Connect with us

कोरबा

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्यः स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ : कलेक्टर दुदावत

Published

on

भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा कहीं भी कोई अव्यवस्था न होने देने के दिए निर्देश

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने ली स्वास्थ्य विभाग की  समीक्षा बैठक

कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित समस्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने टीबी एवं कुष्ठ उन्मूलन, सिकलसेल जांच, मातृ स्वास्थ्य, सुरक्षित प्रसव, शिशु स्वास्थ्य, मलेरिया नियंत्रण, एक्स-रे जांच, टीकाकरण, परिवार कल्याण, आयुष सेवाएं, सीएचसी एवं पीएचसी की कार्यप्रणाली तथा अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने जिले में स्वीकृत स्वास्थ्य केंद्रों एवं निर्माणाधीन भवनों की स्थिति की समीक्षा करते हुए आवश्यकतानुसार नए प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने अस्पतालों में वेस्ट डिस्पोजल प्रणाली को पूरी तरह व्यवस्थित और सुरक्षित रखने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत प्रसूताओं को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा कहीं भी कोई अव्यवस्था न होने देने के निर्देश दिए। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना एवं पोषण पुनर्वास केंद्र  से जुड़े हितग्राहियों के लंबित भुगतान एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए।


कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ है, इसलिए एएनसी पंजीयन से लेकर एएनसी जांच, उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान एवं सुरक्षित प्रसव तक सभी सेवाएं प्राथमिकता से सुनिश्चित की जाएं। सीएचसी और पीएचसी में गर्भवती महिलाओं की सूचीबद्धता अनिवार्य रूप से रखें ताकि किसी भी प्रकार की चूक न हो।
उन्होंने आयुष्मान भारत योजना एवं वय वंदन योजना के अंतर्गत शेष पात्र हितग्राहियों को शीघ्र शामिल कर लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। मृत्यु प्रकरणों की सूची बनाकर उन्हें पोर्टल से बंद करने की प्रक्रिया समय पर पूरी करने को कहा। टीबी नियंत्रण के लिए सभी संदिग्ध मरीजों की एक्स-रे जांच कर पुष्टि रिपोर्ट प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निक्षय मित्र योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायतों एवं जनप्रतिनिधियों के माध्यम से मरीजों का पंजीयन कर उन्हें पोषण सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

कलेक्टर ने कुष्ठ, टीबी, उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह से ग्रसित नागरिकों की अधिक से अधिक स्क्रीनिंग कर शीघ्र उपचार सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। मेडिकल कॉलेज कोरबा स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों की कम दर्ज संख्या पर कलेक्टर ने असंतोष व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि पीएचसी एवं सीएचसी अपने दस किलोमीटर के दायरे को मितानिनों के माध्यम से टीबी मरीजों एवं एक्स-रे जांच के लिए पूरी तरह सैचुरेटेड करें। साथ ही डॉक्टरों की उपलब्धता और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों का समय पर खुलना सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि स्टाफ की समयपालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को लक्ष्य एवं उपलब्ध संसाधनों के बीच अंतर (गैप) की पहचान कर उसे शीघ्र भरने के निर्देश दिए ताकि जिले की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ हो सकें।
इस दौरान बैठक में सीईओ जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एस. एन केसरी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी  उपस्थित रहे।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

देवरी का टूटा पुल बना हजारों ग्रामीणों की परेशानी, भाजपा नेता राजेश यादव ने शासन पर उठाए सवाल

Published

on

सुशासन तिहार में आवेदन के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, बरसात में स्कूल जाने वाले बच्चों की बढ़ेगी मुश्किल

कोरबा/चाकाबुड़ा। विकासखंड कटघोरा के ग्राम देवरी में लगभग एक वर्ष पूर्व क्षतिग्रस्त हुआ पुल आज भी पुनर्निर्माण की बाट जोह रहा है। बरसात नजदीक होने के बावजूद शासन-प्रशासन की उदासीनता से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। भाजपा झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ के प्रदेश सह संयोजक राजेश यादव ने इस गंभीर समस्या को लेकर शासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

राजेश यादव ने बताया कि उन्होंने 19 मई 2026 को सुशासन तिहार के दौरान लिखित आवेदन देकर देवरी-कोराई तथा देवरी-चाकाबुड़ा मार्ग पर आवागमन बाधित होने की समस्या से प्रशासन को अवगत कराया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि बरसात शुरू होते ही पुल पर डाली गई मिट्टी बह जाएगी और दोनों ओर से संपर्क पूरी तरह टूट जाएगा, जिससे कोराई ग्राम पंचायत सहित कई गांवों का आवागमन प्रभावित होगा। इसके बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि सबसे अधिक परेशानी क्षेत्र के स्कूली बच्चों को होगी। देवरी स्थित विद्यालयों में पढ़ने वाले बुंदेली, कसाईपाली, चाकाबुड़ा एवं आसपास के गांवों के विद्यार्थियों को बरसात के दिनों में लगभग 10 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी और कई विद्यार्थियों के नियमित विद्यालय पहुंचने पर भी संकट खड़ा हो सकता है।

