन्होंने मंदिर की साज-सजावट की तारीफ की। इस्कॉन में बच्चों से बातचीत की और उन्हें चॉकलेट दी। करीब आधा घंटा इस्कॉन में रुकने के बाद राष्ट्रपति ने प्रेम मंदिर में दर्शन-पूजन किया।

राष्ट्रपति ने गुरुवार को अयोध्या राम मंदिर में रामयंत्र की स्थापना की थी।

राष्ट्रपति ने गुरुवार को अयोध्या राम मंदिर में रामयंत्र की स्थापना की थी।

देर शाम को राष्ट्रपति मथुरा पहुंचीं और प्रेम मंदिर में राधा-कृष्ण का आशीर्वाद लिया।

देर शाम को राष्ट्रपति मथुरा पहुंचीं और प्रेम मंदिर में राधा-कृष्ण का आशीर्वाद लिया।

संत प्रेमानंद महाराज की कहानी, 13 साल की उम्र में घर छोड़ा

वृंदावन के राधा केली कुंज आश्रम में प्रेमानंद जी महाराज प्रवचन करते हैं।

वृंदावन के राधा केली कुंज आश्रम में प्रेमानंद जी महाराज प्रवचन करते हैं।

प्रेमानंद महाराज का जन्म यूपी में कानपुर जिले की नरवल तहसील के अखरी गांव में हुआ था। पिता शंभू नारायण पांडे और मां रामा देवी हैं। 3 भाई हैं, प्रेमानंद मंझले हैं। बचपन में प्रेमानंद जी का नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे था। वह बचपन से ही आध्यात्मिक रहे। कक्षा 8 तक पढ़ाई की है।

जब 13 साल के हुए तो उन्होंने ब्रह्मचारी बनने का फैसला किया। शुरुआत में प्रेमानंद महाराज का नाम ‘आर्यन ब्रह्मचारी’ रखा गया। काशी में उन्होंने करीब 15 महीने बिताए। उन्होंने गुरु गौरी शरण जी महाराज से गुरुदीक्षा ली। फिर वह मथुरा आ गए। तब से वृंदावन में ही रह रहे हैं।

काशी में प्रवास के दिनों में प्रेमानंद महाराज। संन्यासी जीवन की दिनचर्या में प्रेमानंद महाराज ने कई दिन बिना कुछ खाए बिताए।

काशी में प्रवास के दिनों में प्रेमानंद महाराज। संन्यासी जीवन की दिनचर्या में प्रेमानंद महाराज ने कई दिन बिना कुछ खाए बिताए।

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रिकॉर्ड लो पर लुढ़की भारतीय करेंसी, डॉलर के मुकाबले अब इतने पर आया रुपया

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मुंबई, एजेंसी। अमेरिकी डॉलर की मजबूती और विदेशी पूंजी की लगातार निकासी के बीच रुपया बुधवार को 25 पैसे टूटकर अबतक के सबसे निचले स्तर 92.65 प्रति डॉलर पर बंद हुआ विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष तेज होने से वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल ने भी निवेशकों की धारणा पर दबाव डाला।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 92.42 पर खुला और कारोबार के दौरान 92.46-92.47 के दायरे में रहने के बाद टूटकर 92.58 प्रति डॉलर पर आ गया। इससे पहले मंगलवार को यह 92.47 के स्तर को छूने के बाद 92.40 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था। 

इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.05 प्रतिशत बढ़कर 99.62 पर रहा। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.19 प्रतिशत टूटकर 103.2 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। 

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Gold News: 1,61,390 से गिरकर 1,37,000 रुपए पर आएगा सोना, एक्सपर्ट्स ने दिए बड़े संकेत

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मुंबई, एजेंसी। वैश्विक स्तर पर बढ़ते युद्ध और तनाव के बीच आमतौर पर निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने की ओर रुख करते हैं लेकिन इस बार हालात कुछ अलग नजर आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी जारी रहती है, तो सोने की कीमतों पर दबाव बन सकता है।

फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 5,000 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि भारत में इसकी कीमत लगभग 1,61,390 रुपए प्रति 10 ग्राम है। एक्सपर्ट के मुताबिक सोना 4,200 डॉलर तक गिर सकता है, ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि घरेलू बाजार में इसका असर कितना होगा।

भारत में कितना गिर सकता है सोना?

यदि अंतरराष्ट्रीय कीमतों में करीब 16 प्रतिशत की गिरावट आती है और अन्य कारक स्थिर रहते हैं, तो भारत में सोने की कीमत भी इसी अनुपात में गिर सकती है। इस हिसाब से 1,61,390 रुपए प्रति 10 ग्राम से घटकर यह लगभग 1,35,000 से 1,37,000 रुपए के दायरे में आ सकता है। हालांकि, अंतिम कीमत पर डॉलर-रुपया विनिमय दर, टैक्स और मांग का भी असर होगा।

सोने पर दबाव के प्रमुख कारण

बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ने पर निवेशकों को बेहतर रिटर्न मिलता है, जिससे वे सोने से पैसा निकालकर बॉन्ड में निवेश करने लगते हैं।

तेल की बढ़ती कीमतें: मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है, जिससे ब्याज दरें ऊंची बनी रह सकती हैं।

मजबूत डॉलर: डॉलर मजबूत होने पर अन्य देशों के निवेशकों के लिए सोना महंगा हो जाता है, जिससे मांग घटती है।

जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता: युद्ध की दिशा और अवधि भी सोने की चाल को प्रभावित करती है। कई बार निवेशक नकदी जुटाने के लिए सोना भी बेचते हैं।

शेयर बाजार का दबाव: बाजार में गिरावट के दौरान बड़े निवेशक नुकसान की भरपाई के लिए सोना बेच सकते हैं, जिससे कीमतों पर असर पड़ता है।

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

विशेषज्ञों का मानना है कि सोना हमेशा एक दिशा में नहीं चलता। यह कभी डर के माहौल में तेजी दिखाता है तो कभी ब्याज दरों और आर्थिक संकेतों के चलते गिरावट में आ जाता है।

हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए गिरावट अक्सर खरीद का अवसर बन सकती है। ऐसे में बाजार की चाल को समझकर ही निवेश का निर्णय लेना बेहतर माना जाता है।

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