राजेश यादव ने कहा कि यह केवल पुल का मामला नहीं, बल्कि हजारों ग्रामीणों की शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और दैनिक जीवन से जुड़ा मुद्दा है। किसान अपनी उपज बाजार तक नहीं पहुंचा पाएंगे, मरीजों को अस्पताल जाने में कठिनाई होगी तथा आम लोगों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन का इस गंभीर विषय पर अब तक ध्यान नहीं देना अत्यंत चिंताजनक है।

उन्होंने जिला प्रशासन एवं राज्य शासन से मांग की है कि बरसात शुरू होने से पहले तत्काल नए पुल के निर्माण की स्वीकृति देकर कार्य प्रारंभ कराया जाए, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव हो सके और क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों के साथ मिलकर जनहित में आंदोलन करने पर भी विचार किया जाएगा।

Continue Reading

कोरबा

संतोष बने युवा अध्यक्ष,राजेश सचिव, धर्मेन्द्र कोषाध्यक्ष तथा गेंद राम को संरक्षक का महत्वपूर्ण दायित्व

Published

on

केंद्रीय युवा आदर्श राजवाड़े कुर्मी क्षत्रिय समाज की नवीन कार्यकारिणी का गठन

कोरबा। 20 जून 2026 को "केंद्रीय युवा आदर्श राजवाड़े कुर्मी क्षत्रिय समाज" की नवीन कार्यकारिणी का गठन किया गया। जिसमें सर्वसम्मति से संतोष राजवाड़े को "अध्यक्ष" पद पर मनोनित किया गया। राजेश राजवाड़े को सचिव एवं कोषाध्यक्ष के पद पर धर्मेंद्र राजवाड़े का मनोनयन किया गया। पूर्व अध्यक्ष गेंद राम राजवाड़े को संरक्षक का महत्वपूर्ण दायित्व दिया गया।
नव मनोनित अध्यक्ष संतोष राजवाड़े ने अपनी उद्बोधन में सामाजिक दायित्व को पूर्ण निष्ठा के साथ निभाते हुए राजवाड़े समाज को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की बात कही। सचिव, कोषाध्यक्ष ने अपने जिम्मेदारी को बखूबी निभाने की बात कही एवं संरक्षक गेंद राम के द्वारा समाज के हित में पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य करने की बात कही गई।
      कार्यक्रम का संचालन राजेश राजवाड़े के द्वार किया गया। उक्त सामाजिक कार्यक्रम में युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और कार्यक्रम की सफल बनाया।
Continue Reading

कोरबा

अमृत सरोवर स्थलों पर उत्साहपूर्वक मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

Published

on

ग्रामीणों ने लिया जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण का संकल्प

अमृत सरोवर संवाद में विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम के प्रावधानों की दी गई जानकारी

कोरबा। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के अंतर्गत जिले में निर्मित अमृत सरोवर स्थलों पर रविवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस उत्साह एवं जनभागीदारी के साथ मनाया गया। इस अवसर पर योगाभ्यास, जनजागरूकता कार्यक्रम तथा “अमृत सरोवर संवाद” का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों का उद्देश्य ग्रामीणों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना, जल एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सामुदायिक सहभागिता को सुदृढ़ करना रहा।

योग कार्यक्रमों में स्थानीय ग्रामीणों, स्कूली विद्यार्थियों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, सेवा समूहों, पंचायत प्रतिनिधियों, युवा मंडलों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने सामूहिक योगाभ्यास कर नियमित योग के महत्व को समझा तथा शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान प्रकृति के साथ संतुलित जीवनशैली अपनाने और स्वस्थ समाज के निर्माण पर भी विशेष जोर दिया गया।

जनभागीदारी से मिलेगा जल संरक्षण को बढ़ावा-

अमृत सरोवर स्थलों पर आयोजित गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीणों में जल संरक्षण संरचनाओं के प्रति अपनत्व एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में अमृत सरोवर उपयोगकर्ता समूहों, स्वयं सहायता समूहों,जनप्रतिनिधियों, शैक्षणिक संस्थानों तथा स्थानीय समुदाय की सक्रिय सहभागिता रही। इस अवसर पर सभी उपस्थित नागरिकों ने जल संरक्षण, जल स्रोतों के संवर्धन तथा पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।

अमृत सरोवर संवाद में दी गई विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम की जानकारी

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित “अमृत सरोवर संवाद” कार्यक्रम में ग्रामीणों एवं श्रमिकों को विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 के प्रमुख प्रावधानों एवं अधिकारों की जानकारी दी गई। बताया गया कि यह अधिनियम 1 जुलाई 2026 से प्रभावशील होगा।

संवाद कार्यक्रम में अधिनियम के अंतर्गत श्रमिकों को 125 दिवस के रोजगार की गारंटी, सामाजिक सुरक्षा, आजीविका संवर्धन तथा ग्रामीण विकास से संबंधित विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही ग्रामीणों को उनके अधिकारों, अवसरों एवं योजनाओं के लाभों के प्रति जागरूक किया गया।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677